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Thursday, 18 October 2018

लाल किताब बुध खाना नंबर 12


लाल किताब 

बुध खाना नंबर 12 


नेक, लम्बी आयु, अच्छा जीवन बिताने वाला, मगर भाग्य के फेर से रात की नींद उड़ने वाला | जिसे देख कर आसमान भी रो देवे |

गई रात न आधी, वह क्यों रो रहा है |
लिखा सब फरिश्ता, उल्ट हो रहा है |

4 छटे 9-12 मारे, तीन, दूजा नहीं बचता हो |
गुरु राहु खुद जड़ से कटते, सुखिया रानी न राजा हो | 
साथ, साथी ग्रह शत्रु होते, जहर शनि में भरता हो |

बुध के सम्बंधित रिश्तेदार बहन, बुआ, फूफी मौसी टेवे वाले के घर में दुखिया ही होंगे मगर अपने ससुराल में प्रसन्न होंगे | खाना नंबर 12 के बुध के समय बुध का स्वभाव जरूर देख लेना चाहिए जैसा बुध की पहली पोस्ट में दिया हुआ है |

नेक हालत में

नंबर 12 में सिर्फ शनि और सूर्य उसके साथ बैठे बुध की जहर से बच सकते है | बुध नंबर 12 साफतौर पर दाँत कहलाता है मगर टेढ़ा दाँत जिसके अंदर बाहर जाने के लिए सुराख़ माना है | (जैसे साँप के दाँत) सूर्य को बंदर माना है शनि को साँप मानते है | बन्दर की सिफ़्त (गुण - खूबी) है कि वह किसी चीज को मुँह में डालने से पहले सूंघ लेता है | अगर वो चीज ख़राब या विषैली हो तो धरती पर फेंक देगा | फिर भी अगर गल्ती हो जाए तो अपने जबड़ों के नीचे की थैलियों में हर एक खाने वाली चीज को डाल देगा | एकदम निगलेगा नहीं | इसी तरह साँप के जहर की थैली उसके सर में जुदा ही होती है | और बुध का टेड़ा दाँत उस थैली से जहर निकाल कर किसी को मार देने का बहाना होगा मगर यह थैली अपने आप ही जहर अपने से बाहर निकलने नहीं देती | इसी तरह पर बन्दर और साँप (सूर्य और शनि) बुध के साथ नंबर 12 में बैठे हुए बच जाते है | कई बार तो बुध की विष को काम की चीज बना लेते है | मगर बुध नंबर 12 के समय खाना नंबर 6 में बैठे सब ही ग्रह, शनि और सूर्य समेत, बुध की उल्ट दृष्टि से  बर्बाद हो होंगे | अक्ल (बुध) के साथ अगर होशियारी (शनि) का साथ नंबर 2-12 मिल जाए तो जहर से भरे हुए के लिए भी अमृत कुंड होगा जो मुर्दो को भी जीवित कर देगा |

1) गुरु या शनि 2-12 में या 3 में हो तो अब बुध परिवार तथा धन दौलत के ताल्लुक में अमृत का भारी तालाब होगा |

2) गुरु 2-12 में हो तो इज्जत, शक्ति, सांसारिक प्रसिद्धि सब कुछ होगा मगर धन दौलत की चोरी या हानि, या फालतू खर्चा हानि देंगे |

3) शनि और गुरु नंबर 7 में हो तो बुध भी अब उत्तम फल देगा जब तक शनि और गुरु दोनों एक साथ मगर बुध से जुदा हो | टेवे वाले पर बुरा असर न होगा | मगर बुध की जानदार चीजे (बहन, बुआ, फूफी, लड़की, मासी) आदि टेवे वाले के घर में दुखिया मगर ससुराल सुखिया होगा |

मंदी हालत में

1) ऐसा प्राणी स्वाभाव में ऐसा कि एक पल तो कहे शाबाश बढे चलो जवानो हमारे बैठे कैसी फ़िक्र | दिलासे देता, साथियों को आन की शान में ख्याली महलो के दिलासों में भड़काता हुआ | लेकिन उस समय दूसरे साँस में
चिड-चिड करता टूटे पत्थर की तरह कमरे के दरवाजे में घूमता न सिर्फ साथियों और अपने आप को बेआराम करता होगा बल्कि उसकी जुबान की तेज़ाब भरी लहार से पडोसी भी चिल्लाते होंगे | जुबान को अपने मतलब के लिए बदल लेना और झूठ के हथियार से संगीन तलवारों को काला कर देना उसके बाएँ हाथ का खेल होगा | उसकी दिमागी भाषा उसकी लिखाई के अक्षरों के दायरों को मिटटी में दबे हुए जुगनू की तरह देगा जो उसके साथियों के लिए मंदे धोखे से बरी न होगा |

 दिमाग में आई हुई बात (अच्छी या बुरी) को पूरा करने के लिए अपनी शक्ति और शारीरिक, सर से पैर तक लगा देगा बगैर सोचे कि मिटटी का घड़ा (बुध) पानी में डालने से पहले पक्का या कच्चा है | यानि बहुत विचार के बाद, समझने की कोशिश के बाद का परिणाम उसे कोई लाभ न देगा | यहाँ तक कि मुँह के दांत तक निकाल देगा | मंदी हालत की पहली निशानी शराब पीना शुरू होगी जिस पर झूठ का रंग चढ़ता और आखिर पर दगा-फरेब का पैमाना भरता होगा | यानि जुबान से सच्चा बनने की कोशिश मगर अंदर से झूठे होने का लुच्चेपन का ढंग आम होगा |

कोढ़ अमूमन एक के बाद दूसरे खानदान में चला जाता है मगर नंबर 12 का बुध एक ऐसा कोढ़ और खालिस जहर होगा जो अचानक पल के पल में सारे शरीर को फाड़ कर टुकड़े-टुकड़े कर दे |

दम दमे में दम नहीं है, खैर मांगो जान की |
बस समाप्त हो चुकी, रफ़्तार सब ग्रह चाल की |

2) बेफकूफ, नालायक मित्र जो बुरा करते समय किसी का भी (अपने समेत) भला न सोचे | हर समय पर कोढ़ी |

3) चाहे राजा हो चाहे फ़कीर, सबकी की ही रात की नींद उजाड़ने वाला | लूट गए के किस्से सुनाने वाला | कारोबार पर मंदा होगा | मर्द के टेवे में बुध नंबर 12 शायद ही भला होगा लेकिन स्त्री के टेवे में बुरा नहीं गिनते | मर्द के टेवे में जब 12 में हो तो उसकी स्त्री चाहे रानी ही क्यों न हो निर्धन दुखी से वैसे ही तंग होगी जैसे कि उसका पति जो बुध नंबर 12 में दुखी किया होवे | यदि स्त्री का भी बुध 12 में हो तो राजा धनी होते हुए भी गृहस्थी हालत के मंदे होने से रात को कफ़न में सोते हुए बराबर वक्त पूरा हो | यदि जन्म कुंडली में या वर्षफल कुंडली में केतु उच्च हो तो सभी ठीक होगा और बुध की जहर धुल जाएगी | 

4) शुक्र के दो भाग केतु (फल-संतान) और बुध (फूल) माने है | नंबर 12 का बुध नंबर 6 के केतु को भी मंदा करेगा | इस तरह बुध-केतु बर्बाद होंगे अतः शुक्र भी पागल होगा | अतः संतान न होगी और माँ-बाप को भी याद करते रहेंगे |

5) हवाई काम, व्यापार, सट्टा मंदा असर देगा |

6) 25 साल की उम्र से पहले और खासकर 25 साल में शादी हो तो वो और उसका पिता दोनों रोते होंगे | मर्द, माया दोनों बर्बाद | उम्र का हर तीसरा साल बर्बाद होगा | तीसरा दिन, तीसरा महीना भी शुभ न होगा |

7) 30 से कम या 32 से अधिक दाँत मंदे असर की निशानी होगी |

8) मंदे वक्त में बकरी (बुध) भी दिल फाड़ देगी |

9) शरीर पर बुध की चीजे जैसे सिर का ढाँचा, जुबान, दाँत, नाड़ियाँ, नाक का अगला हिस्सा खराबी का कारण होगा |

10) बुध और राहु का मंदा सम्बन्ध जेलखाना, पागलखाना, वीराना, चोरी, आग की घटनाएँ, बेईमानी से धोखा फरेब का मिलना, खोटे सिक्के आदि से धन हानि, बेइज्जती, फिजूल जहमत और बर्बाद हो |

11) केतु (कुत्ता), दुनियावी कुत्ते {बहन के घर भाई, ससुर के घर जमाई और नानके घर में दोता (मामा के घर भांजा) } की सहायता शुभ होगी | कुत्ता पालना नेक फल देगा | दूसरे सांसारिक बंधुओं की राय, सलाह नेक नतीजा देगा | नाक छेदन उत्तम, जर्द (पीली) चीजे, सोने का साथ शुभ | गले में पीला धागा शुभ | फौलाद का छल्ला जिसमे जोड़, टांका न हो शुभ होगा लेकिन वो साफ़, चमकदार हो, जंग न लगने पाए, वह भाग्य की सोई लहार को फ़ौरन जगा देगा और शुभ समय कायम कर देगा | मगर यह छल्ला मुफ्त नहीं लिया करते क्योंकि वो (मुफ्त लिया) कोई फायदा न देगा |  माथे पर तिलक की जगह पर केसर, जर्द (गुरु) तिलक लगाना भी सहायक होगा | मगर स्याह राख का तिलक पिता पर भारी (बुध नंबर 2 का असर) होगा | खाली कोरा घड़ा बहाना सहायक होगा |

12) सूर्य या मंगल नंबर 6 में हो तो माता, मामा दुखी | माता छोटी आयु में चल दे नहीं तो दोनों दुखी |

13) गुरु नंबर 6 में हो तो पिता की उम्र बर्बाद बल्कि शक्की और उसके पिता की माया दौलत तबाह हो |

14) मंगल नंबर 6 में हो तो अपना खून, भाई टेवे वाले के लिए मौत के यम और स्वयं बर्बाद होंगे |

15) राहु / केतु नंबर 6 में हो तो ससुराल (राहु) या औलाद (केतु) पर जलती हुए रेत की वर्षा (नंबर 12) होगी | उनका जीवन अत्यंत दुःख से भरा, मंदी हालत, विघ्न, मौते होंगी |

16) खाना नंबर 2 खाली हो तो कम अक्ल, जल्दबाज होगा | मंदिर जाना शुभ होगा |

17) राहु नंबर 8 - 12 में हो तो अगर जेलखाना नहीं तो पागलखाना जरूर नसीब होगा बेशक कसूर या बीमारी न हो | मंदिर में जा कर माथा टेकना जहमत का बहाना होगा |

18) चंद्र नंबर 6 में हो तो माता का भाग्य रद्दी होगा | टेवे वाले के लिए आत्महत्या तक की नौबत होगी |

19) शनि 6 में हो तो शनि की चीजे, कारोबार, रिश्तेदार सब मंदे असर देंगे |

20) चंद्र नंबर 2 में हो तो बिना किसी बर्तन के पानी तथा स्पंज आदि कायम रखना रिजक, रोजगार और आमदन के लिए शुभ होगा |

21) राहु नंबर 2 में हो तो राहु (ससुराल) के लिए मंदी मौत, दुर्घटना, टक्कर आदि साधारण होगा |

22) सूर्य नंबर 6 में हो तो राजदरबार की आमदन के अलावा राजदरबारी सम्बन्ध भी ख़राब तथा मंदा कर देगा |

23) यदि चंद्र नंबर 5 और शनि 9 में हो तो :

चंद्र और शनि सांसारिक सम्बन्ध में चलती हुए मोटरगाड़ी गिनने में बुध नंबर 12 या बुध-राहु नंबर 12 के वक्त अगर कोई मोटरगाड़ी खरीदी जाए जिसका रंग हरा (बुध) हो तो प्यार में लदी हुई लड़की की सवारी के समय ऐसे प्राणी के स्वयं अपने सम्बन्ध (अपने ससुराल सम्बन्ध जब बुध-राहु साथ हो) मोटरगाड़ी का हादसा होगा जिसमे प्राणियों के मौत की शर्त न होगी मगर मोटरगाड़ी को उसके अगले हिस्से को पिसकर जमीन पर सजदा करना ही पड़ेगा |

उपाय

प्राणी को अपनी जान की रक्षा के लिए बुध नंबर 12 के ऊपर दिए हुए उपाय करना नेक होगा | जुबान पर काबू रखना, वायदे को पूरा करना, गुस्से की आग से दूर रहना, बुध के जहर से बचाएगा वरना मेंढक की तरह छलांग लगा कर चलना पडेगा, अंग के कटने पर |  

   
 S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer 

Lal Kitab Vastu Consultant 

Wednesday, 17 October 2018

लाल किताब बुध खाना नंबर 11

लाल किताब 

बुध खाना नंबर 11


धनी जन्म से | उल्लू का पट्ठा | कोढ़ी | 34 साल आयु के बाद हीरा मददगार होगा |

सोना भाव बढ़ता, लगे जब कसौटी |
समय नाश अपने, अक्ल पहले सोती |

जन्म से लेकर 34 वर्ष तक बुध ऐसा मंदा कि पानी में डूबे मुर्दे की तरह भाग्य का हाल होगा | चंद्र, शनि, गुरु का फल भी मंदा करता होगा | मगर बाद में ऐसे मुर्दे के पेट से पानी निकलने वाले उल्टे घड़े की तरह सब और से दुबे हुए को जीवित और प्रसन्न कर देगा | चाहे मंदा ही क्यों न हो | 

नेक हालत में

1) शनि अब बुध के चक्र में होगा |

2) बुध का अच्छा या बुरा असर गुरु की हालत पर निर्भर करेगा |

3) 34 साल आयु के बाद आराम मिलेगा और बुध तारने वाला हीरा होगा | धन की सब कमी दूर होगी |

4) दिन का समय कम ही ख़ुशी का होगा | गुरु और शनि (ज़माने की हवा और संसार की विष) दोनों को अपने दायरे की चक्र में घुमाता होगा | मगर 34 साल आयु के बाद रात शाहाना (राजसी) हाल, सदा आराम और प्रसन्नता होगी |

5) खाना नंबर 2 खाली हो तो स्वयं शर्मसार और हुनरवान होगा |

6) खाना नंबर 7 में गुरु या चंद्र हो, खाना नंबर 2 खाली हो या खाना नंबर 3 मंदा हो तो जिस साल बुध नंबर 1 में आएगा, सीप में हीरे-मोती पैदा होंगे |

11-23-36-48-57-72-84-94-105-119 साल में |

मंदी हालत में

1) अब बुध उल्लू का पट्ठा होगा | गले में ताम्बे का पैसा सहायक होगा जो इस ग्रह को बेफ़कूफी के कामो में धन हानि करवाने से बाज रखेगा |

2) खाना नंबर 9 में बैठा बुध जब नंबर 11 में आए और टेवे वाला किसी फ़क़ीर वगैरा से ताबीज ले ले तो बुध पूरा जड़ से उखाड़ देगा यानि अति मंदा होगा |

3) बुध मंदा हो तो शनि और गुरु का भी नेक फल न होगा | 

4) बुध का असर टेवे वाले पर साये की तरह 34 साल तक साथ होगा मगर उसकी लड़की पर आधी उम्र तक यानि 17 साल तक ही होगा |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer 

Lal Kitab Vastu Consultant 

लाल किताब बुध खाना नंबर 10

लाल किताब 

बुध खाना नंबर 10


प्रसन्नता से निर्वाह करने वाला | जी-हजूरी करने वाला, यहाँ तक कि शाम को भी रात कह दे |

भला यार-दोस्त न मक्कार होता |
बचेगा कहाँ तक तू खामोश सोता |

फैसला शनि की हालत पर होगा | बुध खुद तो शनि के दरबार में पूरा जी-हजुरिया होगा | अच्छे या बुरे हुक्म को एकदम लम्बी से लम्बी हद तक पूरा कर के दिखाएगा | दो गुना नेक या दो गुना मंदा होगा |

शराबी-कबाबी हो तो शनि मंदा होगा | पिता की मर्जी हो सुख देवे या न देवे | नजर रहे या न रहे | पर उम्र लम्बी का साथ होगा |
 
नेक हालत में

1) बुध अब साँप (शनि) की सिरी, लोहे पर कली की पोलिश की हैसियत का होगा | इसलिए उसकी चालाकी का जवाब ख़ामोशी से न बन पड़ेगा |

2) ऐसा आदमी शरारती, मतलब-परस्त, चालबाज़, जी-हजुरिया, शाम को रात कहने वाला होगा | उसका राग इतना मीठा होगा कि कान फटने पर भी छोड़ा न जा सके |

3) जब चंद्र 1-3-4-5 में हो तो तीन जमीन-जायदाद होगी | शेर दहाड़ने जैसा प्रभाव होगा | जंगी चीजों का व्यापारी होगा | मर्दो की बरकत होगी मगर स्त्रियों और बच्चो के लिए अशुभ होगा |

4) खाना नंबर 2 खाली हो तो समुद्र के सफर से मोती पैदा होंगे | खुद शर्मसार (नेक अर्थो में) और हुनरवान होगा

5) जब शनि उत्तम हो तो दोनों का प्रभाव उत्तम होगा | 5 सिर वाले शेषनाग की तरह सिर पर हर ओर से साया होगा और मदद होगी चाहे केतु बर्बाद हो |

6) जब नंबर 2 नेक हो तो बुध 2 गुणा नेक होगा | सूखे घड़े मोतियों से भर देगा |     

मंदी हालत में

1) अगर शराबी-कबाबी हो तो शनि मंदा होगा और बुध साँप के जहरीले दाँत की तरह शरीर में घुस कर जान निकाल देने की तरह का मंदा असर देगा | उम्र फिर भी लम्बी होगी |

2) जुबान का चस्का खराबी की पहली निशानी होगा | असल में शनि अब बुध के इशारे पर चलेगा | बुध स्वयं साँप के जहर की थैली होगा | लाख (लाह, लाक्षा) के महल, बारूद का पटाखा की तरह शनि की मक्कारी की बुनियाद होगा | 

लाख एक ज्वलनशील प्रदार्थ है जिसका इस्तेमाल शकुनि ने पांडवो के लिए घर बनवाने में किया था |

3) न सिर्फ बुध 42 साल आयु तक बल्कि पापी शनि-राहु-केतु भी अपनी-अपनी आयु तक मंदा फल देंगे |

4) शनि अगर मंदा हो या मंदा कर लिया जाए तो बुध अब साँप के जिस्म से कटी हुए सिरी की तरह होगा | शनि की हालत पर बुध का दो गुना नेक या मंदा असर होगा | वालिद के साए का कोई भरोसा न होगा | स्वयं अपनी नजर का भी विश्वास न होगा |

5) जब नंबर 8 मंदा हो तो बुध दो गुना मंदा होगा | आदमी को दोनों हाथो से मार-मार कर उसे दोनों आँखों से हर दो जहाँ दुखिया कर देगा |  

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer 

Lal Kitab Vastu Consultant 

लाल किताब बुध खाना नंबर 9

लाल किताब 

बुध खाना नंबर 9 


कोढ़ी तथा राजा  | कम उम्र | मनहूस 

अजब भूल-भुलाइयाँ जवानी तमाशा | 
दिखाते बहरूपी, ले बिस्तर ही भगा | 

नेक हालत में 

अपने पेट के लिए चाहे रोटी न मिले मगर अपने कबीले का पालन जरूर करता होगा | अक्ल की नक़ल का बीज (अंडा) नंबर 9 में पैदा होता है जिसके अंदर की हालत खाना नंबर 11 से पता चलती है | यानि बुध का भेद खाना नंबर 11 के ग्रह की हालत पर होगा | अगर नंबर 11 खाली हो तो यह बुध एक बेहया लड़की की तरह होगा जो अपने बाप के सम्बन्ध को भी बुरे सम्बन्ध का नाम दे दे यानि अपने बाप के साथ विषय करने की शान की मालिक हो | 

1) जब खाना नंबर 1-3-6-7-9-11 में चंद्र, केतु, गुरु हो तो बुध कभी मंदा न होगा | बल्कि हर तरफ से खिला हुआ बाग़ होगा | खुश्क बादल भी मोती बरसा दे | धर्म, धन, उम्र उत्तम | घर में सदस्यों की बरकत होगी | 

2) यदि चंद्र नंबर 3-5-9-8 में हो तो बुध के प्रभाव से अपने आप बचाव होगा | नया कपडा डालने से पहले उसे दरिया के पानी से धो ले या फिर दरिया के पानी के छींटे मार कर केवल दिन के वक्त ही डाले | रात को ना डाले 

मंदी हालत में 

इस घर में बुध बेबुनियाद और बहुत अधिक गहराई के खाली कुऍं का महल होगा यानि ऐसे व्यक्ति के जन्म में भेद होगा जिसके जाहिर करने में उसकी अपनी जुबान में थथलापन होगा | 

मंगल या सूर्य के साथ से लसूड़े की गिटक की भांति भाग्य का हाल होगा (मंदे अर्थो में) | मंगल बद होगा, उम्र के लिए | स्वयं बुध का समय और मंगल का समय 34-28-17-15-13-4-1 साल, महीने का दिन आयु के लिए नेक न होगा | चमकादड़ के घर मेहमान आए, जहाँ हम लटके है तुम भी लटक जाओ, की तरह साथिओं का हाल होगा | जिसका उपाय नाक छेदन के बिना ओर कोई न होगा | चंद्र की चलती हुई चीजे और पीले रंग में रंगी हुई चीजों से टेवे वाला एक चलती हुई नदी होगा | सब्ज रंग मंदा ही होगा | टेवे वाले की तूफानी हालत का कोई अंत न होगा | बुध एक ऐसा तिलस्मी (जादुई) कुआँ होगा जिसका इस्तेमाल फाँसी देकर गिराने के लिए होता है | और इस कुऍं की तह-जमीन देखने के लिए सीढ़ी (बुध) का कभी प्रबंध न होगा | यदि यह सब कुछ न हुआ हो तो दरजहाँ न होगा | अगर किसी वजह से आयु वाला हो तो खानदान की परवरिश करने वाला होगा नहीं तो पिता 29 साल दुखी रहे | थथलाकर बोलने वाला होगा | 34 वे साल में मंगल बद का असर होगा जिसका उपाय लोहे की लाल गोली पास रखना होगा | खाना नंबर 3 / 9 के बुध के लिए लोहे की गोली पर लाल रंग कर के अपने पास रखना होगा, जब मंदा हो | अगर बुध नेक स्वभाव हो तो शीशे की गोली लेना होगा और उस पर रंग उस ग्रह का होगा जिससे बुध का स्वाभाव मिलता था | बुध का स्वाभाव कैसे देखना है यह बुध की पहली पोस्ट में लिखा है | खाना नंबर 9 में या खाना नंबर 9 के ग्रहों का साथी ग्रह हो जाने वाला बुध यानि जिस घर में बुध बैठा हो उस घर के राशि का मालिक खाना नंबर 9 में बैठ जाए,  बुध उन सबको बेबुनियाद, मुर्दा, निष्फल कर देता है | यानी जो किसी भी काम का न रह जाए | वो ग्रह चाहे बुध के मित्र हो चाहे शत्रु, चाहे बुध से कमजोर हो चाहे ताकतवर, कोई फर्क नहीं पड़ता | 

बुध बैठा हो 1-8 में तो खाना नंबर 9 में बैठा मंगल बर्बाद होगा | 
2-7 में हो तो नंबर 9 का शुक्र ख़राब होगा | 
10-11 में बुध और शनि 9 में तो शनि ख़राब होगा | 
 9-12 में बुध हो तो नंबर 9 का गुरु ख़राब होगा | 
बुध नंबर 4 तो नंबर 9 का चंद्र ख़राब होगा | 
बुध नंबर 5 में तो सूर्य नंबर 9 का ख़राब होगा (वर्षफल में हो सकता है) 

बुध का मंदा हाल 

उदहारण के तौर पर घर से 9 मील की दुरी पर (खाना नंबर 9) स्थापित कुऍं से पानी का घड़ा भर कर घर की और वापिस चले | यह मंदा बुध घड़े में छेद कर देगा जिससे घर वापिस पहुँचने तक कपडे ख़राब और घड़ा खाली कर देगा | हर तरफ निराशा यानी बुध अब भाग्य का कोढ़ी और राजा एक साथ होगा | वह एक ऐसा हवाई कोढ़ (खाना नंबर 9 गुरु (हवा) का घर) होगा जो उड़कर स्वयं ही चिमट जाए | उस नर ग्रह (सूर्य, मंगल, गुरु) का उपाय करे जो बुध का साथी बन रहा हो | अगर काम न बने तो स्त्री ग्रहों का उपाय करे | फिर भी काम न बने तो नपुंसक ग्रहों का उपाय करे | मगर उपाय से बर्बाद हो जाने वाले ग्रहों का ख्याल न भूल जाए | 

बुध का मंदा असर चाहे धन चाहे जान पर हो तो वो आयु तक होगा | स्त्री पागल की तरह आग में सिर जलाए और संतान मंदी तथा व्यर्थ हो | ऊपर लिखे उपाय करे | घर की तह जमीन में चाँदी दबा दे | मिटटी के बर्तन में खुम्भ  भर कर धर्म स्थान में दे जिससे राजदरबार में सहायता होगी |      
  
1) जब केतु / चंद्र नंबर 11 में हो तो धोखा देना, दिया हुआ वचन पुर न करना, तमाशा दिखाते-दिखाते उसका बिस्तर ही ले कर भाग जाना, ऐसे व्यक्ति का आम असूल होगा | इंटरनेट और प्रिंटेड किताब में लिखा है की जब चंद्र / केतु नंबर 11 में न हो जो गल्त है | 

2) कुंडली में पितृ ऋण हो और गुरु अकेला 6-8-10-11 में हो तो अल्प आयु होगा यानि 8 x 8 = 64 साल अधिकतम आयु होगी | 8 के पहाड़े पर आयु का खतरा होगा | चाहे आयु का मालिक चंद्र कैसा भी उच्च आदि ही क्यों न बैठा हो | वरना सतान तथा स्त्री दोनों का मंदा फल होगा | 

3) 3-6-7 में चंद्र या गुरु या दोनों हो तो आयु तो लम्बी होगी मगर शादी और संतान में खराबियाँ होगी | 

4) जब नंबर 1 खाली हो तो शरीर फसादी होगा | हाथों की उंगलिओं के नाखून हरे होंगे | 

5) वर्षफल में जब बुध नंबर 11 में आए तो पौधे को जड़ से उखाड़ देने की तरह खराबियाँ देगा खासकर जब कोई ताबीज घर में लाई जाए | जब किसी साधु या फ़क़ीर वगैरा से कोई ताबीज ली जाए तो 17/34 दिन के अंदर ही अपनी जहर का सबूत देगा | 

नंबर 9 का बुध वर्षफल में नंबर 11 में निम्न सालो में आएगा 

7-15-25-37-49-66-76-96-108-120  

6) बुध अकेला नंबर 9 में हो तो बेवफा होगा | कनिष्ठा छोटी होगी |      

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer 

Lal Kitab Vastu Consultant      

Tuesday, 16 October 2018

लाल किताब बुध खाना नंबर 8


लाल किताब 

बुध खाना नंबर 8 


बीमारी, जहमत (मुसीबत) और लानत का घर | छुपी तबाही का फंदा | माली हानि करने वाला | कोढ़ी

कब्र तक की लानत, फरिश्ता भी डर के भागे |
जले आग ऐसी, नजर जो न आवे |

नेक हालत में

1) नर ग्रह 7 या 8 में हो यानि बुध को नर ग्रह की मदद मिले तो मंदा न होगा | उसका वही उत्तम प्रभाव होगा जो उस नर ग्रह का हो |

2) सूर्य, चंद्र या नंबर 4 उत्तम हो तो 34 साल आयु में बुध अपनी जहर धो देगा | अब केतु बर्बाद न होगा | माता की आयु और चंद्र की चीजों का नेक फल होगा |

3) मंगल नंबर 12 में हो तो बुध का नंबर 8 पर बुरा असर न हो सकेगा |

4) मंगल नंबर 8 में बुध के साथ हो तो चाहे दोनों अलग-अलग इस घर में मंदे होते है पर अब मंदा असर न होगा | दोनों का उत्तम फल होगा |

5) कनिष्ठा का सिरा गोल हो तो ज्ञानी होगा |

मंदी हालत में

1) बुध चाहे सेहत के सम्बन्ध में शनि (नजर) मंगल (खून) को मदद दे मगर अपना जाति असर, दाँत, नाड़ियों की मंदी हालत करके जहर उगलता होगा | वो एक ताजा कोढ़ी, फाँसी की रस्सी या विषैला दाँत की भांति चलता होगा |

2) ऐसी छुपी सजा मिले कि बड़े से बड़ा भी, अजल (मृत्यु) का फरिश्ता चिल्लाने लगे मगर कसूर का कभी पता न चले | नतीजे पर करे तो टेवे वाले की सिर्फ धन की  हानि करेगा | ज्यादा नहीं तो आधी कर देगा मगर शून्य कभी न होगा |

3) राजदरबार में अचानक धोखे की घटना से जिसका परिणाम माली हानि होना होगा | मंदी बदचलन लड़की की तरह खाना नंबर 8 के बुध के दिल में ख्याल आया की जवानी का परिणाम क्या होगा ?  अगर हमारी जेब में धन नहीं किसी दूसरे को फंसा कर उसकी जेब उलटा लेंगे | ख़राब चरित्र वाली लड़की ने कईं को फाँसा | इस बेहया बदचलन लोंडी (बुध) की नजर एक होनहार नौजवान पर पड़ी (टेवे वाले पर) | उसके संग भी आँखे चार करने लगी | मगर बदचलनी बदस्तूर जारी रही | जब बदचलनी के इल्जाम लगे तो दूसरों को यकीन दिलाने के लिए फिर उसी नौजवान के संग हो ली | जब अपनी असली औकात दिखाने का सही समय आया तो उस बेचारे (टेवे वाले) को धमका कर (blackmail) उसकी जेब खाली करा ली | यानि टेवे वाले के 800 रूपया को 400 कर के दिखाया | वह गरीब बेचारा (टेवे वाला) अपनी इज्जत बचाने की खातिर कीमत दे कर चलता बना मगर उसे यह भेद कभी समझ नहीं आया कि उसके साथ ये क्या हुआ | वो यही सोचता रहा कि यह स्वप्न था कि हकीकत | संक्षेप में कहे तो खाना नंबर 8 का मंदा बुध टेवे वाली की नौकरी का दर्जा और आमदनी कई बार आधी तक कर देगा और धन हानि कराता रहेगा | मगर नंबर 8 का बुध एक बेहया लड़की की तरह बिना बताए सिर काटने के लिए हमेशा जवान ही रहेगी, कभी बूढी न होगी यानि इसका मंदा फल लम्बी उम्र तक चलेगा | कम से कम 34 वर्ष तक तो जरूर होगा |

4) बुध की जानदार चीजे सब दुखिया और बर्बाद और स्वयं बुध का प्रभाव मंगल की जानदार चीजों पर मंदा होगा | मंदे बुध की निशानी यह होगी कि मकान की सीढियाँ (बुध) गिरती या गिराकर नई बनाई गई होंगी | घर के पूजा का स्थान जब बदला जाए तो बुध का जहरीला चक्र शुरू होगा | जानो तथा कामो में तबाही का फंदा, धन की हानि करने वाला | भयंकर जलती हुए आग की तरह का फल मगर वो आग नजर ही न आए लेकिन हर तरफ राख ही राख करती जाए |

5) जब कभी भी वर्षफल में बुध नंबर 8 में वापिस आए तो जन्म दिन शुरू होने से पहले 34 दिन के समय और जन्म दिन के बाद 34 दिन के समय दोनों ही समय दो बार उपाय करना होगा | मिटटी का गोल घड़ा शहद या खांड भर कर वीराने में दबाना सहायक होगा | अगर बुध का बहुत जयादा मंदा फल दिख रहा हो तो इस उपाय के साथ एक ओर उपाय करे - ताम्बे के बर्तन में हरी मुंग साबुत दाल भर कर, ताम्बे का ढक्कन लगा कर, ताम्बे से टांका लगा कर बहा दे | यह उपाय पहले (34 दिन वाली मियाद) या बाद में कर सकते है | दो बार करना अधिक उत्तम होगा | नितम्ब पर काला सुरमा लगाना, छत पर वर्षा का पानी या दूध कायम करना, लड़की के नाक में चाँदी का छल्ला डालना शुभ होगा | लड़की के लाल रंग के चमकीले (रेशमी, वेलवेट आदि) कपडे टेवे वाले के लिए हर जगह आग लगने का बहाना होंगे |

6) बुध अकेला नंबर 8 में कभी भला न होगा |

7) जब खाना नंबर 2 खाली हो (कुंडली या वर्षफल में) तो मंदा समय 34 साल आयु होगी और मंदी मौत का बाजा बजता होगा और भट्टी का रेत जल रहा होगा | उस समय टेवे में जो भी नीच ग्रह हो उसके असर में बुध साँप की जहर भरता होगा | उस ग्रह के मंदे असर को शुर करने के लिए बतौर कमान का (उस नीच ग्रह का) तीर (बुध) बन जाएगा |

8) जब नंबर 2 में कोई भी ग्रह हो तो गुरु की आयु 16 से 21 में बुध की जहर पिता पर चढ़ेगी और पिता की आयु और धन खतरे में होगा |

9) वर्षफल में बुध के मंदे असर के समय, जन्म कुंडली के खाना नंबर 2 के ग्रह की चीजे उस ग्रह के रिश्तेदार या जानवर को दे जो वर्षफल के हिसाब से नंबर 2 में आए और बुध भी उस समय नंबर 8 में आया हो |

उदहारण के लिए माना जन्म कुंडली में चंद्र नंबर 2 और बुध नंबर 8 में है |  वर्षफल में केतु नंबर 2 में आ जाए और बुध नंबर 8 में तो चंद्र की चीजे केतु (कुत्ते वगैरा) को देंगे जैसे खोए के पेड़े जिसमे मीठा न हो या फिर दरिया में डाल दे | लेकिन अगर जन्म कुंडली का नंबर 2 खाली हो तो उसी ग्रह का उपाय करे जो नंबर 2 में वर्षफल में  आया हो | एक और उदहारण लेते है | माना की जन्म कुंडली में खाना नंबर 2 में शनि है और वर्षफल में नंबर दो में सूर्य आ जाए तो शनि की चीजे सूर्य (बन्दर, भूरी चींटी, भूरी भैंस आदि) को दे | किसी सरकारी अफसर को भी दे सकते है |

10) जब खाना नंबर 2 मंदा हो तो सिवाय गुरु के सब ही ग्रहों का फल मंदा होगा | जैसे राहु (ससुराल), केतु (औलाद), शुक्र (स्त्री), खुद बुध (बहन बेटी, बुआ) आदि |  

11) जब नर ग्रह 6 में हो और बुध 8-12 में हो तो माता छोटी आयु में चल दे वरना माँ-बेटा दोनों का हाल मंदा होगा | संतान और मामा भी दुखिया होंगे |

12) खाना नंबर 12 खाली हो तो पट्ठो के रोग हो सकते है |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer 

Lal Kitab Vastu Consultant     

लाल किताब बुध खाना नंबर 7

लाल किताब 

बुध खाना नंबर 7 


संसार के लिए पारस, लड़के के टेवे में दूसरों को तारे, लड़की के टेवे में बुध अपने लिए कभी मंदा न होगा |

मरे कफ़न पहने जो खुदा घर को चलते |
भला फिर भी जाएंगे, लाखो का कर के |

नेक हालत में

1) बुध अब स्त्री की वफादार बहन (जानिसार साली) | मिटटी (शुक्र) में रेत (बुध) की तरह एक ही जिस्म हो कर दूसरे ग्रहों को मदद करेगा | संसार के लिए पारस होगा चाहे अपने लिए मिटटी ही होना पड़े | लिखारी कलम का ऐसा जो तलवार को भी काट दे | दुसरो के लिया ऐसा भला कि रास्ते चलते चलते ही किसी का कुछ न कुछ तो जरूर बना देगा | यानि थोड़ी सी भी जान-पहचान, मुलाकात होने पर भी बहुत सहायता कर देगा |

2) बुढ़ापा सदा उत्तम होगा |

3) हाजिर माल के व्यापार से सदा लाभ होगा | दस्ती काम से फायदा होगा | फौजदारी मुक़दमे, तकरार या फसाद की उलझन न होगी | तलवार के बजाए कलम पर अधिक जोर देगा | चाहे अपनी अक्ल की बारीकी साथ न देगी मगर फिर भी खजाना और दौलत सदा सहायता पर होगी |

3) बुध जागता हो तो अपने कुल-खानदान को तारने वाला हीरा होगा |

4) चंद्र नंबर 1 में हो तो समुंद्री सफर से मोती पैदा होंगे |

5) शनि नंबर 3 में हो तो स्त्री का घराना अमीर हो जाए |

6) नंबर 10-1 में ग्रह हो, चाहे मित्र चाहे शत्रु, इनका प्रभाव मंदा न होगा चाहे स्वयं आपस में या बुध से लड़ते रहे |

7) शुक्र से सम्बंधित चीजों में शुक्र तथा बुध का अपना-अपना प्रभाव उत्तम होगा | स्त्री के इश्क में गर्क रहेगा जो उसे सुख ही देगा |

मंदी हालत में

1) टेवे वाले के बुध से सम्बंधित रिश्तेदार बहन, बुआ, साली, लड़की सब की सब दुखिया बर्बाद होंगी |

2) केतु नंबर 1-8 में हो तो स्त्री की बिगड़ी हुई बहन (बुध) टेवे वाले के भाइयों के साथ मिलकर टेवे वाले की स्त्री की मिटटी ख़राब करेगी | यानि मंदा बुध टेवे में मंगल और शुक्र दोनों का फल ख़राब कर देगा |

3) बुध सोया हुआ हो तो साहूकारा का फल उत्तम न होगा | मंदी रेत होगी | बचपन का फल मंदा होगा | बुढ़ापा फिर भी उत्तम होगा चाहे भाग्य साथ न दे | फिर भी साथ के ग्रहों को तारता होगा सिवाय मंगल खाना नंबर 1-7-8 के और चंद्र नंबर 7 के | 34 साल आयु तक शुक्र का फल भी मंदा होगा |

4) जब गुरु नंबर 9 में हो तो रुखा गृहस्थ, उड़ती मिटटी, बुध स्वयं मंदे रेत की तरह बुरा फल देगा चाहे गृहस्थी, कारोबार के लिए शुक्र का फल नेक ही क्यों न साबित हो |   

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer 

Lal Kitab Vastu Consultant 

लाल किताब बुध खाना नंबर 6


लाल किताब 

बुध खाना नंबर 6 

राजयोग, गुमनाम योगी और दिल का राजा

निकले सुखन मुँह से पूरा जो होगा |
जुबान मीठी तेरी भला दुसरो का होगा |

सुखन / सखुन : बोली हुए बात, भाषण, कथन

नेक हालत में

1) ऐसा टेवा अपने माता के पेट में आने के समय से ही अपना असर शुरू कर देगा |

2) बुध अब कुत्ते (खाना नंबर 6 केतु का पक्का घर) की तरह (नेक अर्थो में) हर समय मालिक के पीछे दुम (बुध) हिलाने वाला और वफादार लड़की की तरह उत्तम फल देगा | आखिरी समय जुबान बंद न होगी | जुबान से बोला अच्छा या बुरा शब्द जरूर पूरा होगा | हर कोई पूछता होगा कि टेवे वाले की जुबान, उसकी आवाज से कुल जमाना ही क्यों गूँज उठा |

3) स्वयं अमीर बनेगा और खिले हुए फूल तरह उत्तम जीवन होगा | गुमनाम राजा योगी और मन का राजा | खाना नंबर 2 या शुक्र की हालत पर बुध का आम असर जो होगा वह खाना नंबर 6 पर होगा | टेवे में जो भी ग्रह कायम या उत्तम हो (खासकर नंबर 2 वाला ग्रह) , बुध उस की नक़ल करेगा और उत्तम फल देगा | अमूमन जैसा शुक्र हो वैसा ही फल बुध का होगा |

4) बुध की जानदार चीजों की आयु हो सकता है कि छोटी हो जो जरूरी नहीं कि छोटी ही होगी मगर बुध की बेजान चीजे कभी मंदा फल न देंगी | टेवे वाला सब्र रखने वाला हो तो हरदम फलेगा | समुद्री सफर का परिणाम शुभ ही होगा |

5) दिमागी काम, व्यापार, विद्या से सम्बंधित काम नेक फल देंगे | अक्ल की बारीकी और दिमागी काम का पूरा फायदा मिलेगा | मगर दस्ती (हाथ से किये हुए मैन्युअल वर्क) काम, हुनरमंदी (स्किल्ड) आदि हल्का फल ही देंगे लेकिन मंदा फल न देंगे | झगड़ों का फैसला अपने हक़ में होगा | 

6) खेती की जमीन से फायदा होगा | लिखाई और व्यापार का शुभ फल होगा |

7) ईमानदारी के धन की बरकत होगी |

8) शुभ कामो में बुध की चीजे (फूल, लड़की, कन्या) का शगुन शुभ होगा |

9) बुध का जाति फल बुध की जाति चीजों पर मंदा न होगा | बुध कुंडली के उत्तम ग्रह की नकल करेगा और कुंडली के उत्तम ग्रह का फल दो गुना नेक हो जाएगा |

10) जब बुध अकेला, दृष्टि से खाली हो तो चंद्र की जानदार चीजों के अलावा चंद्र का बाकी सब नेक फल होगा | छापाखाना, कागज आदि कामो से फायदा होगा |

11) जब शनि 9-11 में हो तो स्त्री अमीर घर की होगी |

12) खाना नंबर 2 में सूर्य, गुरु या शनि हो तो राजयोग, धन, जागीर और धर्म मर्यादा का स्वामी होगा | (इंटरनेट और प्रिंटेड किताब में खाना नंबर 1 लिखा है जो गल्त है)

13) गुर कायम हो तो राजयोग | कागजी काम, छापाखाना जो लोगो के काम आए जैसे अखबार, रसाले (मैगज़ीन, बुकलेट) छापना अच्छा फल देंगे | ईमानदारी का धन साथ दे |

14) पहली औलाद लड़की होगी |

मंदी हालत में

1) बुध अब भाग जाने वाली लोंड़िया (लड़की) की तरह होगा जो जाती हुई मालिक के लड़के को भी साथ भगा कर ले जाए | यानि टेवे वाला नमक हराम होगा | जिसका खाएगा, उसी का बुरा करेगा |  

2) उत्तर दिशा का रास्ता या दरवाजा (जो नया बनाया होगा) मातम कुंड की तरह बुरा प्रभाव देगा | टेवे वाले की लड़की अगर जद्दी मकान से उत्तर दिशा (खाना नंबर 6) में ब्याह दी जाए तो कभी सुखी न होगी |

3) लालची हकीम हो तो खुद ही अपनी जड़ काटता होगा और बर्बाद होगा |

4) 34 साल की आयु में बुध, मंगल बद की तरह मंदा प्रभाव देगा | माता मर जाए या बर्बाद हो जाए |

5) शुक्र जब कुंडली में रद्दी हो और जब बुध मंदा हो तो दूध से भरा मिटटी का बर्तन बाहर वीराने में दबाने से लड़की की आयु में मदद होगी | अगर चंद्र मंदा हो तो गंगाजल की शीशे की बोतल, जिसका ढक्क्न भी शीशे का हो, खेती की जमीन में दबाना सहायक होगा |

6) मंगल नंबर 4 या 8 में हो तो माता छोटी आयु में गुजर जाए | घर-बार बर्बाद हो |

7)  जब केतु मंदा हो और शुक्र  नंबर 4 में हो तो संतान (केतु) 34 साल आयु बाद कायम होगी |  स्त्री के बाएँ हाथ पर चाँदी का छल्ला सहायक होगा | टेवे वाला खुद दाएँ हाथ में डाले जिससे लड़की को मदद होगी |

8) गुरु चंद्र नंबर 2 में हो या गुरु नंबर 11 और चंद्र नंबर 3 में हो तो नजर कमजोर और शनि का अपना असर मंदा होगा | बुढ़ापे में मंदा हाल होगा आयु का समय अमूमन 90 साल होगा |  

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
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Monday, 15 October 2018

लाल किताब बुध खाना नंबर 5

लाल किताब 

बुध खाना नंबर 5 


प्रसन्न | उसके मुँह से निकला ब्रह्म-वाक्य उत्तम होगा | मासूम की आवाज |

जुबान से पता नस्ल तेरी जो चलता |
उसे काबू फिर क्यों न तू अपने करता |   

चंद्र हो या नर ग्रह बैठे 9-3-11, बुध आ निकले पाँचवे, बाबे पोते तारां  | 

पाँच लड़कियाँ हो सकती है या पाँचवे नंबर पर लड़की पैदा हो |

नेक हालत में

1) ज्ञान का भण्डार | उसके मुँह से अचानक निकला वाक्य ब्रह्म-वाक्य का उत्तम और शुभ फल का होगा |

2) राजा को भी तार देवे | टेवे वाले के लिए धन और परिवार का दाता

3) अब  सूर्य और बुध दोनों का उत्तम फल होगा | चंद्र से सम्बंधित चीजे तारने वाली होंगी |

4) शनि का फल उत्तम होगा | जमीन-जायदाद 5 तक होगी | बाल-बच्चो की बरकत होगी |

5) संतान, स्त्री और स्वयं अपना भाग्य उत्तम जब अपना घर गौ-मुखी हो | सूर्य राजदरबार भी सहायता पर होगा | बुध का नेक फल साथ होगा |

6) जब बुध सोया हो यानि नंबर 5 खाली हो तो मनुष्यता वाला इंसान होगा | जद्दी मकान का असर हर तरह से उत्तम होगा | गृहस्थी, संतान की हालत हरदम उत्तम होगी |

7) जब सूर्य, चंद्र, गुरु नंबर 3-9 में हो तो 34 साल आयु के बाद भाग्य का सूरज चढ़ेगा |

8) जब चंद्र 1-2-4 में बैठा हो या वो 6-12 में मंदा हो रहा हो तो खाना नंबर 5 का बुध पांच खानो पर मंदा असर देगा | बुध 4-6-7-8-9 के ग्रहों को मार देगा |

9) जिस तरह गुरु बृहस्पति को ज्ञान (सूर्य) सहायक है उसी तरह लड़के (सूर्य) को तड़ागी (बुध) सहायता देगा | यानि अपने लड़के की कमर में तड़ागी बंधना शुभ होगा |  

तड़ागी : बच्चे की कमर पर बाँधने वाला काला धागा |


मंदी हालत में

1) 3-4-5-7-9 सब का मंदा असर और नंबर 1 के ग्रह की मिटटी ही बोलती होगी लेकिन चंद्र या गुरु 3-9 में हो तो उत्तम होगा |

2) चंद्र की चीजों से सहायता होगी | चंद्र की चीजे तारती होंगी | शुक्र (स्त्री) हर तरह से सहायक होगा | सूर्य की चीजों का फल उत्तम होगा | पिता (गुरु का पक्का घर) के लिए बेशक मंदा हो मगर संतान के लिए मंदा न होगा |

3) गले में ताम्बे का पैसा खजाने की बरकत देगा |

4) जब चंद्र या गुरु नीच या रद्दी हो और खासकर बुध चंद्र से पहले घरों में हो तो बुध जहरीला प्रभाव देगा | इंसान और पशु में सिर्फ जुबान (बुध) का ही फर्क होता है | मगर पता नहीं टेवे वाले की जुबान को क्या हो गया है यानि उसकी अपनी मंदी जुबान ही मंदे परिणाम का कारण होगी | 

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
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लाल किताब बुध खाना नंबर 4

लाल किताब 

बुध खाना नंबर 4


राज योग

जन्म तेरे पर हँस माता क्योँ रोई |
पता उसे लगा आयु बाकी न कोई |

नेक हालत में

1) जब स्त्री या नर ग्रह उत्तम हो तो हर एक की माँ-बेटी से डरने वाला | दूसरे की मुसीबत अपने ऊपर ले कर मरने वाला | मगर सब्र वाला होगा |

2) जब अकेला ही बुध हर तरफ से उत्तम हो तो पारस के समान होगा | चंद्र का सांसारिक जल माया धन उत्तम होगा | करोड़पति होगा | मगर छुपा प्रभाव, दिल की शांति और दूसरों की शांति के लिए मंदा ही लेंगे |

3) जब चंद्र खाना नंबर 2 में हो तो राज योग (सरकार के घर का हिस्सेदार) | बुध और चंद्र दोनों का उत्तम फल होगा और सूखे घड़े धन से भर देगा | 32 दाँत हो तो भी मंगल बद या मंगलीक न होगा | बल्कि सरे कुनबे को तैरने वाला होगा | शुक्र का फल भी उत्तम होगा |

4) जब खाना नंबर 3-5-11 में सूर्य, चंद्र हो और गुरु 9 में हो तो परिवार, धन और आयु की बरकत होगी | पापी ग्रह बुरा प्रभाव न देंगे |

5) चंद्र नंबर 3-6 में हो या नंबर 2 खाली हो तो माता-पिता का सुख सागर लम्बा होगा |

6) चंद्र बुध के साथ ही हो या 3-6 में हो तो अमूल्य हीरा होगा |

 7)  जब गुरु उत्तम हो तो राज योग होगा | उजड़े मैदान भी आबाद होंगे | लम्बे समय तक प्रसन्नता होगी | सरकार के घर से हर तरह की मदद और बरकत होगी |

8) टेवे वाले की लड़की भी राज करेगी |

मंदी हालत में 

1) इस के जन्म पर माता बहुत खुश हुई के बेटा हुआ है, शुभ होगा, मगर जल्द ही रोने लगी जब उसे पता चला कि उस की (माता की) तो उम्र ही बाकी नहीं रही | बुध की जानदार चीजे (बकरी, तोता वगैरा) घर में आएँगे तो चंद्र की चीजे माता, घोडा वगैरा चलते बनेगे | माता की आयु शक्की ही होगी | अगर जीवित हो तो धन दौलत की हालत मंदी (माता के हाथो) और वो खुद मुर्दे से भी बुरी हो | मंदे बुध के समय सूर्य की चीजों का उपाय सहायक होगा | धन के लिए गुरु का उपाय सहायक होगा |

2) राहु मंदा या मंदे घरो में हो तो मर्दो की हालत मंदी होगी | बिल्ली (राहु) से तोते (बुध) का दिल मुर्दा होगा | राहु के ताल्लुक से बुध मुर्दा जैसा होगा | जरा सी ठोकर से भी कच्चा घड़ा (बुध) टूट जाएगा | ऊपर लिखा उपाय करे |

3) केतु मंदा या मंदे घरों का हो तो सफर और दूसरे सांसारिक साथी सलाहकार मंदे नतीजे देंगे | केतु के ताल्लुक से बुध बर्बाद होगा |

4) जब कुंडली में पितृ ऋण हो तो स्त्री, धन, गृहस्थी सुख सब कुछ ही जलता और बर्बाद होगा |

5) जब चंद्र नंबर 6 में हो या मंदा बर्बाद हो तो आत्महत्या करने तक का प्रयास करेगा |       

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
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Friday, 12 October 2018

लाल किताब बुध खाना नंबर 3

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बुध खाना नंबर 3 


थूकने वाला कोढ़ी, मंदा

चरण घर में रखते, लगी कुछ न देरी |
चले सब गए, आयु बाकी है तेरी |

नेक हालत में

1) अपने भाई-बंधू और बिरादरी वाले उसको सहायता देने वाले और नेक प्रभाव के होंगे |

2) दुसरो के लिए कोढ़ी (बहुत मंदा) मगर अपनी सहायता के लिए शेर के तेज दाँतो का मालिक | अपनी धन दौलत के लिए मंदा न होगा |

3) आयु 80 वर्ष से कम न होगी |

4) मंगल नंबर 1 में हो तो बुध हर दम उत्तम प्रभाव देगा | दौलत, कबीला बढ़ता होगा | बुध की चीजों का उत्तम फल होगा | अगर कोई मंदा असर हो भी तो केतु बर्बाद होगा | अपनी और भाई की सहायता के लिए गुरु नंबर 9 - 11 और शुक्र की सम्बंधित चीजों के कारोबार सहायक होंगे |

गुरु नंबर 9 के काम : धर्म स्थान के काम, पूजा का सामान, गैस की काम जैसे ऑक्सीजन | घर में आयु में सबसे बड़ा व्यक्ति |

गुरु के नंबर 11 के काम: रोल्डगोल्ड (brass coated with thin layer of gold, around 9 carat purity), गिल्ट (सोने के पानी चढ़ी धातु ) से सम्बंधित काम

5) सूर्य नंबर 11 में हो तो (हो नहीं सकता) केतु (औलाद, मामा) का उत्तम फल होगा | दमा की बीमारी का डॉक्टर होगा | चाहे सूर्य और बुध में चमक या शान नो हो पर आयु जरूर लम्बी होगी |

6) जब बुध सोया हो यानि 9/11 खाली हो तो बुध का हर और से उत्तम फल होगा |

मंदी हालत में

1) अगर जुबान में थथलापन हो तो बुध का असर बेशक ऐसा मंदा न होगा | वरना नंबर 3 का बुध कोढ़ी जो किसी की भी जड़ काटने के लिए शेर के तेज दाँतो या तलवार से अधिक बुरा करने की शक्ति का मालिक होगा और अपने ही कबीले पर भारी (खून के रिश्तेदार जैसे चाचे, ताये, बाबा वगैरा) और मंदा होगा | अगर मंगल नेक हो तो बुध के जहर से बचाव होता रहे वरना मंदी किस्मत के चक्र में फंसा हुआ जगह जगह का उजड़ा हुआ मुसाफिर होगा | खाना नंबर 3 असल में बुध की अपनी राशि होती है और दुनियावी हालत में इसे एक भारी जंगल माना है  | बुध खुद खाली-खलाव आकाश का चक्र या फर्जी दिमागी ढांचा होगा | संक्षेप में कहे तो संसार के जंगल में मंदी आंधी चल जाने के समय वृक्ष जड़ो से कट कर इस कदर ऊँचे उड़ेंगे कि सारा आकाश (बुध) जुबान से थथलाता होगा | कोई इधर कटा कोई उधर कटा कोई ऊँचा उड़ा और कोई वृक्ष किसी प्राणी से टकरा कर उसका नाश कर रहा होगा | थोड़े शब्दों में कहे तो बुध नंबर 3 की मंदी हालत जिस कदर थोड़े नुक्सान पर ख़त्म हो जाए भला ही होगा क्योंकि यह जालिम लौंडी (बुध) अपने खानदान के भाई-बंधू (खाना नंबर 3 के रिश्तेदार) सब के सब गर्क करवा कर अपने दांतों की चमक और जुबान के राग और छोटी आयु के भोलेपन की दिलदादा होगी |

2) अँधेरे जंगल में मुसाफिर (केतु) लुटते की तरह भाग्य के मैदान में खराबियां होगी | फजूल फर्जी चक्र के दायरा में आकर प्राणी ख़राब होता होगा और कष्ट में होगा | आग का चक्र (मंगल बद) जलता हो | मंदे 32 दांतो वाला कई घरों को बर्बाद करेगा |

3) खाना नंबर 11 में बैठे हुए ग्रह से सम्बंधित रिश्तेदार, चीजे, कारोबार उजड़े हुए, उजाड़ देने वाले होंगे | खाना नंबर 9  में बैठे हुए ग्रह से सम्बंधित रिश्तेदार मुर्दा या मुर्दे की तरह मंदी हालत पैदा करने वाले होंगे | खाना नंबर 3-4-5 में बैठे हुए ग्रह के सम्बंधित रिश्तेदार गर्क होते या गर्क करते होंगे | मुँह में दाँत (अमूमन 32) कायम होने तक बुध का मंदा असर खाना नंबर 3-4-5-9-11 पर होता रहेगा | 34 साल आयु तक जोर पर होगा | 42 तक शरारत, 45 मध्यम नरम हालत में मंदा होगा और 48 पुरे होने पर बुध बदजात के बुरे प्रभावव से छुटकारा मिलेगा | हर हालत में बुध का खुद अपना प्रभाव टेवे वाले पर भला ही होगा |

4) मंदी हालत में बुध का मंदा प्रभाव केतु पर होगा जैसे केतु की चीजे, काम सम्बन्धी, संतान, मामा वगैरा इसलिए केतु कायम करना शुभ होगा जैसा कुत्ता पालना या सांसारिक तीन कुत्तो की सेवा वगैरा | अमूमन बुध की आयु 34, 17, 8 1/2, 4 1/2 आयु तक खाना नंबर 9 से सम्बंधित चीजे जैसे पूजा-पाठ, पुरखो की शान, धर्म-ईमान की खानदानी नींव वगैरा और खाना नंबर 9 में बैठे ग्रह और खाना नंबर 9 से सम्बंधित रिश्तेदार या कारोबार मौतों के शिकार या मातम का बहाना होंगे | खाना नंबर 11 से सम्बंधित चीजे जैसे अपनी जाति कमाई, अपने पहले बॉस की मेहरबानी, धन की आमदन के दूसरे रास्ते, खनन नंबर 11 के रिश्तेदार नंबर 9 की ही तरह मौतों के शिकार या मौतों का बहाना तो न होंगे मगर उजड़ जरूर जाएँगे जैसे फलदार हराभरा जंगल उजड़ जाता है | खाना नंबर 4 की चीजे जैसे जायदाद, आय का फव्वारा, शक्ति की छुपी मदद,  ऊपरी आमदन, नंबर 4 के रिश्तेदार गर्क होंगे | यानि अपनी वर्षों से चली आई जगह छोड़ कर किसी ऐसी जगह चले जाएंगे जहाँ उनके बड़ो ने जन्म नहीं लिया | अर्थ यह है कि मौते भी न होंगी और उजाड़ भी न होने | मगर जगह की तबदीली जरूर होगी | इसी तरह ही नंबर 3 और 5 का जवाब होगा | बुध से सम्बंधित चीजो (हरी मूंग दाल) का प्रयोग अमूमन बीमारी का बहाना होगा |

5) दक्षिण का दरवाजा बुध नंबर 8 का मंदा फल देगा और सब खासकर स्त्री धन ससुराल की तबाही देगा | हर रोज दाँत फिटकरी से साफ़ करना सहायक होगा और मौतों से बचाव होगा | रात को हरी मूंग साबुत भिगो कर अगले दिन प्रातः जानवरों / पक्षियों को 40-43 दिन डाले तो व्यापार में सहायता होगी | पलाश (ढाक) के पत्ते दूध से धोकर बाहर वीराने में दिन के समय एक गड्ढे में डालकर उसके ऊपर पत्थर (शनि) रख कर मिटटी डाल दे | जिस चीज से गड्ढा खोदे और जिस बर्तन में दूध ले कर जाए उसे घर वापिस कभी नहीं लाए | पत्थर का रंग जन्म कुंडली की खाना नंबर 9 - 11 के उल्ट न हो | जैसे यहाँ शनि हो तो काला पत्थर ले न कि सफ़ेद | घर में अगर कोई पत्थर लगा हो तो उसे दूध से धोना सहायक होगा | पिले रंग की कोढ़ियाँ जलाकर उनकी राख दरिया में डालना नेक होगा |

6) अगर शुक्र कायम हो तो कलम (बुध) का फल मंदा न होगा और चंद्र का प्रभाव भी उत्तम होगा चाहे चंद्र बर्बाद हो रहा हो |

7) शुक्र नंबर 4 में हो तो संतान देर से होगी |

8) पापी 6, 7 (बुध का घर और पक्का घर) में हो तो पिता की माया, मामा, खालू (फूफा) घर सब बर्बाद |

9) आठ चंद्र से शुक्र मंदा, शनि, राहु भी जलता हो

उपाय : हर रोज फिटकरी से दाँत साफ़ करना सहायक होगा | आए दिन क़यामत को दूर करने के लिए बकरी का दान करना होगा जिस तरह गाय दान की जाती है | पक्षियों की सेवा सहायक होगी |     

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer 

Lal Kitab Vastu Consultant

लाल किताब बुध खाना नंबर 2

लाल किताब 

बुध खाना नंबर 2 

योगी, राजा, मतलबपरस्त, ब्रह्म-ज्ञानी

पता उसके पिता, अगर मौत चलता |
दुआएं पैदाइश न लड़के की करता | 

1) लम्बी-चौड़ी बाहर को उभरी हुए पेशानी (माथा) का मालिक होगा जिसमे बुद्धिमता और साथ लाये भाग्य का नेक प्रभाव शामिल होगा | मगर वो अपनी ही तान पर मस्त योगी, राजा और मतलबपरस्त होगा | अपने लिए स्वयं गुरु के सोने का मालिक और शुक्र का फल भी मंदा न होगा |

2) काफिर को मारने वाला, शत्रु को बर्बाद करने वाला, मगर राजाओं के परिवार की बरकत देगा |

3) अपनी स्वयं गुरु सोने की हैसियत मगर पिता के लिए सोने का कोढ़ या कली का टांका (मंदे अर्थो में) | चाहे पिता का सुख न होगा मगर स्वयं अमीर होगा | उसकी अपनी आयु भी लम्बी होगी | माता पर बुरा असर न करेगा | माता की आयु लम्बी (लगभग 80 साल) | उसे अपने आप पर भरोसा होगा | कबीले का भोझ उठाने वाला होगा | प्रयत्न से उत्तम जीवन का स्वामी होगा |

4) ससुराल (खाना नंबर 2) घर को तारने वाला और राजा की गिनती का आदमी होगा |

5) शत्रु पर विजय पाएगा | शुक्र, मंगल की चीजों का नेक असर होगा |   

6) अगर राहु नंबर 8 में हो तो हाजिरजवाब होगा | कनिष्ठा ऊँगली का सिरा चौड़ा होगा | 

7) राहु 9 में हो तो उत्तम भाषण दे सकेगा | कनिष्ठा बहुत लम्बी होगी |

8) मंगल नंबर 8 में हो तो जुबान और कलम में शक्ति होगी | कनिष्ठा का सिरा चौकोर होगा |

9) मंगल नंबर 9 में हो तो पक्की राय, शक्ति का स्वामी, जुबान में इतनी शक्ति होगी की सभी नुक्स छुपा ले | कनिष्ठा बहुत लम्बी होगी |

10) बुध अकेला हो तो सब को तारने वाला योगी राजा होगा |

11) खाना नंबर 6-8 खाली हो तो दिमागी ख़राबियों का कभी शिकार न होगा |

12) जब चंद्र नंबर 12, 8 से मदद करे तो पिता की आयु अब शक्की न होगी | अगर चंद्र स्वयं बुरा न हो रहा तो न ही पिता की उम्र और न ही खज़ाना बर्बाद होगा | दिल की शक्ति पूरी होगी |

13) केतु नंबर 8 में हो तो रास्ता दिखाने वाला होगा | कनिष्ठा का सिरा नोकदार |

14) केतु नंबर 9 में हो तो उत्तम बोलने की शक्ति वाला होगा | कनिष्ठा लम्बी |

15) जब नंबर 9-12 में गुरु हो तो स्वयं की अपनी इज्जत मान और माता की आयु लम्बी होगी |

16) खाना नंबर 6 में मंगल अकेला हो या फिर नंबर गुरु-मंगल हो तो अब बुध का मंदा असर गुरु (पिता) पर न हो सकेगा | अगर करे तो मंगल पर बेशक शरारत कर सकता है जो जरुरी नहीं कि मंगल का बुरा करे |

17) सूर्य नंबर 8 में हो तो दस्ती काम करने वाला व्यापारी मगर पैसे का पीर | अनामिका कनिष्ठा की और झुक जाए | (जब कोई ग्रह किसी दूसरे ग्रह को देखता है तो उसकी ऊँगली उसी ग्रह की ऊँगली की और झुक जाती है) |

18) शनि नंबर 6 में हो तो उड़ता हुआ साँप (नेक अर्थो में) हद से ज्यादा तेज होगा | मगर ससुराल मंदे हाल में होते जाएंगे |

मंदी हालत में

1) बुध एक ऐसी राख होगा जो हर एक का मुँह मिटटी से ख़राब कर देगा |

2) अब केतु का भी असर मंदा होगा यानि संतान की कमी, देरी या संतान से दुखी होगा | बल्कि संतान के सुख से वंचित होगा पर निसंतान न होगा |

3) हीरा कली से कटता और धन राख होता होगा | व्यापार, सट्टा, जुआ का प्रभाव मंदा होगा | बाप लखपति होता हुआ भी टेवे वाले के लिए शून्य ही होगा या पिता का सुख न होगा | बल्कि 16 से 21 और आखिरी हद 34 से 36 के करीब पिता की मृत्यु होगी | अगर वो जीवित हो तो मरे से भी बुरी हालत का | पिता का धन बर्बाद यानि पिता जब तक अपने जीने की कीमत देता जाएगा, पिता जिन्दा रहेगा | पिता की साल भर की कमाई के बराबर एक बार में ही घाटा होता रहेगा और पिता जीवित चलता रहेगा |

4) बुध की चीजे बहन लड़की बुआ सभी विष का प्रभाव देंगी | नाक छेदन 4-5 दिन कम से कम 96 घंटे सुराख़ कायम रखने से सहायता मिलेगी | 16 से 21 साल से पहले जयादा फायदेमंद मगर बाद में भी सहायता करेगा |

5) सूर्य नंबर 8 में हो तो (जन्म कुंडली में हो नहीं सकता) गौर, खोज, ध्यान में रहने का स्वामी | अपने दिमाग पर पूरा भरोसा | शरीर उत्तम | मगर धन का हल्का होगा |

6) जब शुक्र 12-3-8-9 या शुक्र ऐसे घरों में जहाँ बुध मंदा होता है तो साली का साथ अशुभ | जैसे शुक्र नंबर 12 में हो और बुध 2 में हो और साली आकर टेवे वाले के पास ही रहने लग जाए तो बुध पहले शुक्र (स्त्री) को नंबर 12 में जाकर बर्बाद करेगा फिर स्वयं बुध नंबर 12 की तरह मंदे परिणाम देगा | यानि दोनों ही ग्रहों का नंबर 12 वाला मंदा असर होगा | बाकी लिखे घरों में भी यही हाल होगा | भेड़, तोता (बुध) घर लाने पर भी यही हाल होगा |

7) जब शनि और सूर्य प्रबल हो तो बुध क्लॉक टावर की घूमती चिड़िया होगा यानी उस के असर का ऐतबार न होगा |

8) जब गुरु नंबर 8 में हो तो पिता की जगह बाबे (दादा) पर बुरा प्रभाव होगा | गुरु की चीजों और रिश्तेदार का भी बुरा हाल होगा |

9) चंद्र और शनि नंबर 12 में हो तो बुध की आधी मियाद (17) से शुरू हो कर शनि का समय आने तक यानि 33 या 36 साल आयु से पहले वाले साल में यानि 32 या 35 साल में पिता की कमाई, धन दक्षिण-पूर्वी
(खाना नंबर 12) कुँए (मंदा चंद्र) में जाती होगी | उपाय के तौर पर चंद्र की चीजे धर्म स्थान में देना शुभ होगा         

10) आठ 6 वे ग्रह कोई बैठा, भरता तबेला कन्या हो |

लड़कियों-कन्याओं की सेवा करने से कल्याण होगा | 


S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
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Thursday, 11 October 2018

लाल किताब बुध खाना नंबर 1

लाल किताब 

बुध खाना नंबर 1 


राजा या हाकिम, मगर खुदगर्ज, शरारती, बदनाम

मिले तख़्त औरत को कितना ही ऊँचा |
जवानी में तोहमत (झूठा आरोप) का खतरा ही होगा

नेक हालत में

1) आकाश में किसी भी चीज का न होना बुध का होना कहलाता है |

2) मंगल का फल (खाना नंबर 1 का मालिक और बुध का शत्रु) चाहे निकम्मा कर दे मगर सूर्य (पक्का घर का) का असर कभी मंदा न होगा | बल्कि ऐसे आदमी का खून ऐसा होगा जो पारे की तरह गर्मी से ऊपर नीचे चलता होगा |    

3) अपने स्वाभाव से घूमता हुआ राजा होगा |

4) सूर्य की हैसियत यानि पहले और पुराने ज़माने की माया-दौलत की कमी की फ़िक्र छोड़ो | अच्छे समय की निशानी होगी और लड़कियाँ राज करेंगी और स्वयं भी सुख की साँस लेगा |

5) जिस घर में सूर्य हो उस घर के सम्बंधित रिश्तेदार थोड़े दिनों में धनी हो जाएँ |

6) राजदरबार से लाभ होगा |

7) धर्म से दूर रहने वाला होगा मगर रिजक आमदन कभी मंदा न होगा |

8) न सिर्फ शनि बल्कि सब ही पापी ग्रह बुध के इशारे पर चलेंगे |

9) अगर खाना नंबर 7 में कोई ग्रह हो खासकर शनि या शुक्र (शुक्र केवल वर्षफल में ही हो सकता है) हो तो पानी में पत्थर तेरा देने की शक्ति वाला होगा  खासकर जब रंग भी काला हो |  

10) अगर सूर्य का सम्बन्ध हो तो स्त्री अमीर, नेक घराने से और स्वयं भी नेक और उत्तम होगी |

मंदी हालत में

1) जब बुध सोया हुआ हो या मंदा कर लिया जाए |

2) स्त्री का राज बेशक उम्दा या स्त्री के टेवे में चाहे राजयोग मगर उससे या उस की जवानी में बदनामी या तोहमत का डर ही होगा |

3) मंगल का असर मंदा बर्बाद हो तो बेशक मगर सूर्य का प्रभाव मंदा न होगा |

4) शरारती बदनाम

5) जब मंगल नंबर 12 में हो तो बुध का नंबर 1 पर बुरा असर न होगा चाहे वो टेवे में मंदा ही हो |

6) स्वयं बुध का अपना प्रभाव हरित रंग चीजे, व्यापार, हिकमत (बुद्धिमता, ज्ञान) मंदे ही होंगे |

7) मंदी हालत में बुध की चीजों पर मंदा ही होगा | अंडे (बुध) खाने से स्वास्थ्य बिगड़ेगा | लेकिन आधी (17) आयु पर धन के लिए उत्तम ही होगा |

8) राहु (ससुराल), केतु (संतान) का हाल मंदा होगा जिस की निशानी यह होगी कि वो शराब पीने वाला और मॉस खाने वाला होगा |

9) प्रदेश में रहने वाला रागी मगर लालची होगा | जवानी का समय उत्तम होगा |

10) दाँत (बुध) 30 से कम या 32 से अधिक हो तो मंद भाग्य होगा | बुध नंबर 12 की तरह का नीच फल होगा | जब 32 हो तो मनहूस, बद दुआएँ, बुरी आवाज का मंदा असर जरूर होगा | खाना नंबर 2 का असर साथ लेंगे |

11) मंदे बुध वाले को एक जगह टिक कर बैठना आवारा चक्र से अच्छा होगा | एक जगह बैठ कर काम करना अच्छा होगा जैसे सेल्समेन का काम न करे जिसमे जगह जगह घूमना पड़ता है |

12) अकेला बुध और खाना नंबर 7 खाली हो तो बुध का अपना असर मंदा होगा | तबला (बुध) मंदा | मगर राजयोग | दूसरों का दिल अपने काबू करेगा | दुसरो के लिए लाभकारी होगा |        

13) जब चंद्र नंबर 7 में हो तो नशेबाजी का सरदार होगा | जुबान का चस्का बर्बाद करेगा |

14) शराबी कबाबी बेशक, कितना रिजक मंदा न हो अपना |


S Kuber RA
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लाल किताब बुध

लाल किताब 

बुध 

बुध शक्तिमान (वनस्पतियों का राजा)

खुला करते सुराख़ है मैदान बढ़ता |
बढ़ी अक्ल इसकी खर्च खुद जो करता

आम हालत 12 घर

घर 2-4 या छटे बैठा, राजा योग बुध होता हो |
7 वे घर में पारस होता, ग्रह साथी को तारता हो |
9-12-8 तीसरे या बैठा हो 11 में, थूके कोढ़ी बुध होता हो |
घर पहले 10 घूमता राजा, परिवार, धन 5 में देता हो |

खाना नंबर 4 के बुध में राहु-केतु का प्रभाव शामिल नहीं इसलिए राज योग है | बाकी जगह पाप (राहु-केतु) बुध के दायरे में होगा |    

3-8-9-11-12 का बुध जहर से भरा बुध होगा |

खाना नंबर 3 में कबीले पर भारी और खानदान पर मंदा |

खाना नंबर 8 में जानदार चीजों और जानो पर भारी |

खाना नंबर 9 का बुध टेवे वाले अपनी ही हर हालत धन, दौलत, मालोजान पर मंदा |

खाना नंबर 11 का बुध आमदन ककी नाली में रोड़ा अटकाने वाला, 34 साल तक |

खाना नंबर 12 का बुध कारोबार और रात की नींद बर्बाद करे |


जहर से भरा बुध स्वयं मारा जाए तो बेशक मगर 1 से 4 में (सिवाय नंबर 3 के जहाँ वो दूसरों के लिए थूकता कोढ़ी मंदा होगा) मंदा न होगा | 5 से 10 में डर तो जरूर देगा | 11-12 में हड़काए कुत्ते की तरह जिस भी ग्रह को काटे वो आगे दूसरे ग्रहों को हड़काता चला जाए | बुध खाना नंबर 1, 2 और 9 से 12 में बैठा हो तो शनि को मदद देगा यानि विषैला लोहा, मार देने वाली विष, निर्धन करने वाला होगा | खाना नंबर 3 से 8 में हो तो सूर्य की सहायता करेगा, धन के लिए उत्तम चाहे हजारों दुःख खड़े करे |

राहु का सम्बन्ध

जब बुध और राहु दोनों इक्कट्ठे या दोनों जुदा-जुदा मंदे घरों में हो (बुध अमूमन 3-8-9-12 में मंदा होता है और राहु अमूमन 1-5-7-11 में मंदा होता है) तो अगर जेलखाना नहीं तो अस्पताल या पागलखाना या कब्रिस्तान इस वीराना तो अवश्य ही मिलेगा | कसूर या बीमारी चाहे न हो | फजूल के दुःख और मंदे खर्च आम होंगे | फौलाद का बेजोड़ छल्ला जिस्म पर सहायक होगा | दोनों ग्रहों की चीजे या काम करने से बुध और राहु इक्कट्ठे गिने जाएँगे |

बुध का अर्थ है बहन, बुआ, फूफी, मासी, साली, व्यापार तथा बुध के दूसरे काम
राहु का अर्थ है ससुराल, नाना, नानी, बिजली, जेलखाना आदि राहु के काम है |

बुध से केतु का सम्बन्ध

जब दोनों दृष्टि से बाहम मिल रहे हो तो बुध का आम साधारण फल होगा जैसा भी वो टेवे में बैठा हो मगर केतु का फल नीच और मंदा ही होगा | (क्योंकि खाना नंबर 6, जो बुध का मालकियत का घर है, केतु का पक्का घर है  जहाँ वो नीच होता है) | बुध के बिना सभी ग्रहों में झुकने-झुकाने की शक्ति कायम न होगी |

1) बुद्धि के काम, व्यापार, हुनरमंदी, दस्तकारी, दिमागी बुद्धिमता से धन कमाने का 34 साल आयु का समय | बुध की हुकूमत होना किसी भी चीज के न होने की हालत होती है (जैसे बिना किसी ग्रह के खाली ब्रह्माण्ड) |

2) जहर से भरा बुध खाना नंबर 1 से 4 में (सिवाय 3 के) साथ बैठे ग्रह पर मंदा असर न देगा | स्वयं चाहे अपना बुरा असर देवे मगर कोई मंदी घटना न करेगा | 11 से 12 में बैठ कर जिस ग्रह को काटे वह हड़काए कुत्ते की तरह दूसरों को भी आगे हड़काता चला जाए |

3) चंद्र और राहु का झगड़ा हो तो बुध बर्बाद होगा |

4) बुरे ग्रह के साथ बैठा बुध उस ग्रह का प्रभाव ओर भी मंदा कर देगा | भले ग्रह के साथ बैठने से न सिर्फ उस भले ग्रह का प्रभाव और भला कर देगा बल्कि स्वयं भी भला हो जाएगा | यानि जिससे मिलेगा उसकी ही शक्ति का प्रभाव देगा | यह ग्रह वृक्ष पर उल्टे लटके हुए चमकादड़ (बुध) की तरह अँधेरे में जाकर छुपी हुई शरारत करता है | मकान में मंदे बुध की पहली निशानी यह होगी कि नए बने बनाए मकान में किसी न किसी कारण से सिर्फ सीढियाँ (बुध) गिराकर दोबारा बनाई गई होंगी | चार दीवारी और छत नहीं बदली होगी |

5) मंदे बुध वाले को नाक छेदन करना (उसमे चाँदी डालना), फिटकरी (बुध)  से दाँत साफ़ करना, छोटी लड़कियों (कन्याएँ - बुध) की पूजा करना सहायक होगा |  अगर घर के कई सदस्यों का बुध ख़राब हो या अपना बुध ख़राब, मंदे घरों का हो तो बकरी की सेवा या दान करना उत्तम फल देगा | अगर जुबान में थथलापन
(हकलाहट आदि) हो तो थथलापन के अलावा कोई और मंदा फल न होगा चाहे टेवे में मंदा ही क्यों न हो | घर में एक के बाद एक सदस्य बीमार पड जाते हो तो बुध से बचाव के लिए हलवे वाला कद्दू जो पक्का रंग पीला और अंदर से खोखला हो, साबुत का साबुत ही धर्म स्थान में देना सहायक होगा |                  

6) पाप (राहु-केतु) बुध के दायरे में चलते है सिवाय खाना नंबर 4 जहाँ बुध राजयोग है क्योंकि राहु-केतु वहां पाप न करने की कसम कहते है |

7) शुक्र मंदा हो तो उसका मित्र बुध उसे अवश्य मदद करता है मगर पाप मंदे के समय बुध खुद भी मंदा होगा और मौत गूँजती होगी | बल्कि ऐसी हालत में अगर शुक्र ऐसे घरों में हो जहाँ बुध को मंदा गिना है तो शुक्र भी बर्बाद ही करेगा |

8) अकेला बैठा बुध निकम्मा तथा बिना शक्ति का होगा और उस ग्रह का फल देगा जिसका की वो पक्का घर है | मसलन बुध बैठा हो खाना नंबर 1 में जो की मालकियत के हिसाब से मंगल का घर है और सूर्य का पक्का घर है | बुध अब वही प्रभाव देगा जो सूर्य नंबर 1 का होता है | बुध का कोई बुरा असर हो तो वो मालिक ग्रह यानि मंगल पर पड़ेगा |  बुध जिस भी घर में बैठा हो और उस घर का मालिक (पक्का घर वाला ग्रह नहीं) अगर खाना नंबर 9 में बैठ जाए तो वो ग्रह बेबुनियाद और मंदे फल का होगा | मसलन बुध बैठा हो खाना नंबर 4 में और चंद्र खाना नंबर 9 में बैठ जाए तो बुध, चंद्र के फल को रद्दी करेगा | बुध बैठा हो नंबर 10 में और शनि हो नंबर 9 में तो शनि को ख़राब करेगा | बुध हो 12 में और गुरु हो 9 में तो गुरु को ख़राब करेगा, वगैरा |

किस ग्रह के साथ बुध का सम्बन्ध कैसा होगा

गुरु के साथ - राख
सूर्य के साथ - पारा
चंद्र के साथ - पानी मानिंद (जैसा)
शुक्र - दही
मंगल - शेर के दाँत (बुध)
शनि - कलई
राहु - हाथी की सूंड
केतु - कुत्ते की पूँछ


बुध और शनि कुंडली के मुश्तरका दिवार वाले वाले घरों में होने के वक्त शहतीर (बहुत बड़ा लट्ठा) या गार्डर खड़े करके उन पर सेहन बनाने पर बुध बर्बाद होगा | पागलपन, सिर की बीमारियाँ, बहन, बुआ, फूफी बर्बाद होंगे |

बुध का अंडा अक्ल का बीज नहीं मगर अक्ल की नकल ही बुध का अंडा है जो कुंडली के खाना नंबर 9 में पैदा होता है | कुंडली में खड़ा अंडा (मैना, आम, बकरी) बुध कुंडली के खाना नंबर 2-4-6 में होगा | लेटा हुआ अंडा (तथा भेड़)  बुध कुंडली के खाना नंबर 8-10 में होगा | गन्दा अंडा नंबर 12 में होगा | आम हालत माँ-बेटी नंबर
1-7 में होगी | चमकादड़, किसी चीज का साया या अक्स, मगर असल चीज जिसका साया है पता न चले कि वो आखिर है कहाँ बुध नंबर 3-9 में होगा | दूध वाला बकरा मगर दाढ़ी वाली बकरी नंबर 5 में होगा | चोडे पत्तों वाला वृक्ष, मैना का उपदेश, लाल कंठी वाला तोता, गुरु की नकल नंबर 11 में होगा |

बुध की खाली नाली

1) हर तीसरे घर के ग्रह यानि 1-3 आपस में मिला नहीं करते इसलिए बाहम असर भी मिला नहीं सकते | लेकिन यदि बुध की नाली मिल जाए तो बाहम बुरा प्रभाव न देंगे | अगर शुभ हो जाए तो बेशक |

2) शुक्र बुध इक्कट्ठे हो तो ही शुभ मानते है | खाना नंबर 7 दोनों का पक्का घर है | लेकिन जब जुदा जुदा हो और अपने से सातवे पर हो (वर्षफल में हो सकते है) तो दोनों का फल रद्दी गिना जाएगा | लेकिन अगर एक दूसरे से सातवे न हो मगर जुदा जुदा हो और बुध जिस घर में बैठा हो, उस घर में बैठे ग्रह का असर, शुक्र के बैठे हुए घर में अपनी नाली से मिला देगा | उस ग्रह का और शुक्र का असर मिला मिलाया गिना जाएगा | फर्क सिर्फ यह है कि शुक्र ऐसा नहीं कर सकता यानि शुक्र अपने घर का असर बुध वाले घर में नहीं मिला सकता | मसलन बुध-मंगल हो खाना नंबर 2 में और शुक्र हो नंबर 4 में तो बुध मंगल को शुक्र से मिला देगा यानि घर गृहस्थी संतान का सुख अवश्य मिलेगा | मंगल का यह असर शुक्र में शुक्र के दौरे के पहले साल में मिलेगा | लेकिन अगर बुध के साथ शुक्र के शत्रु ग्रह हो तो शुक्र, बुध को उस ग्रह का असर अपने घर में न मिलाने देगा | ऐसी हालत में शुक्र का फल अच्छा न होगा | शुक्र खाना नंबर 8 का लिखा मंदा फल देगा | अगर बुध, शुक्र से बाद के घरों में हो तो बुध का प्रभाव अच्छा नहीं होता | 

इसी तरह कई बार मंगल को सूर्य, चंद्र की सहायता मिलती मालूम नहीं होती मगर बुध की नाली से यह सहायता मिल जाती है और मंगल जो सूर्य, चंद्र के बिना बद होता है, मंगल नेक बन जाता है |

बुध के दाँत

दाँत कायम हो तो अपनी आवाज, बोलने की शक्ति काबू में होगी | संतान पैदा करने की शक्ति होगी | जब बचपन में दांत न थे तो दूध (चंद्र) पिया यानि चंद्र ने मदद दी | दाँत आ गए तो शुक्र (अन्न) का साथ मिला | यानि जब बुध होवे, तो शुक्र के अपनी आप आने की उमींद होगी | जब दाँत चले गए तो मंगल और बुध का साथ न होगा |

बुध का भेद

बुध का भेद जानने के लिए कुंडली के सब ग्रहों को लेना होता है | सबसे पहले देखे कि सारे 9 ग्रह किस किस खाना नंबर में बैठे है | एक उदहारण लेते है

एक जन्म कुंडली जिसमे गुरु नंबर 4 में, सूर्य नंबर 3 में, चंद्र 6 में, शुक्र और मंगल 5 में, बुध 3 में, शनि 12 में, राहु 2 में और केतु 8 में है |

अब ग्रह की शक्ति का आपसी पैमाना देखेंगे :

गुरु 6/9
सूर्य 9/9
चंद्र 8/9
शुक्र 7/9
मंगल 5/9
बुध 4/9
शनि 3/9
राहु 2/9
केतु 1/9

अब इस शक्ति के पैमाने को ग्रह के खाना नंबर से गुणा करेंगे

गुरु : 6/9  x 4 = 24/9
सूर्य : 9/9 x 3 = 27/9
चंद्र : 8/9 x 6 = 48/9
शुक्र : 7/9 x 5 = 35/9
मंगल : 5/9 x 5 = 25/9
बुध : 4/9 x 3 = 12/9
शनि : 3/9 x 12 = 36/9
राहु : 2/9 x 2 = 4/9
केतु : 1/9 x 8 = 8/9

अब इन सब को जोड़ दे | जोड़ने पर आया 219 / 9 | 219 को 9 से भाग देने पर आया 24  3/9 | अब इस में से पूरा हिस्सा (quotient) यानि 24 को छोड़ दे तो बचा 3/9 | अब देखे कि 3/9 किस ग्रह की शक्ति है ? 3/9 तो शनि की शक्ति है जो खाना नंबर 12 में बैठा है | इसका मतलब यह हुआ कि बुध जो खाना नंबर 3 में बैठा था वो खाना नंबर 12 में बैठे हुए शनि के स्वभाव का है | अब देखे कि शनि का स्वभाव कैसा है | जब राहु शनि से पहले घरों में बैठा हो तो शनि का स्वभाव ख़राब होता है | अब जब बुध का समय होगा, शनि दो गुणा मंदा फल देगा क्योंकि बुध और शनि दोनों का ही स्वाभाव ख़राब है |

बुध का स्वाभाव जिस भी ग्रह से मिलता हो उसका उपाय और साथ में बुध का उपाय करेंगे यानि दोनों का उपाय करना होगा |

खाना नंबर 3 / 9 के बुध के लिए लोहे की गोली पर लाल रंग कर के अपने पास रखना होगा, जब मंदा हो | अगर बुध नेक स्वभाव हो तो शीशे की गोली लेना होगा और उस पर रंग उस ग्रह का होगा जिससे बुध का स्वाभाव मिलता था |

खाना नंबर 12 के बुध के लिए काला-सफ़ेद कुत्ता कायम करना शुभ होगा |

असल बुध खाली-खलाव, सफ़ेद कागज, शीशा, फिटकरी होगा | जब उस पर जरा सा भी मैल या किसी और ग्रह का ताल्लुक हुआ तो उसकी गोलाई का ठिकाना मालूम करना वैसा ही मुश्किल होगा जैसा कि जमीन की धुरी का मान लेना | इसलिए उसकी पूरी जाँच कर लेना जरूरी होगा | बुध नंबर 9 या 3 या कही और मंदा हो तो उसका प्रभाव उस साल में नेक होगा जब वो स्वयं के स्वाभाव के असूल पर नेक हो जाए | मगर जन्म के पहले साल या पहले मॉस में मंदा ही होगा | अगर होगा तो जन्म-मरण का झगड़ा ही समाप्त होगा | सूर्य और मंगल के मुकाबले में बुध का फल गायब या सूर्य, मंगल नेक के साथ अपने आधे समय (17 साल) चुप ही होगा मगर छुपी शरारत करता होगा |            

बुध की शक्ति और स्वभाव जानने के ऊपर लिखे असूल में जब 9 से भाग देने पर बाकी कुछ न बचे तो बुध का स्वभाव कुंडली के खाना नंबर 5 में बैठे हुए ग्रह का होगा | यानि बुध के खाली ढांचे में राहु-केतु पकडे गए | यानि जब बुध की शक्ति शून्य हो तो उस कुंडली में राहु केतु का किसी भी दूसरे ग्रह पर प्रभाव न होगा या ऐसी हालत में राहु केतु की दृष्टि बुध के दायरे में बंद हो कर शून्य होगी | मगर राहु-केतु का अपना जाति असर जरूर कायम होगा क्योंकि बुध में हमेशा राहु-केतु का असर शामिल गिना जाता है सिवाय खाना नंबर 4 के जहाँ पर राहु-केतु का अपना प्रभाव शून्य होगा | राहु घडी की चाबी तो केतु घडी का कुत्ता (कांटा, सुई) होगा | दोनों को चलाने वाला गुरु है मगर वह घूमते बुध के दायरे में ही है | अगर खाना नंबर 5 खाली हो तो जिस घर में सूर्य हो और जैसा भी हो, वैसा ही बुध होगा   |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer 

Lal Kitab Vastu Consultant