लाल किताब
राहु खाना नंबर 4
धर्मी मगर धन के आम गम
भला कहते गँगा स्नान जो करता |
वही तेरा स्वयं अपने घर का ही बनता |
नेक हालत में
1) धनी होने की निशानी होगी |
2) धर्मी टेवा होगा | चंद्र की बेजान चीजों का फल मध्यम बल्कि मंदा ही होगा | चंद्र की सिफ्ते, विद्या तथा बुद्धि का साथ होगा | खर्चा चाहे मनमर्जी से करे मगर लम्बा और शुभ खर्चा होगा |
3) केतु और शनि बुरे कामो में अब राहु के साथ हाँ में हाँ नहीं मिलाएगे और उनका अपना-अपना फल होगा | राहु स्वयं माता (चंद्र) के चरणों में सिर झुकाए, माता-पिता के सम्बन्ध में पाप न करने की कसम उठाए नेक और धर्मात्मा होगा जब तक अकेला ही हो या चंद्र के साथ हो | वरना अपनी शरारती नस्ल का सबूत देगा | ऐसे व्यक्ति का अपनी घर का स्नान गँगा स्नान से भी अच्छा होगा |
4) चंद्र उच्च या नंबर एक में हो तो माया पर हाथी का साया या हाथी माया में नहाता होगा यानि बहुत धनी होगा | जैसा चंद्र होगा वैसा ही हाथी की सूंड में पानी भरा होगा यानि वैसी ही धन की हालत होगी | चंद्र बैठा होने वाले घर से धन लेगा यानि चंद्र बैठा होने वाले घर की सम्बंधित चीजे, काम, सम्बन्धी धन पैदा करने में सहायक होंगे | जहाँ बुध बैठा हो, उस घर में धन भर देगा यानि बुध जिस घर में बैठा हो उससे सम्बंधित रिश्तेदार, काम, चीजे उससे लाभ उठाएँगे और टेवे वाले को सहायता देंगे |
5) चंद्र नंबर 1 और बुध नंबर 10 में हो तो राजदरबार से धन कमा कर पुरखो के घर में भर देगा |
6) शुक्र उत्तम हो तो विवाह के दिन से ससुराल का धन बढ़ता होगा और टेवे वाला उसमे से अपना हिस्सा लेता होगा
7) सूर्य या मंगल या दोनों नंबर 2 में हो तो टेवे वाले पर राहु का साया होगा | सूर्य और मंगल सहायक होंगे |
8) केतु उत्तम हो तो 48-24-12 साल आयु में या संतान के जन्म दिन से माता-पिता के लिए शुभ और उत्तम होगा
मंदी हालत में
1) 24, 48 साल आयु तक चंद्र के बेजान चीजों का फल मंदा होगा | मगर वह धर्मी और बुद्धि का स्वामी होगा | 45 साल आयु से राहु-केतु दोनों का फल उत्तम होगा | मामा घर का उत्तम लेखा चंद्र की आयु 6-12-24 साल तक बर्बाद हो चुका होगा | धन के फ़िक्र, गम आम होंगे खासकर जा टेवे वाला खुद ही राहु को खड़ा कर लेवे | मंदा राहु कैसे खड़ा होगा ? राहु नंबर 4 वाला जब अगर मकान को छेड़े और सिर्फ छत (राहु) ही बदलवाए या टॉयलेट बदलवाए तब मंदा राहु खड़ा हो जाएगा | इसलिए अगर छत बदलवानी पड़े तो साथ में दीवारे (शनि) भी बदलवाए वरना धन हानि होगी | मरम्मत का वहम नहीं होता | सिर्फ छत ही बलवानी हो तो नई छत में पुरानी छत का लोहा वगैरा मिलाकर बनाए ताकि छत नई न गिनी जाए | यह मंदे फल तब खासकर होंगे जब राहु वर्षफल में नंबर 4 में हो या वैसे ही मंदा हो | राहु के दूसरे काम जैसे भट्टी बदलते रहना, कोयले जमा करना वैगरा भी मंदा असर देंगे |
2) चंद्र उत्तम न हो तो धन-दौलत का प्रभाव हल्का ही होगा |
3) चंद्र या नर ग्रह नंबर 10 में हो या चंद्र नंबर 4 में हो तो सब ग्रहों पर धुआँ पड़ता होगा मगर मंदा समय स्वप्न की तरह गुजरता होगा | और चंद्र की आयु गुजरते ही धन की वर्षा होगी | सब नर्क धुल जाएंगे |
S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant