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Monday, 24 September 2018

लाल किताब शुक्र खाना नंबर 3

लाल किताब 

शुक्र खाना नंबर 3


बुरा क्योँ जो इज्जत तू औरत की करता |
वक्त पर है तेरे जो स्वयं मर्द बनता |

शुक्र नंबर 3 वाले पर कोई न कोई स्त्री मरती ही होती है पर अपनी स्त्री गाय की जगह अब बैल और शेर स्वाभाव (खूंखार तंग करने वाली होगी मगर होंसले वाली होगी) बुरी स्त्री भी लाभ देगी |

नेक हालत में

1) चाहे वह मुनष्य हर स्त्री का प्यारा होगा, इश्क का परवाना, मगर उसके स्वयं के लिए अपनी स्त्री का मान करना शुक्र नेक की नींव होगी | अब शुक्र गाय की जगह बैल की हैसियत का होगा यानि अपनी स्वयं की स्त्री मामूली हैसियत होने के बजाय टेवे वाले के सगे भाई की तरह का पुरुष हिम्मत सहायक होगी | ऐसी स्त्री चाहे दूसरों के लिए भयानक पशु (शेर जैसी) हो मगर अपने मर्द के लिए कायर या खुशामद पसंद ही होगी जिसके बैठे मृत्यु का देवता और चोरी सभी घटनाओं से बचाव होता रहेगा | प्यार या माता-पिता के प्यार का स्वामी होगा | 1 से 15 साल आयु का प्यार या माता पिता का प्यार, अगर पकडे ही गए तो प्यार से घृणा क्यों और सामने आती हुए थाली पर इंकार न होगी, के स्वाभाव का स्वामी होगा | पराई स्त्री और बुरी स्त्री और बुरे पुरुष भी फायदा और सहायता देंगे |
     
संक्षेप में कहे तो शुक्र नंबर 3 वाले पर कोई न कोई स्त्री मोहित ही होती है | उदहारण के लिए, ऐसा प्राणी सड़क के किनारे जा रहा था तो पीछे से आवाज आई कि ऐ मुसाफिर मै भी तो तेरी साथिन हूँ | अभी कुछ ही दिन हुए थे जब विवाह हुआ था और में आपको ढूंढ रही थी के आप कहाँ है |  टेवे वाला बेचारा हैरान परेशान होकर कांपती आवाज में बोला कि मेरी पत्नी तो घर पर है, आप कौन ? बातो ही बातो में वो स्त्री गले ही पड़ गयी और टेवे वाला बेचारा इसी शक में रहा कि उसकी असल स्त्री कौन सी है ? बेचारा उसकी हाँ में हाँ मिलता हुआ समय गुजारता चला गया | ऐसी मजबूरी की वजह से उसको अपनी असल स्त्री से दब कर ही रहना पड़ा |  

2) जब केतु उत्तम हो तो उसके घर में स्त्रियों की अमूमन कदर होगी और स्त्रियां पतिव्रता होगी और उनके रहते कभी चोरी न होगी |

3) शनि अगर खाना नंबर 9 में हो तो माता पिता का सुख सागर लम्बा होगा |

4) जब मित्र ग्रह शनि, बुध, केतु या मंगल 2/7 में हो और बुध नेक भी हो तो मिटटी की लकीर की तरह बहुत कम हालत की मिटटी की बेजान चीजे भी बोलती हुई सीता पतिव्रता की तरह उत्तम फल देंगी | शुक्र अब चंद्र का भी उत्तम फल देगा | मुफ्त की रोटी या गुजारा आसानी से होता होगा | 20 साला तीर्थ यात्रा का शुभ उत्तम फल होगा | माता पिता का सुख लम्बा होगा |

5) अगर खाना नंबर 8 मंदा न हो  और चंद्र उत्तम हो तो मिटटी की हालत में भी तालाब की ऐसी मिटटी होगी जो पशुओं के पेट की बीमारियाँ दूर करने के लिए उसके हाथ से ली हुई शुभ होगी | शुक्र अब गुरु और सूर्य से भी उत्तम फल देगा | बुध, केतु अब चंद्र का असर शुक्र में पैदा होने पर भी शुक्र से शत्रुता न करेंगे |  खाना नंबर 8 के बुरे ग्रह का मंदा प्रभाव नेक करके मौत का मुँह तोड़ देगा |

मंदी हालत में

1) गुरु नंबर 9 में हो तो खुद शुक्र का विषैला प्रभाव होगा, मंदा स्वास्थ्य बल्कि सारी कुल की ही मंदी सेहत और दुखिया, हर ओर बीमारी जहमत |

2) बुध 11 में हो तो शुक्र स्वयं बर्बाद होगा | 34 साल आयु तक चाहे लाख कितने धन, महल, गाड़ियाँ हो, सुख की नींद नसीब न होगी | धन हर रोज घटता ही जाएगा |

3) खाना नंबर 9,11 के ग्रह बर्बाद न होंगे  | अगर वहाँ शुक्र के शत्रु हो तो शुक्र खुद बर्बाद होगा |

4) शुक्र का सम्बन्ध अगर मंगल बद से हो तो लखपति होते हुए भी अपने पेट के लिए अनाज की कीमत के बराबर मेहनत किए बगैर रोटी न पाएगा | 

5) जब बुध और मंगल दोनों मंदे हो तो शुक्र नंबर 3 का मंदा असर सिर्फ धन पर होगा | औरत का हाल टेवे वाले के अपने लिए बर्ताव के सम्बन्ध में उम्दा न होगा | गुरु (16), चंद्र (24), बुध (34) साल उम्र तक के भाग्य का असर मंदा हो | लडकियों  (बुध) स्त्रियों (शुक्र) का मंदा हाल और भाई बंधुओं के हाथो से धन हानि आम होगी | लड़किओं के हाथो और सम्बन्ध से धन बर्बाद होगा और अपने बनाए मकानों का सुख न होगा और न ही पिता (गुरु) की जायदाद या उनका सोना जातक के काम आएगा | पिता की तरफ से बुध की चीजे (लम्बी किताबो की लायब्रेरी), संगीत के सामान जो बुलंद आवाज से दुसरो के कान फाड् दे, अमूमन बाकी मिलेंगे |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant