लाल किताब
चंद्र और मंगल
मीठी गुजर हो दूध शहद की, लाल चाँदी धन माया से |
आयु उत्तम और शान्ति पूरी, दान देने से बढ़ता हो |
ऋण पितृ जब टेवे बैठा, आकाश पातळ आ काँपता हो |
विपदा कबीले खुद सर लेता, जान जोखों (जोखिम) कर जाता हो
जब दोनों ऐसे घरो में बैठे हो जहाँ चंद्र उम्दा और नेक हो तो 52 साल तक मुश्तरका
जब दोनों ऐसे घरो हो जहाँ मंगल उम्दा हो तो 38 साल तक मुश्तरका
जब दोनों ऐसे घरो में बैठे हो जहाँ मंगल बद हो तो 33 साल तक मुश्तरका
मुश्तरका मिलावट में दोनों का बराबर और नेक हिस्सा शामिल होगा | जब चंद्र उम्दा हो तो मंगल आधा हिस्सा होगा | लेकिन जब मंगल उम्दा हो तो चंद्र का दोगुना होगा | जब मंगल बद हो तो उसका 1/3 बुरा हिस्सा मिला हुआ होगा | दोनों 3/4/8 में हो तो मंगल बद न होगा |
1) सब से श्रेष्ठ या उत्तम लक्ष्मी माया दौलत होगी या दोस्तों की पूरी मदद होगी | (जब दोनों को गुरु देखे या दोनों गुरु को देखे)
2) साहिबे हुकूमत, राजयोग, सूर्य का उत्तम फल होगा | (जब दोनों को सूर्य देखे या दोनों सूर्य को देखे)
3) औलाद के विघ्न, अपना धन बिन बरते चला जाए यानि मर जाए या धन का सुख न पाए | (जब दोनों को शुक्र देखे या दोनों शुक्र को देखे)
4) व्यापारी, आलिम (विद्वान), अक्लमंद, अक्ल का धनी मगर धन की शर्त नहीं | मुतल्ल्का दुनिया से मदद होगी | (जब दोनों को बुध देखे या दोनों बुध को देखे)
5) शनि का पूरा नीच फल, जहरीले जानवरो, दरिंदो से दुःख, खतरा बल्कि मौत होगी | जिद्दी, अहमक (मुर्ख) दुनियावी हर तरह से मंद भाग्य | जहर खाकर मरे या हथियार से मौत होगी | (जब दोनों को शनि देखे या दोनों शनि को देखे मगर शनि नंबर 10 /11 का न हो ) |
6) करीबी रिश्तेदार लड़के, भतीजे, सरकारी मुलाजमत में जाने की निशानी है मगर वह पैसा धेला कमाकर या बचाकर न देंगे | (जब दोनों को केतु देखे या दोनों केतु को देखे)
नेक हालत में
दोनों का नेक फल होगा | दूध (चंद्र) में शहद (मंगल) धन रेखा उम्दा जिंदगी होगी | दुनियावी गृहस्थी जंगो-जदल (लड़ाई-झगडे) में नेक फल होगा |
खाना नंबर 2
श्रेष्ठ धन रेखा
खाना नंबर 3
अक्लमंद, साहिबे तदबीर, इज्जत, तरक्की और मरातब (पदवी) का मालिक साहिबे इकबाल (प्रतापी) और आराम पाए | ऐसा शख्स बड़ा ही दौलतमंद और अमीर कुबेर होगा | मगर दुष्ट भाग्यवान कहलाएगा | उसे किसी की परवाह न होगी |
खाना नंबर 4
धन-दौलत और परिवार का मालिक, खूब उम्दा धन दौलत जब तक बुध / शनि का साथ खाना नंबर 4/10 में न हो
खाना नंबर 7
धन-दौलत और परिवार का धनाढ्य यानि बहुत बड़ा अमीर और कबीले वाला होगा |
खाना नंबर 9
खुद दुष्ट भाग्यवान मगर औलाद उत्तम, धनवान होगा |
खाना नंबर 10
शर्त माया न मंगल गिनते, शनि फैसला खुद करता हो |
बुध, मंगल गर नेक आ होते, राज खजाने भरता हो |
दृष्टि शर्त न घर दो गिनते, पाँच जहर न देता हो |
घर चौथे जब शत्रु बैठा, नाश दोनों ग्रह का होता हो |
खाना नंबर 11
धन का फैसला शनि की जाती हालत पर होगा | अगर शनि उत्तम, उम्दा तो धन भी ज्यादा और हर तरह से उन्नति देगा | सरकार के घर से रूपए की प्राप्ति होगी |
खाना नंबर 12
दूध में शहद की जिंदगी, रात को हर तरह का आराम और दिल की शान्ति होगी |
मंदी हालत में
खाना नंबर 7
लालची, पैसे का पूत, मौत सदमे या हादसे से होगी |
अगर शनि खाना नंबर 1 में हो तो लाल रंग का सांप खजाने के ऊपर बैठा हुआ होने की तरह बुजुर्गो की माया का कोई फायदा न होगा |
खाना नंबर 9
मौत सदमे से होगी |
खाना नंबर 10
बुरी मौत और हादसे से होगी | धन की ज्यादती की कोई शर्त नहीं |
खाना नंबर 11
वहमी, लालची होगा | अगर मंगल बद हो तो नाकामयाब आशिक, औरतो के ताल्लुक में बेमानी होगा |
बाकी घर अपना-अपना फल होगा |
S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant