लाल किताब ग्रह और पक्के घरो के सम्बंधित वस्तुएँ, रिश्तेदार, कारोबार और पेवस्ता (मिला-जुला) फल
खानावार वस्तुएँ
9 ही ग्रहों के अलग अलग खानो में बैठने से उस खाना और ग्रह की मिश्रित वस्तुएँ, रिश्तेदार, कारोबार होंगे | अगर नेक फल हो तो वह चीजे फायदा देगी और मंदा फल हो उनसे परहेज करना बेहतर होगा | मसलन सूर्य राजयोग हो कर नंबर 4 में बैठा हो तो खाना नंबर 4 की चीजे और साथ ही सूर्य नंबर 4 के चीजे, रिश्तेदार, कारोबार वगैरा उत्तम होंगे |
जब कोई खाना खाली हो तो उसको जगाने के लिए ग्रह के मुतल्लका चीजों की जरूरत हो वह भी इस सूची से मदद मिल सकती है | जब किसी ग्रह का फल किसी घर में बुरा लिखा हो तो उस ग्रह की चीजों से परहेज करना ठीक होगा | मसलन शुक्र 9 का फल अमूमन धन हानि हुआ करता है | इसलिए जब किसी का शुक्र वर्षफल में नंबर 9 में आए तो उस वर्ष सफ़ेद दही रंग गाय से परहेज करे | किस का शुक्र जन्म कुंडली में ही नंबर 9 का हो तो उसे तमाम उम्र ही सफ़ेद दही रंग गाय कोई नेक फल न देगी | अगर ऐसे टेवे वाले का वर्षफल में भी नंबर 9 में आ जाए और उस वर्ष नई सफ़ेद गाय खरीद कर लाई जाए तो सिर पर कफ़न बांधे हुए मुसीबत पर मुसीबत और नुक्सान पर नुक्सान (आर्थिक) होगा |
ग्रहो की जो चीजे सूची में लिखी है वो अगर नेक या बुरे फल की साबित हो तो उनका नेक या बुरा फल मिलना जरूरी तभी होगा जब उनकी चीजे घर में कायम भी हो और कायम भी उस वक्त हो जाए जब वह ग्रह वर्षफल के मुताबिक उसी घर में वापिसआ जाए |
खानावार वस्तुएँ
9 ही ग्रहों के अलग अलग खानो में बैठने से उस खाना और ग्रह की मिश्रित वस्तुएँ, रिश्तेदार, कारोबार होंगे | अगर नेक फल हो तो वह चीजे फायदा देगी और मंदा फल हो उनसे परहेज करना बेहतर होगा | मसलन सूर्य राजयोग हो कर नंबर 4 में बैठा हो तो खाना नंबर 4 की चीजे और साथ ही सूर्य नंबर 4 के चीजे, रिश्तेदार, कारोबार वगैरा उत्तम होंगे |
जब कोई खाना खाली हो तो उसको जगाने के लिए ग्रह के मुतल्लका चीजों की जरूरत हो वह भी इस सूची से मदद मिल सकती है | जब किसी ग्रह का फल किसी घर में बुरा लिखा हो तो उस ग्रह की चीजों से परहेज करना ठीक होगा | मसलन शुक्र 9 का फल अमूमन धन हानि हुआ करता है | इसलिए जब किसी का शुक्र वर्षफल में नंबर 9 में आए तो उस वर्ष सफ़ेद दही रंग गाय से परहेज करे | किस का शुक्र जन्म कुंडली में ही नंबर 9 का हो तो उसे तमाम उम्र ही सफ़ेद दही रंग गाय कोई नेक फल न देगी | अगर ऐसे टेवे वाले का वर्षफल में भी नंबर 9 में आ जाए और उस वर्ष नई सफ़ेद गाय खरीद कर लाई जाए तो सिर पर कफ़न बांधे हुए मुसीबत पर मुसीबत और नुक्सान पर नुक्सान (आर्थिक) होगा |
ग्रहो की जो चीजे सूची में लिखी है वो अगर नेक या बुरे फल की साबित हो तो उनका नेक या बुरा फल मिलना जरूरी तभी होगा जब उनकी चीजे घर में कायम भी हो और कायम भी उस वक्त हो जाए जब वह ग्रह वर्षफल के मुताबिक उसी घर में वापिसआ जाए |
खाना नंबर | अंदर की सिफ़ते | शारीरिक शक्ति | मकान के अंदर | हवाई शक्ति |
|---|---|---|---|---|
| 1 | परोपकार, पुराने रस्मो को पसंद करना | भूख, गर्मी | चारदीवारी, जमीन के कोने | नाम किस हैसियत का होगा |
| 2 | ज्ञान, नेकी, मोह-माया | नींद, ऐश | किस किस्म का मकान, घर, बैठक या दूकान | शान और धन, शरीफाना |
| 3 | दृष्टि का असर, चोरी, ऐयारी (धूर्ता, चालाकी), बीमारी | जागृत शारीरिक | रहन-सहन का सामान | कर्जे की अदायगी, बहादुरी |
4 | शांति दिली, हौंसला | सर्दी जिस्म | खाली तह जमीन, या पानी की जगह | हक़ पितृ |
5 | ईमानदारी, अच्छी प्रसिद्धि | बेदारी (जागरूक) दिमाग | हवा रोशनी का सम्बन्ध | हक़ बेटे का |
6 | फोकी हमदर्दी, अपने लाभ के लिए दूरदर्शी, अंदर की अक्ल शारीरिक शक्ति | रवाब (सम्बन्ध) खुश्की, जिस्म हाजमा | अंडरग्राउंड का हिस्सा | साफ़ सुथरा बर्ताव, साहूकारा |
7 | शरीर अंदरूनी अक्ल दुसरो के लाभ के लिए | शारीरिक ताकत | पलस्तर सफ़ेद, मकान की मुंडेर (छत की दिवार का वह भाग जो ऊपर उठा होता है) | दुनियावी दिखावा |
8 | खुद मंदी करतूत करे | पित्त, मेदा, बदहजमी | छत व आग की जगह | मंदा हानि, अन अरण्ड वेल्थ |
9 | धर्म-कर्म, परोपकार, ज्ञानी | जागृत रूहानी शक्ति | हर भाग की अंदरूनी माप | नेक काम में लगे रहना |
10 | चालाकी, मक्कारी, होशियारी, बुरा नाम | आम सेहत, काली खाँसी | लोहा, लकड़ी, ईट, पत्थर मलबा आदि | दिखावे का बर्ताव |
11 | होशियारी, होश शुभ | लापरवाही | जाहिरदारी मकान | लालच |
| 12 | खुशामद, नेकी बदनामी अपनी | थोड़ा खर्च | आबाद वीराना | आशीष, श्राप या अचानक पैदा होना |
खाना नंबर | धन-दौलत की किस्म | सम्बंधित सामन | उमर के हिस्से | |
|---|---|---|---|---|
| 1 | खुद पैदा की हुई | सवारी रथ मोटर गाड़ी | उम्र का पहला हिस्सा बचपन से 25 साल उम्र | |
| 2 | बचत अपनी कमाई, स्त्री धन, संन्यास का धन | गैस, मिटटी के सामान | ज़माने की हवाई वाकफियत | |
| 3 | दूसरे सम्बन्धियों का धन | लड़ाई-झगड़ा | पहली ऊँगली तर्जनी को तीनो राशियों को इकट्ठे लिया | |
4 | धन निकलने के स्त्रोत | बजाजी, पानी या दूध | उम्र का दूसरा हिस्सा 25 से 50 साल | |
5 | संतान व विद्या का धन | बुद्धि, राजदरबार सम्बन्धी | गृहस्थी परिवार उन्नति, खुद कमाई वगैरा और सूर्य का जमाना | |
6 | सम्बन्धियों का धन | पक्षी सम्बन्धी व्यापार हवाई, गोबर | हर एक ऊँगली की तीनो गांठो तीनो लोक या तीनो ज़माने | |
7 | फ़ालतू माया पराई दौलत खुद के लिए | खेती के व्यापार, हाजिर माल | उम्र का तीसरा हिस्सा 50 से 75 वर्ष | |
8 | हानि, बेआसरी माया | सर्जरी सम्बन्धी बीमारियाँ | साधुपन की उपदेश, संन्यास | |
9 | पूर्वजो की बचत | धर्म-कर्म कार्य, हकीमी सम्बन्धी | गृहस्थियों को उपदेश का जमाना बुढ़ापा संन्यास | |
10 | पिता का धन, जायदाद | अन्न मशीन | उम्र का चौथा हिस्सा 75 से 100 वर्ष | |
11 | आमदन | आम लोगो के आराम की जगह से सम्बंधित | आखिरी अवस्था | |
| 12 | माया तथा स्त्री सुख | ऐश से सम्बंधित |












