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Thursday, 11 October 2018

लाल किताब मंगल खाना नंबर 12

लाल किताब

मंगल खाना नंबर 12

दिया मीठा लोगो, चाहे मीठा खिलाया |
कमी जर न दौलत, सभी कुछ हो पाया |

नेक हालत में

1) अब नंबर 1 में बैठा हुआ ग्रह चाहे कैसा भी हो बुरा असर न देगा | बुध और केतु भी नंबर 1 में बुरा फल न देंगे |  ऐसा व्यक्ति गरम स्वभाव वाला, स्वतंत्रता का स्वामी होगा | राहु का भी टेवे में मंदा असर न होगा | बल्कि राहु चुपचाप ही होगा |

2) गरजता हुआ शेर, कड़कती तलवार का स्वामी, शत्रु को पकड़ने और दबाने की शक्ति और दमकते परिवार का स्वामी होगा | बृहस्पति (साधु, गुरु) की पालना सेवा करने वाला या गुरु चरणों का ध्यान रखने वाला होगा | धन खजाना चाहे हाथ में हो या न हो मगर रात की नींद का बेआराम न होगा |

3) वह सुख का राजा होगा चाहे जन्म किसी निर्धन की कुटिया या उजड़े घर में ही क्यों न हो | हाथी (खाना नंबर 12 राहु का पक्का घर) के लिए महावत (मंगल) होगा | साधू (खाना नंबर 2 गुरु का पक्का घर) के लिए समाधि (खाना नंबर 12) होगा | शेर के साथ गाय, कुत्ता, बकरी रखने की शक्ति का मालिक होगा यानि उसका स्वाभाव ऐसा होगा | अब बुध और पापी ग्रहो की तरफ से मंदा असर न होगा सिवाय बुध 3-8-9-12 के जहाँ वो शक्की ही होता है | सारे टेवे में सब ग्रह नेक हो कर चलेंगे और नंबर 1-3-8-11 के ग्रह अब कभी मंदा असर न देंगे मगर केतु (कुत्ता) की भौ -भौ भोंकने की आदत और बुध (बकरी) की दूध देते समय मेंगने डाल देने की आदत को छोड़ नहीं सकते सिवाय 1-3-8-11 जहाँ उनको भी चुप होना पड़ेगा |

4) 24/28 साला आयु या जब पहला लड़का या दूसरा भाई पैदा हो तो उत्तम फल होगा |

5) जब केतु नंबर 3 या गुरु मंगल साथ में हो या गुरु नंबर 2 में हो या गुरु, शुक्र और केतु 1-3-8-11 में हो तो निर्धन को धन और अमीर को सिंहासन मिलेगा | हरदम बड़ा परिवार होगा | लोह-लंगर सवाया होगा | आयु अच्छी होगी | यहाँ तक की कब्र से भी जिन्दा वापिस आए या फाँसी पर लटके हुए के पाँव तले तख़्त दे कर उसके प्राणो की रक्षा करने वाला होगा | शत्रु उसके भय से गारों (गुफा) में छुप कर गुजरा करेंगे |

6) सूर्य नंबर 3-11 में हो तो मौत और बीमारी से सदा बचाव होता रहेगा जब तक नंबर 11 का ग्रह नंबर 8 का शत्रु न हो |       
      
  
मंदी हालत में

1) जब बुध नंबर 3-8-9-12 तो बुध अपना मंदा असर बहाल रखेगा और मंगल का उस पर कोई जोर न चल सकेगा | | 

2) जब सूर्य मंदा हो तो मंगल का बुरा असर होगा | सूर्य का मंदा असर सबसे पहले नंबर 3 पर फिर नंबर 1 पर और फिर नंबर 11 पर होगा |

3) जब बुध नंबर 4-8 में हो (और मंगल का चंद्र, सूर्य से सम्बन्ध न हो) तो मंगल चाहे 12 चाहे 6 में हो, पहले खुद छोटी आयु में गुजर जाए और बाद में माता भी गुजर जाए |

मंगल बद के समय निम्नलिखित हालत आम होगी

1) साँस की मंदी हालत (गुरु से सम्बंधित), स्त्री दुःख या माया की कल्पना (शुक्र), संतान की कमी, दुःख (केतु), शत्रुओं की गुमनाम शरारते, फिजूल खर्चा, जहमत बीमारी (राहु से सम्बंधित), अक्ल की बारीकी की कमी, व्यापार, व्यवहार (बुध) मंदा, मकान अपना या दुसरो का, साजो सामान (शनि से सम्बंधित) दुःख होंगे |

मंगल (तलवार) को बुध (दलील) से प्यार नहीं | बेफ़कूफी का ठेकेदार, बेफ़कूफी के कामो में धन बर्बाद होगा | स्त्री सुख नष्ट होगा | व्यापार मंदा | दृष्टि की शक्ति का भी बुरा असर होगा यानि यदि अँधा नहीं तो काना जरूर होगा और मरते समय अँधा हो कर ही मरेगा | जन्म पर बड़ा भाई मौजूद होगा (ज्यादा से ज्यादा दो बड़े भाई) | मगर उसकी 28 साल आयु आते आते खुद ही बड़ा हो जाएगा यानी भाई न रहेंगे | ऐसा भी हो सकता है कि बड़े भाई न हो मगर अगर होंगे तो दुखी और संतानहीन होंगे | लड़की के टेवे में यह शर्त नहीं होती | टेवे वाले (लड़के / लड़की) के बड़े भाइयों की मदद के लिए टेवे वाले के सिर पर मंगल (सूती लाल) के रंग की पौशाक शुभ न होगी मगर सूर्य या गुरु के रंग की चीजे (चोटी, पीला या खाकी रंग) की पौशाक यानि पगड़ी, टोपी सहायक होगी | उसके बड़े भाइयों को चाहिए मंगल नंबर 12 वाले को पानी की जगह दूध पिलाए और अपने पास चंद्र की चीजे रखें जैसे चाँदी, चावल, गंगा जल आदि | मीठा खाना और खिलाना धन और आयु के लिए सहायक होगा | सूर्य भगवान् को पानी में मीठा डाल कर चढ़ाना शुभ होगा | कुत्ते को मीठी रोटी खिलाना शुभ होगा |

2) नंबर 3 खाली हो या नंबर 3 में दो या दो से अधिक ग्रह हो तो अपनी 28 साल आयु तक बड़े भाइयों की आयु पर भारी होगा सिवाय उस भाई के जिसका मंगल नंबर 10 में हो | ऐसी हालत में जब कभी मंगल नंबर 12 वाले का बुरा असर बड़े भाई पर होता मालूम हो तो वह बुरा असर उस मियाद पर खुद नंबर 12 वाले पर भी होगा |

3) मंदी हालत में अपने धर्म स्थान से सहायता सहायक होगी | दूध (चंद्र) में मीठा या खाण्ड (मंगल) डाल कर दूसरे साथियों को देना या मीठी रोटी का खुद प्रयोग करना शुभ होगा | फ़कीर, कुत्ते आदि को भी मीठी रोटी का हिस्सा देना शुभ होगा | सूर्य को जल चढ़ाना (मीठा डाल कर) भी नेक फल ही देगा |

4) शनि नंबर 2 में हो तो मंगल का मंदा असर होगा | भुजा निकम्मी और दुखिया होगा |  धर्म स्थान में बताशे (बुध) देना मंगल और शनि के फल को नेक करेगा बेशक तीनो ही कुंडली में मंदे हो (मंगल, शनि, बुध) |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer 

Lal Kitab Vastu Consultant 

Wednesday, 10 October 2018

लाल किताब मंगल खाना नंबर 11

लाल किताब

मंगल खाना नंबर 11 

मिले कुत्ता* दुनिया, कि हर दम जो होते |
असर शेर देंगे चाहे कितने हो सोते |

*संसारी तीन कुत्ते

नेक हालत में

घर में अपने रखना मंगल, शहद के बर्तन भरे* |
शहद उत्तम उसका होगा, फूल (बुध) हो जिसके खरे | 
फूल छोड़ मक्खी (शनि) ही, नेक और उत्तम मिले |
दम के दम ले आएगी सब, शहद के बर्तन भरे |

* मीठा जीवन

1) गुरु चरणों के चरणामृत का आदी खूनी भोजन कब लेगा | ऐसा प्राणी दूध से पला पालतू शेर, फकीरी हालत नेक अर्थो में, मगर भेष में राजा के सामान होगा | उसे संसार के तीन कुत्ते और केतु के काम, चीजे, सम्बन्धी नेक फल देंगे | 13 साल आयु से उसके माता-पिता के पास धन जमा होगा | राज्य का साथ और 28 साल आयु में माता-पिता की हालत चमकती शान वाली होगी |

2) सोने की जंजीर में गुरु के हाथो में पकड़ा चीता होगा | यानि जैसी गुरु की हालत वैसी मंगल की हालत होगी | मंगल, बुध और शनि की नक़ल करेगा यानि बुध और शनि अच्छे हो तो मंगल भी अच्छा फल देगा |

3) जिस घर में गुरु हो उतने ही भाई होंगे यानि गुरु 1 से 9 में हो तो 1 से 9 भाई तक हो सकते है | गुरु 11 में हो 2 भाई और गुरु 12 में हो तो अकेला भाई |

4) 13 साल आयु से मंगल का नंबर 9 का दिया हुआ नेक और उत्तम फल होगा चाहे गुरु कैसा भी बैठा हो |

5) जब बुध और शनि उत्तम हो तो 24 साल से सुखी होगा और 24 से 28 साल आयु में माया खूब जमा होगी |

मंदी हालत में

1) जब नंबर 3 खाली या मंदा हो तो चंद्रभान यानि मनहूस | अच्छी आमदन होते हुए भी करजाई होगा | माता-पिता का फल व्यर्थ यानि जब तक बाप-दादा (गुरु) की जायदाद को कोड़ी-कोड़ी करके बेच न दे तब तक उसकी अपनी धन की हालत ठीक न होगी |

2) अगर मंगल बद हो तो न सिर्फ केतु (संतान) 42, 48, 45 साल की आयु तक, मामा भी बर्बाद | भाई-बंधू और मंगल की जानदार चीजे दुःख का कारण होंगी और वो खुद भी सुखी न होंगे | उपाय के तौर पर केतु की पालना, संसारी तीन कुत्तो की पालना मंगल नेक होने की निशानी होगा |   

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer 

Lal Kitab Vastu Consultant  

लाल किताब मंगल खाना नंबर 10


लाल किताब

मंगल खाना नंबर 10 


चींटी के घर भगवान् राजा

बिके घर से सोना तो हो दूध जलता |
रहा जब न चंद्र तो परिवार घटता |

नेक हालत में

1) चींटी के घर भगवान् आए की तरह परिवार को तारने वाला होगा | अर्थार्त जिस घर में जन्म लेगा वह घर पहले चाहे गरीब घराना हो मगर टेवे वाले के जन्म के बाद धनाडय हो जाएगा | और धन स्वयं पैदा करेगा | टेवे वाला कभी संतान रहित न होगा | दुनियावी शान का स्वामी होगा जब बड़ा भाई मौजूद हो | मंगल नंबर 10 के शेर की आँखों का स्वामी शनि होगा यानि कुंडली में अगर शनि अच्छा हो तो मंगल का फल बहुत उत्तम होगा |

2) भाई का जीवन भाग्य में माया, आय का आधार होगा | जितने ताये-चाचे अमूमन उतने ही भाई होंगे | धन, दौलत, परिवार देगा |  लम्बी आयु 96 वर्ष | अच्छी सेहत, गृहस्थी आराम, लड़ाई की शक्ति और साहस का पक्का होगा |

3) अगर चंद्र नंबर 4 में बैठा हो तो राज दरबार उत्तम फल देवे | दूध (चंद्र) में शहद (मंगल) की तरह सुखी जीवन होगा | परिवार बढे और घर में बरकत हो |

4) शनि साथ, साथी या शनि की मदद हो तो शेर से ज्यादा शरारती चीता होगा |

5) शनि नंबर 3 में हो तो घर-परिवार अच्छा होगा | जायदाद, मकान चाहे कितने हो पर नकद माया की कमी होगी |

6) नंबर 5 खाली हो तो सब असर उत्तम होगा |

7) दृष्टि आदि हर ओर से खाली और मंगल अकेला ही हो तो राजा के समान होगा | हर तरफ से उत्तम फल होगा

मंदी हालत में

घर से सोना बेचते ही दूध जलेगा और जब दूध गया तो संतान और कबीला बर्बाद होगा | अपने बड़ो से मिला सोना कभी न बेचे |

1) जब दुश्मन ग्रह साथ हो तो एक म्यान में दो तलवारे या एक जंगल में दो शेर या एक समय दो राजाओं के राज की भांति मंदा असर हो | बर्बाद करने वाला काला जादू हो |

2) शुक्र या चंद्र या पापी नंबर 2 में हो तो संतान बहुत देर से हो | हिरण का साथ या पालना करना नेक होगा | या फिर मंगल बद की सेवा सहायक होगी जैसे पूरा काला, काना या संतान रहित व्यक्ति |

5) नंबर 3,6 में चंद्र, गुरु या सूर्य हो और मंगल बद हो तो बुध मंदा फल देगा | उजड़े जंगल की तरह की हालत का स्वामी होगा | गुरु नष्ट, सूर्य बर्बाद, मंदा सोना, मंदी हवा जो जलाती फिरे | अपनी कमाई बर्बाद होगी | लड़के-पोते मरते हो और माता-पिता भी दुखी होंगे |

6) सूर्य नंबर 4 में या चंद्र नंबर 6 में हो तो टेवे वाला एक आँख से काना होगा जब माता घर का कुत्ता बने यानि टेवे वाला नाना के घर में रहने लगे |

7) शनि नंबर 4 में हो तो न चोर न डाकू फिर भी बिना किसी कसूर के चोरी के गुनाह की सजा पाए और कैद में जाए |

8) नंबर 5 में कोई भी ग्रह हो तो दुसरो के लिए मंगल बद की तरह असर देगा मगर टेवे वाला खुद आबाद रहेगा |

9) सूर्य नंबर 6 में हो तो लड़के पर लड़का मरे |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer 

Lal Kitab Vastu Consultant   

लाल किताब मंगल खाना नंबर 9

लाल किताब

मंगल खाना नंबर 9 


बड़ो से चलता आया सिंहासन | यदि बद तो नास्तिक और बदनाम |

बड़े भाई की ताबेदारी जो करता |
जमाना गुलामी न कोई तुझे कहता |

नेक हालत में

दम दमे में दम न हो चाहे*, खैर हो 3-5 की |
 बुध अकेला छोड़ के सब, उत्तम हो ग्रह चाल ही |  

*किस्मत के मैदान का शेर भागते हुए गीदड़ से मांग कर खाए

1) एक जंगल में दो शेर या एक जगह दो खानदानी बहादुर राजा इक्कट्ठे गुजरा नहीं कर सकते  मगर ऐसे टेवे में भाईयों से अलहदा होने से लंका जलने की तरह हालत होगी | और इक्कठे रहने से दो भाई भाग्य के मैदान में दो शेरों का जोड़ा होंगे | भाई की सेवा करना कभी गुलामी नहीं कहलाता इस लिए बड़े भाई के साथ रहना, उसकी सेवा करना, जीवन में तरक्की की नींव होगा | भाई से झगड़ा बर्बादी ही देगा | मंगल अकेला हो तो बड़ो से चलता आया शाही तख़्त जन्म से ही तैयार हो जाए | स्वयं संसारी न्यायप्रिय होगा | भाई की स्त्री किस्मत का आधार होगी | जितने बाबे उतने ही भाई होंगे |

2) शुक्र / चंद्र का फल नेक होगा जब शुक्र / चंद्र का साथ हो या दृष्टि सम्बन्ध हो जाए | सूर्य कुंडली में कैसा भी बैठा हो, उच्च और नेक फल का होगा | जद्दी मकान और बुजुर्गो के सम्बन्ध में सूर्य नंबर 2 का दिया हुआ नेक फल होगा |  खाना नंबर 3-5 अवश्य ही शुभ होंगे |

3) अकेला मंगल धन, दौलत, परिवार सब कुछ देगा जब मंगल का साथ हो यानि भाई और मंगल से सम्बंधित रिश्तेदार, चीजों का साथ हो | सूती लाल रंग नेक फल का होगा | गुजारा सदा उत्तम होगा | बहादुर शेर की तरह उजले भाग्य का स्वामी होगा | किसी के आगे हाथ न फैलाएगा |

4) माता-पिता की हालत का फैसला चंद्र (माता) और गुरु (पिता) पर होगा | जंगी खून और शाही जंगी धन से राजाओं जैसा पालन होगा और स्वयं उसी काम से राजाओं जैसी हालत का स्वामी होगा | संसार में राज्य तथ धन एकत्रित करने का सामान बहुत मिलेगा | जंगी खून और काम और जंगी शाही धन मदद करेगा | कर्म, धर्म आयु सब ही कुछ उत्तम होगा |

5) 13 साल की आयु तक माता-पिता की हालत उत्तम कर दे | और 28 साल आयु आते आते खुद राजा की गिनती का हो जाए | निर्वाह बहुत ही उत्तम होगा |

मंदी हालत में

1) अगर बुध मंदा हो और मंगल बद हो तो नास्तिक और बदनाम होगा | भाग्य के मैदान के शेर को अब गीदड़ से मांग कर खाना पड़े | माता-पिता दुखी और जंग लगे होंगे |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrology
Lal Kitab Vastu Consultant
   

लाल किताब मंगल खाना नंबर 8

लाल किताब

मंगल खाना नंबर 8

मौत का फंदा, बलि की जगह

वचन बेवा देती जो नेकी का तुझको |
बुझे आग खुद ही जला देती घर को |


नेक हालत में

1) पक्के इस्तक़लाल (दृढ़ता, मजबूती), जो कह दिया सो करेंगे का पुरुष होगा | परिणाम चाहे जय हो चाहे पराजय | उसका जिस्म पूरी मेहनत करने का आदी होगा | उसका शत्रु चाहे कितनी ही आग से भरा हो, शत्रु का हमला रोकने की पूरी शक्ति का स्वामी होगा | स्वयं न्यायप्रिय स्वाभाव का होगा |   

2) मंगल सोया हुआ हो या खाना नंबर 2 खाली हो या नंबर 2 में मंगल के मित्र ग्रह चंद्र, गुरु हो तो मंगल का फल नेक तथा उत्तम होगा |

3) जब 1-3-4-8-9 में चंद्र हो तो मंगल बद न होगा |

4) अगर बुध भी नंबर 8 में हो तो दोनों ही नेक फल देंगे जब तक जद्दी मकान के आखिर में अँधेरी कोठरी हो |

मंदी हालत में

मंगल 8 वे आठ बरस तक, फर्क छोटा भाई गिनते है |
लाख मुसीबत खड़ी है करता, अंत बुरा नहीं गिनते है |

1) टेवे वाले और उसके छोटे भाई की आयु में अमूमन 8 या 4 बरस का फर्क होगा | कई बार 13-15 साल तक भी छोटा भाई नहीं होता | कई बार तो छोटा भाई होता ही नहीं है | छोटे भाइयों की बेड़ी को गर्क करने वाला होगा | आने वाले भाइयों को रोके और वापिस भेजे | अगर उसकी अपनी 8 वर्ष की आयु से पहले या अपने से छोटे की 8 वर्ष की उम्र के बाद कोई और भाई जीवित हो तो सब के लिए दुःख या मातम की निशानी होगी |

2) मंगल का बुरा असर टेवे वाले पर न होगा | अगर मंगल को उसके मित्र ग्रहों सूर्य, गुरु, चंद्र की सहायता न मिले या मंगल बद हो तो मंगल से सम्बंधित (बड़ा भाई, ताया, मामा जो माता का बड़ा भाई हो) करीब के सम्बन्धियों पर माता के पेट में आने के वक्त या जन्म समय से ही बुरा असर होना शुरू होगा | मगर अपनी माता पर किसी तरह का बुरा असर न देगा | वो अच्छी सेहत और लम्बी उम्र वाली होगी और कल की फ़िक्र न करने वाली होगी |
उसकी अपनी आयु लम्बी और धनी होगा चाहे आयु का स्वामी चंद्र कहीं भी बैठा हो | जलता जलाता दूसरों को होगा | विधवा का बुरा वचन या बददुआ टेवे वाले के भाग्य और किस्मत की उम्दा शान को जला देगा | उसका आशीर्वाद ऐसा तारेगा कि वारे-न्यारे कर देगा | मंदी हालत को दूर करने के लिए तंदूर में लगाई हुई मीठी रोटी कुत्ते को खिलाना शुभ होगा | ध्यान रहे कि यह रोटी लोहे के तवे पर नहीं बनाते | घर के सदस्यों को बिमारियों से बचाने के लिए गर्म हुए तवे पर पहले पानी के छींटे मार कर फिर रोटी पकाना शुभ होगा |

3) जब बुध, केतु नंबर 2 में हो तो छोटे भाई की जान तक पर मंदा होगा | अगर किसी कारण से छोटा भाई जिन्दा हो तो उसका खून या भुजा मंदे या निक्क्मे होंगे |

4) जब खाना नंबर 2 खाली हो तो अकेला बैठा मंगल बद 28 साल आयु तक मौत का फंदा होगा (दुसरो के लिए)| खाली कब्र होगी जिसमे जो भी बद नसीब हो आ लेटे | धन दौलत के मंदे स्वप्न आम होंगे | गले में हर वक्त चाँदी कायम करना शुभ होगा | दक्षिण का द्वार मंदा फल देगा | घर में जमीन के नीचे भट्टी, तंदूर बहुत मंदा फल देंगे और मातम देंगे और इतना मंदा फल देंगे कि पूरा कबीला ही भस्म हो जाए | ऐसे तंदूर या भट्टी में जिस किसी की शादी के लिए खाना बनाया जाए वो संतान रहित होंगे | मंदी हालत की निशानी और बहाना बुध की चीजे होंगी | मंगल की चीज दुःख का कारण न होगी | उपाय के तौर पर तंदूर में लगाई मीठी रोटी कुत्तो को 40-43 दिन देना सहायक होगा | अपने घर में अगर ऐसी कोई भट्टी जमीन के नीचे हो तो उस भट्टी की सारी जली हुई मिटटी निकाल कर बहा दे और उसमे नई साफ़ मिटटी भर कर उस गड्डे को हमेशा के लिए बंद कर दे | फिर दुबारा वो गड्ढा कभी न खोला जाए | 

5) अगर बुध नंबर 6 में हो तो माता बाल्यकाल में ही गुजर जाए |

6) मंगल बद हो यानि सूर्य, चंद्र, गुरु में से कोई भी 1-3-4-8 में न हो तो दुखी तथा निर्धन होगा |

7) बुध खाना नंबर 6-8 को छोड़ कर कही भी हो, वो जितना उत्तम होगा, मंगल उतना ही मंदा होगा |     

उपाय : जो उपाय मंगल नंबर 4 के है वही उपाय नंबर 8 के भी है |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrology
Lal Kitab Vastu Consultant

Tuesday, 9 October 2018

लाल किताब मंगल खाना नंबर 7


लाल किताब

मंगल खाना नंबर 7 


मीठा हलवा | विष्णु पालना | अगर मंगल बद तो मनहूस |

मिलेगा सब कुछ, जो दरकार घर में है |
शर्त सिर्फ इतनी कि दुबारा न तलबे |

नेक हालत में

1) भाग्य की तराजू तोलने वाला छुपा देवता अगर देगा तो बेशुमार धन दौलत देगा वरना खाक ही उड़ती होगी | अर्थ यह है कि मध्यम दर्जे का जीवन न होगा |यानि या तो बहुत धनी या फिर बहुत गरीब |

2) मीठे हलवे, रोटी या पकवान से भी अधिक मीठा यानि उत्तम जीवन होगा | अगर उत्तम हुआ तो बहुत धनवान, अच्छे परिवार वाला होगा वरना संतान रहित होगा | भाई की औलाद यानि भतीजे की पालना करना शुभ होगा | अगर बड़े भाई की संतान हो तो और भी उत्तम होगा | स्त्री सुख पूरा होगा | छोटा वजीर होगा | धर्मात्मा और नेक इंसान होगा | किसी के दुःख के समय रोते हुए इंसान को ढाढस बँधाकर, साहस और मदद देकर हँसाने वाला इंसान होगा |

3) विष्णु भगवान् की तरह पालना करने वाला होगा | सांसारिक न्यायप्रिय होगा | मगर सोहबत का असर कभी खाली न होगा | राज हुकूमत बढ़ता होगा | गणित में प्रवीण होगा | वजीरी खून का सम्बन्ध होगा | जागीर और दौलत की बरकत होगी |

4) गुरु या शुक्र नंबर 1 में हो तो ठाठ-बाट होंगे | लम्बी जागीरों का मालिक होगा | जिस भी चीज की इच्छा हो वो एक बार तो जरूर मिलेगी | मगर दूसरी बार या बारबार मिलने की शर्त न होगी |

मंदी हालत में

1) मंगल 7 वे सब कुछ उत्तम, धन दौलत परिवार ही सब, सब का सब ही रद्दी होगा बुध मिले मंगल से जब (बुध नंबर 1-7-8 में हो)

2) जब मंगल बद हो या बुध नंबर 1-7-8 या किसी और जगह मंदा हो रहा हो तो मनहूस मंदी हालत कोढ़ से कम न होगी खासकर जब खुश्क कुऍं का साथ हो या बुध का साथ हो जैसे बुध के सम्बन्धी, रिश्तेदार, काम, व्यापार आदि | बहन जल्द बेवा हो जाए और टेवे वाले के साथ रहने लग जाए तो टेवे वाला संतान रहित हो जाए | बुध की मंदी चीजों का साथ मंदे प्रभाव का सबूत देगा | मसलन विधवा बहन या साली, भतीजी, भाभी, बुआ, दोहती, पोती का साथ ही रहना | मुफ्त मिली कलम, मकान में चमकादड़, चौड़े पत्तो के वृक्ष, थोहर का पौधा, तोता या मैना, खुश्क फूल, कलीगिरी के काम, सफेदी का काम, दूसरी चीजों का ठप्पा, भोंडी (सींग रहित) गाय या बकरी, खाली बाँस, खुश्क घाँस के अम्बार, शराब कबाब, सीढियाँ बार बार बनाकर गिराना, ढोलक या तबले का हर समय बजना बतौर अपने शौक में, सब ही मंदे परिणाम देंगे | मगर शनि का उपाय, छोटी से दिवार बनाकर गिराते रहना सहायक होगा |

3) खून मंदा या जिस्म की खराबी हो तो आयुर्वेदिक डॉक्टर की राय लेकर तंदूर में जली ईंट (शनि) और दही की लस्सी (शुक्र) ठीक ढंग से प्रयोग करना सहायक होगा | जब भी कभी बहन घर पर आए, मीठे से खाली न जाए | अगर विधवा बहन को साथ रखने की मजबूरी हो तो बहन को सुबह मीठा देकर काम शुरू करना सहायक होगा | अच्छा यही है को टेवे वाले से अलग रहे | घर में ठोस चाँदी रखने से परिवार की बरकत होगी |

4) जब बुध - शनि 6-7 में हो तो पराई मौत अपने सिर पर लेगा | पूरा मंगल बद का असर होगा | मगर अपने परिवार की पालना करने वाला होगा | भतीजे अपने भाग्य की मदद की नींव होंगे |               

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrology
Lal Kitab Vastu Consultant

लाल किताब मंगल खाना नंबर 6


लाल किताब

मंगल खाना नंबर 6 


तरसेंवे की औलाद | सन्यासी साधू | अगर मंगल बद तो फसादी |

बजे नाम लड़के पे बाजा जो शादी |
गमी देर करती न उस जगह पे आती |

1) हिम्मत से भरा हुआ | पाताल (नंबर 6) और पानी में भी आग जला देने की शक्ति का स्वामी होगा | अपने कबीले का रक्षक खुद होगा | संसारी न्यायप्रिय होगा | साधु सन्यासी की तरह होगा | अपने आप मारने वाला अकेला ही धर्मवीर होगा |

2) जब मंगल नंबर 6 में होता है तो वो सूर्य को उच्च करता है यानि सूर्य टेवे में कैसा भी हो उत्तम फल देता है | बुध के कारोबार, दोस्ती, लिखाई की विद्या, राग विद्या, व्याख्यान आदि का शौक़ीन व मस्ताना होगा | कलम में तलवार से अधिक शक्ति होगी | जो लिख देगा वो मिटाने से भी न मिटेगा | अपने चाल चलन पर पूरा काबू होगा | अगर राहु नंबर 12 में हो तो भी उसका मंदा असर न होगा लकिन केतु का प्रभाव शक्की ही होगा |

3) अगर मंगल जागता हो या कायम हो तो जिस दम खुद बढ़ेगा, बड़े भाई और दूसरे साथी भी बढ़ेंगे, जिसके सबूत में घर में अनाज भरने की कच्चे मिटटी की कोठियाँ 14 साल आयु तक कायम होंगी | वरना वहाँ गिरा कोठा लगा तम्बू जैसा हाल होगा | इसका मतलब यह है कि ऐसा व्यक्ति बेफिक्र और गैर जिम्मेदार होगा जो कि बसे बसाए घर को उजाड़ कर तम्बू या किसी अस्थाई निवास पर रहने की इच्छा मन में रखता हो | अपनी गृहस्थी के वास्ते और भाईयों की मदद के लिए लड़कियों (बुध) की पूजना, माता के द्वारा बुध (लड़की) की पूजना करने से केतु और शत्रु से बचाव होगा |

4) शुक्र कुंडली में भला हो या नंबर 7 उम्दा हो या नंबर 7 में शनि /  बुध / केतु हो तो पोते पड़पोते देख कर मरे | तीन पुश्त तक औलाद की बरकत हो और परिवार बढे |

5) अगर टेवे में गुरु, सूर्य और बुध उत्तम हो तो संतान की कमी न होगी बल्कि संतान उत्तम ही होगी | 24 साल संतान होती रहे |

6) केतु नंबर 8 और शनि 5 में हो तो संतान के लिए मंदा होगा | लेकिन अगर गुरु, सूर्य, बुध उत्तम हो तो संतान का परिणाम नेक ही होगा |

मंदी हालत में

1) ख़ुशी के बाजे से मातम की आवाज क्यों आने लगी | जिस जगह बैठ कर संतान के नाम पर ख़ुशी की महफ़िल करता होगा वहीँ पर चंद दिनों के अंदर-अंदर मातम के आँसू बहाता होगा | भाई की माली हालत अच्छी न होगी | अगर वो किसी तरह अच्छी हालत के हो भी जाएं तो भारी हानि देखे | उसके भाइयों को चाहिए वो टेवे वाले को कुछ न कुछ देते रहें जिससे उनका बचाव होता रहे | अगर टेवे वाला उनसे न लेना चाहे तो बहा दे |

2) केतु (मामा, संतान), शुक्र (स्त्री के रिश्तेदार, स्वयं स्त्री नहीं), बुध (लड़की, बहन, बुआ) चंद्र (माता, दूध देने वाले पशु) सब ही की जानो पर मंदा होगा | स्वयं झगड़ालू होगा | नर संतान की कमी होगी | मामे दुखी या बर्बाद होंगे | स्वयं तरस कर ली हुए औलाद होगा | 

3) जब गुरु, सूर्य या बुध मंदा हो तो केवल एक ही नर संतान होगी |

4) जब केतु मंदा हो तो 34 साल आयु तक नर संतान जरूर कायम होगी मगर संतान की ख़ुशी मनाना संतान की मंदी हालत की निशानी होगी | पहला लड़का शायद कायम न रहे | नर संतान के जन्म पर मीठे की जगह नमकीन चीजे बाँटना शुभ होगा | संतान के शरीर पर सोना डालना अच्छा न होगा | उसकी संतान जब तक शरीर पर सोना न डालेगी वो सोना कमाएगी | अगर सोना डालेगी तो सोने को खाक में उड़ाएगी |

5) अगर बुध नंबर 12 में बैठ जाए तो उल्ट दृष्टि से मंगल को देखेगा जिससे बहन भाई कम होंगे और दुख बढ़ेगा |

6) बुध नंबर 8 में बैठ जाए और सूर्य, चंद्र की मदद न मिले तो माता छोटी आयु में चल बसे |

7) बुध नंबर 4 में हो तो टेवे वाला छोटी उम्र में गुजर जाए और बाद में माता-पिता भी गुजर जाए |

उपाय

1) अपनी गृहस्थी हालत मंदी होने पर शनि का उपाय करे |
2) भाइयों की मदद के लिए लड़कियों की पूजा और आशीर्वाद | 
3) संतान के लिए चंद्र और बुध का उपाय करे |
4) चाल चलन की मजबूती हो यानि लंगोट का पक्का हो तो गरीब घर (केतु फ़क़ीर) में जन्म होने पर भी समय का शेर बहादुर होगा और शत्रुओं को पाँव तले दबाने की की हिम्मत का प्राणी होगा |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrology
Lal Kitab Vastu Consultant
 

Monday, 8 October 2018

लाल किताब मंगल खाना नंबर 5

लाल किताब

मंगल खाना नंबर 5  


रईसों का बाप दादा | यदि बद  तो शरारती |  जद्दी घर से लगातार बाहर रहना लावल्दी देगा |

भरा सुख से सागर जहाजों का बेडा |
खुश्क दम में करदे न महबूब तेरा |

मंगल के शेर की दृष्टि से डरे हुए जानवरो की तरह सब ग्रह बुराई या मंदे असर करने के वक्त अपनी दृष्टि बदल लेंगे | मगर बाहमी (आपसी) दोस्ती दुश्मनी बहाल होगी | चंद्र और शुक्र सदा नेक फल के रहेंगे |

नेक हालत में

1) खाना नंबर 3 में बैठे हुए ग्रह अब मंगल आधीन होंगे | मंगल खाना नंबर 9 में बैठे हुए ग्रहों पर, चाहे शत्रु चाहे मित्र, मेहरबान होगा | 3-5-9 के ग्रह आपस में सहायक होंगे | शुक्र और चंद्र टेवे में कैसे ही हो, नेक फल देंगे | मंगल की नेकी और बदी हर दो कामो के लिए 5 गुणा की शक्ति होगी |  नीम का वृक्ष (मंगल) जिस कदर बूढ़ा होवे उससे ऐसा कीमती पानी निकले जो हजारों दवाईयों बनाने के काम आए | यानि ऐसे व्यक्ति की जैसे जैसे आयु बढ़ती जाए वो उतना अमीर होता जाए |        

2) सांसारिक कामो में न्याय प्रिय होगा जिसका फैसला खाना नंबर 3 से होगा | खुद या खानदानी खून का हकीमी या डाक्टरी से जरूर सम्बन्ध होगा |

3) दृष्टि बदली हुई होगी जब (सिर्फ उस वक्त) कोई भी ग्रह मंदा होने या बुरा करने की हालत पर हो रहा हो | मसलन चंद्र खाना नंबर 8 में बैठ कर जब अपने पानी से तूफान लाए या कुआँ गर्क होने लगे तो मंगल नंबर 5 के समय चंद्र अपना बुरा असर खाना नंबर 9 या माता-पिता पर करेगा | अगर टेवे वाला अपने बड़ो के नाम पर (श्राद्ध) दूध की खैरायत बंद कर दे तो उसके माता-पिता को दमा, मिर्गी या संतानहीनता होगी |

मंदे ग्रहों की बदली हुई दृष्टि इस प्रकार होगी



4) टेवे वाला विद्यावान तथा संतान वाला होगा | स्त्री और संतान का सुख होगा | उसके बुजुर्ग चाहे कैसे भी हो मगर टेवे वाला और उसकी संतान के लिए हर गुजरी हुए घडी शुभ और कष्ट के बाद आराम देने वाली होगी | संतान नेक और सुख देने वाली होगी | मगर ख्याल रहे कि सुख की नदी खूबसूरती पर ही न खर्च होती जाए | रईसों का बाप दादा होगा यानि उसकी संतान और पोते अमीर होंगे |

5) संतान के जन्म के बाद जीवन में बढ़ेगा जब मंगल जागता हो और मंदा न हो (यानि खाना नंबर 9 में कोई न कोई ग्रह हो या फिर बड़ा भाई कायम हो) और नंबर 10 खाली हो |

मंदी हालत में

1) मंदे असर का वक्त जब कभी होगा रात को होगा जिसकी निशानी केतु से सम्बंधित चीजों से / पर होगी | शरारती नजर से तबाही करता होगा |

2) आग का डर, खतरा और नजर का डर होगा | संतान का सुख कम होगा | सफर गले लगा रहेगा | औलाद को अठारा की बीमारी होगी | अठारा का मलतब यह है कि हर आठ अंक या अठारा पर गुजर जाना यानि 8 दिन, 8 साल और आखिरी हद 18 साल की आयु में गुजर जाना | माता-पिता के भाई-बंधू पुरुषो की मौते, अपने भाई की संतान की मौते होंगी | लेकिन अपनी स्त्री, लड़की, भाभी या किसी भी स्त्री जाति की मौत न होगी | करीबी सम्बन्धियों पर बुरा असर होगा | अपने जद्दी घर-घाट से लगातार बाहर रहना लावल्दी देगा |

3) तेरा महबूब ही तेरे जहाजों के बेड़े की तबाही का कारण होगा |

4) अगर नंबर 9 - 10 में शत्रु (बुध-केतु) हो तो रात की पूरी नींद नसीब न होगी | उपाय के तौर पर रात को सिरहाने पानी रखकर सोने से मंगल बद और राहु की मंदी शरारतो से बचाव होगा |            


S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrology
Lal Kitab Vastu Consultant
  

लाल किताब मंगल खाना नंबर 4


लाल किताब

मंगल खाना नंबर 4   

जलती आग, बदी का सरदार, जलाने पर आए तो मर्द, माया के समुन्द्र जो भी जला दे

पकड़ हौंसला सब मुसीबत हो कटती |
मगर लेख उल्टे हो तो हिम्मत न बनती |


नेक हालत में

1) अब मंगल बद न होगा | बल्कि जहर के बदले दूध का उत्तम असर देगा | शरारत का माकूल जवाब देने की हिम्मत का मालिक, कबीला परवर (पालने वाला) और दिल का साफ़ सुच्चा होगा | ऐसा कब कब होगा :-
  

#जब कुंडली में कोई दो पापी इक्कट्ठे हो (शनि-राहु, शनि-केतु)
#चंद्र या शुक्र अकेले या मंगल के साथ खाना नंबर 3-4-8 में हो तो खुद अपना असर चाहे जैसा भी हो मगर मंगल को मंगल बद न होने देंगे
#जब चंद्र बंद मुट्ठी के खानो (1-4-7-10) से बाहर किसी जगह नष्ट हो रहा हो या सूर्य नंबर 6 में हो या मित्र ग्रह (सूर्य, गुरु, चंद्र) 3-4-8 में हो यानि मित्र ग्रह मंगल को मदद दे रहे या सूर्य-गुरु नंबर 9 में हो तो मंगल बद न होगा 

नीचे लिखे हालातो में मंगल को सूर्य की मदद न होगी

1) जब खाना नंबर 1-8 में मंगल के साथ सूर्य न हो
2) जब खाना नंबर 7-8-12 में सूर्य अकेला हो
3) सूर्य -केतु 6-9 में हो
4) सूर्य - राहु 6-12 में हो
5) सूर्य-शुक्र 7 में हो
6) सूर्य-शनि 10 में हो
7) सूर्य-बुध 12 में हो

2) जब मंगल कुंडली में नेक हो तो भाई की स्त्री, दबी दौलत शुभ होगी | बड़े भाई की और या उनकी औलाद पर कोई बुरा असर न होगा |

मंदी हालत में

1) 32 दाँत वाला तो बुरा वचन कह कर किसी का बुरा करता है मगर मंगल बद या मंगलीक तो नजर से ही तबाह करता होगा | उजड़े जंगल में उखड़े या कटे हुए सूखे वृक्ष की लकड़ियों से चूल्हा जलाना शनि का काम होता होगा मगर बसे बसाए घराने के सबसे मूल्यवान और आवश्यकता वाले पुरुष को (जो परिवार की देख-भाल करने वाला और कमाने वाला हो) काट कर उसकी सुखाई गई लाश से भट्टी जलाना मंगल बद का काम होता है |

2) मंगल बद वाला बदनसीब और मनहूस व्यक्ति ऐसे घर में जन्म लेता है जहाँ एक-दो पुश्त पहले कोई बुजुर्ग पूरा बृहस्पति (ब्रह्म गुरु) खालिस सोना या शहाना (majestic, princely) हो चुका हो और उसके जन्म से पहले घर में हर तरफ हरियाली और खिला बाग़ हो और ईश्वर की नजरे इनायत हो | जिसे यह मंगल बद वाला बर्बाद कर सके |  उजड़े खानदानो और वीरान घरों में मंगल बद वाला कभी पैदा न होगा क्योंकि उसके लिए बर्बाद करने को वहाँ कुछ होगा ही नहीं | ऐसा व्यक्ति अमूमन सख्त और कड़वे स्वाभाव का होगा | अकड़खान, ऐयाश और कम अक्ल वाला होगा | कोताह अंदेश (मामूली छोटा आदमी) और तक़रीबन सारी आयु गुलामी में गुजार देगा | खुद मियाँ फजीहत लेकिन दुसरो की नसीहयत देने वाला होगा | मुँह फाड़ कर हरएक को उसके खिलाफ या ऐब की बाते सुना देगा |

3) बेमुहार (अनियंत्रित, बेनकेल) ऊँट की तरह गर्दिश में घूमने वाला, बुरी नजर वाला, काला, काना, लावल्द, आँख का नुक्स होगा | हर तरह से मंदा, हर समय जलती आग और बदी का सरदार होगा | समुन्द्र तक को अपनी आग से जला देने वाला या ऐसी आग जो पानी से बुझने के बजाए सारे के सारे समुन्द्र को उसकी तह तक जला दे | माँ, सास, नानी, स्त्री की आयु पर भारी होगा | भाई (बड़े) की स्त्री, दौलत और छुपे धन पर 28 साल की आयु तक हर तरह से मंदा असर देगा | अगर किसी कारण से बड़े भाई जीवित हो तो वो लावल्द या मुर्दे के बराबर तंग होंगे या मंदी सेहत के स्वामी होंगे |

4) मंगल बद के मंदे प्रभाव को नीचे लिखी बाते और भी मंदा करेंगी :-

१) जब मकान की तह जमीन के 8-18-13-3 कोने हो या मकान के अंदर तहखाना बंद किया हुआ या तहखाना फाड़ कर कुँए के साथ मिलाया हुआ हो |
२) घर का मुख्य दरवाजा दक्षिण में हो या घर से बाहर निकलते वक्त आग दाएँ और पानी बाएँ या मकान के ऊपर किसी वृक्ष की छाया हो या कीकर / बेरी का पेड़ अपने मकान के सेहन (आँगन) में हो या पीपल के कटे-फटे पेड़ का साथ हो |
३) घर के दाएँ-बाएँ भड़भूजे (भुनने वाली) की भट्टी हो या हलवाई की दूकान (जहाँ मिठाइयां बनती भी हो), या कोई और आग के काम या कोई कब्रिस्तान, शमशान घर के पास हो |
४) लावल्द व्यक्ति (जिसका पुत्र न हो) से जगह ले कर बनाया हुआ मकान किसी कुँए के ऊपर बनाया मकान हो | गली या रास्ते को छतकर बनाया मकान हो | या ऐसा मकान जिसमे आम रास्ते से आकर हवा सीधी टकराती हो यानि गली की टक्कर का आखिरी मकान या घर से निकलने का बड़ा रास्ता दक्षिण में हो |             

5) जब 8-4-3 सूर्य, चंद्र, गुरु न हो तो या इनकी मदद न मिलती हो | अगर ये इन घरों में हो लेकिन मंदे शनि या मंदे केतु का साथ भी हो जाए तो मंगल बद ही होगा |  जिससे घर-बार, धर्म, माया, दौलत सब कुछ जल जाएगा | बुध और पापी ग्रहो की चीजे, सम्बन्धी काम से बर्बाद हो | जब मंगल 3-4-8 में अकेला हो और बाकी के दो घरों में बुध-केतु हो तो मंगल बद ही होगा और पतिहीन औरते अपना कबीला बर्बाद करे |

6) अलग-अलग घरों में बैठा मंगल बद 

खाना नंबर 1-8 : अपनी जान और खून सम्बन्धियों पर बुरा होगा या फिर सिर्फ धन दौलत पर मंदा होगा | जब केतु मंदा हो तो खाना नंबर 8 का मंगल बद सिर्फ धन दौलत के मंदे स्वप्न दिखाएगा | दोनों ही घरों में अपने और दोस्तों-सम्बन्धियों पर एक ही समय मंदा होगा |

खाना नंबर 2 : अपनी जान और खून के सम्बन्धियों की औरतो की जान पर मंदा असर होगा जब शनि भी मंदा हो
         
खाना नंबर 5-9-12 : अपने और खून के सम्बन्धियों की जानो पर मंदा होगा |

खाना नंबर 5-9-12 : दूसरों पर मंदा हो जब बुध भी मंदा हो |

खाना नंबर 6-10-11 : दूसरों पर मंदा हो सिर्फ धन दौलत के लिए |

खाना नंबर 7 : दूसरों की स्त्रियों की जानो पर मंदा जब शनि भी मंदा हो |

खाना नंबर 4: माँ, नानी, स्त्री पर मंदा जब शनि भी मंदा हो |   

7) मंगल नंबर 4 का मंगलीक माल, जान, धन, परिवार सब तरफ मंदी आग होगा मगर सिर्फ एक ही घर के लिए | या चाहे मर्द चाहे स्त्री का घर उजड़े मगर एक ही घर बर्बाद होगा | मंगलीक के वक्त रंडवा-रन्डवी की जोड़ी होगी | मंगल बद या मंगलीक (सिवाए 8/12 के) 28 साल आयु तक मंदा होगा | मंगल नंबर 8 वाला अपनी 20 साल आयु तक छोटे भाई पर और मंगल नंबर 12 वाला 28 साल आयु तक बड़े भाई पर मंदा होगा |

8) 70 साल की उम्र तक अपने वंश (जिसमे जन्मा) पर मंदा होगा | 70 साल आयु के बाद दूसरे वंश पर मंदा होगा (बाप-दादा के सम्बन्धियों पर) | आखिरी समय अँधा और सेहत से दुखी होकर मरे |

9) जब बुध नंबर 8 में हो बुध अब ताई-चाची होगा | अपने घर की जहर बर्बाद करती होगी जो यह बुध होगी |

10) शुक्र या मंगल में से कोई 4-8 में हो तो बर्बादी के लिए अपने ही घर की जहर होगी जो प्रायः कोई ताया-चाचा होगा |

इन दो हालातों में बेवा चाची ताई या चाचा ताया का आशीर्वाद लेते रहना मदद करेगा |

11) मंगल बद के वक्त जब मंगल की दृष्टि में नर ग्रह हो तो खून के सम्बन्धियों (नर) पर मंदा | यदि दृष्टि में स्त्री ग्रह हो तो घर की स्त्रियों पर मंदा होगा | या टेवे वाले पर मंदा होगा | बुध और पापी ग्रह की चीजों का फल बर्बाद करेगा |

12) जब मंगल शत्रु ग्रहों के साथ हो तो सूखी हुई लकड़ी की तरह का भाग्य, तंगहाल, भाइयों से अलग, दुखी होगा | जिस वृक्ष के नीचे बैठ जाए वो वृक्ष भी सूख जाए या जड़ से निकल जाए | जहरीले साँप की तरह दुसरो को बर्बाद करे | आवाज ढोल की तरह बुलंद होगी |

13) जब बुध या चंद्र नंबर 6 में हो और मंगल के साथ शनि हो तो छोटी उम्र में माता की उम्र तक मंदा साबित होगा | जुबान की बीमारी होगी | चोरो का शत्रु होगा |

14) जब नंबर 9 में पापी हो तो अपने परिवार के लिए मंदा साबित होगा |

15) जब बुध नंबर 12 में हो तो दुखों से भरा हुआ, बेफकूफ, तंगहाल, अंदर के जलते हुए खून से तड़पता होगा |

16) जब गुरु नंबर 8 में हो तो कायर, दरिद्र होगा |

19) जब शनि नंबर 1 में हो तो चोर, फरेबी, मंदे हाल का स्वामी होगा |

उपाय :
1) हर रोज पानी से दाँत साफ़ करना |
2) चंद्र का उपाय, बड़ के वृक्ष की जड़ में में दूध में मीठा (गुड़, शक़्कर) डालकर चढ़ाना और गीली हुए मिटटी से माथे पर तिलक लगाना पेट की खराबियों को दूर करेगा |
3) आग की घटनाओं से बचाव के लिए छत पर खांड की बोरियाँ रखना और घोड़े के मुँह में देसी खाण्ड डालना |
4) लावल्दी के समय या स्त्री, संतान की बर्बादी के समय मिटटी के बर्तन में शहद भरकर शमशान या वीराने में दबाना सहायक होगा |
5) लम्बी बीमारी में चाँदी का चकोर टुकड़ा मदद देगा |
6) दक्षिणी दरवाजा लोहे से कील देंवे |
7) काले, लावल्द, काने मुसलमान और ढाक के वृक्ष से दूर रहे |
8) सूर्य (ताम्बा, गुड़, गेहूँ), चंद्र ( कुआँ, घोडा, चाँदी), गुरु (सोना, बुजुर्ग, साधु) को कायम करे |
9) चिडे-चिड़िया को मीठा डाले |
10) हाथी दाँत पास रखना मुबारिक होगा |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrology
Lal Kitab Vastu Consultant
  

Tuesday, 2 October 2018

लाल किताब मंगल खाना नंबर 3

लाल किताब

मंगल खाना नंबर 3   

दुसरो के लिए फलो से लदे पेड़ो का जंगल मगर अपने आप की माया और आराम में सब्जकदम (मनहूस), मंगल बद चिड़िया घर का शेर

झुकी सर कलम कटती तलवार तिरछी |
पड़ा खम (घुमाव, curvature) न जालिम पकड़ तेग (तलवार) जिसकी | 


नेक हालत में

1) भाई-बहन जरूर होंगे चाहे छोटे चाहे बड़े हो | असल में मंगल का असर शक्की होगा | लोगो के लिए तो वो फलों का जंगल मगर अपने लिए चिड़ियाघर के पिंजरे में कैदी शेर होगा जिसे अपनी बहादुरी का पता ही न होगा (श्राप के कारण अपनी शक्तिओं को भूले (उच्च मंगल खाना नंबर 3) हनुमान जी की तरह) | लेकिन जब उसके मुँह खून लग जाएगा तो वह फिर सिर चढ़ने से न डरेगा खासकर जब वह बड़ा भाई हो | अगर मंगल नेक हो तो आरजुओं को तारने वाला शिवजी की तरह भोला भंडारी होगा | अगर उसका मकान शेर दहाना हो तो वह व्यक्ति लड़ाई की तदबीर का बुद्धिमान पुरुष होगा | नरम तबियत हो तो तरक्की दिन प्रतिदिन होती जाएगी | आयु 90 साल होगी | होंसला होगा और नजर उत्तम होगी | जायदाद मकान तीन तक होंगे | शेर के सामान होगा और बुरे लोगो को मारने वाला होगा | मगर सांसारिक व्यवहार में मित्र और सहायक होगा | ससुराल अमीर होंगे या शादी के बाद अमीर हो जाएंगे | उसको धन का हिस्सा देंगे | इसका मतलब यह नहीं है कि उनका लड़का नहीं होगा तो धन देंगे | धनी होंगे इसलिए टेवे वाले को अपने धन का हिस्सा देंगे | टेवे वाला किसी पर भी ज्यादती होते नहीं देख सकेगा |

2) जब मंगल के मित्र ग्रह (गुरु, सूर्य, चंद्र) उसकी दृष्टि में 9-11 में हो या फिर सातवे हो तो राहु का टेवे में अब बुरा असर न होगा | सुखी गृहस्थ होगा |

3) जब गुरु नंबर 9 में हो तो ससुराल अमीर होंगे और टेवे वाले को धन-दौलत देंगे |

4) शनि नंबर 9 में हो तो मौत और बीमारी से बचाव होगा | स्वास्थ्य अच्छा होगा | अपना मकान,
धन-दौलत, हर तरफ से सुखी और शनि का उत्तम फल होगा |

5) मंगल नेक हो और बुध नंबर 3-11 में भी हो तो भी बुध को नेक हो कर ही रहना पड़ेगा |

मंदी हालत में

1) अगर मंगल बद हो तो चालाक, धोखेबाज होगा | खाना-पीना लाभकारी चीजे है और इस दम का क्या भरोसा, के ख्याल का आदमी होगा | फोकी ठनठन, ऐयाश, गरीब होगा | उम्र 90 साल, सब्जकदमा (मनहूस) होगा | अगर अकड़ खाने वाला हो तो मृत्यु, बिमारी से तंग और कर्ज के बोझ के तले दबा रोता होगा | सिर छोटा, पेट मोटा, खाना ख़राब होगा | नर संतान की मंदी हालत होगी जिसका नतीजा भी भला न होगा |

2) गुरु नंबर 11 में हो तो सम्बन्धियों की मौत से दुखी मगर अपने लिए उत्तम होगा |

3) मित्र ग्रह 9-11 में या नंबर 7 में हो और मंगल बद या मंदा हो तो आ बैल मुझे मार के मंदे परिणाम मगर उसके स्त्री खानदान को मदद मिलती रहे | हर तरफ मंदा हाल होगा |

4) जब बुध या शनि 9-11 में या मंगल के साथ ही हो या शनि-बुध 3-7 में हो तो घर-बार में माली खराबियाँ मगर कुंडली वाले के खानदान को मदद मिलती रहे या देता रहे | जब शनि 11 में हो तो कुदरत की तरफ से मौत आदि न होगी |

उपाय: हाथी दांत कायम करना सहायक होगा |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrology
Lal Kitab Vastu Consultant 

लाल किताब मंगल खाना नंबर 2

लाल किताब

मंगल खाना नंबर 2  


धर्म मूर्ति, भाइयों की पलना करने वाला, लोह-लंगर (बहुत भारी वस्तुओं) का मालिक | अगर मंगल बद तो आस्तीन का साँप |

गिरे नजर से भाई अपने जो तेरे |
पहाड़ा दो दूनी दो का तुझको घेरे |

2 दूनी 2 (2 x 2 ) का जवाब 2 ही होगा, कभी 4 न होगा |

अगर खुद बड़ा भाई न हो तो अपने बड़े भाइयों से पहले गुजर जाए | दूसरों को पालने से मंगल का नेक फल होगा

नेक हालत में

1) जन्म से खुद बड़ा भाई होगा वरना खुद बड़ा बनता होगा | भाइयों से उसका भाईपन न रहेगा | लोह-लंगर का स्वामी जब खुद बड़ा भाई हो | अपने जाती खून के भाई-बंधुओं को पालता होगा | खुद कभी तंग, दुखी न होगा न ही भूखा मरेगा | बल्कि लोह-लंगर हर वक्त बढ़ता होगा | वरना उसकी दो दूनी चार की बचत चार के बजाए दो ही रहेगी | कभी चार न होगी |

2) अगर मंगल कायम हो और मंगल, मंगल बद की तबियत का हो तो साथियों की असली जरूरतो के लिए जिस कदर माया दौलत की आवश्यकता हो, वह जरूर मिलेगी पर अपने खुद के लिए यह शर्त नहीं | दूसरों को चाहे करोडो में पाले मगर अपनी गांठ (बचत) में कुछ न होगा |

3) अगर मंगल में उसके शत्रु बुध-केतु का असर किसी भी तरह न मिलता हो तो ससुराल (राहु) और राहु की चीजों या सम्बन्धियों से धन पाएगा | इरादे का पक्का होगा | हुकूमत का इच्छुक होगा | स्त्री का लाया दहेज़ फलेगा | ससुराल और स्वयं कभी लावल्द न होगा | ससुराल पर सदा बरकत होगी और वो हर तरह से सुखदायी होंगे जब तक ससुराल में चंद्र की चीजे, कार्य, सम्बन्धी या कुआँ आदि कायम हो |

4) जब 8-9-10-12 में से गुरु, सूर्य, बुध या शनि का प्रभाव मंगल में मिल रहा हो (सिवाय बुध नंबर 2 के) तो खुद  अमीर बना होगा | धन अपने आप जमा होता जाएगा | सारी आयु हर तरह से सुखी होगा | अच्छा खानपान, अच्छा पहनावा और शक्तिशाली शरीर होगा | जरूरत के समय धन हर वक्त हाजिर होगा आय चाहे हो चाहे न हो | गरीबी-तंगी कोसो दूर भागे |

5) मंगल का शत्रु बुध भी नंबर 2 में हो तो बुध के काम, सम्बन्धी, चीजे जो बुध खाना नंबर 8-9-10-12 से सम्बंधित हो तो उनकी जहर से खून मंदा और इरादा कच्चा होगा | मतलब यह है कि बुध से सम्बन्ध न करे |

6) अगर केतु का साथ हो तो खुशनसीब हाकिम जिसे कल की फ़िक्र नहीं हो |

मंदी हालत में

जब मंगल बद हो तो दुसरो के लिए छाती का साँप हो | स्वयं अपनी मौत लड़ाई-झगडे में या जंग में अचानक होगी |     

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
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लाल किताब मंगल खाना नंबर 1

लाल किताब

मंगल खाना नंबर 1 


मैदान-ए-जंग, और इन्साफ की तलवार | अगर मंगल बद तो दुमदार सितारा |

बदी से दूर तो अपनी जड़ मजबूत, वरना उसका खून भी पाखाना से कम कीमत देगा |


नेक हालत में

1) अकेला भाई न होगा खुद चाहे छोटा या बड़ा | दाँत अमूमन 32 होंगे (31 दाँत भी हो तो भी मंगल नेक ही होता
है ) | 28 साल आयु से धनवान अवश्य होगा | किसी के नेकी और अपनी सच्चाई को कभी नहीं भूलेगा | हमला रोकने की हिम्मत और जंगी भाग्य का स्वामी होगा खासकर जब बड़ा भाई हो |       

2) लड़ाई के मैदान की तलवार का स्वामी होगा | राजदरबार और अपना शरीर सदा उत्तम | शनि के काम (लोहा, लकड़ी, मकान) और शनि से सम्बंधित रिश्तेदार (ऐसा व्यक्ति जो उम्र में टेवे वाले के बराबर हो मगर रिश्तेदारी में छोटा या बड़ा हो जैसे भतीजा, दोहता, पोता, ताया, चाचा आदि) नफा देंगे |

3) कम से कम 28 साल अपनी कमाई या नौकरी का समय या आय अच्छे दर्जे की होगी |

4) शत्रुओं से भगवान् की ओर से बचाव होता रहेगा | शनि या पाप (राहु-केतु) की म्याद गुजरते ही राजा का लड़ाकू वजीर होगा या अच्छी हालत का स्वामी होगा |

5) अपने भाइयों और ससुराल को तारने वाला होगा | बल्कि पानी में तैरने वाला पत्थर होगा खासकर जब उसका रंग काला (शनि) हो |

6) नेक और सच्चाई पसंद होगा | उसकी जुबान का थोड़ा सा भी मंदा शब्द खाली न जाएगा | उम्र कभी छोटी न होगी |

7) बुध नंबर 3 में हो और नंबर 2 खाली हो तो बहन शायद ही होगी | अगर होगी तो (बुध उच्च), रानी के समान बुलंद भाग्य की स्वामी होगी मगर अपना भाई कभी शाह कभी फ़कीर होगा | अगर दोनों (मंगल-बुध) सोये हुए हो तो अपनी और भाई दोनों की किस्मत सोई हुई होगी | 

मंदी हालत में

1) ऐसे जन्मे चंद्रभान, चूल्हे आग न मंजे बान | इसका मतलब है कि टेवे वाला ऐसा व्यक्ति होगा जिसके पैदा होते ही घर में भुखमरी आ जाए और न ही कोई ऐश्वर्य बाकी रहे |

2) जिस कदर बदी से दूर उसी कदर अपनी जड़ मजबूत होगी वरना अपने खून की कीमत पाखाना से भी कम होगी | मुफ्त माल लेने की आदत से बर्बाद होगा |

3) खानदान के लिए दुमदार सितारा होगा और निकलते ही 40-43 दिन के अंदर-अंदर अपना राजा या प्रजा पर बुरा प्रभाव देगा यानि मंगल बद की आग से भरी हवा चलने लगेगी, घर बर्बाद, भाई-बंधू संसारी फुजले (बेकार-रद्दी) पाखाना की भी कीमत न देंगे | शनि की आयु में माता-पिता पर भारी होगा | ऐसा आदमी नेकी और और अहसान का बदला कभी वापिस न देगा | अगर बदी करने आदी हुआ तो ससुराल, भाई और स्वयं के लिए लावल्दी तक की नौबत होगी | अपनी और भाई की किस्मत सोई हुई होगी चाहे लाख हिम्मत करने वाला हो |

4) जब बुध नंबर 3 में हो और 7-9-11 सब ही खाली हो तो खाना नंबर 9-11 के लिए गुरु का उपाय करना होगा | गुरु की चीजों को घर में कायम करना होगा | खाना नंबर 7 के लिए शुक्र की पालना, शुक्र की चीजों या कामो का फल मुबारक होगा | अगर ससुराल का कुत्ता हुआ तो भाई की बीमारी का बहाना होगा | किसी फ़क़ीर, साधु का साथ शुभ न होगा क्योंकि फ़क़ीर और साधु गृहस्थी आराम वाले नहीं होते | शनि की आयु 39 साल आयु के बाद यह शर्त नहीं |

5) जब नंबर 7 में सूर्य, चंद्र या गुरु के साथ बुध पापी हो कर बैठा हो तो पराई मौत खुद खरीद कर बर्बाद हो | खुद तलवार का धनी और नसीब वाला मगर 13-15 हद 28 साल तक माता-पिता दोनों ही की सब हालत बल्कि आयु तक मंदी बर्बाद लेंगे |

6) जब सूर्य नंबर 12 और चंद्र नंबर 2 में हो या सूर्य नंबर 2 और चंद्र 12 में हो तो मुफ्त के माल या खैरात के माल पर गुजारा दूध में जहर की तरह होगा | खुद की किस्मत जली हुई होगी | जिस्म में खून की जगह पानी होगा | टेवे वाला या तो आलसी, निर्धन, दुखी होगा या फिर माता-पिता के लिए मनहूस मंद भाग होगा | टेवे वाले की छोटी उम्र में ही माता पिता चल बसेंगे |                

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrology
Lal Kitab Vastu Consultant
  

Monday, 1 October 2018

लाल किताब मंगल

 लाल किताब

मंगल 

शास्त्र धारी

दो रंगी अच्छी न यक रंग होजा |
सरासर तू हो मोम या पत्थर हो जा |

मौत निमाणी रास्ता तीजे, नेक मंगल जा रोकता हो | 
मारक घर 8 दुनियां लेते, जिसमे मंगल बद बैठता हो | 


1) तमाम शरीर के बीच का मात्र नाभि (मंगल) की किरणे माना जिनसे मंगल का रंग पता चल जाएगा |

मंगल से शनि का सम्बन्ध

नेकी (केतु ) और बदी (राहु) के फ़रिश्ते केतु और राहु दोनों शनि के एजेंट है अतः शनि का नेक और बद, दोनों और जाने का स्वाभाव है | शनि आँखों की शक्ति का मालिक है | निष्कर्ष में कहे तो सामने आए को पहचान लेना या लिखे हुए को देख कर पढ़ लेना शनि की शक्ति है | शनि तो शत्रुता नहीं करता मगर मंगल खुद ही शनि से शत्रुता करता है | मंगल के घर खाना नंबर 3 में शनि हो तो निर्धन कंगाल होगा |

2) मंगल ऐसा नेक और सीधा चलने वाला है कि कभी बुराई की उकसाहट हुई तो फिर से पीछे ने हट सकेगा और अपनी सारी शक्ति बुराई की तरफ उकसाने वाले को ही दे देगा | मंगल नजर का स्वामी तो नहीं है नजर के प्रभाव का परिणाम इसका भाग है | किसी को नजर लग गई या नजर से ही किसी जगह बैठे हुए सैंकड़ो मील दूर की चीज को ख्वाब में देख लेना इसकी शक्ति है | शनि के घर नंबर 10 में मंगल उच्च और राजा होगा जब अकेला मंगल या मंगल शनि 10 में हो |

दोनों का आपसी दृष्टि सम्बन्ध

मंगल देखे शनि को तो मंगल की चीजे काम सम्बन्धी या मंगल स्वयं सिफर संतानहीन होगा मगर शनि की चीजे काम सम्बंधित दुगना नेक और अच्छा होगा |

शनि देखे मंगल को तो दोनों डाकू एक ही असूल के मिले हुए की भांति दोनों ही ग्रहों का नेक और अच्छा फल होगा |

मंगल से राहु का सम्बन्ध

जब मंगल देखे राहु को तो राहु का बुरा असर न होगा | राहु देखे मंगल को तो बाजुओं, पेट या खून की ख़राबियों से जिस्म के दाएँ भाग में बड़ा कष्ट होगा | चंद्र का उपाय करे |

मंगल का केतु से सम्बन्ध

जब सिर्फ दोनों ही आपसी दृष्टि या मुकाबले पर आ जाए तो भाग्य के मैदान में मंगल (शेर) और केतु (कुत्ते) की लड़ाई की तरह भाग्य का हाल होगा यानि दोनों मंदे होंगे | ऐसे वक्त में उपाय करे जो मंगल-केतु इक्कट्ठे में लिखा है |        

आम हालत

जब टेवे में सूर्य-बुध (नेक मंगल के मसनुई ग्रह) एक साथ हो तो मंगल नेक होता है | अगर सूर्य-शनि एक साथ हो तो मंगल बद होगा | खाना-पीना, भाई-बंधुओं की सेवा, लड़ाई-झगड़ा, शारीरिक दुःख, बीमारियाँ 28 साल आयु का समय मंगल है | सारे शरीर के बीच का भाग नाभि मंगल की राजधानी और सूर्य की किरणों की जगह मानी है  | कुंडली की नाभि खाना नंबर 4 के ग्रह मंगल की नेक और बुरी हालत का पता बतायंगे | जैसा नंबर 4 में होने वाले ग्रह का असर होगा वैसी ही हालत मंगल के खून की होगी | दान, दुनिया में भलाई के काम और भंडारे खोलने की हिम्मत, मंगल के नेक होने का सबूत होंगे |  मंगल नेक हो तो कुल खानदान की लावल्दी दूर करता है | अकेला बैठा मंगल जंगल के शेर के समान होगा | मंगल नेक अपने असर की निशानी सदा उस ग्रह की चीजों के जरिए देगा जो कुंडली में उत्तम हो और उस ग्रह के अपना असर देने का समय हो | मंगल बद मंदे ग्रह के जरिए और उस ग्रह के अपने असर देने के समय बुरे असर की हवा का आना पहले ही बता देगा | हर हालत में मंगल के असर में एक साल लगातार और बीच के ढंग की रफ़्तार न होगी | चाहे मंगल नेक चाहे बद |

मंदी हालत में

बदी का तुख्म (बीज), खून का बदला खून से लेना | जब चंद्र या सूर्य की मदद मिल जाए तो मंगल बद न होगा (विस्तार मंगल नंबर 4 में देखे) |  जब कोई दो पापी जैसे शनि-राहु, शनि-केतु या कोई दो शत्रु जैसे बुध-केतु, सूर्य-शुक्र मंगल के साथ हो तो मंगल बद न होगा | जब अपनी मार पर आएगा तो एक का बुरा न करेगा बल्कि अगर हो सके तो कुल खानदान का ही बेडा ग़र्क़ करेगा | जब बुध मंदा हो तो मंगल बद ओर भी मंदा होगा |

मंगल के अपने भाई-बंधू

   

मंगल बैठा हो खाना नंबर मंगल की आम हैसियत   टेवे वाले के कितने भाई होंगे  
1 इन्साफ की तलवार छोटे भाईओं की शर्त नहीं पर अकेला भाई न होगा  
2  भाइयों की पालना करने वाला खुद बड़ा भाई होगा  
3  चिड़िया घर का कैदी शेर जिसे अपनी ताकत का पता न हो   बहन-भाई जरूर होंगे चाहे छोटे चाहे बड़े | मंगल की उम्र और बुध बैठा होने वाले खाने के गिनती के बराबर, 7 या 14 साल आयु के बाद तीन भाई    
4  भाई की स्त्री धनी, अपनी माँ, नानी, सास सब पर मौत तक भारी   टेवे वाला बेशक जन्म से छोटा हो मगर 28 साल आयु तक खुद ही बड़ा भाई हो जाएगा | वरना उसका  बेबुनियाद, लावल्द या मंडी सेहत का स्वामी होगा    
5 रईसों का बाप-दादा, जब तक मंगल नेक हो लेकिन जब मंगल बद हो तो आँख से ही तबाही करता जाए |   खाना नंबर 3 में अगर नर ग्रह हो तो 4 भाई होंगे | स्त्री ग्रह हो तो 3 भाई होंगे | पापी ग्रह हो तो 5 भाई | बुध अकेला हो तो 2 भाई |    
6  साधू सन्यासी के स्वाभाव का स्वामी, जो खुद अपना आप ही मारे |     एक अकेला ही धर्मवीर होगा |  
7  विष्णु जी, भाई की औलाद की 
पालना सहायक होगी |   
लावल्दी, निर्धनता जब बुध का साथ मिले |  
8 मौत का फंदा 4-8-13 बल्कि 15 साल आयु के बाद दूसरा भाई हो | बल्कि कई बार तो अकेला ही रह जाए |  
9  तख़्त शाही खजाना | बड़े भाई की और भाई की स्त्री के सेवा और ताबेदारी मंगल की बुलंदी के नींव होगी  जितने बाबे, उतने ही भाई होंगे |  
10   अगर शनि उत्तम तो राजा की भांति जो भाई के लिए जीवन भर सहायक होगा | जितने ताए -चाचे उतने ही भाई वर्ण मच्छ रेखा | 
11   फकीरी में जो बुध और शनि की नक़ल करेगा यानि बुध-शनि टेवे में जैसे हो |   फैसला गुरु पर होगा | यानि जिस घर में गुरु बैठा हो उसी घर का मंगल का लिखा असर लेंगे | जिस घर में गुरु हो उतने भाई | गुरु जब 1 से 10 में हो तो गुरु के बैठा  होने वाले घर से अमूमन 9 भाई हो सकते है | गुरु 11 में हो तो 2 भाई | गुरु 12 में हो तो अकेला ही भाई या सिर्फ एक और वह भी कम सुखी |   
12   गुरु चरणों का ध्यान रखने वाला | सिर जाए मगर धर्म न जाए |  बड़े भाई को जिन्दा न रहना देगा | मगर टेवे वाले के जन्म से पहले उसका बड़ा भाई (ज्यादा से ज्यादा 2 बड़े भाई) जरूर ही जिन्दा और कायम होगा | स्त्री के टेवे में बड़े भाई को तबाह करने की शर्त नहीं है |  


S Kuber RA
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