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Monday, 17 September 2018

लाल किताब चंद्र खाना नंबर 12

लाल किताब 

चंद्र खाना नंबर 12 

रात के समय बाढ़ तूफ़ान से बस्तियाँ उजाड़ने वाला दरिया

छोड़ी याद मंजिल बुढ़ापा उजाड़ा |
गया जल या बिका उसमे तेरा ही क्या था |

नेक हालत में

1) नीम बूढी से पानी टपकता रहा, माता बूढी का पोता भटकता रहा |
     पानी ऊपर पानी बरसता रहा | बीकानेर बेचारा तरसता रहा | 

नीम (मंगल बैठा होने वाले घर का हाल)
पोता (केतु बैठा होने वाले घर का हाल)
बीकानेर (बुध बैठा होने वाले घर का हाल)
पानी ऊपर पानी ( चंद्र खुद का खाना नंबर 4 जो पानी (समुन्द्र) का ही है )

2) जब चंद्र खाना नंबर 12 में बैठा हो तो उस समय मंगल, केतु, बुध जिस किसी भी घर में बैठे हो वहाँ क्या हाल होगा | चंद्र का स्वयं अपना घर खाना नंबर 4 में बैठे हुए ग्रह पर पानी पड़ता होगा | मंगल नंबर 4 जो अमूमन मंगल बद या मंगलीक हुआ करता है अब आग से जला देने की बजाय ठंडा असर देगा | मगर केतु जो नंबर 4 के समय कुऍं (चंद्र का खाना नंबर 4, कुआँ) में गिरे कुत्ते (केतु) की भांति तड़पा करता है अब और भी वर्षा (खाना नंबर 12) में भीगते हुए कुत्ते की तरह ओर भी मंदा होगा |  बुध नंबर 4 के समय (चंद्र तो पहले से ही 12 में है) माता खानदान पर ओर भी मंदा हाल होता होगा | इसी तरह बाकी ग्रहों का नंबर 4 में बैठे हुए का प्रभाव लेंगे |


खाना नंबर 
मंगल बैठा होने वाले घर का हाल 
1
राजदरबार में जहर के बदले में शहद मिलता होगा 
2
ससुराल के धन का दरिया फालतू होकर बगैर रोके उसके घर में आता होगा और रोकने से भी न रुकेगा 
3
भाई- बंधू  पानी की जगह दूध की नहरों में नहाते होंगे |  
4
बड़े भाई, ताया, माता का बड़ा भाई, या बाबे का बड़ा भाई बेशक उम्र में लम्बे हो या न हो मगर जब तक जीवित होंगे दुखी न होंगे | 
5
उसकी औलाद के खेड़े लगेंगे | (यानि उसकी औलाद के बहुत से शहर या गाँव होंगे) 
6
जिस रिश्तेदार से उसकी लड़कियों या लड़को  या माता खानदान के नाते होंगे वहाँ धन का दरिया बहने लगेगा | 
7
गृहस्थी इतनी अच्छी कि पानी मांगे तो दूध मिले | 
8
मरना है तो मरेंगे मगर गल,सड़ कर या दुर्घटना से नहीं |  
9
बड़ो के घर घाट में जायदाद जद्दी में दूध की नदियाँ होगी | उसे स्वयं चाहे शहर से बहार निकल जाने का हुक्म हो चूका हो | 
10
सिर पर चाहे कितनी मुसीबते आए दिल का दरिया कभी न रुकेगा और वह कभी दुखी न होगा | 
11
गुनहगार होते हुए भी संसार के जज उसे बेगुनाह ही कहेंगे |  
12
दूध में शहद का जीवन | रात को हर तरह का आराम और दिल को शांति होगी | 

      
केतु बैठा होने वाले घर का हाल


खाना नंबर 
केतु  बैठा होने वाले घर का हाल 
1
जिस घर में कदम रखा कचहरी से पकड़ने के वारंट आने लगे | 
2
ससुराल में गए तो अपनी जूती गुम या चोरी हो जाने के अलावा उनको भी नंगे पाँव कर दिया | 
3
स्वयं तो संतान से दुखी थे ही मगर भाई भी चीख रहे हो |    
4
नालायकों की औलाद खानदानी सबूत देगी (नालायकी में) |  
5
बेटा जो भी होगा बाप बन कर ही दिखाए (मंदे अर्थो में)  
6
उसके रिश्तेदार चाहे उसे सुख न देंगे मगर खुद सुखिया शायद ही हो |  
7
अपने ही घर का कुत्ता वा अपनी संतान स्त्री आदि जमीन पर पेशाब करने के बजाय उस पर पेशाब करेंगे   
8
लड़के अचानक गुम हो या मरते हो (बलाएँ बद से)    
9
मामा खानदान नाहक मंदी आँधियों से उड़ रहे हो |   
10
रास्ते जाती-जाती आँधी अपना ही घर उड़ा ले जाए | 
11
इन्साफ चाल चलन में कुत्ते का शिष्य होगा यानि मामूली लालच (रिश्वत आदि मिलने) पर इन्साफ की मिटटी उडा देगा और भूत के सहायक समान प्रेमिका, सुन्दर बद स्त्री की थोड़ी से बू आने पर चाल-चलन ढीला कर लेगा |      
12
कमाई बहुत लाखों की मगर गिनने पर शून्य ही हो |  

      
बुध बैठा होने वाले घर का हाल


खाना नंबर 
बुध बैठा होने वाले घर का हाल 
1
राजदरबार मंदा उजड़ा हुआ प्रभाव देगा |  
2
ससुराल खानदान उजड़े बीकानेर वीरान के दृश्य लेगा |  
3
भाई-बंधू के बाजू कटे हुए |   
4
माता खानदान में मातमी ही रहेगी |  
5
संतान मंदे पानी में बह रही होगी | ( चंद्र की बीमारियाँ दिल या आँख के डेले की बीमारियाँ) 
6
लड़कियाँ जिस जगह विवाही हो वह चिल्ला रहे हो |  
7
गृहस्थ हालत (स्त्री जाति) मंदी रेत में जल रही हो |  
8
लम्बे खर्चे की बीमारियों का कोई अंदाज बाकी न रहा हो |   
9
बड़ो की उजड़ी जायदाद को रोते रोते आँखोँ का पानी समाप्त हो गया हो | 
10
पहाड़ों के बराबर सुन्दर मकान, रात को सोए अचानक उजड़कर रेगिस्तान हो जाए | 
11
बेगुनाह होते हुए भी दूसरों की फाँसी अपने गले आ लगे |  
12
जिस का सहारा लेने की सोची वह पहले ही आगे भागता नजर आया |  

      

1) वर्षा का पानी सहायक होगा | चुप रहना और पिछड़े रहना स्वयं ही तबाही का कारण होंगे |
2) चंद्र की जानदार चीजों का फल अच्छा, खुद विद्वान बुद्धिमान और विद्या में उत्तम होगा |
3) सूर्य-बुध नंबर 3 में हो तो अपने घर में खानदान को तारने वाला होगा |
4) गुरु और सूर्य उत्तम हो तो चंद्र अब मामूली पानी की जगह उत्तम दूध की तरह माया धन देगा |


मंदी हालत में

1) चंद्र अब रात को बाढ़ लाने और बस्तियाँ उजाड़ने वाला बद मंदी रेत के पानी से भरा हुआ दरिया होगा जिससे खेती जलती तथा उजड़ती होगी या यूँ कहे कि माता-पिता का दिया सब कुछ उजड़ जाए मगर अपना कमाया न उजड़े यां माँ-बाप जो उसके नाम कर दे वह उसकी बर्बादी का कारण बन जाए |

2) संसार में कोई दुखी नहीं होना चाहता मगर चंद्र नंबर 12 स्वयं आग की जगह पानी से जलता और और दुसरो को जलाता जाएगा |

3) रात की नींद और सर की जिल्द कभी ही सुख की होगी | चंद्र की बेजान चीजों का प्रभाव अमूमन मंदा ही होगा

पानी बादल से भरकर जलता, रेत मैदानों भरता हो | उजाड़ खेती जागीर भाग्य, अफीम खाए ले सुथरा वह |
दूध धन जर पानी देता, नर्क चंद्र धन डोलता हो | कर्म धर्म चंडाली साया, मान इज्जत कुल फुँकता हो |   
 
4) गन्दा बरसाती नाला होगा | हर तरह से बुरा हाल होगा खासकर जब चंद्र नंबर 1 में आए, ससुराल की जायदाद फूँके और स्वयं की भी न छोड़ता हो | धर्म-कर्म दौलत की बर्बादी | टेवे के अनुसार गुरु की सहायता या गुरु के उपाय बर्फ की तरह काम में आने वाला तथा सहायक होगा |

खाना नंबर 12 का चंद्र नंबर 1 में आने के समय यानि जीवन के 12-24-35-46-59-71-82-91-106-116 (इंटरनेट वाली और प्रिंटेड किताब दोनों में गल्त है) साला आयु में खेती को उजाड़ने वाला पानी होगा जिससे घर घाट सब बर्बाद होंगे | चंद्र जब 12 में वापिस आएगा वह सब मंदे असर देगा जो यहाँ लिखे है |

खाना नंबर 2 का चंद्र जायदाद जद्दी के सम्बन्ध में एक ऐसा दरिया जो दिन प्रतिदिन संसार वालो के लिए खेती की जगह छोड़ता जाए और अपना रास्ता पीछे या किसी और तरफ करता रहे, जिससे कि आबादी वालों को बाढ़ के समय लाभ ही हो मगर चंद्र नंबर 12 का दरिया का पानी आबाद घरों को उजाड़ता और खेती की जमीन को बहा ले जाता और हर तरफ गन्दा पानी और रेत आदि भरता होगा जिसके प्रभाव से टेवे वाला अपने जन्म के बाद चंद्र के समय से अपनी (खासकर जब 12 का नंबर 1 में आए या 2 का चंद्र 12 में आए) बड़ो की जायदाद शान का अपने जन्म से पहले और बाद का मुकाबला करके देखता हुआ, इस पहेली का उत्तर कि अब क्या है और पहले क्या था, केवल आँसुओं से देगा , मुहँ से कुछ न बोलेगा | इसका मतलब यह है कि टेवे वाले के जन्म से पहले और बाद में उसके बुजुर्गों की बनाई हुई जायदाद को मिटटी कर देगा और टेवे वाला बेचारा एकांत में आँसू बहता होगा और सोचता होगा कि पहले परिवार के पास क्या क्या था जो अब सब बर्बाद हो गया |

ज्यों ज्यों समय गुजरेगा आगे का हाल मंदा होता जाएगा
       
5) आता है याद मुझको गुजरा जमाना, था ख्वाब में ही देखा या हो गए दीवाना |
    सुलतान बाद पिदरम इकबाल था शाहाना, तकसीर (कसूर) उसकी आजम (महान)  या हो गया बहाना |
    है याद करके रोता घर उजड़े हो वीराना, जाहिल बना वही जो था माहिरे जमाना |      

टेवे वाला कहता होगा मुझे गुजरा जमाना याद आता है, शायद ख्वाब में ही देखा था या वैसे ही दीवाना (पागल) हो गए | मेरा बाप बादशाह था और समय का (शान) बादशाहों, का कसूर उनका बहुत बड़ा हो गया था या वैसे ही कोई बहाना हुआ जिससे कि अब वह समय याद करके रोता है | घर उजड़ कर वीरान  (जँगल वीरान बियाबान)  हो गए और स्वयं वह नालायक बन रहा है जो की सारे संसार को जानता था |

6) जब मंगल नंबर 1 और सूर्य नंबर 2 में हो तो निर्धन दुखिया | आधी आयु तक से डूबने का डर होगा | ऊपर लिखी मंदी हालातों की हदबंदी आयु का 48 वां साल होगा जिसके बाद चंद्र नंबर 12 की जगह नंबर 3 का फल देगा |

7) सूर्य 6 में हो तो स्वयं या अपनी स्त्री या दोनों एक आँख से काने होंगे |

8) जब 2-6-12 में बुध, शुक्र या पापी हो तो जो चीज भी बाप अपने बेटे (टेवे वाले के) नाम कर देगा वह चीज कोड़ी कोड़ी करके जलेगी, बिकेगी वजह चाहे कोई भी हो |

शक्की पानी जिसका रंग साफ़ न हो, मत पिए |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant        

लाल किताब चंद्र खाना नंबर 11


लाल किताब 

चंद्र खाना नंबर 11 


होते हुए भी न के बराबर, निरपेक्ष (जिससे कोई अपेक्षा न हो) शुन्य सामान, मंदा

दिए दूध है पूत दुनियाँ में मिलता |
नहीं दिल तू खाक दुनिया में जीता |

साथ पापी या शत्रु साथी, केतु मंदा खुद होता हो |


नेक हालत में

1) अगर शनि उत्तम हो तो दूध की खैरात से दूध, पूत संतान धन बढ़ती होगी | गुजरी हुई घटनाओं की याद, सांसारिक सुख, मकान, आयु सम्बन्धी आदि का |

2) जब गुरु उत्तम हो तो धन दौलत उत्तम होगा |

3) जब सूर्य, बुध चंद्र के घर नंबर 4 में हो तो आय के सम्बन्ध में शांति, माकूल (ठीक) कमाई का स्वामी होगा |   

4) जब बुध खाना नंबर 5 में हो तो रिश्तेदार तथा आयु बल्कि दोनों जहान का नेक प्रभाव होगा |

5) जब वर्षफल में चंद्र खाना नंबर 1-2 में आए तो जन्म कुंडली के खाना नंबर 11 का चंद्र अति उत्तम फल देगा और राजदरबार में औसतन 12 साल खूब धन मिलेगा |

चंद्र खाना नंबर 1 में आएगा 11, 23, 36, 48, 57, 72, 84, 94, 105, 119 
चंद्र खाना नंबर 2 में आएगा 4, 17, 27, 47, 55, 69, 81, 95, 103, 115

मंदी हालत में

1) चंद्र इस घर में निरपेक्ष नाममात्र ही होगा | कभी तूफ़ान जोर की लहरों से भरा हुआ समुन्द्र और कभी ऐसा जैसे उसमे पानी तक न हो बल्कि खाली जमीन, बाकी बची रेत तक की चमक न हो |

2) केतु का फल अब मंदा होगा | दादी पोते का झगड़ा होगा यानि टेवे वाले की माँ (चंद्र) के होते हुए उसकी नर संतान (केतु) न होगी | दूसरे शब्दों में कहे तो टेवे वाले की माँ अपने पोते यानि टेवे वाले की नर संतान न देखेगी | माता की आयु लम्बी हो तो उसके जीवित रहते टेवे वाले की नर संतान पैदा ही न होगी | यदि किसी वजह से हो भी जाए और दादी कभी उसको देखे तो संतान बर्बाद या वह स्वयं पतिहीन या बर्बाद हो जाए | यदि दादी पहले ही पतिहीन या अंधी हो तो संतान बेशक कायम होगी | फिर भी लड़के की 12 साल की आयु में या शनि के समय तक दादी, पोता में से एक ही या दोनों ही न होंगे | घर में हैंडपम्प के पानी गिरने की जगह पर अक्सर पत्थर हुआ करता है | इस पत्थर (शनि) को टेवे वाले की माँ हर रोज धोती रहे या माता सिर और आँखे दूध से धोया करे तो विष (शनि) घटती जाएगी | या भैरों (शनि) मंदिर में दूध देना सहायक होगा | चूँकि चंद्र खाना नंबर 11 के समय केतु कमजोर ही होता है अतः सम्भोग के समय सोने (गुरु) की सलाख को आग में खूब लाल (मंगल) करके दूध (चंद्र) में बुझा लिया करे | यह अमल 11 (चंद्र खाना नंबर 11) बार करे | नर संतान या ताकत मर्दी, नर बच्चो तक उनकी लम्बी आयु के सम्बन्ध में यदि केतु निक्क्मा हो चुका हो यानि ऐसे व्यक्ति को दर्द जोड़ या गठिया आदि हो चुका हो या किसी ओर कारण से दूध पीना वर्जित हो तो यही गर्म किया सोना पानी में बुझा कर प्रयोग कर लेना मुफीद (उपयोगी) कारआमद (उपयुक्त)  होगा | फिर उस दूध का प्रयोग उन नुक्सो को दूर करेगा | यदि पौरष शक्ति में शक हो तो गुरु (सोना) यानि ऐसी दवाइयाँ जिनमे सोना या सोने का कुश्ता (पुरानी रासायनिक क्रियाओं द्वारा धातुओं को फुंकार तैयार की हुए भस्म) आदि शामिल हो, गई शक्ति को बनाएगा | चंद्र के साथ गुरु (सोना) हो तो दोनों कभी मंदे नहीं होते और न ही दुश्मन से मार खाते है |

3) शनि नंबर 3 से चंद्र को देखे तो माता बचपन में या या चंद्र की आयु में या शनि की आयु में मंदी सेहत, तबाही माली हालत या मर ही जाए |

4) जब खाना नंबर 3 मंदा हो तो बचपन मंदा और नीचे लिखी पांच बाते मंदा प्रभाव देंगी

1) बहन का जन्म या बुध की चीजे, बुध से सम्बंधित कारोबार        बुधवार
2) शादी चाहे अपनी या या अपने किसी सम्बन्धी की                    शुक्रवार
3) मकान बनाना, खरीदना, गिराना शनि के काम                         शनिवार
4) धन लेना या देना, किसी चीज का कारोबार से सम्बन्ध, केतु    सवेरे (केतु के समय)          
     की चीजे या केतु का काम
5) गुरु उपदेश सुनना सुनाना, गुरु चीजे काम से सम्बन्ध              पक्की शाम (राहु)

उपाय:

अच्छा होगा कि जब स्त्री को बच्चा पैदा होने का दर्द शुरू हो तो टेवे वाले की माँ वहाँ से किसी ओर जगह चली  जाए और 43 दिन तक न वो बच्चे को देखे और न ही हाथोँ में ले | यदि टेवे वाले की स्त्री के टेवे में भी चंद्र नंबर 11 में हो तो टेवे वाले की स्त्री की माता यानि उसकी सास भी इसी तरह 43 दिन के लिए दूर चली जाए |

5) केतु नंबर 3 से अपने शत्रु चंद्र को देखता हो तो कुआँ लगने पर माता की मौत, संतान की मौत, सफर (दरिया, समुंद्री) में हानि | किसी व्यक्ति के गुमराह करने से माल और जर का नुक्सान हो |

उपाय:

माता की मदद के लिए चंद्र की चीजे दूध के पेड़े या दूध जो तोल में इतना हो कि वो एक आदमी की पूरी खुराक हो 11 गुना करके बच्चो में बाँट दे यानि 11 X 11 = 121 पेड़े या इतना दूध जो 11 आदमियों के लिए काफी हो | यदि कोई वहम करे तो दरिया में गिरा दे |

      
S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant 

 



  

Thursday, 13 September 2018

लाल किताब चंद्र खाना नंबर 10


लाल किताब 

चंद्र खाना नंबर 10 


आक (मदार) का जहरीला दूध, जहरीला पानी

कब्र मुर्दो की कौन जल्दी भरेगा |
उसी ठेकेदारी को अब तू पूरा करेगा |

नेक हालत में

1) अपनी जिंदगी में जर के पहाड़ो से घिरे हुए दरिया को पार करने के लिए खाना नंबर 2 किश्ती की हालत खुद मुसाफिर | सांसारिक साथियों की हालत (खाना नंबर 5 दरिया के पानी की  हालत) | निकलने की जगह और बहने की हालत खाना नंबर 3 | पासवान  मल्लाहो की हालत जो बेड़ी के चलाने से सम्बन्ध रखने  होंगे खाना नंबर 6 | आखिरी अटकने की जगह अंजाम आखिरी की हालत दिमागी |

2) जगह या मुकाम की याद का स्वामी होगा |

3) स्वयं की आयु साँप कौवे (शनि) की तरह लम्बी 90 साल से कम न होगी | 

4) पापी ग्रहों का अब नंबर 5 पर कोई बुरा प्रभाव न होगा न ही कोई उपाय जरूरी होगा | स्वयं भाग्य के लिए खाना नंबर 2 जागता होगा  यानि धर्म स्थान (नंबर 2) में आना जाना भाग्य को बढ़ाता होगा | स्त्रियों की कबूतरबाजी से बचकर चलना सहायक होगा |

5) चंद्र की 24 साल की आयु (24-12-6) में जरीही (चीरने फाड़ने की डाक्टरी) का शुरू किया काम खुश्क (सूखे) कुऍं पानी (माया) भर देगा चाहे चंद्र कैसा भी विषैला हो चुका हो | ( नंबर 2 खाली और 4 में नर ग्रह हो)

6) शनि नंबर 4 या शुक्र नंबर 1 में हो तो माता पिता का सुख सागर लम्बा मगर स्त्रियाँ (माशूका या बेवा) बतौर फर्ज बर्बाद करेंगी |

7) जब सूर्य तथा गुरु या मंगल नंबर 4 में हो तो खुश्क कुऍं भी पानी देने लग जाए | उजड़े घर आबाद हो जाए | हर ओर चंद्र के शुभ असर से दूध चाँदी और मोती ही मोती बरसे तथा शुभ समय हो |

मंदी हालत में

1) चंद्र का समुन्द्र ऐसा होगा जैसे संसार भर की विषैली नदियों के पानी का समुन्द्र जो पहाड़ (शनि) से निकलने के बजाए उल्टा पहाड़ में गिर कर पहाड़ को भी बर्बाद करता होगा | ऐसा व्यक्ति आँख (शनि) के फरेब से बदनाम होगा और शनि की आँख की शरारत कारण होगी | हाकिम चाहे कमाल का फिर भी बर्बादी बल्कि कब्रिस्तान को मुर्दों से भरने का बहाना होगा | पानी में घुली दवाइयाँ रात को बीमारी का इलाज मंदा प्रभाव देंगे | मकान (शनि) और ससुराल (राहु) दोनों का मंदा हाल होगा | जब भाई-बन्धुओँ के सम्बन्ध से कोई मकान या शनि की कोई दूसरी ठोस चीज ले ले तो चंद्र की चीजे जैसे स्वयं अपना ही कुआँ तक मौत का बहाना बन जाए |

2) चंद्र का पानी जैसे कुदरती जल, जमीन के नीचे का पानी, हैंड पम्प, दरिया, चश्मा, नदी, झरना, आसमानी बर्फ के गोले (ओले) 10 साल तक लगातार रखना या जारी रहने के 15 साल बाद चंद्र की सब जहर धो देगा | रात (शनि) को दूध (चंद्र) पीना ठीक न रहेगा | घर में दूध देने वाले पशु न रह सकते है और न फायदा देंगे |    

3) जब नंबर 5-6 में कोई भी ग्रह बैठा हो चंद्र की चीजे आने पर दुःख खड़े हो जाएंगे |

4) जब शनि खाना नंबर 1-4 में हो तो शनि के काम कारोबार या चीजे जो शनि से सम्बंधित हो उत्तम फल देंगे | धन दौलत लोगो का गला काट कर या दगा फरेब झूठ लानत से माया की बरकत के ढंग पर होगी | माता पिता का प्रभाव तो अवश्य उत्तम होगा मगर वह स्वयं स्त्री के चाहे पतिहीन जिसकी पालना अपनी जिम्मेवारी से करे चाहे बाजारू औरत या फिर दूसरी प्रेमिकाएँ बर्बाद करे और फजूल धन ख़राब करे |

5) जब शनि नंबर 3 में हो तो चोर डाकू फिर भी मंदी हालत |

6) जब सूर्य 7 में हो तो मृत्यु दिन (सूर्य) के समय पानी (चंद्र) से होगी |

7) जब पापी 4 में और शुक्र 7 में हो तो संतान मरती जाए और माता की आयु शक्की हो |

8) जब 2, 3 में पापी ग्रह हो तो चंद्र का हाल मंदा ही होगा |

9) जब नंबर 3 मंदा या नंबर 3 में चंद्र के शत्रु, पापी, बुध, शुक्र हो तो जिसकी खबर को गए वो बीमार मुर्दा हो गया, मीठा शरबत देते देते जहर कातिल हो गया | पानी में घुली दवाइयाँ विष का काम करेंगी | चूर्ण आदि खुश्क दवाइयाँ शुभ रहेंगी |

10) जब नंबर 5-8 में पापी या बुध, शुक्र हो और जब धर्म की नाली मंदी हो तो चंद्र चीजे जहर कातिल का कार्य देंगी |

11) जब चंद्र, बुध, शनि का परस्पर सम्बन्ध हो तो तीनो ही ग्रहों का मंदा फल, हर जगह मनहूस सिद्ध हो |

12) जब नंबर 4 में केतु, 5 में गुरु, 2-10 में राहु, 6 में सूर्य, 8 में बुध हो तो संतान, कबीले या दुखों का तूफ़ान चलता होगा |

13) मंगल नंबर 7 में हो और सूर्य बैठा होने वाले घर से दूसरे घर में शनि हो तो शरीर का कोई न कोई हिस्सा मरा हुआ होगा |             

14) जब मंगल बद हो तो चोर, धोखेबाज, तैरते को डुबाने वाला, चोर-डाकू का सम्बन्ध आम होगा |

15) जब नंबर 2 खाली हो तो फेफड़े और छाती की बीमारियाँ होंगी | (उंगलिओं के नाखून लम्बे होंगे)


S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant 







     

लाल किताब चंद्र खाना नंबर 9


लाल किताब 

चंद्र खाना नंबर 9 


घड़े बराबर मोती, दुखियों का रक्षक समुन्द्र

असर तुख्मा (बीज या वह वीर्यकण जिससे संतान पैदा होती है) ) सोहबत, यही कृतघ्न का |
फर्क दूध गाय जो, होता थोहर (सेंहुड़ का वृक्ष जिससे सफ़ेद रंग का दूध निकलता है) का |

शत्रु ग्रहों से सम्बन्ध

बेशक चंद्र के शत्रु चंद्र से सम्बंधित चीजों के कारोबार में बुरा प्रभाव न देंगे मगर फिर भी समुन्द्र में रेत (बुध), मिटटी (शुक्र), पहाड़ी चट्टान (शनि), और तूफ़ान (केतु) पैदा करते ही होंगे |

मित्र ग्रह से सम्बन्ध

जब नंबर 5 में मित्र ग्रह हो तो संतान, धर्म उत्तम | 

नेक हालत में

1) शराफत और चंद्र की शक्ति में सब से उत्तम | गणित के असूलों को पूरा पूरा जानने वाला | भला लोग, भले काम, नेक स्वाभाव, कर्म धर्म तीर्थ यात्रा का शुभ नाम नेक अर्थ व काम का आदमी होगा | 30 साल तीर्थ यात्रा का मौका अवश्य मिले | बेशक उसके दिल के समुन्द्र में कृतघ्न इंसान की नस्ल से तमाम दुनिया की मंदी कर देने वाला कूड़ा करकट ही क्यों न डाला जाए फिर भी सांसारिक हालत में वह खुदाई रहनुमा होगा | यानि अपना नेकी का स्वाभाव कभी न छोड़ेगा चाहे बदले में कुछ भी न मिले |

2) खाना नंबर 5 (संतान) अब अपने आप रोशन होगा चाहे नंबर 3 में या चंद्र के साथ पापी बैठे हो | खाना नंबर 5 देखता है 9 को मगर खाना नंबर 9 में बैठा चंद्र (उल्ट) खाना नंबर 5 को नेक कर देता है | अब नंबर 9 का चंद्र नंबर 5 में बैठा हुआ और नंबर 5 का ग्रह नंबर 9 में बैठा समझकर संतान का प्रभाव देखा जाएगा | निष्कर्ष यह है की संतान अवश्य होगी | आयु 75 वर्ष होगी |

3) जब चंद्र कायम हो तो दुखियो का रक्षक | मिटटी के घड़े के बराबर का 9 गुणा मोती, उत्तम फल होगा |

4) जब नंबर 3 में मित्र या मददगार ग्रह हो तो धन दौलत की बरकत होगी |

5) जब नंबर 4 में कोई न कोई ग्रह बैठा हो तो दूध भरी किस्मत होगी |  माता-पिता का सुख सागर लम्बे समय तक, कर्म, धर्म और दया दौलत की बरकत होगी | सब से जुदा हजारों में एक विशिष्ट व्यक्ति जिस के बराबर का दूसरा कम ही हो | 

6) जब गुरु का साथ या सम्बन्ध हो तो समुद्री (चंद्र) और हवाई (गुरु) दो ताकतों की बरकत होगी | मामूली बेड़ी (गरीब घर का जन्म) का मालिक होता हुआ भी भारी जंगी बेड़ो (उत्तम जीवन तथा भारी परिवार) का स्वामी हो जाएगा | सब ही ग्रह में से चाहे कोई भी हो 3-5 में बैठा हुआ चंद्र के वश में होंगे | अब चंद्र बड़ा भारी समुन्द्र होगा

मंदी हालत में

1) राहु की हालत और चंद्र का सम्बन्ध हो तो गाय का दूध और थोहर के दूध की सफेदी हर दो की मिली हुई  तासीर की जाँच में अक्ल धोखा देगी | साथी ग्रह और नंबर 9 के ग्रहों का प्रभाव जरूर शामिल होगा |

2) केतु नंबर 2 और बुध नंबर 5 में हो तो अब चंद्र के समुन्द्र का पानी सिर्फ इतना ही होगा जो एक कुत्ता (केतु)  या भेड़-बकरी (बुध) पी कर खत्म कर दे | यानि माली हालत 34 बल्कि 48 के बाद अच्छी होगी और उस समय तक चंद्र की चीजे या रिश्तेदार चंद्र से सम्बंधित काम कोई खास लाभ न देंगे | यह जरूरी नहीं कि हानि हो |

3) अगर शुक्र खाना नंबर 3 से चंद्र को देखे तो शुक्र (25) और चंद्र (24) की उम्रो के मध्य माता की नजर बर्बाद होगी |


S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant 

Wednesday, 12 September 2018

लाल किताब चंद्र खाना नंबर 8


लाल किताब 

चंद्र खाना नंबर 8  


मुर्दा माता, जला हुआ दूध

बुजुर्गों के दिन, चीज चंद्र जो देगा |
रुके न कभी साँस, जब तक हो लेता |

ससुराल तारे दामाद तारे (चंद्र की आयु 12-24-48 साल के बाद)  तारेगा मामा को भी वो |
उल्टी गँगा हो के तारे (जब सूर्य या शुक्र उत्तम), आयु के आखिर भी वो |
 असर बुरा न राहु टेवे, मंदिर शनि (नंबर 2 में या गुरु के घर में और गुरु उत्तम), गुरु वर्षा हो |   


नेक हालत में


1) अब टेवे में राहु का बुरा प्रभाव न होगा और न ही मंगल बद होगा | चंद्र की बेजान चीजों पर भला और उत्तम प्रभाव होगा | अब चंद्र नष्ट या मंदा न होगा |

2) स्वयं की आयु लम्बी होगी और माता के होते हुए कभी आयु की हार न होगी या यूँ कहे कि पहले स्वयं मरेगा और बाद में माता और माता की आयु 80 वर्ष तक लम्बी होगी |

3) उल्टी गंगा हो कर तारे

4) माता पिता दोनों की आयु लम्बी और मंगल का प्रभाव उत्तम होगा |

मंदी हालत

1) चंद्र बेशक किसी भी तरह मंदा हो मगर टेवे वाले की खानदान नस्ल कभी बंद न होगी यानि वो लावल्द (निसंतान) नहीं मरेगा | कष्ट होगा और मंदी नाली के पानी के भाग्य का स्वामी होगा | उसकी जद्दी जायदाद और शुक्र के काम स्त्री खेती आदि उसके अपने किसी काम न आएँगे | दिनों के फेर ही होते रहेंगे | यदि उसके जद्दी मकान के निकट कुआँ या तालाब हो तो जीवन भर और भी मंदा साबित हो |

2) अगर मंगल या बुध या पापी मंदे हो तो चंद्र अपने दूसरे दौरे के बाद यानि 12/24/48 वर्ष की आयु के बाद बुरा प्रभाव देगा | दुनिया की नजर में शादी मगर स्वयं वह दुखिया होगा | पहली निशानी मंदा चाल चलन होगी जिससे ससुराल और संतान भी बर्बाद होंगे | लड़कियाँ चाहे पैदा हो और गिनती में अधिक होंगी |

3) जब पापी शुक्र बुध नंबर 11 में हो और 2 खाली हो या पापी ताकत के मालिक हो चंद्र की मियाद 4-8-12 हद 24 तक माता की आयु मंदी होगी और चंद्र की जायदाद चीजों का फल मंदा होगा |

4) जब नंबर 3-4 में कोई तीन मंदे ग्रह हो तो माता-पिता का सम्बन्ध, जायदाद और संतान मंदे होंगे |

5) जब शुक्र मंदा हो या किसी मंदी स्त्री का सम्बन्ध हो या बुध और शनि दोनों मंदे हो तो दूध में कड़वी रेत या  विषैली खाण्ड की किस्मत या पेशाब भरा लानत का कुआँ होगा | संतान और सेहत दोनों मंदे होंगे |

6) बुध नंबर 4-12 में हो या शनि-राहु नंबर 12 में हो, बुध सूर्य मंदे बर्बाद हो, खाना नंबर 1 में या चंद्र के साथ शत्रु या पापी हो तो नजर, बाल बच्चे दोनों बर्बाद, मंदा प्रभाव | नाक छेदन उत्तम | राजदरबार मंदा | आम शारीरिक दोष हो | 34 साल आयु तक मंदा जीवन और धन न आए |

7) जब खाना नंबर 2 मंदा हो या नंबर 2 में राहु-गुरु या बुध-गुरु या बुध हो तो अपनी स्वयं की बेफ़कूफी से शुक्र या चंद्र की चीजों का मंदा असर होगा मगर कुदरत मंदा असर न देगी |  


उपाय : संतान के तकाजे में शमशान के अहाते के अंदर के कुऍं का पानी अपने घर में रखना सहायक होगा | यदि बड़ो के नाम पर दूध का दान (श्राद्ध आदि) न करे तो दमा, मिर्गी, लावल्दी होगी या कुआँ छत कर मकान बनावे खासकर जब चंद्र 8 में और गुरु, शुक्र 4 में हो | बड़ो के चरण छूना या पानी से धोना, धोते रहना लम्बी आयु देगा |
   
8) महसूस की शक्ति गुम होने से मंदे समय की पहली निशानी होगी |

9) बच्चो और बड़े बूढ़ों बजुर्गों की आशीर्वाद उनके पाँव धोकर लेते रहने से हर और बचाव होगा |

10) खेती की पैदावार जायदाद का फायदा टेवे वाले के ससुराल (स्त्री खानदान) को मिलेगा |

11) अगर जुआरी हो तो बदबख्ती (बुरा भाग्य) होगी |

12) घर में चंद्र की चीजों का होना लम्बी आयु की निशानी होगा | जैसे चाँदी, चावल, गंगा जल वगैरा | माता के साथ रहना और उसकी सेवा करना लम्बी उम्र देगा |


S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant 
    





   






Monday, 10 September 2018

लाल किताब चंद्र खाना नंबर 7

लाल किताब 

चंद्र खाना नंबर 7 


बच्चो की माता, खुद लक्ष्मी अवतार

नहीं दिन है परिवार बढ़ने को लगते |
भरेंगे खजाने जो अपने ही धन से |

1) शादी के समय स्त्री के घर से पति के घर तक चंद्र की चीजे स्त्री साथ लावे |
2) कवि या ज्योतिषी होगा | अगर फकीरी तो अव्वल दर्जा वरना चाल चलन शक्की होगा | बुद्धि की बारीकी | दूध (चंद्र) दिल साफ़ देगा |

नेक हालत में

शनि तीजे, गुरु सातवें, कितना ही कंगाल हो |
स्वयं अकेला चंद्र सातवे, लक्ष्मी का अवतार हो | 

चाहे चंद्र अब बुध के पक्के घर में बैठ कर बुध का फल अमूमन ख़राब कर देगा मगर स्वयं अपने प्रभाव से वह पूरा उत्तम और स्वयं नेक लक्ष्मी का अवतार होगा जब तक राहु / केतु का बुरा असर शामिल न हो | ऐसा व्यक्ति पैदा होते समय चाहे कितना ही निर्धन क्योँ न हो और परिवार भी लम्बा न हो, फिर भी अपने जन्म से मिटटी (शुक्र) के चाँदी (चंद्र) की तरह चमकदार होगा | जायदाद जद्दी या स्वयं की पैदा की हो या न की हो मगर नकद  नारायण जरूर होगा | मृत्यु अपने घर घाट में ही होगी | बहु (शुक्र) बेटी (बुध) माँ (चंद्र) बहन (बुध) के प्यार से दूर रहेगा | प्यार मोहब्बत से दूर दूध की तरह साफ़ दिल का होगा | राजदरबार में मान और चंद्र की चीजों के सम्बन्ध में सुख होगा (जानदार और बेजान दोनों का) | कविता तथा ज्योतिष का भी माहिर हो सकता है पर चाल चलन शक्की होगा |  तिलस्मी (जादुई) भूत सामान होगा | अक्ल की बारीकी या खुदाई पहुंच दर्जा कमाल | अगर फकीरी भी हो तो सबसे उत्तम और नेक प्रभाव की होगी | रंग रूप में फर्क आदि की शक्ति, दूध से दही और दोनों की शक्ल और रंग का फर्क भांप लेने का स्वामी होगा | स्वयं टेवे वाले के लिए सँसार का सुख और शुभ स्त्री का आराम होगा |

1) बुध नेक हो (पक्का घर खाना नंबर 7) और खाना नंबर 8 खाली हो तो अंदर की बुद्धि और खुदाई पहुँच दर्जा कमाल होगी |

2) जब बुध उत्तम हो तो धन दौलत और परिवार की देवी चाहे शनि नंबर 3 (नकद धन की कमी) चाहे गुरु नंबर 7 (परिवार की कमी) में हो |

3) शुक्र (नंबर 7 का स्वामी) नेक हो तो सांसारिक हर कारोबार और गृहस्थी हालत में हर और शांति मिले |

मंदी हालत में

बूढी माता से झगड़ा टेवे वाले की मिटटी तक उडा देगा | दूध और पानी मूल्य लेकर बेचने से संतान और धन घटता होगा | अमूमन शादी के समय स्त्री घर आने के समय या उससे पहले से ही चंद्र की जानदार चीजों घोडा, माता की आयु शक्की गिनते है | जब शादी की आयु चंद्र की आयु हो (6-12-24) तो पापी, शुक्र और बुध तीनो का फल मंदा होगा लेकिन अगर घर में चंद्र की चीजे चाँदी, दूध, दरिया का पानी (स्त्री के वजन के बराबर) मौजूद हो तो अल-औलाद बढ़ती रहे वरना चंद्र शुक्र का झगड़ा होगा और चंद्र की जानदार चीजे चल बसे (जो जरूरी नहीं की चल ही बसे) लेकिन लक्ष्मी की बरकत और भी बढ़ती जाए |

1) गुरु नंबर 7 में हो या पापी साथ में हो या बुध 2/8 में हो तो बचपन का समय मंदा, मंगल भी मंदा होगा, बुध से सम्बंधित कामो या माया दौलत के सम्बन्ध में बुरा प्रभाव ही होगा |

2) चंद्र मंदा होने के समय शुक्र बैठा होने वाला घर मंदा होगा | मगर धन और भाग्य मंदा न होगा |

3) शुक्र पाप के साथ कही भी इक्कट्ठे हो तो बच्चे छोटी छोटी आयु में गुजरते जाए |

4) शुक्र नंबर 1, बुध नंबर 1, शनि का साथ या सम्बन्ध हो तो सास (चंद्र), बहु (शुक्र) का झगड़ा | सब नशीली चीजों का सरदार होगा | जायदाद बर्बाद करे | चाहे हथियार से मरे पर आयु फिर भी लम्बी होगी |

5) शादी के दिन स्त्री के घर में आने से पहले अगर चंद्र की चीजे स्त्री के वजन के बराबर पहले से ही मौजूद हो तो अल-औलाद बढ़ेगी वरना चंद्र शुक्र का झगड़ा होगा यानि टेवे वाले की माता या धन बर्बाद होने शुरू हो जाएंगे | 


S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer
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लाल किताब चंद्र खाना नंबर 6


लाल किताब 

चंद्र खाना नंबर 6 



धोखे की माता और खारा (कड़वा) पानी

एवज तुझ को दुनियाँ है तेरा ही देती |
न हो पहले की गर, तो कर देख नेकी |


1) अकेला चंद्र तो जवानी उत्तम हो और किसी दूसरे ग्रह के साथ हो तो बुढ़ापा उत्तम |

2) शुक्र मंदा तो ससुराल खानदान मंदा होगा
    बुध मंदा तो माता खानदान मंदा होगा
    केतु मंदा तो पिता खानदान मंदा होगा

अस्पताल या मुर्दा घर में कुआँ लगाना सहायक होगा |

नेक हालत में 

1) जैसे करनी वैसी भरनी, नहीं की तो करके देख | उम्र 80 साल होगी | बोझ बराबर धन, जैसा मुँह वैसी चपेड़, अच्छे से अच्छा और बुरे से बुरा |

2) चंद्र का फैसला वास्ते मान सम्मान खाना नंबर 2 से होगा | चंद्र का फैसला वास्ते चश्मा रिजक खाना नंबर 4 से होगा | चंद्र का फैसला वास्ते आयु खाना नंबर 8 से होगा | चंद्र का फैसला वास्ते रात का सुख, गृहस्थी खाना नंबर 12 से होगा |

3) जब 2-4-8-12 सब ही घर उत्तम हो तो 6 दिन से तड़पते हुए (चन्द्र खाना नंबर 6) मुर्दे के समान इंसान के मुँह में पानी डालते ही उसे आराम आ जाए |

4) जब गुरु खाना नंबर 2 में बैठकर चंद्र को देखता हो तो अब चंद्र कोई ऐसा मंदा फल न देगा | फिर भी किसी कारण से माता का स्वास्थ्य निक्कमा या माया धन का, चंद्र की दूसरी चीजे काम, कारोबार, रिश्तेदार ठीक साबित न हो तो पिता (बृहस्पति) को दूध (चंद्र) पिलाना या धर्म स्थान में (बृहस्पति) चंद्र की चीजे दूध आदि देना उत्तम फल पैदा करेगा |

मंदी हालत में

1) जब 2-4-8-12 सब मंदे हो तो शुक्र और केतु भी भले न रहेंगे | पिता खानदान बर्बाद | माता खानदान पर बुरा प्रभाव 34 साल तक (चंद्र बुध के घर खाना नंबर 6 में) रहेगा |

2) बुध जब खाना नंबर 2 से या 12 से (उल्ट दृष्टि) चंद्र को देखे तो चंद्र भाग रद्दी, तकिया मुसाफिरा जीवन | आत्महत्या तक की नौबत मगर गरीबी कारण न होगा |

3) जब सूर्य 12 में हो तो स्वयं या स्त्री या दोनों एक आँख से काने होंगे |

4) मंगल 4-8 में हो और बुध चंद्र के साथ नंबर 6 में हो तो माता बचपन में ही गुजर जाए | अगर जीवित हो तो एक दूसरे के लिए दोनों मुर्दे से भी बुरे और मंदे प्रभाव के |

5) अगर मंगल 6 / 12 में हो और बुध नंबर 8 में हो तो टेवे वाला छोटी आयु का | अगर माता जीवित हो तो दोनों मुर्दे के सामान |

6) जब चंद्र को केतु बर्बाद करे तो चंद्र की आयु 6/12 /24 साल में धर्मार्थ कुआँ या कुऍं पर मुफ्त पानी पिलाने वाले का प्रबंध करना या आम लोगो के प्रयोग के लिए लगाना या खेती में लगाया हुआ कुआँ मंदा असर देगा | मगर अस्पताल या शमशान में लगाना वर्जित नहीं है | स्वयँ के आराम के लिए कुआँ कोई मंदा नहीं होगा | संतान, माता / पिता खानदान की आयु पर हमला होगा | उसकी चाँदी मिटटी के बराबर मूल्य देगी | धन दौलत धर्म ईमानदारी शारीरिक स्वास्थ्य मंदा, दूध का प्रयोग मंदा, रात को दूध पीना विष के सामान होगा |

उपाय : धर्म स्थान में कभी कभी चंद्र के मित्र ग्रहों (सूर्य, मंगल, गुरु) से सम्बंधित कोई न कोई चीज देते रहना या वैसे ही धर्म स्थान में जाकर सिर झुकना सहायक होगा | स्वास्थ्य के लिए दूध जरूरी हो तो केवल दिन में ही पिए | रात के समय दही - पनीर (शुक्र) शुभ रहेगा |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
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Sunday, 9 September 2018

लाल किताब चंद्र खाना नंबर 5


लाल किताब 

चंद्र खाना नंबर 5 



बच्चो के दूध की माता तथा आत्मिक नदी

सलाह नेक की जो, बुरा करते लेता |
भला उससे बढ़कर, नहीं कोई होता |

नेक हालत

1)  बच्चो के दूध की माता तथा आत्मिक नदी | जिस तरह निकलता और बहता हुआ पानी सदा उत्तम होता है उसी तरह ही बच्चो के पालन और धर्म के स्वाभाव पर धन की बरकत की हालत होगी | रास्ता सच्चाई तेरा पलड़ा सदा भारी रहेगा | अदलो (न्याय) इन्साफ की तू है मिजान  (तराजू) | 

2) कद काठी अच्छी, लम्बा शरीर, अच्छी बुद्धि और पुरुषों में हीरे (उत्तम) सा आदमी होगा मगर किसी के आगे झुकना नहीं आता | कट जाए पर झुके नहीं | राजा के जैसा भाग्य और लम्बी आयु का स्वामी (100 वर्ष) होगा |

3) राहु अब टेवे में ठंडा होगा | चिड़ियों (केतु नंबर 6 अपनी मामूली संतान) से बाज (बुध साहसी शत्रु) को मरवाने के साहस का स्वामी होगा | न्याय की तकड़ी (तराजू) का स्वामी, रहमदिल मनुष्य और लड़ाई में जिस ओर जाए वही जीते | उसका पलड़ा भारी होगा | व्यापार अमूमन मंदा होगा | मगर राजदरबार (धन दौलत की आमद का जरिया) में मान होगा |  जंगल पहाड़ को आबाद करने वाला धर्मात्मा होगा |

4) रफाय आम (आम चलने के नियम) के असूल की पालना करने से उसकी संतान के गांव आबाद होंगे |

5) चंद्र के मित्र ग्रह (सूर्य, गुरु) नंबर 2,3 में हो और शत्रु ग्रह बुध, शुक्र, पापी नंबर 9-11 में हो तो नेक परिणाम होंगे |

6) जब बुध 7-11 में हो तो चंद्र अब मोती की कीमत और उत्तम फल देगा | नंबर 3-8 मंदा होते हुए भी चंद्र का असर उत्तम ही होगा |

7) जब केतु उत्तम हो तो नर संतान की अधिकता होगी | लड़के 5 से कम न होंगे चाहे पापी ग्रहों के साथ हो | संतान पर कभी मंदा प्रभाव न होगा |

8) जब खाना नंबर 9 खाली हो तो चंद्र सोया हुआ होगा | अतः चंद्र से सम्बंधित काम के समय मंगल की मदद लेकर जाना स्वयं भी घर से चलते समय मीठा भोजन करके चलना मददगार होगा |

मंदी हालत

1) नंबर 10-12 में नेक ग्रह होते हुए भी चंद्र का प्रभाव मंदा ही होगा | नंबर 10 के ग्रह से चंद्र बर्बाद होगा या यूँ कहे कि समुन्द्र का पानी तक जल जाए मगर नंबर 10 स्वयं बर्बाद न होगा | नंबर 12 का ग्रह चाहे स्वयं बर्बाद हो जाए मगर चंद्र बर्बाद न होगा |

2) आम दुनियावी लोग तो अपने मंदे भाग्य की वजह से बर्बाद होते है मगर मंदे चंद्र वाला जब कभी बर्बाद होगा स्वयं अपनी मंदी जबान करने से बर्बाद होगा, अक्ल में चाहे लाखों में एक ही क्योँ न हो |  बुध की चीजे खासकर बहन, बुआ, लड़की, साली सब के सब मंदे बर्बाद या बर्बादी का बहाना या बुध के कारोबार से भी यही असर होगा |

3) जबान मंदी या ढिंढोरा पीटने की आदत हो और अपना कोई भेद छुपा न सके तो अपना ही कोई भेदी उसे बर्बाद करे | लालच और खुदगर्जी उसे नष्ट करे | ऐसे व्यक्ति को किसी का बुरा करते समय किसी दूसरे आदमी, सूर्य या दिवार से पूछ लेना (कि बुरा किया जाए या नहीं) सहायक होगा |

4) मंदे चंद्र वाला शतरंज के घोड़े की तरह ढाई घर की टेढ़ी चाल चलेगा जिससे उसका बुरा प्रभाव खाना नंबर 3-8-10-12 पर भी होगा |

 5) जब 2-3 में शत्रु ग्रह बुध. शुक्र, पापी हो और नंबर 9 में मित्र ग्रह हो तो बिजली की शक्ति के मालिक मौत के यमों की तरह मंदे नतीजे होंगे |

6) बुध के काम या चीजे तथा कारोबार और बुध के शरीर के भाग (जीभ, बोलना) आदि मंदे होंगे | बुध की चीजों का आना मुसीबत की निशानी होगा | जंगल (बुध) और पहाड़ (शनि) का कामयाब मुसाफिर (से लाभ) न होगा |

7) अगर सूर्य नंबर 10 में और नर ग्रह साथ साथी न हो तो उम्र 12 दिन होगी |

8) अगर सूर्य नंबर 11 में हो और नर ग्रह साथ साथी न हो तो उम्र 12 साल होगी |


S Kuber RA
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लाल किताब चंद्र खाना नंबर 4

लाल किताब 

चंद्र खाना नंबर 4 

खर्चने पर ओर बढ़ने वाली नदी
शुक्र (thankful) सुख में क्यों तू न धन की करता, कदर दुखिया जाने हो आँहे जो भरता |

1) जर दौलत का चश्मा (मालोधन की कमीबेशी) के लिए माया दौलत के हाल में देखे | अब आयु के सम्बन्ध में राहु केतु का सम्बन्ध (मंदा प्रभाव) न होगा चाहे वो खाना नंबर 1-6-8-12 में कहीं हो | लेकिन शर्त यह है कि जन्म शुक्ल पक्ष का हो | अगर जन्म शुक्ल पक्ष का न हो तो राहु केतु का सम्बन्ध (मंदा प्रभाव) साथ होगा

2) जब चंद्र अकेला 4 में हो तो फैसला आँख (शनि) पर होगा |

3) जद्दी कारोबार शुभ फल देगा

नेक हालत में

1) चंद्र की असलियत का फैसला अब मनुष्य की आँख (शनि) पर होगा या खाना नंबर 8-10-11 शनि की हालत पर होगा | आयु 85 से 96 साल होगी |

2) चंद्र अकेला खाना नंबर 4 में हो तो खर्चने पर और भी बढ़ने वाला माया का दरिया हो | माता चाहे असली चाहे सौतेली तथा माता खानदान शुभ फल के | चंद्र के काम चीजे सम्बन्धी बजाजी (कपडे का व्यापार) में माता के साथ से लाभ और सहायता मिलेगी |    

3) पुरानी यादाश्त की शक्ति, सवारी का सुख और खानदानी हर रिश्ते की वही हालत होगी जैसा कि उस रिश्ते का सम्बन्ध टेवे में हो | जैसे मंगल अच्छा तो बड़ा भाई, ताया सभी अच्छी हालत के | चंद्र की चीजे जर तथा धन रहेगी | 12 साल संतान के पैदा होने का समय होगा, माता पिता और अपने घर कबीला में सबको तार देगा | चंद्र अब दूध के सामान होगा यानि जब चंद्र 4 में हो तो शुभ काम शुरू करने से पहले दूध से भरा बर्तन बतौर कुम्भ (घड़ा) रख लेना शुभ होगा |     
 अब पापी और शत्रु (बुध / शुक्र) ग्रहों का मंदा प्रभाव न होगा बल्कि राहु केतु जो पाप गिने जाते है वो अब माता की दूध की कसम खा कर पाप और बुरा न करेंगे | मंगल बद और शनि में अब जहर न रहेगी | सब पापी ग्रह अगर भला असर न भी करे तो बुरा न करेंगे | और न ही 8-2 कभी बुरे होंगे बल्कि बंद मुट्ठी के खाने (1-4-7-10) के ग्रह उत्तम हालत के होंगे | न आयु की कमी न ही बुढ़ापा मंदा | जन्म शुक्ल पक्ष का हो तो बुढ़ापा उत्तम वार्ना बचपन उत्तम और चंद्र के साथ पापी ग्रहों की जहर मिला प्रभाव शामिल होगा |
4) गुरु नंबर 6 में हो तो जद्दी काम उत्तम फल देंगे | पुरानी अमानत लेने वाला वापिस ही नहीं आएगा |
5) जब चंद्र के साथ कोई और तीन ग्रह हो यानि चार का टोला हो तो माया धन चार गुना उत्तम | नर ग्रह बेटे की तरह और बुध, शुक्र बेटी, बहु की तरह चंद्र को सहायता देंगे |
6) जब शनि 9 -11 में हो तो भला लोग उत्तम खानदानी का सबूत होगा |
7) पूरा इकबाल (प्रताप, तेज, वैभव) पसंद और नर संतान के जन्म दिन से पूरा इकबाली होगा | राजदरबार से सम्बंधित समुद्री सफ़रों से मोती पैदा होंगे | मिस्ल (के सामान) राजा, योगी होगा | इतना सुखी होगा कि उसे दुःख का पता ही न हो लेकिन कभी शुक्रिया तक भी न करेगा |  हर दो ग्रह (शुक्र और मंगल जो चंद्र के खाना नंबर चार के लिए लेते है स्वामी और कारक की जगह) का फल उत्तम, राजदरबार से धन और लम्बी समुंद्री यात्राओं से बेशुमार लाभ होगा | कामदेव से दूर होगा | यह सब कब होगा जब सूर्य गुरु नंबर 5 या गुरु नंबर 2-9 और सूर्य नंबर 5, शुक्र या मंगल या बुध नंबर 10, अकेला चंद्र नंबर 4, शुक्र अकेला नंबर 7 में हो तो |  

प्रिंटेड लाल किताबों में और इंटरनेट वाली किताब में कुछ गलतियाँ है  | वहाँ कुछ ऐसा लिखा है 

5 रवि गुरु घर 2 बैठा, राजा समुन्द्र मोती हो |
बुध कभी 10 मंगल आया, मिस्ल राजा स्वयं योगी हो |   

So as per Shloka, When Sun is in 5th house & Jupiter is in 2nd house it will give following results

पूरा इकबाल (प्रताप, तेज, वैभव) पसंद और नर संतान के जन्म दिन से पूरा इकबाली होगा | राजदरबार से सम्बंधित समुद्री सफ़रों से मोती पैदा होंगे  |  हर दो ग्रह (शुक्र और मंगल जो चंद्र के खाना नंबर चार के लिए लेते है स्वामी और कारक की जगह) का फल उत्तम, राजदरबार से धन और लम्बी समुंद्री यात्राओं से बेशुमार लाभ होगा | We can also consider similar results when Sun & Jupiter are well placed in good houses as mentioned above. And when Mercury or Mars is placed in 10th house, मिस्ल (के सामान) राजा, योगी होगा | When Venus is placed in 7th alone than  कामदेव से दूर होगा


When Venus is placed in 7th house than


When Mars is placed in 10th house



When Mercury is placed in 10th house




When Venus is placed in 10th house



When Sun & Jupiter are in 5th house than









When Sun is in the 5th house





I hope above clips from later chapters will clear the wrong verdicts of this chapter

मंदी हालत में

1) अगर किसी को दूध देने का दिल नहीं या किसी चीज की कमी ही है तो कम से कम आँख तो मैली न करो |
2) दूध बेचने या जलने के पेशे से धन का चश्मा जलता होगा जिसकी मरम्मत आदि के लिए पानी के बदले मुफ्त दूध देना सांसारिक सुख सागर की नींव होगा |
3) राहु 10 में तो सिर फट जाए | राहु का मंदा असर बुध (बुध की चीजे, काम या सम्बन्धी) पर होगा
4) गुरु नंबर 10 में हो तो स्वयं रोटी देकर जहर के अपराध में सजा पावे | केतु मंदिर में हो (नंबर 2 में हो) तो जब गुरु (बाबा) केतु (पोता दोहता कुत्ता) एक साथ मंदिर जाएँ या कोइ यज्ञ करे तो टेवे की सब विष धुल जाएगी | LK writes that when Jupiter, Ketu are in 2nd house. How it is possible because here Jupiter is placed in 10th house. So actually it is Ketu in 2nd house & Jupiter is influencing or mixing its results in Ketu placed in 2nd house.

5) चंद्र के साथ जब कोई दो ओर ग्रह हो यानी तीन का टोला हो या पापी मंदे हो या 9 में शुक्र / शनि हो तो हर एक ग्रह का मंदा प्रभाव होगा | नंबर 4 -9 के ग्रह की या पापीयों के जहर की मंदी घटनाएँ हो | मंगल बद (पेट, नाभि बुरा हो तो संभव है, शनि की आँख विष भरी (विषैला सांप) हो यह भी संभव है  शनि का हेडक्वार्टर नंबर 8 मौत और पापियों के झमेले की जगह हप जाए तो यह भी संभव है, यह सब कुछ भी संभव हो सकता है लेकिन नंबर 4 पाप (राहु-केतु) के बुरे करने का मैदान न होगा चाहे वो नंबर 2-6-8-12 में कहीँ भी हो | सुख की अधिकता के कारण  जब वह शुक्रगुजार न होगा तो इतना दुखी हो जाएगा आँहे ही भरता होगा

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
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