लाल किताब पक्का घर खाना
नंबर 12
1) इन्साफ मगर इन्साफ करने कराने की जगह नहीं
2) आरामगाह, ख्वाब अवस्था, इंसान का सर
3) घर 12 में ग्रह जो बोले, घर 2 में वह
बोलता है,
फल घर 12 – 2 का इकठ्ठा, साधु (खाना
नंबर 2) समाधी (खाना नंबर 12) होता है
एक जन्म से
दूजा शुरू हो, 12
जहाँ दो होता है
सुख दौलत ओर
सांस आखिरी, हुक्म
विधाता होता है
4) कुंडली के तमाम ग्रहो की अपील खाना नंबर 12 पर
होगी यानि खाना नंबर 12 का फैसला सब से आखिरी फैसला होगा लेकिन अगर खाना नंबर 12
के लिए खुद अपनी अपील हो तो खाना नंबर 2 पर होगी | या खाना नंबर 12 के जाती ताल्लुक में खाना नंबर 2 का फैसला
सबसे आखिरी फैसला होगा | अमूमन नंबर 11 पहला दुनियावी हाकिम (immediate boss) ओर नंबर 1
कुंडली का राजा होता है मगर नंबर 12 के लिए जन्म कुंडली में नंबर 1 के ग्रह की
उम्र (मसलन सूरज नंबर 1 तो 22 साला, मंगल नंबर 1 तो 28 साला ) गुजरने के बाद नंबर 2 अपील का काम
देगा | सबसे
आखिरी निर्णायक चन्द्र होगा | मगर नंबर 1 की उम्र के अन्दर अन्दर आखिरी हाकिम हमेशा नंबर 1
का ग्रह ही होगा वास्ते तमाम दीगर (अन्य) हालत
5) नंबर 12 के ग्रह मुत्ल्ल्का रिश्तेदार टेवे
वाले के आराम पैदा करने के ताल्लुक में खुदाई ताकत का मालिक होगा | जिसके बाद उस
ग्रह की मुत्ल्ल्का चीज कायम करने से सुख सागर होगा | मसलन बृहस्पति
नंबर 12 हो तो पिता, बाबा जिन्दा होने के वक्त तक टेवे वाले की रात हमेशा आराम से
गुजरेगी | उनकी
मृत्यु के बाद बृहस्पति की आशिया (चीजे) बवक्त रात कायम रखना आराम देगा |
6) नंबर 8 मंदा हो ओर नंबर 2 खाली हो या नंबर 12
ओर 8 दोनों ही घरों में ऐसे ग्रह बैठे हो जो इकट्ठे हो जाने पर मंदे हो जावे तो
मंदिर में पूजा पाठ या यात्रा वगैरा के लिए जाने की बजाए मंदिर से दूरी बेहतर
वर्ना 8,12 की मंदी टक्कर होगी | मसलन बुध नंबर 8 में हो तो मंदा ही कहलाता है ओर शनि अगर 12
में हो तो मंदे बुध का शनि से मिल जाने पर टेवे वाले की लड़की (बुध) की आँखों की
ज्योति (शनि) बर्बाद जब टेवे वाला मंदिर जाए |
S Kuber RA
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant
लाल किताब पक्का घर खाना नंबर 12
