लाल किताब
राहु खाना नंबर 11
पिता को गोली मारे या मुँह न देखे या ग्रह-चाली गोली से मार दे |
बढे नाम बदनाम जब सीनाजोरी |
कसम खा कर बेचेंगे सब माल चोरी |
पुरुष के टेवे में गुरु उसका बाप-दादा तो विवाह के बाद स्त्री के टेवे में उसका ससुर लेंगे |
नेक हालत में
1) चाहे पिता नहीं रहा करता मगर पिता की आयु तक राहु का प्रभाव धन के लिए अच्छा ही रहेगा | पिता (गुरु) के बाद गुरु (सोना, पीली चीजे) कायम रखना सहायक होगा |
2) शनि नंबर 3-5 में हो तो योगी अलंकार होगा | राहु अब पिता पर भारी न होगा |
3) पापी ग्रह शनि-केतु नंबर 1-3 में हो तो स्वयं अपनी शक्ति और भाग्य बढ़ाता ही जाएगा | धन अपने माता-पिता से भी न माँगेगा | न ही किसी को धोखा देगा | स्वयं अपनी शक्ति से अमीर बनेगा |
मंदी हालत में
1) जिस तरह मंगल बद वाला ऐसे घराने में जन्म लेगा जहाँ कि उसके जन्म से पहले ईश्वर की तरफ से हर तरह से नजरे इनायत थी और सब और बरकत थी जिसे वो मंगल बद वाला बर्बाद कर सके | ठीक उसी तरह राहु नंबर 11 वाला ऐसे समय जन्म लेगा जबकि उसके माता-पिता खूब ऐश्वर्या की जिंदगी बसर कर रहे हो जिसे वो बर्बाद कर सके | उसके जन्म पर घर का जमा धन बर्बाद, फिजूल खर्चे होंगे, आग और साँप की घटनाए हो | नाहक जुर्माने हो | मरीजों की बीमारियों पर फजूल खर्चा | अपने से बड़े अधिकारी (immediate boss) से बिना कारण ही झगड़ा और उसकी नाराजगी से नुक्सान होगा |
2) खाना नंबर 2 का ग्रह (अगर कोई हो तो) या नंबर 2 (दुनियावी मान, ससुराल) भी राहु के मंदे धुएँ की स्याही से भरपूर होगा | जन्म वक्त का हाथी (धनाढ्यता) घटते-घटते 36 वर्ष तक शून्य हो जाए | जन्म समय के और पुराने कोई बने हुए काम बिना कारण बिगड़ जाएंगे |
3) गुरु के बैठे होने वाले घर की जड़ नष्ट और बर्बाद होगी | टेवे वाले के जन्म लेते ही बल्कि माता के पेट में आते ही, पिता का मुँह न देखूंगा की तरह पिता को ग्रहचाल की गोली से या किसी हादसे में मार देगा | अमूमन 11 मॉस या 11 साल की हद में गुरु से सम्बंधित चीजों, रिश्तेदार, काम को नष्ट कर देगा | अगर किसी कारण बच जाए तो सोने से खाक बन चुका होगा | किसी बेईमान की झूठी कसम पर ऐतबार करने से धोखा हो जाए | नाहक दुःख और फजूल खर्चा होगा | आग लगे या चोरी हो जाए | कर्जा अदा करने वाला आदमी धन मार कर भाग जाए या मर ही जाए |
4) पिता, ससुर या नाना की दौलत, आयु और सुख सागर और तोशा (बचा हुआ धन-माल) शून्य होगा | अपनी कमाई के फालतू धन का फैसला नंबर 3 के ग्रह की हालत पर होगा | राहु की बिजली के वक्त (पढ़े पक्का घर खाना नंबर 5) गुरु बर्बाद होगा | जिस तरह बेईमान और झूठी कसम खाने वाले पर ऐतबार नहीं होता ठीक उसी तरह यह मंदा राहु कब गुरु (पिता आदि) पर मंदा प्रभाव कर जाए, कुछ कह नहीं सकते | केतु (औलाद) और शनि (चीजे, काम, सम्बन्धी, नजर आदि) का फल भी मंदा हो सकता है | पिता की आयु तक ही मंदा असर होगा | लेकिन अगर गुरु टेवे में किसी दूसरे ग्रहों की मदद से (खासकर मित्र ग्रहो से) नेक हालत का सिद्ध हो और गुरु (पिता आदि) लम्बी उम्र का स्वामी जान पड़े तो यह सब मंदी हालत (उम्र का छोटा होना, सोने का राख हो जाना, अँधा, लंगड़ा हो जाना ) खुद टेवे वाले पर हो सकता है | बाप के बजाए उसका ससुर, नाना भी हो सकते है जो राहु के भूचाल से जल उठे यानि चल बसे या उस टेवे वाले के कोई काम न आए चाहे मर्द चाहे स्त्री का टेवा | राहु नंबर 11 के वक्त बाप-बेटा-पोता लम्बी उम्र तक इस दुनिया में नहीं रह सकते | जुदाई अवश्य होगी और कई बार जल्दी भी होगी | इसका एक और मतलब यह भी है कि टेवे वाले के लड़के के जन्म के बाद टेवे वाले की पिता से जुदाई होगी और फिर टेवे वाले के पोते के जन्म के बाद फिर उनकी जुदाई होगी या उसकी आयु की हदबंदी 11 वर्ष तक हो सकती है |
5) धर्म-मंदिर और दान हमेशा सहायक होंगे | गुरु कायम रखना, जिस्म पर सोना पहनना, सहायक बल्कि जरूरी ही होगा वरना गुरु के सोने को कोढ़ होगा | जिस्म पर राहु की चीजे महकमा पुलिस की मुफ्त वर्दी या हथियार, नीले कपडे, बिजली का सामान, नीलम की अंगूठी, राहु से सम्बंधित कारोबार आदि करने से गुरु (माया, माल, धन, सम्मान आदि) सब बर्बाद होगा | ड्यूटी की वर्दी चाहे किसी भी विभाग की हो उसका वहम नहीं होगा |
6) भंगी को बतौर खैरात पैसा वगैरा कभी-कभी देना सहायक होगा | अगर गुरु भी नंबर 3-11 में बैठा हो तो सोने के बजाए लोहा (शनि) शरीर पर कायम करना सहायक होगा | चाँदी के गिलास में पीने की चीजों का प्रयोग, चाँदी की टोटी में सिगरेट लगा कर पीने से राहु का जहर घटेगा |
7) मंगल नंबर 3 में हो तो भाई की गर्दन बर्बाद | ताया लावल्द या लंगड़ा हो |
8) केतु नंबर 5 में हो तो केतु का असर मंदा होगा यानि नर संतान, कान, टाँगे, रीढ़ की हड्डी, पेशाब की नाली, घुटना, पाँव, चोट, सफर में हानि, केतु के रिश्तेदार (मामा, मामा खानदान) वगैरा का मंदा हाल होगा |
S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant