लाल किताब
बुध खाना नंबर 12
नेक, लम्बी आयु, अच्छा जीवन बिताने वाला, मगर भाग्य के फेर से रात की नींद उड़ने वाला | जिसे देख कर आसमान भी रो देवे |
गई रात न आधी, वह क्यों रो रहा है |
लिखा सब फरिश्ता, उल्ट हो रहा है |
4 छटे 9-12 मारे, तीन, दूजा नहीं बचता हो |
गुरु राहु खुद जड़ से कटते, सुखिया रानी न राजा हो |
साथ, साथी ग्रह शत्रु होते, जहर शनि में भरता हो |
बुध के सम्बंधित रिश्तेदार बहन, बुआ, फूफी मौसी टेवे वाले के घर में दुखिया ही होंगे मगर अपने ससुराल में प्रसन्न होंगे | खाना नंबर 12 के बुध के समय बुध का स्वभाव जरूर देख लेना चाहिए जैसा बुध की पहली पोस्ट में दिया हुआ है |
नेक हालत में
नंबर 12 में सिर्फ शनि और सूर्य उसके साथ बैठे बुध की जहर से बच सकते है | बुध नंबर 12 साफतौर पर दाँत कहलाता है मगर टेढ़ा दाँत जिसके अंदर बाहर जाने के लिए सुराख़ माना है | (जैसे साँप के दाँत) सूर्य को बंदर माना है शनि को साँप मानते है | बन्दर की सिफ़्त (गुण - खूबी) है कि वह किसी चीज को मुँह में डालने से पहले सूंघ लेता है | अगर वो चीज ख़राब या विषैली हो तो धरती पर फेंक देगा | फिर भी अगर गल्ती हो जाए तो अपने जबड़ों के नीचे की थैलियों में हर एक खाने वाली चीज को डाल देगा | एकदम निगलेगा नहीं | इसी तरह साँप के जहर की थैली उसके सर में जुदा ही होती है | और बुध का टेड़ा दाँत उस थैली से जहर निकाल कर किसी को मार देने का बहाना होगा मगर यह थैली अपने आप ही जहर अपने से बाहर निकलने नहीं देती | इसी तरह पर बन्दर और साँप (सूर्य और शनि) बुध के साथ नंबर 12 में बैठे हुए बच जाते है | कई बार तो बुध की विष को काम की चीज बना लेते है | मगर बुध नंबर 12 के समय खाना नंबर 6 में बैठे सब ही ग्रह, शनि और सूर्य समेत, बुध की उल्ट दृष्टि से बर्बाद हो होंगे | अक्ल (बुध) के साथ अगर होशियारी (शनि) का साथ नंबर 2-12 मिल जाए तो जहर से भरे हुए के लिए भी अमृत कुंड होगा जो मुर्दो को भी जीवित कर देगा |
1) गुरु या शनि 2-12 में या 3 में हो तो अब बुध परिवार तथा धन दौलत के ताल्लुक में अमृत का भारी तालाब होगा |
2) गुरु 2-12 में हो तो इज्जत, शक्ति, सांसारिक प्रसिद्धि सब कुछ होगा मगर धन दौलत की चोरी या हानि, या फालतू खर्चा हानि देंगे |
3) शनि और गुरु नंबर 7 में हो तो बुध भी अब उत्तम फल देगा जब तक शनि और गुरु दोनों एक साथ मगर बुध से जुदा हो | टेवे वाले पर बुरा असर न होगा | मगर बुध की जानदार चीजे (बहन, बुआ, फूफी, लड़की, मासी) आदि टेवे वाले के घर में दुखिया मगर ससुराल सुखिया होगा |
मंदी हालत में
1) ऐसा प्राणी स्वाभाव में ऐसा कि एक पल तो कहे शाबाश बढे चलो जवानो हमारे बैठे कैसी फ़िक्र | दिलासे देता, साथियों को आन की शान में ख्याली महलो के दिलासों में भड़काता हुआ | लेकिन उस समय दूसरे साँस में
चिड-चिड करता टूटे पत्थर की तरह कमरे के दरवाजे में घूमता न सिर्फ साथियों और अपने आप को बेआराम करता होगा बल्कि उसकी जुबान की तेज़ाब भरी लहार से पडोसी भी चिल्लाते होंगे | जुबान को अपने मतलब के लिए बदल लेना और झूठ के हथियार से संगीन तलवारों को काला कर देना उसके बाएँ हाथ का खेल होगा | उसकी दिमागी भाषा उसकी लिखाई के अक्षरों के दायरों को मिटटी में दबे हुए जुगनू की तरह देगा जो उसके साथियों के लिए मंदे धोखे से बरी न होगा |
दिमाग में आई हुई बात (अच्छी या बुरी) को पूरा करने के लिए अपनी शक्ति और शारीरिक, सर से पैर तक लगा देगा बगैर सोचे कि मिटटी का घड़ा (बुध) पानी में डालने से पहले पक्का या कच्चा है | यानि बहुत विचार के बाद, समझने की कोशिश के बाद का परिणाम उसे कोई लाभ न देगा | यहाँ तक कि मुँह के दांत तक निकाल देगा | मंदी हालत की पहली निशानी शराब पीना शुरू होगी जिस पर झूठ का रंग चढ़ता और आखिर पर दगा-फरेब का पैमाना भरता होगा | यानि जुबान से सच्चा बनने की कोशिश मगर अंदर से झूठे होने का लुच्चेपन का ढंग आम होगा |
कोढ़ अमूमन एक के बाद दूसरे खानदान में चला जाता है मगर नंबर 12 का बुध एक ऐसा कोढ़ और खालिस जहर होगा जो अचानक पल के पल में सारे शरीर को फाड़ कर टुकड़े-टुकड़े कर दे |
दम दमे में दम नहीं है, खैर मांगो जान की |
बस समाप्त हो चुकी, रफ़्तार सब ग्रह चाल की |
2) बेफकूफ, नालायक मित्र जो बुरा करते समय किसी का भी (अपने समेत) भला न सोचे | हर समय पर कोढ़ी |
3) चाहे राजा हो चाहे फ़कीर, सबकी की ही रात की नींद उजाड़ने वाला | लूट गए के किस्से सुनाने वाला | कारोबार पर मंदा होगा | मर्द के टेवे में बुध नंबर 12 शायद ही भला होगा लेकिन स्त्री के टेवे में बुरा नहीं गिनते | मर्द के टेवे में जब 12 में हो तो उसकी स्त्री चाहे रानी ही क्यों न हो निर्धन दुखी से वैसे ही तंग होगी जैसे कि उसका पति जो बुध नंबर 12 में दुखी किया होवे | यदि स्त्री का भी बुध 12 में हो तो राजा धनी होते हुए भी गृहस्थी हालत के मंदे होने से रात को कफ़न में सोते हुए बराबर वक्त पूरा हो | यदि जन्म कुंडली में या वर्षफल कुंडली में केतु उच्च हो तो सभी ठीक होगा और बुध की जहर धुल जाएगी |
4) शुक्र के दो भाग केतु (फल-संतान) और बुध (फूल) माने है | नंबर 12 का बुध नंबर 6 के केतु को भी मंदा करेगा | इस तरह बुध-केतु बर्बाद होंगे अतः शुक्र भी पागल होगा | अतः संतान न होगी और माँ-बाप को भी याद करते रहेंगे |
5) हवाई काम, व्यापार, सट्टा मंदा असर देगा |
6) 25 साल की उम्र से पहले और खासकर 25 साल में शादी हो तो वो और उसका पिता दोनों रोते होंगे | मर्द, माया दोनों बर्बाद | उम्र का हर तीसरा साल बर्बाद होगा | तीसरा दिन, तीसरा महीना भी शुभ न होगा |
7) 30 से कम या 32 से अधिक दाँत मंदे असर की निशानी होगी |
8) मंदे वक्त में बकरी (बुध) भी दिल फाड़ देगी |
9) शरीर पर बुध की चीजे जैसे सिर का ढाँचा, जुबान, दाँत, नाड़ियाँ, नाक का अगला हिस्सा खराबी का कारण होगा |
10) बुध और राहु का मंदा सम्बन्ध जेलखाना, पागलखाना, वीराना, चोरी, आग की घटनाएँ, बेईमानी से धोखा फरेब का मिलना, खोटे सिक्के आदि से धन हानि, बेइज्जती, फिजूल जहमत और बर्बाद हो |
11) केतु (कुत्ता), दुनियावी कुत्ते {बहन के घर भाई, ससुर के घर जमाई और नानके घर में दोता (मामा के घर भांजा) } की सहायता शुभ होगी | कुत्ता पालना नेक फल देगा | दूसरे सांसारिक बंधुओं की राय, सलाह नेक नतीजा देगा | नाक छेदन उत्तम, जर्द (पीली) चीजे, सोने का साथ शुभ | गले में पीला धागा शुभ | फौलाद का छल्ला जिसमे जोड़, टांका न हो शुभ होगा लेकिन वो साफ़, चमकदार हो, जंग न लगने पाए, वह भाग्य की सोई लहार को फ़ौरन जगा देगा और शुभ समय कायम कर देगा | मगर यह छल्ला मुफ्त नहीं लिया करते क्योंकि वो (मुफ्त लिया) कोई फायदा न देगा | माथे पर तिलक की जगह पर केसर, जर्द (गुरु) तिलक लगाना भी सहायक होगा | मगर स्याह राख का तिलक पिता पर भारी (बुध नंबर 2 का असर) होगा | खाली कोरा घड़ा बहाना सहायक होगा |
12) सूर्य या मंगल नंबर 6 में हो तो माता, मामा दुखी | माता छोटी आयु में चल दे नहीं तो दोनों दुखी |
13) गुरु नंबर 6 में हो तो पिता की उम्र बर्बाद बल्कि शक्की और उसके पिता की माया दौलत तबाह हो |
14) मंगल नंबर 6 में हो तो अपना खून, भाई टेवे वाले के लिए मौत के यम और स्वयं बर्बाद होंगे |
15) राहु / केतु नंबर 6 में हो तो ससुराल (राहु) या औलाद (केतु) पर जलती हुए रेत की वर्षा (नंबर 12) होगी | उनका जीवन अत्यंत दुःख से भरा, मंदी हालत, विघ्न, मौते होंगी |
16) खाना नंबर 2 खाली हो तो कम अक्ल, जल्दबाज होगा | मंदिर जाना शुभ होगा |
17) राहु नंबर 8 - 12 में हो तो अगर जेलखाना नहीं तो पागलखाना जरूर नसीब होगा बेशक कसूर या बीमारी न हो | मंदिर में जा कर माथा टेकना जहमत का बहाना होगा |
18) चंद्र नंबर 6 में हो तो माता का भाग्य रद्दी होगा | टेवे वाले के लिए आत्महत्या तक की नौबत होगी |
19) शनि 6 में हो तो शनि की चीजे, कारोबार, रिश्तेदार सब मंदे असर देंगे |
20) चंद्र नंबर 2 में हो तो बिना किसी बर्तन के पानी तथा स्पंज आदि कायम रखना रिजक, रोजगार और आमदन के लिए शुभ होगा |
21) राहु नंबर 2 में हो तो राहु (ससुराल) के लिए मंदी मौत, दुर्घटना, टक्कर आदि साधारण होगा |
22) सूर्य नंबर 6 में हो तो राजदरबार की आमदन के अलावा राजदरबारी सम्बन्ध भी ख़राब तथा मंदा कर देगा |
23) यदि चंद्र नंबर 5 और शनि 9 में हो तो :
चंद्र और शनि सांसारिक सम्बन्ध में चलती हुए मोटरगाड़ी गिनने में बुध नंबर 12 या बुध-राहु नंबर 12 के वक्त अगर कोई मोटरगाड़ी खरीदी जाए जिसका रंग हरा (बुध) हो तो प्यार में लदी हुई लड़की की सवारी के समय ऐसे प्राणी के स्वयं अपने सम्बन्ध (अपने ससुराल सम्बन्ध जब बुध-राहु साथ हो) मोटरगाड़ी का हादसा होगा जिसमे प्राणियों के मौत की शर्त न होगी मगर मोटरगाड़ी को उसके अगले हिस्से को पिसकर जमीन पर सजदा करना ही पड़ेगा |
उपाय
प्राणी को अपनी जान की रक्षा के लिए बुध नंबर 12 के ऊपर दिए हुए उपाय करना नेक होगा | जुबान पर काबू रखना, वायदे को पूरा करना, गुस्से की आग से दूर रहना, बुध के जहर से बचाएगा वरना मेंढक की तरह छलांग लगा कर चलना पडेगा, अंग के कटने पर |
S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant