लाल किताब
केतु खाना नंबर 1
हर समय बच्चे बनाने वाला, सारे शहर के बच्चो की फ़िक्र में गलता होगा
रिजक तेरा जब तुझको है आज मिलता |
लंगोटा फ़िक्र कल का क्यों तू ढीला करता |
नेक हालत में
1) चाहे सफर के लिए हुक्म और उसका फ़िक्र हर समय साथ लगा हुआ और तबदीली के लिए हर समय तैयारी होती होगी और बाकी सब हालात भी तैयार हो गए मगर आखिर में सफर न होगा |
2) राजा का चलन कौन रोके के नाम पर हर समय नए बच्चे बनाने वाला होगा | सारे शहर के बच्चो की फ़िक्र में मरता हो | दौलत और कामदेव की बेहयाई एक साथ बढ़ते होंगे | उसका आज का रिजक कोई रोक नहीं सकता इसलिए उसे कल का फ़िक्र न होगा, जिसके डर से बार-बार दम खुश्क होता रहे |
3) अब सूर्य का असर अच्छा होगा चाहे खाना नंबर 6 - 7 में हो या वैसे ही मंदा हो रहा हो | केतु जब कभी वर्षफल के हिसाब से नंबर 1 में आए, लड़का, दोहता, भांजा पैदा होने की निशानी होगी | केतु कैसा भी मंदा हो, गुरु का प्रभाव उत्तम ही होगा | दरवेश (फ़कीर) सेवा, दर्जा खुदाई और पिता (गुरु) के चरण धोता और पिता के मंदे समय में हर प्रकार की सहायता देगा |
4) मंगल नंबर 12 में हो तो केतु का नंबर 1 पर कभी मंदा प्रभाव न होगा |
5) सूर्य नंबर 6-7 में हो तो अब सूर्य नीच न होगा | मगर लड़को को बुध के समय (कच्ची शाम) और केतु के समय (सवेरे तड़के) सूर्य की चीजे जैसे गुड़ या बाजार में खाने-पीने के लिए या खर्चने के लिए ताम्बे का पैसा देना विष के समान होगा |
मंदी हालत में
1) केतु नंबर 1 में बैठा हुआ फर्जी फ़िक्र दिया करता है | नंबर 1 में बैठा चाहे नंबर 6-7 पर बुरा असर करे तो बेशक मगर सूर्य पर कभी बुरा असर न देगा | शादी के बाद, जब केतु मंदा हो, तो शनि जरूर सहायता देगा यानि शनि का उपाय सहायक होगा | वरना केतु ऐसा मंदा होगा कि गुरु (पिता) को भी काट खाए | पैदाइश जद्दी घर से बाहर (परदेश, सराय, मुसाफिरखाना, नानका घर आदि) होगा और जिस घर में जन्म होगा उस घर पर (जद्दी मकान में नहीं) मंदा तूफ़ान खड़ा हो जाएगा | पडोसी घर पर भी मिटटी उड़ती होगी |
2) मंदे समय की निशानी बुध से सम्बंधित वस्तुओं से शुरू होगी फिर शुक्र (खुराक, घर की चीजे) और फिर बाद में मंगल (खून मंदा या जहरी होकर) और आखिर में गुरु की हवा में भी मिटटी भर देगा जो इधर-उधर फर्जी चक्र में दौड़ने का बहाना होगी |
3) खाना नंबर 2-7 खाली हो तो बुध और शुक्र दोनों का मंदा हाल होगा |
4) सूर्य नंबर 7 में हो तो मंदी सेहत, खासकर जब दोहता / पोता पैदा हो |
S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant