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Sunday, 9 September 2018

लाल किताब सूर्य खाना नंबर 12

लाल किताब 

सूर्य खाना नंबर 12 


सुख की नींद मगर पराई आग से जल मरने वाला

हसद (ईर्ष्या) जाती जलता या ममता पराई, शहादत (गवाही) गबन दे जमानत तबाही |
दस्ती कमाई (मैनुअल वर्क) या हुनरमंदी होने में सूर्य ग्रहण होगा मगर व्यापार (बुध) उत्तम होगा |

नेक हालात में

सूर्य की बुनियाद पर अब राहू का साया चल रहा होगा | सुखिया रात का मालिक मगर पराई आग या ममता में अपने आप गिर कर मरने वाला होगा | अब सूर्य और शनि का किसी भी तरह झगड़ा न होगा और न ही शुक्र या बुध मंदा होगा | गुरु का प्रभाव चाहे शक्की मगर स्त्री-मर्द का जोड़ा सुखिया होगा, धनी चाहे हो या न हो |  मालिक रहे या नौकर बन कर रहे, निर्धनता से चाहे भंगी हो, चाहे घर बिक जाए, मगर धर्महीन संतान रहित या लंगोटा बंद साधु न होगा | अगर होगा तो लम्बी जागीरों का मालिक, आजाद जीवन, साफ़ रूह, ब्रह्म ज्ञानी और जिन्दा दिल होगा | अर्थार्थ धर्म का जितना पक्का होगा उतना ही सुखी गगृहस्थी होगा | किस्मत के मैदान में अगर बहुत चमकता लाल न भी हो तो भी कम चमक का न होगा | घर में आटा पीसने की चक्की (जब जन्म कुंडली में बुध-शुक्र साथ हो) के होते हुए रिजक कभी बंद न होगा | अगर राजदरबार सहायता न करे तो व्यापार से लाभ होगा | दस्ती शनि की मशीनो के काम से घाटा होगा  (सूर्य ग्रहण होगा) फिर भी धर्म पालना आबाद करती होगी | जब तक मकान का सेहन कायम रहे तब तक सूर्य का असर मंदा न होगा जिस कदर खुले सेहन का साथ रहे  भाग्य का मैदान बढ़ता रहे |

1)       शनि 6 में हो तो अब शुक्र (गृहस्थी) बर्बाद न होगी बल्कि शुक्र मंदा होता हुआ भी नेक प्रभाव देगा |
2)       केतु 2 में हो तो केतु की आधी आयु 24 वर्ष के बाद स्वयं कमाई करने वाला होगा | हरे-भरे जीवन की फूलवाड़ी का मालिक होगा |
           
 मंदी हालत में

इस घर में अकेला बैठा सूर्य अपने शत्रु राहू की चीजों पर नेक प्रभाव बंद कर देता है जैसे सिर की हडडी, दिमागी चाल (विचारों का आना-जाना, अचानक पैदा होना) मर्द-स्त्री का बाहमी (आपसी) आयु का सम्बन्ध, बदनामी की प्रसिद्धि, कोयले, खोपड़ी, हाथी, शराब, बद-दुआ वगैरा | राजदरबार में खराबियाँ, दस्ती टेक्नीशियन के कामो में हानि, मगर बुध उत्तम प्रभाव का होगा | जिस कदर मकान का सेहन खुला हो सूर्य का उत्तम प्रभाव होगा | दिल की स्याही, जाति ईर्ष्या, अँधेरे मकानों का साथ, पराई ममता, किसी की झूठी शहादत, जमानत, गबन या अमानत का मार लेना सब के सब सूर्य की उत्तम आग को गंदे पेशाब से बुझाते होंगे | राहू से सम्बंधित कारोबार, ससुराल आदि से मुश्तरका काम करना हर तरफ मंदा भूचाल खड़ा कर देंगे | राहू की चीजों का साथ साथी होना मंदा प्रभाव देगा |

1)       जब पापी नंबर 1 में हो तो रात की नींद और सुबह का नाश्ता दोनों बर्बाद | तंगदस्ती सूर्य के प्रभाव में खराबियाँ होगी | मंदे समय में दर गुजर करने का हथियार या दुश्मनो को माफ़ करते रहना सफलता विजय देगा |

चंद्र 6 में हो तो स्वयं या अपनी स्त्री या दोनों एक आंख से काने होंगे |



S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant 

लाल किताब सूर्य खाना नंबर 11

लाल किताब 

सूर्य खाना नंबर 11
 

पूर्ण धर्मी मगर अपनी ही ऐश पसंद
जुबान तेरी जो गोश्त खाने को मांगे, लिखे खुद निसंतानता विधाता कलम से |

मूली गाजर सब्जी आदि सफ़ेद रंग या शनि की चीजों का दान (रात को सिरहाने रख कर सुबह धर्म स्थान में देना) साबुत बादाम शनि की चीज है | शनि की काले रंग की चीजे यहाँ न ले | बुध मंदा या शनि की खुराक कर लेने के बाद जो नुक्स पैदा हुआ हो वो जिन्दा बकरा छोड़ने से दूर होगा |

नेक हालत में

शाकाहारी हो तो नर संतान जल्दी होगी | चाहे लालची मगर राजा की पदवी का आदमी | अगर धर्म में पूरा हो तो परिवार सुखी हो | अमूमन पूरा धर्मी मगर अपनी ऐश पसंद होगा | अगर शनि के मंदे कामो से दूर रहे तो कम से कम तीन नेक लड़को का बाप होगा | आयु लम्बी होगी |

मंदी हालत में

इस घर में अकेला बैठा सूर्य अपने शत्रु शनि की चीजों (उम्र तक जाती आमदनी, खुद ख़रीदे हुए बने बनाए मकान, औलाद की आयु, शान गिनती, जन्म समय, पहल हाकिम, नफ़सानी शक्ति (शारीरिक काम वासना से सम्बंधित), राहु - केतु के कामो का फैसला) पर अपना नेक प्रभाव बंद कर देगा | गोश्त खाने वाला हो तो कम से कम 45 साला आयु तक की जैसे अपनी नर संतान का मॉस उबाल कर खा रहा हो | नर संतान व्यर्थ अंत में निसंतान होगा | खास कर जब उसके मकान की साथ लगती हुई गली और वृक्ष वाला सेहन (आँगन) हो | शनि और बुध की मंदी कार्यवाहियां तबाही को पहले ही बता देंगी | स्वपन में सांपो का तमाशा, जुबान का खोटापन (लड़ाई झगड़ा या गाली देने की आदत), वायदा फरामोशी, झूठी शहादत (गवाही), फरेब धोखाधड़ी, झूठा, शराबी, शनि की इन मंदी चीजों का साथ सूर्य की चमक पर काली स्याही फेर देगा | गुरु के दरबार में जो शनि हलफ (कसम) उठा कर किस्मत का फैसला कर रहा है अपनी कलम से सूर्य पर क़त्ल का हुक्म लिख देगा | यानि शनि की चीजे गोश्त, शराब की मंदी खुराक होने पर संतान की तबाही का हुक्म सादर कर देगा |                  
जिसे राहू केतु की मुश्तरका आयु 45 साल तक मंसूख (स्थगित)  करना मनुष्य शक्ति के बाहर होगा | शनि की खुराक से जब ऊपर लिखी बात आ रही हो तो 45 साल आयु के बाद जिन्दा बकरा छोड़ने से लानत दूर होगी |

1)       जब चंद्र 8 में हो, शनि मंदा हो और बुध तीन में हो तो उम्र तो यकीनी तौर पर लम्बी होगी पर झूठ और हरामकारी का पुतला होगा | सूर्य और बुध दोनों की चमक गुम होगी |

 चंद्र 5 में हो और नर ग्रह साथ-साथी न हो तो उम्र 12 साल | नर संतान व्यर्थ की लाश मुर्दा पैदा हो | मूली, शलगम, गाजर, सब्जी या शनि की चीजे बादाम, (इस जगह शनि की काली चीजे न लेंगे) रात को सिरहाने रख कर सुबह धर्म स्थान में देना शुभ होगा | 


S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant 

लाल किताब सूर्य खाना नंबर 10

लाल किताब 

सूर्य खाना नंबर 10
 

सेहत मान धन का मालिक मगर वहमी
अतायत (बड़ा मान कर उनके मातहत हो कर चलना) जो बड़ो की करता चलेगा, ज़माने में तेरा कुछ बन के रहेगा | 
सफ़ेद पगड़ी (शरबती रंग) उत्तम मगर सर पर काले नीले रंग या नंगा सिर हानि कारक होगा |

नेक हालत में

मान स्वास्थ्य धन का मालिक मगर वहमी होगा | सिर पर सफ़ेद या हल्के शरबती रंग  (जो काले-नीले न हो) की पगड़ी या टोपी उत्तम होगी |

मंदी हालत में

इस घर में अकेला बैठा सूर्य अपने शत्रु शनि की चीजों की (जद्दी विरासत, पिता या उनका सुख, नजर, काली चीजे, तेल, लोहा, लकड़ी, भैंस, बाल, मगरमच्छ, तीन साला रहने का घर, पिजड़ा, घुटना) पर अपना नेक प्रभाव देना बंद कर देगा | जब तक राहू (ससुराल) का साथ या उनके घर ही रहना या राहु से सम्बंधित काम या चीजों का साथ हो तो राहू सदा ही सूर्य ग्रहण या मंदा कच्चा धुआँ पैदा करता होगा | अपने नुक्स का ढिंढोरा पीटना और दूसरों के आगे रोने रोना मंदे समय की पहली निशानी और बर्बादी की निशानी होगा | चाहे कोई भी दर्जे की विद्द्या डिग्री हासिल की हो और उसके बड़े चाहे कितने उत्तम भाग्यवान हो मगर वह नंगा सिर रहने का आदी होने पर आम तौर पर चिल्लाता ही होगा और हर ओर नाकामयाबी ही होगी | पश्चिमी दिवार में रोशनी या पश्चिमी दिवार (अपने मकान की), पडोसी लावल्द या राहु की लानत से जलता हुआ होने, मंदे सूर्य की आम निशानी होगी | राजदरबार में स्याही से सिफारशी कागज, स्याह कर के कई बार देखा ओर देखा न उसे कभी पार देखा बल्कि नर ग्रह की सहायता न होने पर (साथ-साथी) उसने न दर देखा न जहाँ देखा | फिर भी देखा तो क्या देखा कि सूर्य की आग की गर्मी और अपने स्वयं के गुस्सा के जोर से मंदा हाल देखा और औलाद तबाह बर्बाद देखा | किस्मत अपने के लेखे में न कभी शाह देखा              
फिर शाही लिस्ट में भी न उसे लिखा देखा | पर मगर देखा तो तो सफ़ेद पगड़ी या दस्तार से ही उसे गुरु के दरबार देखा | तो आखिर में उसे शाहो का शाह देखा | मगर बुध की उम्र 34 साल ही न यह हाल देखा | फिर भी देखा तो उसे न कभी योगी अलंकार देखा | संक्षेप में कहे तो अकेले सूर्य का प्रभाव मंदा ही होगा | खासकर नंगा सिर या बाहर की स्याही या स्याह कपडे पहनने वाला, या सिर पर या सारे शरीर पर काले नीले कपडे मंदा मनहूस प्रभाव देंगे | हलके शरबती रंग उत्तम होंगे |

1) जब खाना नंबर 5 - 6 और चंद्र मंदे हो और नर ग्रहों गुरु - मंगल का साथ न मिले तो अल्पायु, दुखो से भरा जिस्म, और धर्म और औलाद की हर तरह से हानि देखता होगा |
2) जब चंद्र नंबर 5 में हो तो और नर ग्रह साथ-साथी न हो तो उम्र 12 दिन होगी |
3) जब चंद्र 4 में हो तो घोडा, माता, पगड़ी सब निष्फल बल्कि गुरु भी व्यर्थ मगर राजदरबार उत्तम सूर्य का प्रबल असर होगा | 
4) जब शुक्र नंबर 4 से देखता हो और शनि भी मंदा हो तो पिता टेवे वाले की छोटी उम्र में ही चला जाए |
5)  जब चंद्र नंबर 2 में ऊँच-कायम हो तो
ऊँच चंद्र जो टेवे बैठा, भला दौलत जर होता हो |
साल 24 न माता सुखिया, राज असर चाहे उम्दा हो |
24     साल की उम्र में माता दुखिया और ऐसा भी हो सकता है की चल बसे मगर जरूरी नहीं की चल ही बसे |
6) खाना नंबर 6-7 में कोई भी ग्रह बैठा हो तो 34 साल की उम्र तक मच्छर जैसा भाग्य यानि न स्वयं सुखी न पिता का आराम | न स्वयं योगी अलंकार और न ही शाही मदद की गुंजाइश | न संतान कायम | न सुख शाह | न राजदरबार में ऊँचा दर्जा | मगर बाद में उसे शाहों का शाह भी माना है |
7) जब शनि मंदा हो तो सूरज शनि का लम्बा झगड़ा होगा मगर राज दरबार उम्दा हो तो शनि के मकानों व दीगर सम्बंधित चीजों का असर मंदा होगा | शनि की महादशा के समय 19 साल पिता को कष्ट जुदाई और धन दौलत की मंदगी होगी | दरिया और तेह जमीन का पानी (कुआँ, हैंडपपं) सदा मदद देगा |
8) खाना नंबर 4 खाली हो तो राजदरबारी सम्बन्ध में सूर्य सोया हुआ होगा यानि बुद्धि ज्ञान के अनुसार ताकत या अच्छी आदते होते हुए भी दरबार में उसकी कोइ कदर या गिनती न होगी | दरिया, नदी, नाला में यानि चलते पानी में 40 - 43 दिन लगातार ताम्बे के पैसे बहाते जाना सहायक होगा |


S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant

Saturday, 8 September 2018

लाल किताब सूर्य खाना नंबर 9

लाल किताब 

सूर्य खाना नंबर 9

लम्बी उम्र, भारी कबीला, खानदानी परवरिश वाला, सूर्य ग्रहण के बाद का सूर्य
उम्र लम्बी में पाप तो खूब करेगा, मगर धर्म को क्यों तू ऊँचा करेगा |

टेवे वाला ऐसा प्राणी होगा जिस के खानदान में उस के जन्म से पहले किस्मत की हर तरफ मंदी हालत थी लेकिन अब उसके जन्म से कुल खानदान का पुराना मंदा समय ख़त्म हुआ और उनकी किस्मत का ग्रहण हट कर हर तरफ से उत्तम रौशनी (भाग्य) और अच्छी (काम आने वाली) आग पैदा होगी |

नेक हालत में

उम्र लम्बी, मस्खरी हद से जयादा बेवकूफ कर दे | भोलापन सदा नेक होगा और रौशनी का रास्ता हमेशा सहायक होगा | दृढ़निश्चय उत्तम देगा | बढ़ता हुआ कबीला पोते पड़पोते सब का सुख देख कर जाएगा | खानदानी पालना करने वाला | किसी का कुछ बने या न बने मगर अपने खानदानी खून के लिए अपना सब कुछ बहा देगा | मगर बदले में कुछ न मांगेगा और न ही खुद कभी रोटी से भूखा मरेगा | वह अपनी सात पुश्तों (तीन पिछली, एक वर्तमान की और तीन आने वाली को मिला कर 7) का रखवाला और सहायक होगा |  परोपकार का असूल अपने घर से चला कर कुल दुनिया के लिए पूरा कर देगा | राजदरबार और बृहस्पति से सम्बन्ध चाहे मंदे ही क्यों न हो मगर उसके हाथ में इलाज की बरकत जरूर होगी | सात पुश्ते तारने वाला | अब खाना नंबर 3 बहन-भाई, खाना नंबर 5  अपनी संतान का प्रभाव उत्तम होगा | शुक्र चाहे हल्का मगर चंद्र अब बुरा असर न देगा | माता पिता की रोटी कमाने का ढंग (धंधा) अमूमन सरकारी नौकरी होगी | खर्चा कबीलदारी के कामो में बहुत होगा | खाना औलाद भी अब हरा-भरा होगा चाहे इसमें पापी या मंदे ग्रह बैठे हो |
1)       जब मित्र ग्रहों का ताल्लुक हो तो उस का खानदान उससे पहले उस के बाप दादा और स्वयं लम्बी उम्र का ठेकेदार होगा |
2)      बुध अगर 5 में हो तो किस्मत 34 साल के बाद जागेगी |

मंदी हालत में

चंद्र की चीजे खासकर चांदी दान में लेना मंदे चंद्र की निशानी होगी | मुफ्त खोरी से सूर्य छिपने का समय होगा यानि गिरावट का समय निकट होगा |
1)       बुध का साथ या बुध नंबर 5 से देखता हो तो सूर्य का मंदा प्रभाव जोर पर होगा | घर में पीतल के बड़े बड़े पुराने बर्तन बुध की जहर को हटाएंगे |
 राहू 1-3-5 में हो तो हद से ज्यादा गर्म या हद से जयादा नरम स्वाभाव होने से बर्बाद होगा | धर्म में कच्चा और मुफ्त खोर ऐशी पट्ठा होगा |


S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant