Wednesday, 31 October 2018

लाल किताब राहु खाना नंबर 11

लाल किताब 

राहु खाना नंबर 11 

पिता को गोली मारे या मुँह न देखे या ग्रह-चाली गोली से मार दे |

बढे नाम बदनाम जब सीनाजोरी |
कसम खा कर बेचेंगे सब माल चोरी |

पुरुष के टेवे में गुरु उसका बाप-दादा तो विवाह के बाद स्त्री के टेवे में उसका ससुर लेंगे |

नेक हालत में

1) चाहे पिता नहीं रहा करता मगर पिता की आयु तक राहु का प्रभाव धन के लिए अच्छा ही रहेगा | पिता (गुरु) के बाद गुरु (सोना, पीली चीजे) कायम रखना सहायक होगा |

2) शनि नंबर 3-5 में हो तो योगी अलंकार होगा | राहु अब पिता पर भारी न होगा |

3) पापी ग्रह शनि-केतु नंबर 1-3 में हो तो स्वयं अपनी शक्ति और भाग्य बढ़ाता ही जाएगा | धन अपने माता-पिता से भी न माँगेगा | न ही किसी को धोखा देगा | स्वयं अपनी शक्ति से अमीर बनेगा |

मंदी हालत में

1) जिस तरह मंगल बद वाला ऐसे घराने में जन्म लेगा जहाँ कि उसके जन्म से पहले ईश्वर की तरफ से हर तरह से नजरे इनायत थी और सब और बरकत थी जिसे वो मंगल बद वाला बर्बाद कर सके | ठीक उसी तरह राहु नंबर 11 वाला ऐसे समय जन्म लेगा जबकि उसके माता-पिता खूब ऐश्वर्या की जिंदगी बसर कर रहे हो जिसे वो बर्बाद कर सके | उसके जन्म पर घर का जमा धन बर्बाद, फिजूल खर्चे होंगे, आग और साँप की घटनाए हो | नाहक जुर्माने हो | मरीजों की बीमारियों पर फजूल खर्चा | अपने से बड़े अधिकारी (immediate boss) से बिना कारण ही झगड़ा और उसकी नाराजगी से नुक्सान होगा |

2) खाना नंबर 2 का ग्रह (अगर कोई हो तो) या नंबर 2 (दुनियावी मान, ससुराल) भी राहु के मंदे धुएँ की स्याही से भरपूर होगा | जन्म वक्त का हाथी (धनाढ्यता) घटते-घटते 36 वर्ष तक शून्य हो जाए | जन्म समय के और पुराने कोई बने हुए काम बिना कारण बिगड़ जाएंगे |

3) गुरु के बैठे होने वाले घर की जड़ नष्ट और बर्बाद होगी | टेवे वाले के जन्म लेते ही बल्कि माता के पेट में आते ही, पिता का मुँह न देखूंगा की तरह पिता को ग्रहचाल की गोली से या किसी हादसे में मार देगा | अमूमन 11 मॉस या 11 साल की हद में गुरु से सम्बंधित चीजों, रिश्तेदार, काम को नष्ट कर देगा | अगर किसी कारण बच जाए तो सोने से खाक बन चुका होगा | किसी बेईमान की झूठी कसम पर ऐतबार करने से धोखा हो जाए | नाहक दुःख और फजूल खर्चा होगा | आग लगे या चोरी हो जाए | कर्जा अदा करने वाला आदमी धन मार कर भाग जाए या मर ही जाए |

4) पिता, ससुर या नाना की दौलत, आयु और सुख सागर और तोशा (बचा हुआ धन-माल) शून्य होगा | अपनी कमाई के फालतू धन का फैसला नंबर 3 के ग्रह की हालत पर होगा | राहु की बिजली के वक्त (पढ़े पक्का घर खाना नंबर 5) गुरु बर्बाद होगा | जिस तरह बेईमान और झूठी कसम खाने वाले पर ऐतबार नहीं होता ठीक उसी तरह यह मंदा राहु कब गुरु (पिता आदि) पर मंदा प्रभाव कर जाए, कुछ कह नहीं सकते | केतु (औलाद) और शनि (चीजे, काम, सम्बन्धी, नजर आदि) का फल भी मंदा हो सकता है | पिता की आयु तक ही मंदा असर होगा | लेकिन अगर गुरु टेवे में किसी दूसरे ग्रहों की मदद से (खासकर मित्र ग्रहो से) नेक हालत का सिद्ध हो और गुरु (पिता आदि) लम्बी उम्र का स्वामी जान पड़े तो यह सब मंदी हालत (उम्र का छोटा होना, सोने का राख हो जाना, अँधा, लंगड़ा हो जाना ) खुद टेवे वाले पर हो सकता है | बाप के बजाए उसका ससुर, नाना भी हो सकते है जो राहु के भूचाल से जल उठे यानि चल बसे या उस टेवे वाले के कोई काम न आए चाहे मर्द चाहे स्त्री का टेवा | राहु नंबर 11 के वक्त बाप-बेटा-पोता लम्बी उम्र तक इस दुनिया में नहीं रह सकते | जुदाई अवश्य होगी और कई बार जल्दी भी होगी | इसका एक और मतलब यह भी है कि टेवे वाले के लड़के के जन्म के बाद टेवे वाले की पिता से जुदाई होगी और फिर टेवे वाले के पोते के जन्म के बाद फिर उनकी जुदाई होगी या उसकी आयु की हदबंदी 11 वर्ष तक हो सकती है |

5) धर्म-मंदिर और दान हमेशा सहायक होंगे | गुरु कायम रखना, जिस्म पर सोना पहनना, सहायक बल्कि जरूरी ही होगा वरना गुरु के सोने को कोढ़ होगा | जिस्म पर राहु की चीजे महकमा पुलिस की मुफ्त वर्दी या हथियार, नीले  कपडे, बिजली का सामान, नीलम की अंगूठी, राहु से सम्बंधित कारोबार आदि करने से गुरु (माया, माल, धन, सम्मान आदि) सब बर्बाद होगा | ड्यूटी की वर्दी चाहे किसी भी विभाग की हो उसका वहम नहीं होगा |

6) भंगी को बतौर खैरात पैसा वगैरा कभी-कभी देना सहायक होगा | अगर गुरु भी नंबर 3-11 में बैठा हो तो सोने के बजाए लोहा (शनि) शरीर पर कायम करना सहायक होगा | चाँदी के गिलास में पीने की चीजों का प्रयोग, चाँदी की टोटी में सिगरेट लगा कर पीने से राहु का जहर घटेगा |

7) मंगल नंबर 3 में हो तो भाई की गर्दन बर्बाद | ताया लावल्द या लंगड़ा हो |

8) केतु नंबर 5 में हो तो केतु का असर मंदा होगा यानि नर संतान, कान, टाँगे, रीढ़ की हड्डी, पेशाब की नाली, घुटना, पाँव, चोट, सफर में हानि, केतु के रिश्तेदार (मामा, मामा खानदान) वगैरा का मंदा हाल होगा |   

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant

लाल किताब राहु खाना नंबर 10

लाल किताब 

राहु खाना नंबर 10 


साँप की मणि (सहायक) या फिर साँप की सिरी (भयानक)

करे दोस्ती जब तू हाथी या राजा |
बड़ा रखना दरवाजा अच्छा ही होगा |

खाली मंदिर से राहु सोता, तेज स्वाभाव मंदा हो | मित्र* ग्रह पर कीचड़ देता, उपाय मंगल का उत्तम हो |  

*बुध, शनि, केतु

नेक हालत में

1) पिता के लिए शुभ | स्वयं भी अच्छे स्वाभाव वाला होगा | हर जगह मान पाने वाला | मगर फिर भी मित्र हाथी से कीचड़ का भय लगा रहेगा यानि राहु का अच्छा या बुरा प्रभाव शक्की ही होता है जो शनि के इशारे पर चलेगा | शनि अच्छा तो अच्छा फल देगा वरना शनि के मंदे होने पर मंदा फल दे सकता है |

2) धनी होने की निशानी होगी | अगर सहायक सिद्ध हो तो साँप की मणि का काम देवे जो साँप (शनि) के जहर को भी चूस ले |

3)  शनि उत्तम हो तो राहु धन के लिए 2 गुना उत्तम होगा | शेरो का नामी शिकारी हाथी होगा जिस के प्रभाव की गति भी दुगनी तेज और शुभ होगी | कमाल का व्यापारी होगा | आयु लम्बी होगी |

मंदी हालत में

1) चाहे बाप के लिए अच्छा मगर माता के लिए (चंद्र का असर) मंदा ही होगा | खुद अपनी सेहत भी शक्की होगी | राहु शक्की प्रभाव का होगा जिसका फैसला शनि की हालत पर होगा | खर्चा चाहे लम्बा मगर अच्छा जब शनि नेक हो वरना सोने को लोहा कर दे और लोहे तक को भी अफीम बना कर खा जाने का स्वामी होगा | जद्दी जायदाद को कोयला कर देगा |

2) साँप की सिरी (सिर्फ कटा हुआ सिर) जो मारने के लिए साँप से भी अधिक भयानक |

3) तंगदिली और कँजूसी, उसकी दूसरे से अदावत (शत्रुता, घृणा) मंदा करने का बहाना होगी |

4) राहु का मंदा असर सिर्फ धन-दौलत पर होगा |

5) शनि मंदा हो तो दृष्टि और आयु का खतरा होगा |

6) राहु की मंदी हालत में हाथी की मंदी लीद से घर भर जाए |

7) मंगल बद हो तो निर्धन, कष्ट पर कष्ट पाए |

8) खाना नंबर 10 में राहु के साथ उसके शत्रु ( सूर्य, मंगल, शुक्र) हो तो अँधा टेवा होगा | राहु एक अंधे हाथी की तरह अपनी ही फ़ौज को मारेगा | 

9) मंगल नेक हो तो राहु का मंदा असर टेवे वाले पर न होगा |

10) चंद्र नंबर 4 में हो तो दिमागी ख्याल का मंदा धुआँ परेशानी का कारण होगा | सिर / दिमाग फट जाए या कट जाए  | नजर गुम हो जाए | धन दौलत पर बिजली की तरह का मंदा प्रभाव | मंगल का उपाय सहायक होगा |

11) जब मंगल का साथ न हो तो काला नंगा सिर रखना धन हानि की निशानी होगा |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant

लाल किताब राहु खाना नंबर 9

लाल किताब 

राहु खाना नंबर 9

पागलो का सबसे बड़ा हकीम, डॉक्टर, मगर बईमान

धर्म तेरी ढोलक या बच्चो की जाति |
बचेगी कहाँ तक जो हाथी से बजती |

नेक हालत में

1) गुरु नंबर 5-11 में हो तो पागलो के इलाज के लिए सबसे उत्तम | जो सरसाम** (सन्निपात नामक मस्तिष्क की बिमारी, मेनिनजाइटिस) की बीमारी को तो फूँक मार कर ही ठीक कर दे | मगर लालच का मारा बेईमान जिसका धर्म ईमान भट्टी में जलता होगा | गुरु अब चुप होगा मगर गुम न होगा |

**सन्निपात (delirium) जिसे मूर्छा या बेसुधी भी कह सकते हैं, एक तात्कालिक लेकिन जीवन पर गंभीर संकट लाने वाली स्थिति है जिससे मानसिक स्थिरता और चेतना पर बहुत तीखा उतारचढ़ाव आ जाता है. इससे पीड़ित मरीज़ को अपने आसपास का कोई ख्याल नहीं रह जाता, वह सुधबुध खो बैठता है और उसकी सोच भ्रमित हो जाती है. सन्निपात अचानक ही होता है और कुछ घंटों में या दिनों में व्यक्ति के सोच और व्यवहार में उल्लेखनीय बदलाव आ जाते हैं | 

2) शनि से सम्बंधित कारोबार से मंदा असर न होगा |

मंदी हालत में

1) फ़कीर साधू के फजूल खर्चे जो टेवे वाले को लुटेरा बन कर खा जाएं |

2) नर औलाद माता के पेट में या पैदा होते ही मरती जाए | बाप, दादा, ससुराल तबाह | भाई तंग करेंगे | जब अपने खून के सम्बन्धियों से अदालती झगडे करे तो पूरी और पक्की निसंतानता मिलेगी |

3) राहू अब 9 गुनी मंदी ताकत का मालिक होगा जो चंद्र को भी मध्यम करेगा | खाना नंबर 5 संतान, खाना नंबर 11 आमदन पर भी राहु का मंदा असर होगा |

4) जन्म कुंडली के खाना नंबर 4 के ग्रह जब नंबर 1 में आए तो राहु का मंदा प्रभाव उन ग्रहों की चीजों, काम या रिश्तेदार, खाना नंबर 9 से सम्बंधित पर होगा | ऐसा प्राणी धर्म के असूल और कारोबार को भट्टी में डाल कर उड़ता हुआ धुआँ बना देगा | क्योंकि धर्म की ढोलक को राहु का हाथी जब अपनी सूंड से बजा रहो हो तो कितने दिन बजेगी | टेवे वाला किसी भी तरह की कैद या बंधन पसंद न करेगा | बालिगों से सम्बंधित झगडे संतान पर बीमारी और बलाएं बद होंगे | मंदी छत, भट्टी, टट्टीखाना, घर की दहलीज के नीचे से गन्दा पानी गुजरना, काला कुत्ता गुम हों, बिल्ली का रोना, काले रिश्तेदार की मौत, नाखून झड़ना, यह सब बाते राहु के मंदे होने की निशानी होंगे | केतु (कुत्ते) या सांसारिक तीन कुत्तो की पालना करना (ससुर के घर जमाई, बहन के घर भाई और नानके घर दोहता) का पूरी नेक नियत से पालना सहायक होगा | पाला हुआ कुत्ता कई बार (11 दफा तक) मर जाता है मगर संतान की आयु बढ़ती रहेगी | खानदान में मुश्तरका रहना, खुद मुख्तियार न होना, ससुराल से ताल्लुक न तोडना, मंगल बद की सलाह से बचना, गुरु को कायम रखना (चोटी रखना, सोना पहनना, माथे पर केसर का तिलक लगाना वगैरा) उत्तम और मुबारिक फल देगा |

4-16-28-40-52-64-76-88-100-114 (किताब में मिसप्रिंट है) 

5) जब खाना नंबर 1 खाली हो तो सेहत और मान मंदा होगा | बड़ो की और से परेशानी मिलेगी |

6) शनि नंबर 5 में हो तो नर संतान न पैदा हो और न ही मरे | औलाद के योग पूरी तरह से मंदे | शनि नंबर 5 का दिया हुआ मंदा प्रभाव होगा |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant

Tuesday, 30 October 2018

लाल किताब राहु खाना नंबर 8

लाल किताब 

राहु खाना नंबर 8 


नकारा कूच, मौत का मालिक, कड़वे धुँए का सन्देश

हुक्म मौत मालिक, न फरियाद कोई |
सिर्फ दाद अपनी, न दिलदार कोई |



नेक हालत में

1)  राजा तथा फ़कीर को एक दिन बराबर कर देगा या उसका भाग्य कोसेकजाह की तरह रंग-बिरंगा होगा जिसका प्रभाव चलते पंघूड़े की तरह ऊपर-नीचे और शक्की होगा |

2) अब राहु का भेद चाँदी का चौकोर टुकड़ा 40/43 दिन पास रखने से खुलेगा | चाल चंद्र की और हुक्म  शनि का और राहु नंबर 2 का दिया असर साथ होगा |

3) मंगल 12 में हो तो राहु अब मंदा न होगा |

4) मंगल नेक हो या वर्षफल में 1-8 में आ जाए
     या शनि नेक हो या वर्षफल में नंबर 8 में आ जाए
     तो सोया नसीब जगा दे और खजाने भर दे |

मंदी हालत में

1) बेईमानी से कमाया हुआ पैसा उसकी अपनी कमाई को 8 गुना कम करदे | कड़वा धुआँ | टेवे वाला नेक  कुटुम्ब से होता हुआ भी काफिरो की करतूतों से बदनाम होगा | अपने व्यक्तिगत विचारो के मंदे नतीजे होंगे | रंग-बिरंगे भाग्य का फैसला शनि से होगा | जब सिर्फ छत बदली जाए तो चंद्र फ़ौरन राहु के खिलाफ चलेगा और राहु शनि के खिलाफ चलेगा चाहे शनि टेवे में उच्च ही बैठा हो | राहु का अपना फल ख़राब ही होगा | अदालती झगडे और उनसे लम्बे खर्चे होंगे | जिस तरह मौत के आगे कोई चारा नहीं होता उसी तरह मंदे वक्त में कोई मददगार न होगा | कोई फ़रियाद न सुनेगा | हर हालत में अपने पास ही हौसला देने वाला और दिलदार होगा | राहु अपने असर में लेटा हुआ खूनी हाथी, मौत का हुक्मनामा साथ लिए हुए, कड़वा धुआँ और खुद ही मौत के लिए  गिरफ़्तारी का नगाड़ा बजाता होगा | अचानक दुर्घटना, जहमत, बीमारी और धन हानि करेगा खासकर जब शनि, चंद्र को जहर देता हो | उसका सोना और शरीर, मिटटी में मिले हुए के हाल का होगा |

2) घर का सबसे बड़ा आदमी अगर पूरा राहु हो यानि पूरा काला या काना या निसंतान हो, हाथी कद और हाथी के रंग का हो तो राहु का मंदा प्रभाव न होगा |

3) दक्षिण का दरवाजा, छत व फर्श दाखिले में अंदर जाते वक्त नीचा दर नीचा होता जाए या सिर्फ छत बदली जाए या मकान के साथ किसी भड़भूजे की भट्टी जैसे हलवाई की दुकान जिसमे भट्टी भी हो, यह सब कुछ ही मंदे परिणाम देंगे | इस भट्टी में ताम्बे का पैसा डालना शुभ होगा | दक्षिण की दिवार के पास चूल्हा / धुआँ निकलने की जगह मंदा फल ही देगा |

4) जन्म कुंडली का राहु जब वर्षफल में 8 में आए तो उसका हाथी कब्र में गिर कर मर जाए यानि बहुत नुक्सान हो | उपाय: राहु नंबर 8 में आने वाले साल के पहले साल में  8 वे महीने से शुरू करके बादाम हर रोज मंदिर लेजा कर आधे वापिस ले आए | जैसे 8 बादाम लेजाकर 4 वापिस ले आएँ | यह उपाय जन्म दिन तक जारी रखे | हाथी के गुजरने के लिए पुल तैयार हो जाएगा | यह बादाम खाया नहीं करते |

5) उपाय: खोटे सिक्के, जिसकी बाजार में कीमत न हो, और जमीन पर टकराने पर आवाज न हो, दरिया में डालना शुभ होगा | तक़रीबन 8 सिक्के एक ही बार में डाल दे या हर रोज 1 सिक्का 40/43 दिन तक डालना होगा या 4 नारियल एक ही दिन में या 1/2 किलो सिक्के के 8 टुकड़े कर के दरिया में डाल दे |

6) टेवे में जब मंगल बद हो (मंगल या बुध या दोनों मंदे हो) किसी भी घर सिवाय 12 के तो मौत का नगाड़ा बजता होगा खासकर जब राहु के शत्रु के काम राहु की उम्र में किए जाए जैसे शुक्र - 21 साल शादी, सूर्य-बिजली के महकमे की नौकरी, मंगल- जंगी मुलाजमत, में बेईमानी, फरेब, धोखा आदि का बुरा समय |

7) शनि नंबर 2 या तीन में हो तो शनि और राहु की उम्र (9,11) पर चाचा की माली और औलाद की जड़ कटती होगी | खासकर जब चाचा शनि से सम्बंधित सामान ख़रीदे | शनि नंबर 6 के समय राहु नंबर 8 को किसी के मौत के हुक्मनामा की तकमील (पूर्ति) और जिसे जहाँ मरना है वहाँ लेजाकर मार देने का पूरा हक होगा | और कोई कमी रहने पर शनि खुद जज बनकर मौत का हुक्म देने के लिए राहु के साथ खड़ा होगा |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant 

लाल किताब राहु खाना नंबर 7


लाल किताब 

राहु खाना नंबर 7 

चाण्डाल, लक्ष्मी (शुक्र) का धुआँ निकालने वाला

फर्क बीवी, बेटी या हो नजर माता |
बढ़ेगा दिमागी ख्याली ख़ुशी का |

मंदे राहु के समय स्त्री के टेवे में तलाक, मंदी हालत होगी | मर्द के टेवे में स्त्री की आयु बर्बाद, गृहस्थी बर्बाद और कई बार स्त्री के माँ-बाप बर्बाद जब शादी 21 साल से पहले या 21 साल में हो |

तख़्त शुक्र से मिटटी उड़ती, जलती सेहत जर माया हो |
उल्ट अगर नेक हालत हो, अमीर होता सब उत्तम हो |

नेक हालत में

1) स्वयं धनी मगर स्त्री तथा धन का गृहस्थी सुख (शुक्र का प्रभाव) मंदा ही होगा | ससुराल तथा स्त्री चाहे मंदे हो मगर सूर्य कभी मंदा न होगा और राजदरबार ऊँची पदवी पर होगा | क्योंकि नंबर 1 का केतु सूर्य को उच्च करता है | टेवे वाले को किसी के आगे, गरीबी के कारण, हाथ न फैलाना पड़ेगा |

2) बुध और शनि हर तरह से सहायता देंगे और राजदरबार के सभी शक्तिशाली शत्रुओं को मार देंगे |

3) बुध-शुक्र 2-11 (खाना नंबर 7 के मालिक और कारक) में हो तो मच्छ रेखा (माली) धन की हालत का पूरा उत्तम फल होगा |

मंदी हालत में

बुध-शुक्र का तराजू उल्टे, स्त्री मंद परिवारां |
दौलत को वो राखा होवे, खावे दोस्त-यारां |

1) धनी, मगर चाण्डाल राहु जो हर तरफ धुआँ कर दे |  

2) औरत के टेवे में 21 साल उम्र से पहले या 21 वे साल में शादी व्यर्थ होगी | यानि या तो वो खुद गुजर जाए या फिर तलाक हो जाए या फिर उसका पति चल बसे या दोनों में से कोई एक या दोनों घर-बार से भागे हुए और हर तरह तरह से अपनी बदचलनी और मंदे जीवन से बदनाम होंगे |  यही मंदा प्रभाव पुरुष के टेवे भी होगा | संक्षेप में कहे तो राहु की आधी उम्र 21 से पहले या राहु की उम्र 21 साल में शादी होने पर, चाहे मर्द चाहे स्त्री, घी के परांठे  का पेशाब की तरह मंदा गृहस्थ होगा | मर्द ऐसा ऐयाश जनानीबाज कि उस गंदे इश्क में बहन, बहु, बेटी के सम्बन्ध को भी खराब करे | स्त्री का टेवा भी भी ऐसे ही स्वभाव का होगा | घर गृहस्थी जलती होगी | हर तरफ से मंदी हालत की नीँव खुद अपने गंदे फर्जी विचार होंगे | सट्टे का व्यापर का फल मंदा ही होगा | सुख मिलने के बजाय औरत, दौलत भी मंदे होंगे | मित्र उसे खाते जाएंगे | घर में बेबुनियाद झगडे होंगे | औरतो की लानत और मौत-बीमारी पर व्यर्थ लम्बे खर्चे होंगे | तलाक तक की नौबत होगी | गृहस्थी हालत हर और से मंदी होगी | औरत के टेवे में स्त्री की कई बार शादी या फिर स्त्री के माँ-बाप बर्बाद होंगे | अगर टेवे वाले की (चाहे स्त्री, चाहे मर्द) 21 साल से पहले या 21 वे साल में शादी हो जाए तो राहु मंदी हालत से (राहु खाना नंबर 7 में जो बुध-शुक्र का घर है) शुक्र-बुध मसनुई सूर्य, गृहस्थी हालत की तराजू उलटी, या शुक्र-बुध के काम, रिश्तेदार, चीजे और लक्ष्मी का धुआँ तक निकाल देगा और कभी माफ़ न करेगा | मुसीबत का मारा ऐसा व्यक्ति जिस वृक्ष के नीचे बैठे, वही बर्बाद हो | केतु का प्रभाव सबसे मंदा होगा |

3) अगर पेशा, काम, राहु का हो यानि बिजली, जेलखाना, पुलिस आदि तो आयु तक शक्की हो |

4) शादी के वक्त लड़की की तरफ से (राहु नंबर 7 चाहे स्त्री चाहे मर्द के टेवे में हो) खालिस चाँदी की डली ऐन उस वक्त जब लड़की का संकल्प हो उसी दान करने वाले के हाथ से लड़की को दान किया जाए, फिर लड़की का दान किया जाए | चाँदी का दान भी उसी तरह होगा जैसे लड़की दान की जाती है | ऐसा करने से गृहस्थी सुख में मदद होगी | वरना मर्द-स्त्री की जुदाई, तलाक और मंदी बर्बादी का जीवन होगा | यह चाँदी की डली
खुद-ब- खुद न तो गुम होगी न चोरी होगी | ध्यान रहे कि उसे बेच कर न खा जाए | अगर फिर भी कभी गुम वगैरा हो जाए तो एक और कायम कर ले | बदनामी की मंदी उड़ती मिटटी, औरत की मंदी सेहत और धन बर्बाद के समय चाँदी की ईंट सहायक और चौकीदार होगी | शनि का उपाय यानि नारियल पानी में बहाना सहायक होगा | कुत्ते से सम्बन्ध बर्बादी का कारण होगा |   

5) राहु जब वर्षफल में नंबर 7 में आए या जन्म कुंडली में हो तो घर में खालिस चाँदी की ईंट रखे | इसके अलावा एक बर्तन में दरिया का पानी डाल कर उसमे चाँदी का टुकड़ा डाल कर टाँका लगवाकर बर्तन का मुँह बंद कर के रखे | जब तक यह बर्तन घर में रहे, राहु से बचाव होता रहेगा | पानी जब सूखता नजर आए तो उसमे और पानी मिला कर फिर से मुँह बंद करके टाँका लगा ले | चाँदी का बर्तन हो तो टाँका भी चाँदी से लगवा ले |   

6) अगर शादी ऊपर लिखे सालो में हो ही चुकी हो तो राहु नंबर 7 वाला (चाहे स्त्री, चाहे पुरुष) चाँदी के बर्तन जैसे गिलास, गोल कटोरी आदि में गंगाजल भरकर उसमे चाँदी का एक और खालिस टुकड़ा डाल कर (वजन की शर्त नहीं) धर्म स्थान में दे | और ऐसा ही एक ओर बर्तन औरत अपने पास रखे |

6) बुध / शनि / केतु में से जो भी नंबर 11 में हो तो उस ग्रह से सम्बंधित रिश्तेदार, चीज, काम टेवे वाले को खाएँ या बर्बाद करे |

7) मंगल शनि मुश्तरका या अकेले-अकेले नंबर 5 में हो तो दूसरी नर औलाद 42 साल बाद नसीब होगी |  

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant

Monday, 29 October 2018

लाल किताब राहु खाना नंबर 6

लाल किताब 

राहु खाना नंबर 6 

फाँसी काटने वाला सहायक हाथी

गिरे तुझसे जब खून भाई का कतरा |
नस्ल बंद तेरी का बढ़ता ही खतरा |

राहु 6 वे उच्च है, तो केतु उच्च है 12 का |
नेक असर दोनों का, होता वही जो शनि नंबर 12 का |

नेक हालत में

1) जाती आसाइश और पोशिश (आराम, सौन्दर्य अनुभूति, सजावट, आलिशान, कपडा) पर उम्दा और नेक खर्चा होगा | 

2) राहु नंबर 6 में अकेला बैठा हुआ बिजली की ताकत का स्वामी और शहजोर (अत्यंत बली और ताकतवर) हाथी की तरह गले में फाँसी की रस्सी लगी हुई को भी काट देने वाला हवा की तरह सहायक होगा | | नामवर चोरो को सजा देने वाला सदा ऐसे प्राणी का स्वयं सहायक / रक्षक होगा |

3) राहु अब मंदी शरारत से सदा दूर रहेगा | दिमागी ताकत उत्तम देगा |

4) शनि नंबर 2 का दिया हुआ उत्तम असर साथ होगा | ऊँची ताकत वाले पहाड़ की उंचाई पर बैठे हुए शत्रु को तुरंत मार देगा |

5) सदा तरक्की की शर्त है, बार-बार तबदीली की शर्त न होगी |

6) तक्क्बर (घमंड) और ख़ुदपसन्दी का मालिक होगा |

7) पूरा काला कुत्ता सदा उच्च शगुन होगा | हो सके तो पाल ले और खुद उसकी सेवा करे | बहुत नेक फल होगा |
पाल न सके तो पूरे काले कुत्ते की सेवा करे या कुत्तो की सेवा करते रहना संतान, धन के लिए मुबारिक होगा |

8) सिक्के की गोली (राहु) या काला शीशा सहायक होगा | शीशा (बुध) खाना नंबर 6 का मालिक और काला राहु के लिए उसके मित्र शनि का रंग लिया | कार्यस्थान पर ही इस्तेमाल करे |

मंदी हालत में

1) अपनी ही फ़ौज को मारने वाला मंदा हाथी हर तरफ कीचड़ ही फैलाएगा |

2) नामी चोर सजा से क्या डरे |

3) टेवे वाले के हाथ से भाई के खून का गिरा कतरा उसकी नस्ल ही मार देगा |

4) आगे से उल्ट छींक मंदे असर की पहली निशानी होगी |

5) बुध या केतु मंदा हो तो बीमारी का घर, मगर उसका कारण मालूम न हो सके | धन दौलत लुटता और घटता जाए |

6) मंगल नंबर 12 में हो और टेवे वाला बड़े भाई या बहिन से लडे तो चूल्हे की आग बुझे यानि टेवे वाले का खाना व रोटी बर्बाद हो जाए |

7) बुध नंबर 12 और सूर्य नंबर 2 में हो तो धर्म ईमान नेकी और मान के लिए राहु स्वयं मंदा | ससुराल की किस्मत मानिंद (जैसे) कोसेकजाह (इंद्रधनुष की तरह रंग-बिरंगा यानि उतार-चढ़ाव वाला)  मगर अमूमन मंदी ही होगी | धर्म स्थान में बैठे होने के बावजूद सूर्य की गर्मी से अब न सिर्फ खाना नंबर 6 (जहाँ उच्च राहु बैठा है) का प्रभाव मंदा होगा बल्कि नंबर 2 और नंबर 7 भी मंदा प्रभाव देंगे | खाना नंबर 7 इसलिए क्योंकि जब भी राहु-सूर्य मिलते है तो वो घर जहाँ राहु बैठा हो और उसके साथ वाला घर, आगे वाला घर, भी मंदा हो जाता है |      

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant

लाल किताब राहु खाना नंबर 5

लाल किताब 

राहु खाना नंबर 5 


शरारती, संतान गर्क, मगर सूर्य को तारे |

खशी दिन त्यौहार काफिर (नास्तिक) जो बनता |

निशानी लावल्दी की पैदा वो करता |

रवि, चंद्र या मंगल चौथे, चंद्र घर 6 या 12 हो | गिनती औलाद न लेख ही मंदे, आगे नस्ल चाहे मंदा हो | 

नेक हालत में

1) गुरु (धर्म, मर्यादा, मान, बुद्धि, आमदन) और माया धन का उत्तमफल, खुद तेज, उत्तम स्वास्थ्य और स्वयं सूर्य की शक्ति देने वाला जिससे राजदरबार से सम्बंधित बरकत ही बरकत हो | यदि माता जिन्दा तो उसके आखिरी दम तक संतान और धन दोनों की बरकत होगी | मगर गुरु-शनि मुस्तरका नंबर 7 के बराबर बड़ी भारी मच्छ रेखा न होगी | यानि नर संतान जरूर और जल्दी होगी मगर यह जरूरी नहीं कि 9 भाई और 2 बहने हो और बहुत अधिक धन का भी साथ हो या हालत बादशाही होगी | बहरहाल परिवार और माया की तरफ से सुखिया होगा |

2) चंद्र नंबर 5 या सूर्य नंबर 1 में हो तो आबिद (पूजा करने वाला, भक्त, धार्मिक), सूफी, ब्रह्मसनाश (पहचानने वाला) होगा | दौलत पर हाथी का साया होगा | चंद्र के साथ से चाहे औलाद (नर या मादा) के विघ्न होंगे | मगर संतान के लिए मंदा न होगा | बल्कि राहु अब सूर्य और चंद्र की सहायता करेगा | माता अमूमन टेवे वाले का लम्बा साथ न देगी | माता छोटी उम्र में गुजर जाए या माता से जुदा होना पड़े | माता के जीवित या साथ होने से मच्छ रेखा (माली) होगी |

3) सूर्य / चंद्र / मंगल नंबर 4-6 में हो यानि साथ के घरों में हो या शनि-मंगल नंबर 5 में हो तो औलाद के योग चाहे लाख मंदे हो लेकिन अब गिनती औलाद, और हर तरफ से आयु और नसीब की बरकत होगी | उसके भाई स्वयं समेत योगी राजा के समान होंगे | पाँच बेटो का बाप होगा | मगर उससे अधिक बेटे हो तो जिस कदर औलाद बढ़ेगी, भाई औलाद से घटते होंगे |

मंदी हालत में

1) अचानक बिजली गिरने पर जान और बेजान का क्या फर्क होगा की तरह ऐसे प्राणी की सेहत, बीमारी पर फजूल खर्चा आम होगा |

2) औलाद के त्यौहार या ख़ुशी के दिन न मनाने वाले काफिर को औलाद देखनी ही कब नसीब होगी | बल्कि उसकी नर संतान का दीया बुझा हुआ होगा | खाना नंबर 5 का शनि औलाद को मारने वाला साँप और खाना नंबर 9 का शनि औलाद के जन्म के रास्ते में बड़ा पहाड़, रूकावट बन जाता है | राहु नंबर 5 एक कड़कती हुई बिजली या जमीन के अंदर भूचाल पैदा करने वाला चलता हुआ लावा होगा जो संतान के गर्भ में आते ही अपने जहरीले प्रभाव से समाप्त कर देगा | राहु खाना नंबर 9 संतान के सम्बन्ध में साँप की जहरीली सिरी (केवल सिर का हिस्सा) भागती हुई साबित होगी जो कि पैदा हो चुके बच्चो को उनके भागने की शक्ति पा जाने के दिन तक मारने से गुरेज न करेगी | दूसरे शब्दों में कहे तो नंबर 5 का राहु बच्चे पेट में मार देता है तो नंबर 9 का राहु बच्चो के खेलना-कूदना सीखते ही मार देता है | नर संतान या तो देरी से पैदा हो या पैदा ही न हो या माँ के पेट में ही गर्क होती हो | अगर पैदा हो ही जाए तो 12 साल तक संतान की सेहत मंदी होगी, फिर भी बाबा पोते का झगड़ा होगा यानि बाबा के बैठे पोता न खेलेगा | अगर टेवे वाले का पहला लड़का राहु की आधी उम्र यानि 21 साल में पैदा हो तो दूसरा राहु की उम्र 42 साल में होगा जिसकी पैदाइश पर (दूसरे लड़के की) टेवे वाले का बाप या ससुर चलता बनेगा | यही हाल राहु की उम्रो में संतान पैदा होने पर या संतान की आयु होने पर हो सकती है | ऐसे टेवे में खास संभोग के समय स्त्री की इच्छा की ज्यादती, नर संतान की ज्यादती का कारण बनेगी | अगर राहु नंबर 5 का बुरा असर उसकी औलाद पर न हो सकता हो तो नंबर 5 राहु का असर टेवे वाले के पोते पर हो जाएगा |

3) हर हालत में न सिर्फ राहु की कड़कती बिजली और शरारती हाथी का फल मंदा होगा बल्कि शनि के जहर का बुरा असर दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जाएगा | अमूमन निसंतान होगा वरना पहली स्त्री / मर्द नर संतान न देखे बल्कि मर्द और स्त्री की जोड़ी, पहली चाहे दूसरी (जब पहली स्त्री या मर्द तब्दील हो जाए) नर संतान को तरसती होगी |

4) गुरु साथ या साथी हो या दोनों का दृष्टि आदि से झगड़ा हो तो 12 साल आयु तक संतान की सेहत और बाप (टेवे वाला) और बाबा (टेवे वाले का बाप) की किस्मत मंदी लेंगे बल्कि उम्र तक मंदी लेंगे |

5) एक ही स्त्री से दो बार शादी की रस्म या रिवाज दो दफा कर लेने से राहु का जहर दूर होगा |

6) जद्दी मकान के मुख्य द्वार की दहलीज के नीचे (पूरी दहलीज के नीचे) चाँदी का पत्रा दे जो गोल न हो, चपटा हो सकता है | या फिर शुक्र की चीजे गाँय आदि कायम करे | या चाँदी का ठोस हाथी (छोटा सा खिलोने जैसा) मदद देगा | 50 ग्राम का बनवा सकते है मगर ख्याल रहे की अंदर से खोखला न हो | शनि की मंदी कार्यवाहियों से परहेज करे | यह उपाय करने से राहु का मंदा असर औलाद पर न होगा |  

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant

लाल किताब राहु खाना नंबर 4

लाल किताब 

राहु खाना नंबर 4


धर्मी मगर धन के आम गम

भला कहते गँगा स्नान जो करता |
वही तेरा स्वयं अपने घर का ही बनता |

नेक हालत में

1) धनी होने की निशानी होगी |

2) धर्मी टेवा होगा | चंद्र की बेजान चीजों का फल मध्यम बल्कि मंदा ही होगा | चंद्र की सिफ्ते, विद्या तथा बुद्धि  का साथ होगा | खर्चा चाहे मनमर्जी से करे मगर लम्बा और शुभ खर्चा होगा |

3) केतु और शनि बुरे कामो में अब राहु के साथ हाँ में हाँ नहीं मिलाएगे और उनका अपना-अपना फल होगा | राहु स्वयं माता (चंद्र) के चरणों में सिर झुकाए, माता-पिता के सम्बन्ध में पाप न करने की कसम उठाए नेक और धर्मात्मा होगा जब तक अकेला ही हो या चंद्र के साथ हो | वरना अपनी शरारती नस्ल का सबूत देगा | ऐसे व्यक्ति का अपनी घर का स्नान गँगा स्नान से भी अच्छा होगा |

4) चंद्र उच्च या नंबर एक में हो तो माया पर हाथी का साया या हाथी माया में नहाता होगा यानि बहुत धनी होगा | जैसा चंद्र होगा वैसा ही हाथी की सूंड में पानी भरा होगा यानि वैसी ही धन की हालत होगी | चंद्र बैठा होने वाले घर से धन लेगा यानि चंद्र बैठा होने वाले घर की सम्बंधित चीजे, काम, सम्बन्धी धन पैदा करने में सहायक होंगे | जहाँ बुध बैठा हो, उस घर में धन भर देगा यानि बुध जिस घर में बैठा हो उससे सम्बंधित रिश्तेदार, काम, चीजे उससे लाभ उठाएँगे और टेवे वाले को सहायता देंगे |

5) चंद्र नंबर 1 और बुध नंबर 10 में हो तो राजदरबार से धन कमा कर पुरखो के घर में भर देगा |

6) शुक्र उत्तम हो तो विवाह के दिन से ससुराल का धन बढ़ता होगा और टेवे वाला उसमे से अपना हिस्सा लेता होगा

7) सूर्य या मंगल या दोनों नंबर 2 में हो तो टेवे वाले पर राहु का साया होगा | सूर्य और मंगल सहायक होंगे |

8) केतु उत्तम हो तो 48-24-12 साल आयु में या संतान के जन्म दिन से माता-पिता के लिए शुभ और उत्तम होगा

मंदी हालत में

1) 24, 48 साल आयु तक चंद्र के बेजान चीजों का फल मंदा होगा | मगर वह धर्मी और बुद्धि का स्वामी होगा | 45 साल आयु से राहु-केतु दोनों का फल उत्तम होगा | मामा घर का उत्तम लेखा चंद्र की आयु 6-12-24 साल तक बर्बाद हो चुका होगा | धन के फ़िक्र, गम आम होंगे खासकर जा टेवे वाला खुद ही राहु को खड़ा कर लेवे | मंदा राहु कैसे खड़ा होगा ? राहु नंबर 4 वाला जब अगर मकान को छेड़े और सिर्फ छत (राहु) ही बदलवाए या टॉयलेट बदलवाए तब मंदा राहु खड़ा हो जाएगा | इसलिए अगर छत बदलवानी पड़े तो साथ में दीवारे (शनि) भी बदलवाए वरना धन हानि होगी | मरम्मत का वहम नहीं होता | सिर्फ छत ही बलवानी हो तो नई छत में पुरानी  छत का लोहा वगैरा मिलाकर बनाए ताकि छत नई न गिनी जाए | यह मंदे फल तब खासकर होंगे जब राहु वर्षफल में नंबर 4 में हो या वैसे ही मंदा हो | राहु के दूसरे काम जैसे भट्टी बदलते रहना, कोयले जमा करना वैगरा भी मंदा असर देंगे |

2) चंद्र उत्तम न हो तो धन-दौलत का प्रभाव हल्का ही होगा |

3) चंद्र या नर ग्रह नंबर 10 में हो या चंद्र नंबर 4 में हो तो सब ग्रहों पर धुआँ पड़ता होगा मगर मंदा समय स्वप्न की तरह गुजरता होगा | और चंद्र की आयु गुजरते ही धन की वर्षा होगी | सब नर्क धुल जाएंगे |      

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant

Sunday, 28 October 2018

लाल किताब राहु खाना नंबर 3

लाल किताब 

राहु खाना नंबर 3



आयु तक धन का स्वामी, गोली-बन्दूक लिए पहरेदार
स्याह रंग के रिश्तेदार | मंगल (शेर) के घर में अब राहु बिल्ली का जगह तेंदुआ होगा | यानि पेड़ पर चढ़ने की कला को फिर भी न भूलेगा |  

तरक्की की शर्त है पर तबदीली की नहीं |

अक्लमंद कभी तेरा शत्रु बनेगा |
बुरा यार अहमक (मुर्ख) से कमतर करेगा |

नेक हालत में

1) ऊँचे आसमान की चोटी तक सहायता करने वाला होगा | अमीर जायदादों वाला होगा | राहु अकेला ही होने की हालत में स्वयं आयु और धन का राखा | राहु हाथ में गोली-बन्दूक लिए पक्का निशानेबाज और चौकन्ना पहरेदार होगा | ऐसा आदमी कभी किसी से न डरेगा, शेर का शिकारी हाथी चाहे जंगल में अकेला ही क्यों न हो | बेधड़क हो कर सहायता करने वाला | अगर किसी का शत्रु भी हो जाए तो बेफकूफ मित्र से कम ही बुरा करने वाला और आखिर में भला ही करने वाला करने वाला होगा |

2) भविष्य में होने वाली किसी घटना या बात का उसे 2 वर्ष पहले ही स्वप्न में ज्ञान हो जाएगा | स्वप्न सच्चा होगा | त्रिलोकी के नर्क के जाल को काटेगा | निसंतान न होगा | लम्बी आयु और तरक्की | जागीरों का मालिक होगा | सुखिया होगा | शत्रु का सिर काटने के लिए कलम में तलवार से अधिक शक्ति होगी | सूर्य का प्रभाव अब दो गुना नेक होगा | आखिरी समय अपने परिवार के लिए जायदाद जरूर छोड़ कर जाएगा | कर्जा छोड़ कर न मरेगा | दुश्मन पर हावी रहेगा |

3) मंगल भी नंबर 3 में हो तो शाही सवारी का हाथी या राजा की गिनती का आदमी होगा |

4) जब शत्रु सूर्य, शुक्र, मंगल साथ-साथी तो भी शत्रु ग्रहों से मंदा न होगा और न ही उनसे मरेगा | शत्रु ग्रहों के प्रभाव में भी कोई खराबी न होगी | बल्कि सब और से सुखिया होगा |

मंदी हालत में

1) भाई-सम्बन्धी धन को बर्बाद करेंगे | धन उधार बतौर कर्जा लेकर मुकर जाएंगे या धोखा फरेब से तबाह करेंगे

2) मंदे समय चंद्र का उपाय करे |

3) कोई भी ग्रह नंबर 12 में या साथ-साथी सिवाय मंगल नंबर 3 के या कोई शत्रु ग्रह साथ हो तो राहु का फल तो मंदा न होगा पर 34 साल आयु तक बुध और केतु का फल मंदा होगा |  

4) जब सूर्य-बुध नंबर 3 में हो तो राहु का फल तो मंदा न होगा यानि टेवे वाले का सूर्य (जिस्म, राजदरबार) तो मंदा न होगा पर सूर्य-बुध की आयु में (बुध) बहन का सूर्य (पति, राजदरबार) वगैरा मंदा होगा | बहन, विधवा, दुखी हो | मगर टेवे वाले को हर तरह से मान मिलेगा |

कोयले से सम्बंधित काम ठीक रहेंगे मगर हाथी दांत के काम या पास रखना बर्बाद करेगा |  

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant

Saturday, 27 October 2018

लाल किताब राहु खाना नंबर 2

लाल किताब 

राहु खाना नंबर 2


गुरु के मातहत, लेख पंघूड़ा (झूला), बरसाती बादल

उम्र गुजरी मंदिर, मुफ्त माल खाते |
मिले दिल कहाँ,फिर जो खैरात बाँटे |

उम्र लम्बी गुजरान हो उम्दा, जगतवासी चाहे राजा हो, बचत शून्य या हो 11 गुना, लेख झलक दो रंगा हो |

 नेक हालत में

1) मध्यम दर्जे की जगह अब राहु की चाल आखिरी दर्जा (नेक या बुरी) होगी |

2) गृहस्थ दर्जा बेहद लम्बा मगर मालो-दौलत की अच्छी या बुरी हालत का फैसला गुरु की हालत पर होगा | जिसकी निशानी राहु स्वयं ही अपनी चीजे, काम या सम्बन्धी राहु से सम्बंधित से दृष्टिगोचर होगा | मगर धन की वर्षा उस दिन होगी जब शनि खाना नंबर 1 में आ जाए और गुरु भी उत्तम हो |

3) यदि शनि कुंडली में उत्तम हो तो राहु का धुआँ उत्तम बरसाती बादल या आगे आने वाले अच्छे समय की निशानी होगी और शनि नंबर 1 में आते ही और गुरु के उत्तम होते ही धन की वर्षा होगी | शनि मंदा हो तो जहर की गैस या मंदा कड़वा धुआँ जिसमे दम घुटने लगे | शनि अगर लकड़ी है तो उस आग लगी हुई लकड़ी का धुआँ राहु होता है | हवा का स्वामी गुरु होता है खासकर ऑक्सीजन वाली हवा का, लेकिन राहु जहरीली हवा का स्वामी होता है या ऐसा धुआँ होता है जिससे दम घुटने लगे |

4) खाना नंबर 2 का मालिक शुक्र होता है जिसके मसनुई ग्रह राहु-केतु होते है | यह घर राहु-केतु की मुश्तरका बैठक का घर भी है | राहु इस घर में राजा सामान तो है पर चलेगा गुरु की आज्ञा से ही | पापी मंदिर में भी नहीं छुपते | जिस घर में कभी चोरी न हुई हो या वह घर जिससे चोर कोसो दूर भागे, वो घर भी राहु की चोरी और दिन-दहाड़े सीनाजोरी से बरी न होगा | राहु खाना नंबर 2 के मंदिर में बैठा हुआ हो और उसे चुराने के लिए कुछ भी न मिले तो वह पुजारी की आँखों के सामने और उनके पूजा करते करते ही मंदिर की मूर्तियाँ बाँध कर ले भागे | अर्थ यह है कि राहु चोरी का स्वामी है और चोरी के वाक्यात (माल या नकद) आम होंगे और वो वाक्यात जातक के सामने दिन-दहाड़े सरेआम होंगे | राहु का धर्म सिर्फ इतना ही होगा कि रात को कोई नुक्सान न होगा | दिन के समय अपनी जेब में संभाल कर रखा हुआ माल भी चोरी हो सकता है | टेवे वाले के खुद चोर होने की शर्त नहीं है मगर उसके पीछे चोर होंगे | चाँदी की ठोस गोली राहु की शरारत और चोरी से बचाएगी और ससुराल के मंदे हाल का भी बचाव होगा | अच्छा यही होगा कि दिन के समय ज्यादा नकद धन - माल लेकर न चले खासकर जब वर्षफल में राहु मंदा हो | 

5) ऐसा व्यक्ति राजा या अधिकारी होगा चाहे जंगल का ही हो | अगर धर्म मंदिर का साधू हो तो हाथियों को भी खाना देने की शक्ति रखता होगा |

6) सुखी राजा के स्वभाव का स्वामी होगा |

7) भाग्य का लेख पंघूड़ा (झूले) की तरह होगा यानि कभी ऊपर कभी नीचे यानि कभी मिटटी से सोना मिले और कभी सोना मिटटी हो जाए | उम्र उत्तम होगी |

8) नेक हालत में शुक्र की उम्र 25 तक धन के आराम का होगा |

9) कंगाल हो या घर छोड़ कर भागे | राज छोड़े चाहे राजदरबार छूटे, कुछ भी हो मगर किसी भी हालत में राजा की कैद में न होगा | मगर खैरात के जमा हुए माल से चोरी का दाग न धो सकेगा यानि जिस जगह लोग खैरात देते होंगे वहाँ पर उससे चोरी हो ही जाएगी या कर लेगा |

10) दूसरे ग्रह चाहे मंदे होते हो पर राहु की मदद मिलती रहेगी |

मंदी हालत में

1) राहु की मियाद 42, 21, 10 1/2, यदि जद्दी मकान के उत्तर-पश्चिम कोने में (खाना नंबर 2) रसोई का धुआँ निकालने की जगह हो यानि वहाँ पर एग्जॉस्ट फैन हो तो राहु न सिर्फ टेवे वाले का बल्कि उसके खानदान और ससुराल का भी धुआँ निकाल देगा यानि बहुत मंदा असर देगा | यह मंदा असर 21 से 42 साल के बीच होता  होगा | भाग्य का हाल पंघूड़े की तरह होगा | मंदे वाक्यात, चोरी, गबन से धन की हानि बहुत अधिक होगी | कैदखाना, जेल, बेऐतबारी और हर तरफ से काला मंदा समय होगा |

2) ऐसी हालत में चाँदी की ठोस गोली या गुरु की चीजे सोना, केसर, पीली चीजे अपने शरीर पर या अपने पास रखना सहायक होगा | घर के उत्तर-पश्चिम कोने में चंद्र की चीजे रखने से बचाव होगा |

3) ऐसा व्यक्ति सारी उम्र चाहे मुफ्त का माल खा कर गुजार दे मगर स्वयं कभी किसी को एक रूपए भी न देगा |

4) माया धन पर आये मंदे भूचाल (राहु) को चंद्र रोकेगा या माता से नेक सम्बन्ध होने पर सब कुछ उत्तम होगा |

5) अगर शनि मंदा हो तो भाग्य की हालत मंदे जहर से भरे हुए धुएँ जैसी होगी |

6) ऐसा व्यक्ति धर्म मंदिर में बैठकर भी पाप करने से पीछे न रहेगा | अपनी आखिरी अवस्था खराब कर लेगा | 25 साल तक नंबर 8 में बैठे केतु का फल मंदा न होगा मगर 26 वे साल से राहु-केतु दोनों का मंदा फल शुरू हो जाएगा |  
      
खाना नंबर 2 शुक्र का यानि मिटटी और राहु यानि हाथी तो दोनों को मिलकर देखा तो हाथी के पाँव की मिटटी बहाने से लाभ होगा |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant

लाल किताब राहु खाना नंबर 1

लाल किताब 

राहु खाना नंबर 1 


सीढी पर चढ़ने वाला हाथी, धनवानता का प्रतीक मगर सूर्य बैठा होने वाले घर ग्रहण होगा

हुआ लेख अंधेरा , बादल जो घेरा |
कोई पूंछे आँसू, पसीना न तेरा |

हाथी बैठा तख़्त पर तो तख़्त थर्राने लगा, सूर्य बैठा जिस घर में, ग्रहण वहाँ जाने लगा |
सूंड राहु की बुध बना तो केतु जिस्म बन चलता हो, टोला तीनो का जिस दम मिलता मौत फरिश्ता गूंजता हो |
धन दौलत और लड़के पोते, कायम सभी चाहे होता हो, राहु चमक जब अपनी देवे, काम कोई न आता हो |
बुध-शुक्र हो जब तक उम्दा, ग्रहण असर न मंदा हो, मंगल बैठा जब घर 12, राहु शून्य स्वयं होता हो | 
  

 नेक हालत में

सीढी पर चढ़ने वाला हाथी, दौलतमंद, धनी | अपने शरीर और कबीले पर चाहे खर्च ज्यादा होगा मगर शुभ होगा | कुंडली में सूर्य बैठा होने वाले घर में ग्रहण लगा होगा या यूँ कहे कि वहां अँधेरा ही होगा | मगर सूर्य का अपना प्रभाव मंदा न होगा | ग्रहण की वजह से जो अँधेरा होगा वो संसार में एक तरफ ही होगा न कि पुरे संसार में अँधेरा होगा | इसका मतलब यह है अगर एक तरफ भाग्य हार देगा तो सूर्य की चमक दूसरी और हो जाएगी | ग्रहण हटते ही सूर्य की पहली शक्ति यानि रिजक सब कुछ फिर से बना देगी |

1) खाना नंबर 1 से 6 पर बुध {हाथी (राहु) की सूंड} और नंबर 7 से 12 पर केतु (हाथी का जिस्म) का प्रभाव होता है चाहे जन्म कुंडली चाहे वर्षफल |     

2) बिल्ली (राहु) की जेर (चमड़ी) सूर्य रंग (पक्का घर नंबर 1) के कपडे में रखी हुई उत्तम फल देगी या सूर्य से सम्बंधित चीजों का दान शुभ और अशुभ दोनों हालातो में सहायक होगा |

3) अगर शुक्र नंबर 7 में हो तो एक अच्छा मालदार आदमी होगा मगर स्त्री की सेहत निकम्मी तथा शक्की होगी |

4) मंगल 12 में हो तो राहु का प्रभाव नदारद, न भला न बुरा यानि राहु अब टेवे में चुप ही होगा मगर गुम न होगा |   

राहु नंबर 1 के समय सूर्य जिस घर में बैठा हो तो कैसा हाल होगा :

खाना नंबर 1 में सूर्य हो तो राजदरबार में अपने दिमागी विचारो में बेबुनियाद वहम और मंदी शरारते खड़ी होगी

2: धर्म बिरुद्ध, पूजा-पाठ से घृणा, ससुराल और धर्म स्थान दोनों का मान की जगह अपमान करने वाला होगा |

3: भाई-बंधुओं पर दुःख-मुसीबते खड़ी हो |

4: माता खानदान और खुद जाति आमदन में रोड़ा अटकाता होगा |

5: अब राहु सूर्य की सहायता करेगा | औलाद अवश्य होगी | बेशक हाथी की लीद से घर की रोसयाही (अपमान) करे |

6: लड़के-लड़कियों के सम्बन्धियों की और से तोहमते मिले या बुरा-भला कहा जाए |

7: अदालती काम और गृहस्थ कामो में हानि होगी |

8: बिना कारण खर्चे या आदमी की रोटी कुत्ता खा गया की बाते होगी |

9: न सिर्फ स्वयं की धर्म से लापरवाही होगी अपितु पूर्वजो के धर्म मंदिर को नावलो की लाइब्रेरी बना देगा |

10: सांसारिक जीवन में बेऐतबारी आम बर्ताव होगा |

11: मुंसिफ (न्याय पसंदो) को भी तक्कबर (घमंड) की बदबू से भर देगा |

12: रात को सोते समय और आराम के समय कोई न कोई लानत खड़ी होती रहेगी जिसका परिणाम कुछ हो या न हो |

मंदी हालत में

जब राहु नंबर 1 की बिजली चमक रही तो नंबर 1 से 6 पर हाथी की सूंड का साया यानि बुध का और 7 से 12 पर हाथी के जिस्म का साया यानि केतु का प्रभाव, जैसा भी टेवे में हो, पड रहा होगा |

1) जन्म समय सख्त वर्षा, आँधी, नाना-नानी जीवित, टेवे वाले के जद्दी घर से निकलते ही सामने घर का हाल मंदा होगा या वह वीराना होगा, संतान न होगी | 40 साल आयु तक राहु की चीजे, सम्बन्धी, कार्य सब मंदे प्रभाव के होंगे वास्ते स्वयं (नंबर 1) से सम्बंधित |

2) राहु का कड़वा धुआँ | मस्त हाथी की शरारती सूंड | चोरी करना हो तो कोतवाल का क्या डर | ऐतक़ाद (निश्चय, विश्वास) का हाथी | चोर या बदनीयत कोतवाल की तरह जो स्वयं चोरी आदि करता हो या करवा रहा हो, जिस्म फैलाए हुकूमत की कुर्सी को तोड़ता रहा होगा | खुद की दिमागी शरारत बाइस-ए-तबाही होगा (बर्बादी का कारण)

3) राहु की उम्र पर (11-21-42) पर पिता के लिए मंद भाग (सांसारिक मेहनत व्यर्थ) ख्वारी (बदनामी) व धन हानि का बहाना होगा |

4) तबदीली चाहे कितनी बार हो तरक्की महदूद (सीमित) होगी |

5) सूर्य बैठा होने वाले घर को ग्रहण लगा होगा (सूर्य को नहीं) सिवाय सूर्य-बुध नंबर 3 में | तख़्त पर बैठा राहु अब राजा के बजाय सिहांसन पर सोया, खर्रांटे मारने वाला हाथी होगा यानि भाग्य का मंदा हाल होगा | चलती गाडी में रोड़ा अटकाना आम होगा | राम नाम जपते-जपते माला टूट जाने की कहानी होगी | चाहे धन परिवार सब कुछ हो फिर भी सब कुछ होते हुए भी कुछ न होना जैसा हाल होगा | राहु-केतु को क्या पता कि ख़ुशी किस चिड़िया का नाम है | यह सब मंदा फल तब तो जरूर होगा जब राहु की बिजली चमक रही हो (देखिये पक्का घर नंबर 5)  जो 42 साल तक मंदे साथ का सबूत देगी | मंदे समय कोई आँसू तक न पोंछेगा |

6) शादी के समय राहु और शनि की चीजे लेना कोई वहम नहीं मगर मगर शादी के बाद ससुराल (राहु) के यहाँ से शनि या राहु (बिजली के सामान) की चीजे आएँ तो राजदरबार या सूर्य बैठा होने वाले घर पर ग्रहण का समय हो जाएगा |

7) सूर्य नंबर 9 में हो धर्म-ईमान की खराबियाँ होगी |            
  
8) राहु का मंदा समय 2 साल और एक साल के वर्षफल में 2 महीने | सारी आयु में या 42 साल आयु से पहले राहु की महादशा 18 साल हो सकता है | सूर्य ग्रहण (सूर्य-राहु मुश्तरका) या चंद्र ग्रहण (चंद्र-केतु मुश्तरका) के समय जो खराबियाँ होगी वह स्वयं अपनी पैदा की हुई होंगी | अगर सूर्य बैठा होने वाला घर पहले से ही मंदा हो तो
मालीखोलिया (आवारा फिरते-फिरते अपने आप बोलने की बीमारी) का दुःख होगा |

उपाय : चंद्र का उपाय सहायक होगा  

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant

लाल किताब राहु


लाल किताब 

राहु 

रहनुमाय गरीबां मुसाफिरां

मुबारिक यही तू जो आँसू बहाता |
हुई मौत बीवी चाहे शत्रु की माता |


राहु-केतु किसी राशि के मालिक नहीं होते और न ही उनकी कोई रेखा होती है | सिर्फ निशान बंधे है | जहाँ उनके निशान मिले, उसी घर में बैठे होंगे | अगर निशान न मिले तो अपने घर के होंगे यानि राहु 12 में और केतु 6 में | मच्छ रेखा के समय दोनों उच्च घरों में और काग रेखा के समय दोनों नीच घरों में होंगे |

शनि दृष्टि राहु पे करता, लोहा ताम्बा रवि बनता हो |
राहु मगर हो उल्ट जो चलता, हसद तबाही करता हो |
शनि बैठे को राहु देखे, राहु मंदा स्वयं होता हो |
मदद मगर न शनि को देवे, जंग लोहे को खता हो |
मंगल दृष्टि राहु पे करता, चुप राहु स्वयं होता हो |
उल्ट मगर जब हो वो बैठा, बाजू मंगल के पकड़ता हो |

 आम हालत 12 घर

हाथी तख़्त पर ग्रहण रवि का, 10 वे शक्की खुद होता हो |
लेख पंघूड़ा (झूला) गुरु मंदिर का, रोता गुरु घर 11 जो |
आयु, धन का राखा तीजे, गोली पक्का बंदूकची हो |
पाप कसम वो करता चौथे, संतान बची न पाँच की हो |
धुआँ शुक्र, बुध 7 वे उड़ता, कटती फाँसी घर 6 से हो |
मौत नकारा घर 8 में बनता, जहरी चंद्र जब साँप (शनि) से हो |
जले धर्म 9 राहु भट्टी, शफा पागल को देता हो |
लाख उम्मींदे 12 फर्जी, हाथी खर्च न रुकता हो | 

दुनिया के फर्जी डर का सोच-विचार, जागते हुए इंसानी दिमाग में खराबी, लहर, और क़यासी ख्यालात की नकली हरकतों का 42 साल आयु का समय राहु का समय होगा | सब कुछ होते हुए भी कुछ न होना राहु शरीफ  वास्तवकिता है | दिमागी लहर का स्वामी, सब शत्रुओं से बचाव और उनका नाश करने वाला माना गया है | 


नेक हालत में

1) उत्तम प्रभाव के समय, चोट लगने से नीला रंग हो चुके शरीर को फूंक से ही ठीक करने वाला मानिंद (जैसा) हाथी मगर सफ़ेद रंग का होगा |

2) आसमान के गुम्बद और संसार के समुन्द्र (दोनों नीले रंग के) का मालिक राहु जिसकी मदद पर आ जाए, कुल संसार का सिर उसके सामने झुक जाएगा | मंगल का साथ या दृष्टि होने से केतु का असर देगा | जब टेवे में उच्च राहु के मसनुई ग्रह मंगल-शनि मुश्तरका हो और मंगल नेक हो तो राहु उत्तम तथा नेक असर का होगा खासकर जब नंबर 4 या चंद्र उत्तम हो या मंगल 12 में हो या सूर्य-बुध दोनों नंबर 3 में हो या राहु अकेला नंबर 4 में हो तो राहु कभी मंदा प्रभाव न देगा और टेवे वाले की मदद करता जाएगा | और मंगल नेक के दौरान (नंबर 12 में आने के समय) पर चुप ही रहेगा |

3) मंगल बद जो लिखवाए और शनि जिसे खुद लिखे, उस किस्मत की लिखाई को ख्याली सफर की शक्ति का मालिक राहु स्वप्न में ही पढ़ लेगा | यानि शनि और मंगल के मंदे प्रभाव का उसे पहले ही पता चल जाएगा | राहु अगर शनि से बाद के घरों में बैठा हो तो शनि के हुक्म के हिसाब से काम करेगा | लकिन अगर पहले बैठा हो तो स्वयं हाकिम होगा और शनि को हुक्म देगा | राहु चंद्र को मध्यम करता है | अगर चंद्र के साथ ही हो तो खुद ठंडा हो जाता है और बंधा हुआ चुपचाप हाथी ही होता है | राहु चाहे सूर्य को ग्रहण लगाता है मगर सूर्य की गर्मी से और भी अधिक हानि करने वाला हिलता-डोलता हुआ हाथी होगा | गुरु के शेर और साधू को तो कोढ़ और दमा ही दे देगा मगर बुध के पक्षी और शनि के कौवे को न सिर्फ आसमान में उड़ने की हिम्मत देगा बल्कि दोनों का ही उच्च प्रभाव देगा | अगर राहु एक ओर शुक्र का जानी-दुश्मन और केतु को रास्ता दिखाने वाला सरदार है तो दूसरी ओर शनि के साँप की मणि और मंगल के महावत के साथ शेरो का शिकारी हाथी भी माना गया है |

मंदी हालत में

1) राहु मंदा हो तो इसका मंदा असर इसकी कुल मियाद (42) के बाद दूर होगा | फालतू धन, सांसारिक आराम, बरकत 42 के बाद एकदम मिल जाएंगे |

2) कड़कती बिजली, भूचाल, आग का लावा, पाप की एजेंसी में बदी का स्वामी, हर मंदे काम में मौत का बहाना घड़ने वाली शक्ति, ठगी, चोरी और ऐयारी (चालाकी-मक्कारी) का सरगना, आनन-फानन में चोट मार कर नीला रंग कर देने वाली छुपी लहर का नामी फरिश्ता कभी छुपा नहीं रह सकता |   

3) जिस टेवे में सूर्य-शुक्र मुश्तरका हो तो राहु अमूमन मंदा प्रभाव ही देगा | जब सूर्य-शनि मुश्तरका हो और मंदे हो तो राहु नीच फल का होगा और मंगल भी बद होगा |

4) कुंडली में केतु अगर पहले घरों में हो और राहु बाद के घरों में हो तो राहु का प्रभाव मंदा और केतु शून्य बराबर होगा |

5) यदि राहु अपने शत्रु ग्रहों (सूर्य,मंगल,शुक्र) के साथ हो कर केतु को देखे तो नर संतान और केतु की दूसरी चीजे, काम, रिश्तेदार बर्बाद होंगे |

6) सूर्य की दृष्टि या साथ से राहु का प्रभाव न सिर्फ बैठा होने वाले घर पर मंदा होगा बल्कि साथ लगता घर (आगे वाला) भी बर्बाद होगा |

7) मंदे राहु के समय दक्षिण का द्वार न सिर्फ हानि करेगा बल्कि उसका शक्तिशाली हाथी भी मामूली चींटी से मर जाएगा |

8) मंदे राहु के समय जब बुखार, सांसारिक शत्रु, अचानक उलझन पर उलझन आए तो :

# चाँदी / पानी का उपाय मदद दे जब मन अशांत हो, यानि मन की शान्ति भंग हो रही हो |
#दाल मसूर लाल रंग की दली हुई प्रातः दे या वैसे ही भंगी को पैसा आदि खैरात करते रहे |
# बीमार मरीज के वजन के बराबर जौ चलते पानी में बहा दे |
# जौ रात्रि सिरहाने रख कर प्रातः जानवरों को खिला दे या गरीबो में बाँट दे |
# राजदरबार या व्यापार के आए दिन झगडे को दूर करने के लिए जिस्म के वजन के बराबर कच्चे कोयले बहा दे

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant

Thursday, 25 October 2018

लाल किताब शनि खाना नंबर 12

लाल किताब 

शनि खाना नंबर 12  


कलम विधाता, आराम

मदद साँप जहरी जो तेरी करेगा |
तो ज़माने में शत्रु बाकी कैसे रहेगा |

नेक हालत में

1) शत्रुओं के सम्बन्ध में हाथ में त्रिशूल लिए वीर की तरह अच्छा और उत्तम जीवन गुजरेगा और सामान खुराक की कभी कमी न होगी | अगर सिर के चोटी की जगह के बाल उड़ जाए तो धनवान और सुखी होगा |

2) अब राहु-केतु का टेवे में बुरा फल न होगा और बुध भी अपनी शरारतो से बाज आ चुका होगा |

3) अमूमन हर 6-12 साल में मकान बनेगा | मकान बनने को न रोके, जब भी बने बनने दे | मकान बहुत बनेगे |

4) जहर और तमाम साँप हमेशा इंसान को मारने का बहाना नहीं होते | शनि अब रात के समय सिरहाने बैठ कर रक्षा करने वाला अजदहा (अजगर, ड्रैगन) होगा जो जले हुए को आबाद करने वाली आँख का मालिक होगा | शनि का नेक असर इतना प्रबल होगा कि यदि साँप भी हाथो में आ जाए तो लड़ने के बजाए खेलता होगा | शनि स्वयं शेषनाग का साया करने वाला होगा | व्यापार, कबीला दोनों लाख पैमाने पर उत्तम दर्जे के होंगे | चाहे शनि अब करोडो रुपया देवे मगर वो छुपी हुई फ़रेबबाजी का आदी होगा | वह माया पर पेशाब की धार मारता होगा |

5) नंबर 2 में शनि के शत्रु न हो तो रात का पूरा आराम और सुख के लिए कलम विधाता की ताकत का स्वामी होगा |

6) राहु 3-6 और केतु 9-12 में हो और घर में पिछली अँधेरी कोठरी कायम हो तो उत्तम मच्छ रेखा का फल यानि धन-दौलत, परिवार देगा | ऐसे समय अमूमन मंगल भी नंबर 6 से 12 में होगा और उत्तम फल होगा |

7) राहु भी नंबर 12 में हो तो अब शनि तारने वाला इच्छाधारी साँप और राहु साँप की मणि होगा |

मंदी हालत में

1) अगर झूठ बोलने वाला, लोंड़ियाबाज, शरारती हो तो मंदा असर होगा | जुबान का चस्का बर्बादी का कारण होगा |

2) औरत की बीमारी के बाद मंदी सेहत और शनि का मंदा का प्रभाव शुरू होगा |

3) सूर्य नंबर 6 से शनि को देखे तो स्त्री पर स्त्री मरे खासकर जब मकान की पिछली दिवार फोड़कर मकान को रोशन कर लिया जाए | आँख में दर्द निशानी होगा | जमीन में लाल फूल दबाना सहायक होगा | उस कोठरी के दक्षिण-पूर्व की तरफ बादाम दबाना या रखना सहायक होगा |   

4) चंद्र-राहु नंबर 12 में हो तो चंद्र अब चुप होगा |

5) सूर्य का सम्बन्ध हो तो गुस्से की तबियत और राजदरबार सम्बन्ध में सूर्य-शनि का झगड़ा यानि साँप और बन्दर की लड़ाई का नजारा पैदा करेंगे |  

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant

लाल किताब शनि खाना नंबर 11

लाल किताब 

शनि खाना नंबर 11 


लिखे विधाता, स्वयं विधाता

दन्त कथा दुनिया से धर्मी जो डरता |
पकड़ पापी बेड़ी है खुद पार करता |

हर कोई 11 घर का ग्रह, डरता बुध तीजे से है |

नेक हालत में

1) शनि का नेक या बुरे होने का फैसला राहु-केतु की हालत पर होगा |

2) धनवान मगर आँखों की चतुरता और फरेब से धन कमाए | अमूमन 48 साला आयु (अच्छी या बुरी) का फैसला होगी | नेक हुआ तो मिटटी में भी हाथ डाल कर सोना कर देगा | अशुभ हुआ तो सोने को मिटटी कर देगा | मगर हर दो हालत में आई-चलाई चलती होगी |

3) शनि अब बच्चे की जन्म का हुक्म देने वाला स्वयं ही विधाता की तरह होगा | टेवे में संतान के योग चाहे मंदे हो मगर ऐसा प्राणी कभी लावल्द न होगा | शनि स्वयं किस्मत का हरदम राखा और पाप (राहु-केतु की स्याही) धोने वाला होगा | ऐसा व्यक्ति पक्का मर्द होगा | स्वयं की पैदा की हुई जायदाद शायद ही होगी मगर पिता से अमूमन जायदाद पाएगा | वह धर्म स्वभाव और धर्मी आँखों का स्वामी होगा |

4) शनि अपनी माता की कसम खाकर अब सबके गुरु बृहस्पति धर्म अदालत में न्याय करने का वचन देगा | जैसे राहु-केतु होंगे वैसा ही अपने धर्म-ईमान से फैसला करेगा | उत्तम ग्रह को जल्दी-जल्दी बढाकर स्वयं बढ़ेगा जब तक बुध नंबर 3 में न हो |

5) अगर गुरु साथ-साथी हो तो शनि स्वयं धर्मी होगा खासकर जब टेवा धर्मी हो यानि राहु-केतु नंबर 4-10 में या चंद्र के साथ हो | लेकिन अगर गुरु मंदा हो तो खाना नंबर 3 बुनियाद होगा | अगर नंबर 3 खाली हो तो शनि सोया हुआ होगा लेकिन तख़्त में आने के दिन से शनि का फैसला बहाल होगा और नेक फल देगा और 84 साल तक सहायता देता रहेगा | 11-23-36-48-57-72-84-94-105-119 (प्रिंटेड और इंटरनेट वाली  किताब में मिसप्रिंट है)

6) सूर्य-मंगल नंबर 10 और चंद्र नंबर 6 या सूर्य नंबर 1 और चंद्र नंबर 2 में हो तो राजदरबार, माया दौलत सब उत्तम और खुद राहु-केतु भी पाप की स्याही धो देंगे |

7) शुक्र नंबर 7 में हो तो आम लोगो के फायदे और आराम की पूरी ताकत और नेक प्रभाव और खुद भी आराम पाए |

8) पानी का भरा हुआ मिटटी का घड़ा किसी भी शुभ काम को करने से पहले बतौर कुम्भ रख लेना अति उत्तम होगा खासकर जब नंबर 3 खाली हो |  

मंदी हालत में

1) खाना नंबर 11 का शनि जब भी तख़्त पर आएगा तो मंदा होता हुआ भी नेक फल देगा |

2) अंडे ही खा जाने वाला साँप बच्चे कहाँ छोड़ेगा | शनि की खुराक यानि शराबखोरी से शनि का नेक प्रभाव समाप्त होगा और मंदे समय की साधारण लहर होगी | अपना बनाया मकान पिछली अवस्था 54-55 साल में कायम होगा | लेकिन अगर पहली अवस्था शनि की आयु 36-39 साल से पहले मकान बना ले तो उसी मकान में लम्बे समय तक बीमार रहकर मौत होगी | अपनी संतान और गृहस्थी जिम्मेदारियों की बेड़ी को समुन्द्र के बीच मझदार में छोड़ कर मर जाएगा और उसके परिवार की आँहों को सुनने वाला शायद ही कोई संसारी गृहस्थी सहायक होगा या हो सकेगा |

3) दक्षिण के दरवाजे का साथ हो तो धन का मंदा हाल होगा | टेवे वाला जब ऐयाश जनाही (व्यभिचारी) हो और शराबखोरी को अपना फर्ज ही बना ले तो अपना जिस्म, आयु और शनि का मंदा प्रभाव होगा | दन्त कथा, अफवाहे मंदे समय की पहली निशानी होगी | ठीक तो यही होगा कि जब कभी मौका आए तो शराब को मुँह में डालने के बजाए जमीन (मिटटी) पर गिरा दिया करे तो इस उपाय से शनि का नेक प्रभाव होगा | उत्तम यही होगा कि शराब को राम नाम सत्य कह देवे |

4) बुध की चीजे, रिश्तेदार, काम का मंदा हाल होगा और हानिकारक होगा |  फरेब और बेईमानी का पैसा अपने लिए कफ़न का बहाना होगा | अपने जन्म से पहले के मकान के दरवाजे का रुख बदल देना जैसे पूर्व से पश्चिम या उत्तर से दक्षिण यानि उलटी तरफ (खासकर दक्षिण की ओर) मंदा फल देगा और मातम का जमाना देगा |

5) चाहे विद्या अधूरी मगर धन दौलत भला ही होगा | बेशक ज़माने की उतार-चढ़ाव देखेगा मगर गुजारा मंदा न होगा |

6) बुध नंबर 3 और गुरु नंबर 9 में हो तो तीनो ही निष्फल और मंदे असर के साबित होंगे | बुध, शनि और गुरु का फल मंदा करके खुद भी मंदा फल देगा | उम्र को मंदा न करेगा |

7) मंदी सेहत के समय स्त्री से कम से कम एक साल दूर रहे नहीं तो बिमारी तीन साल के लिए आगे बढ़ जाएगी

8) बुध दबा हुआ या मंदा हो तो शनि बेकार और निष्फल होगा |

9) राहु-केतु की चीजों के मंदे असर के समय मंगल का उपाय सहायक होगा और उपाय के दिन से एक साल लंगोट पर काबू रखे | अगर गुरु निकम्मा हो यानि किसी भी बड़े बुजुर्ग आदि का साथ न हो तो पुरोहित का उपाय सहायक होगा | मंदे समय गुरु का उपाय करे | अगर शनि जाति असूल के हिसाब से मंदा हो तो शनि का उपाय करे | कुम्भ यानि पानी का घड़ा कायम रखना सब ही मंदी हालातो में नेक फल देगा |

साधारण उपाय

शनि की पानी की तरह बहने वाली चीजे जैसे सरसो का तेल, शराब, स्पीरिट आदि सुबह सूरज निकलने के समय जमीन पर गिराने से राजदरबार, गृहस्थी हालत और आमदन के सम्बन्ध में खरीबियों से बचाव देगा |

घर में चाँदी की ईंट रखने से धन की बरकत होगी | 

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant 

Wednesday, 24 October 2018

लाल किताब शनि खाना नंबर 10

लाल किताब 

शनि खाना नंबर 10


लेख का खाली कोरा कागज़

परछाई दिल की आँखों पे इज्जत करेगा |
कदम पर कदम आगे बढ़ता चलेगा |

मालिक नजर ग्रह मंडल होता, दौलत शहाना पाता हो |
नेक असर खुद अपना देगा, दूजे गुरु आ मिलता हो |

नेक हालत में

1) खाना नंबर 10 का शनि अगर खाना नंबर 1 के ग्रह का सहायक हो तो 2 गुना उत्तम वरना नंबर 10 का शनि नंबर 1 के ग्रह का 2 गुना शत्रु होगा |

2) पिता का साथ कम से कम 48 वर्ष तक होगा | शनि तीसरे साल से शुरू हो कर हर सातवे साल हर तरह से मान, धन, बरकत देगा और खुद शनि और गुरु का उम्दा प्रभाव होगा | 3-9-15-21-33-39-45-51-57-63-69-75-81-87-93-99-105-111-117 |

3) शनि अगर अकेला हो तो उम्र का हर तीसरा साल उत्तम होगा | शनि न सिर्फ चारो तरफ देखने वाली आँख का स्वामी या सहायता करने वाला भाग्य का कोरा कागज़ (शुभ अर्थो में) बल्कि तमाम ग्रहों की दृष्टि का स्वामी और उनके लिए पिता समान होगा |

4) वृक्ष, जंगल, पहाड़ तरह तरह की जायदाद का स्वामी, ध्वजाधारी की तरह शाही धन होगा | आसमान तक ऊँचा धन पाकर आखिरी समय ऐसा गिरेगा कि उसको ढूंढ़ना कठिन होगा विशेषकर जब वो धर्मात्मा हो | लेकिन अगर शनि के स्वाभाव वाला हो (साँप की तरह चौकन्ना, चालाक, होशियार) और दूसरों पर कठोर हो तो शनि खुद शेषनाग वाले सिंहासन की तरह सहायक होगा | एक भारी बड़े पहाड़ की तरह एक जगह पर स्थिर हो कर काम करने वाला हो यानि कोई ऐसा काम करता हो जिस में टिक कर बैठा रहना पड़ता हो तो फायदेमंद होगा | लेकिन अगर घूमने-फिरने का काम करता हो तो मुर्दा साँप की तरह हर एक पाँव के नीचे आता होगा यानि मंदा फल होगा | केतु बुरा हो तो बेशक मगर राहु और शनि बुरा फल न देंगे |

5) पिता की उम्र लम्बी होगी | टेवे वाले की कम से कम 39 या 48 साल आयु तक पिता का साथ होगा और टेवे वाले की अपनी उम्र 90 साल के करीब होगी | राजदरबार, ससुराल, मंदिर, समाज आदि हर जगह पर टेवे वाले का मान-सम्मान होगा | वो उम्दा फ़क़ीर की झोली की किस्मत (जिसका भेद न खुले) का स्वामी होगा जिसका फैसला खाना नंबर 11 से होगा |

6) जिस कदर दुसरो का मान करे उस कदर ही अपना मान भी बढ़ता जाए |

7) शून्य, बुध का गोल दायरा और गुरु का सीधा डंडा 1, मिलाकर देखा तो नंबर 10 यानि दोनों मिले हुए | बुध, गुरु के खाली आकाश का ब्रह्माण्ड होगा जिसमे शनि (त्रिशूल) की निशानी होगी | पिता को मान दिलवाएगा | जादू की विद्या का स्वामी और आँखों से सुन लेने की शक्ति वाला होगा |

8) जब तक शराब न पिए, शनि की बरकत बढ़ती होगी | उसका भेद किसी को प्रकट न होगा | अगर 48 साल उम्र तक मकान न बना पाए तो शनि मकान की कीमत के बराबर धन देता जाएगा | लेकिन मकान बन जाने पर शनि अपना बिस्तर समेट कर चला जाएगा | यानि मकान बन जाने के बाद शनि मकान बनाने के लिए फालतू धन जमा न होने देगा | इसका अर्थ यह नहीं है की मंदा फल देना शुरू कर देगा |

9) चंद्र नंबर 1 और गुरु नंबर 4 में हो तो हर तरह से ऐश व सवारी का आराम देगा |

10) बुध जब वर्षफल में नंबर 7 में आए तो ससुराल खानदान अमीर होंगे और धन देंगे |

11) नंबर 2 खाली हो तो चाहे शनि सोये हुए साँप की तरह होगा मगर फिर भी अच्छा फल देगा |

12) शनि जागता हो तो नेक और उत्तम फल होगा |

मंदी हालत में

1) दाढ़ी या मूंछ के बाल कम या बिलकुल साफ़ हो तो कम होंसला, उसकी पैदा की हुए जायदाद न होगी | नंबर 10 में शनि यूँ तो मंदा होता ही नहीं है लेकिन अगर मंदा हुआ तो खूनी अजदहा (अजगर, ड्रैगन) होगा |

2) शत्रु ग्रह सूर्य, चंद्र, मंगल या कोई ओर मंदा ग्रह साथ-साथी हो तो सभी ग्रह अंधे बल्कि शनि खुद भी अँधा होगा 

3) नंबर 4 मंदा या नंबर 4 में शत्रु हो तो हथियारों से हत्या करने से 27 साल धन दौलत का मंदा समय होगा | जब शनि  मंदा हो तो गुरु की मदद सहायक होगी |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant 

Tuesday, 23 October 2018

लाल किताब शनि खाना नंबर 9

लाल किताब 

शनि खाना नंबर 9 


कलम विधाता | मकान मर्दा |

सोया रात निर्धन चले जब सवेरे |
उठता नहीं कोई घर बार तेरे |

जागीर मालिक और भारी कबीला, पुश्त तीनो तक चलता हो |
बुरा वो यहाँ कभी न करता, बुध कोढ़ी (खाना नंबर 3 के बुध से) से डरता हो |

 नेक हालत में

1) पुरुषो और मकानों के लिए कलम विधाता (बहुत उत्तम और और नेक अर्थो में) | शनि की मियाद पर या दुनिया से कूच के आखिरी समय तक तीन मकान कायम होंगे | या दूसरे शब्दों में कहे तो तीन मकान कायम हो जाना आखिरी वक्त की निशानी होगा |

2) पहाड़ी हवा या प्रबल पहाड़ो की पंक्ति की तरह उत्तम और हरा-भरा करने वाली आँख का मालिक | सफर का सामान तथा विद्या, मकान की विद्या में कामयाब, हमदर्द और सुखी होगा |

3) भारी कबीला, जगीरो का मालिक, सदा सुखी, लम्बी उम्र, माता-पिता का सुख उत्तम होगा | किसी हालत में कर्ज छोड़ कर न मरेगा | तीन पुश्त बाबा, बाप, पोता हरदम कायम का स्वामी | शनि कभी मंदा असर न देगा | 60 साल तो जरूरी बल्कि सारी उम्र उत्तम प्रभाव होगा मगर शर्त यह है कि टेवे वाला परोपकारी हो क्योंकि शनि, गुरु के घर में बैठा है | माता-पिता  के बाद अगर तकलीफ हो तो गुरु का उपाय सहायक होगा | बाकी संसार में शत्रु उसे काटने वाले साँप की तरह मारने को दौड़ेंगे | घर में जन्म का गड़ा हुआ पत्थर शुभ फल देने की निशानी होगा |

4) शनि जब तक उत्तम बैठा हो शुक्र कहीं भी हो वो (शुक्र) शनि के सम्बन्ध में शुक्र नंबर 2 का दिया उत्तम फल देगा | लेकिन अगर शुक्र हो ही नंबर 2 में तो शनि 9 गुना नेक फल देगा | मगर चंद्र भाग हर दो हालत में मंदा ही होगा |

5) बुध नंबर 6 या शुक्र नंबर 7 में हो तो तीनो का प्रभाव उत्तम होगा | | लोगो के आराम के कामो से फायदा होगा | स्त्री अमीर खानदान से होगी |

6) शत्रु (सूर्य,चंद्र,मंगल) नंबर 3 में हो तो कोई मंदा असर न देंगे | लेकिन अगर घर की पिछली अँधेरी कोठरी में रौशनी कर दी जाए (दिवार तोड़ दी जाए) रोशनदान खासकर दक्षिण में तो तीन साल में सब कुछ बर्बाद होगा |  

7) जब नंबर 2 खाली हो तो दुष्ट, भाग्यवान जिसके धन से सड़े हुए मुर्दे की बदबू आए या धन-दौलत के होते हुए भी मंदे जीवन का स्वामी हो |

8) गुरु नंबर 5 में हो तो संतान का हाल मंदा न होगा |

9) शत्रु 3 में हो तो कुदरत की और से कोई बुरी घटना, मृत्यु आदि दुःख देने वाली न होगा |

10) चंद्र नंबर 4 में हो तो माँ-बाप दोनों की तरफ से उत्तम भाग्य, भला लोग होगा | स्त्री अमीर खानदान से और अच्छे भाग्य वाली होगी |

11) सूर्य 5 में हो तो दुसरो से हमदर्दी और पिता-पुत्र की आपस में ठीक बनी हुए होगी | अब सूर्य और शनि का झगड़ा न होगा | (किताब में, माता-पिता की ठीक बनी हुए होगी, ऐसा लिखा है)

12) गुरु नंबर 12 में हो तो चाहे माया ज्यादा पर माया पर पेशाब की धार मारने वाला होगा |

मंदी हालत में

1) माथे पर या पाँव पर बाल हो तो मन्दभाग्य होगा |

2) किसी निर्धन को रात को भी अपने मकान में आराम नहीं करने देगा | उसे डर होगा कि कहीं वह उसका घर-बार ही उठा कर न ले जाए |

3) बच्चे (टेवे वाले) के माता के पेट के वक्त का बनाया या ख़रीदा मकान पिता को शनि की मियाद में जिन्दा न छोड़ेगा | राजदरबार में धीरे-धीरे कछुए की चाल की तरह तरक्की लेगा |

4) छत पर चौखट, ईंधन, लकड़ी आदि मंदे असर की पहली निशानी होंगे | मंदे समय गुरु का उपाय काम देगा |

5)  केतु नंबर 5 में हो तो अब संतान पर बुरा असर न होगा | बल्कि पूरी मच्छ रेखा यानि, धन-दौलत, परिवार देगा | 9 लड़के, 3 लड़कियाँ हो सकती है |

6) मंगल नंबर 4 में हो तो शनि खाना नंबर 9 को जलाएगा | घर-बार और सारी दुनिया को फूंक देगा | प्लेगी चूहे की तरह बीमारी, लानत की मंदी हवा फ़ैलाने वाला होगा |

7) नंबर 2 खाली हो तो ऐसा व्यक्ति अमीर तो होगा मगर दुष्ट, मंद भाग्य जो दुसरो के कफ़न तक बेच कर दौलत इकट्ठी कर लेगा |

8) जब राहु-केतु किसी भी तरह शनि से आ मिलते हो तो शनि बिना नींव के घूमता पत्थर होगा | साहूकार से गरीब हो चूका निर्धन प्राणी अपने ही मन की दलील करता रहता और किनावरी (रंजिश, शत्रुता, हठ)  से गर्क होता रहता होगा | वह अपनी संतान के जन्म के रास्ते में भारी मनहूस मंदा पत्थर फँसा रहा होगा | शनि खाना नंबर 5 में संतान को मारने के लिए एक जहरीला साँप माना है यानि पैदा हुए बच्चो को मारता है | मगर नंबर 9 का शनि संतान पैदा होने में ही बड़ी रूकावट है | संतान देर से होती है | नंबर 9 का शनि पैदा हो चुकी संतान पर हमला नहीं करता |

9) टेवे वाला खुद बदला लेने वाले स्वभाव का होगा वरना संतान को बदला लेने के लिए नसीहत कर जाने वाला होगा | आग की घटनाएँ होंगी | गुरु की चीजे (सोना, हवाई, पिला रंग), चंद्र की चीजे (चाँदी, कपडे के काम) और गुरु के कामो से लाभ मगर शनि की चीजे, काम मंदा फल देंगे |       

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant 

लाल किताब शनि खाना नंबर 8

लाल किताब 

शनि खाना नंबर 8

हेडक्वार्टर 

ख़ुशी जन्म की उसकी क्या वो करेगा | 
जन्म से ही जिसके हो मातम पड़ेगा | 

नेक हालत में 

1) तकब्बुर (घमंडी) और खुद-पसंदी का मालिक होगा | 

2) साँप और चोर मुर्दा भी हो तो उससे डर ही लगेगा | खाना नंबर 8 शनि अपने हेडक्वार्टर में होगा जिसका कुछ पता नहीं कि भला असर दे या मंदा | शनि का असर शक्की ही होगा | ऐसा व्यक्ति अपना भला हरेक के भले में मानने वाला होगा | बिल में घुसे साँप की तरह शनि अपने हेडक्वार्टर में अकेला बैठा मौत के वारंट जारी करने वाला स्वयं ही पूरा जज, हाकिम होगा | 

3) जैसी बुध, राहु, केतु की चाल वैसी ही शनि की चाल होगी | शनि अब अपने एजेंटो के एतबार पर काम करेगा | मगर स्वयं शनि का जाति असर वैसा होगा जैसा टेवे में मंगल बैठा हो | अकेला शनि कभी मंदा न होगा | यह घर अब मारक स्थान के बजाए शनि का हेडक्वार्टर होगा | 

4) चंद्र का उपाय, चाँदी का चौकोर टुकड़ा अपने पास रखने से शनि की असलियत का पता चलेगा | 

5) शनि की चीजे न मंदी होगी न शनि का असर मंदा होगा मगर शर्त यह नहीं कि भला होगा | समय के अनुसार जैसा मुनासिब होगा, बदल जाएगा | जब शनि अकेला हो | 

मंदी हालत में 

1) शराब से परहेज शनि का असर मंदा न होने देगा | 

2) छाती पर ज्यादा बाल तो उम्र भर गुलामी में गुजार दे | 

3) इस घर में शनि के साथ जितने ग्रह हो उतनी ही मौते हो जाने के बाद ऐसा व्यक्ति जन्म लेगा | मंदी हालत में चंद्र का उपाय यानि खालिस चंडी का चौकोर टुकड़ा अपने पास रखना या पत्थर पर बैठ कर दूध से स्नान करना शुभ होगा | यानि मिटटी पर बैठ कर स्नान न करे | जब कभी स्नान करे अपने पाँव तले कोई न कोई चीज रख ले चाहे कंकर, पत्थर ही क्यों न हो ताकि पाँव का तलवा कच्ची जमीन को न लगे | 

4) शत्रु ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल) साथ या साथी हो तो शनि खुद ही इतना मंदा होगा कि मौत ही मौत खड़ी करेगा | बुढ़ापे में नजर का धोखा होगा | 

5) खाना नंबर 12 खाली हो तो कुल उम्र बल्कि आखिरी वक्त तक धन की कमी और दुखिया रहे | ऐसे टेवे वाले के जन्म लेते ही दूसरे साथी ग्रहों से सम्बंधित करीबी सम्बन्धियों को कब्र में जाना पड़े | बुढ़ापे में नजर का धोखा होगा | 

शनि के मंदे असर का रुख किस तरफ होगा : 

राहु को सिर और केतु को दुम मान कर एक साँप की शक्ल बनाए | राहु बैठा होने वाले घर से आगे जिस भी खाने में सीधी रेखा जा सकती हो उस घर पर शनि का असर होगा | अच्छा या बुरा जो भी जन्म कुंडली या वर्ष कुंडली में हो | दुम केतु पहले घरों का हो तो शनि का प्रभाव उत्तम तथा सहायक होगा |  

टेवे वाला सराय या ऐसा मकान बनवाए जहाँ आम मुसाफिर मुफ्त आराम करेशनि नंबर 8 वाले को बेघर कर के तंग हाल में डाल देगा खासकर जब शनि मंदा हो  

खाना नंबर 8 में शनि मंदा हो कर बैठा हो तो टेवे वाला जब मकान बनाना शुरू करे तो मौते गरजने लगे | शनि राहु - केतु की अच्छी या बुरी हालत के हिसाब से असर देगा | अच्छा होगा 48 साल तक अपने नाम पर मकान न बनाए | 

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant