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Wednesday, 31 October 2018

लाल किताब राहु खाना नंबर 9

लाल किताब 

राहु खाना नंबर 9

पागलो का सबसे बड़ा हकीम, डॉक्टर, मगर बईमान

धर्म तेरी ढोलक या बच्चो की जाति |
बचेगी कहाँ तक जो हाथी से बजती |

नेक हालत में

1) गुरु नंबर 5-11 में हो तो पागलो के इलाज के लिए सबसे उत्तम | जो सरसाम** (सन्निपात नामक मस्तिष्क की बिमारी, मेनिनजाइटिस) की बीमारी को तो फूँक मार कर ही ठीक कर दे | मगर लालच का मारा बेईमान जिसका धर्म ईमान भट्टी में जलता होगा | गुरु अब चुप होगा मगर गुम न होगा |

**सन्निपात (delirium) जिसे मूर्छा या बेसुधी भी कह सकते हैं, एक तात्कालिक लेकिन जीवन पर गंभीर संकट लाने वाली स्थिति है जिससे मानसिक स्थिरता और चेतना पर बहुत तीखा उतारचढ़ाव आ जाता है. इससे पीड़ित मरीज़ को अपने आसपास का कोई ख्याल नहीं रह जाता, वह सुधबुध खो बैठता है और उसकी सोच भ्रमित हो जाती है. सन्निपात अचानक ही होता है और कुछ घंटों में या दिनों में व्यक्ति के सोच और व्यवहार में उल्लेखनीय बदलाव आ जाते हैं | 

2) शनि से सम्बंधित कारोबार से मंदा असर न होगा |

मंदी हालत में

1) फ़कीर साधू के फजूल खर्चे जो टेवे वाले को लुटेरा बन कर खा जाएं |

2) नर औलाद माता के पेट में या पैदा होते ही मरती जाए | बाप, दादा, ससुराल तबाह | भाई तंग करेंगे | जब अपने खून के सम्बन्धियों से अदालती झगडे करे तो पूरी और पक्की निसंतानता मिलेगी |

3) राहू अब 9 गुनी मंदी ताकत का मालिक होगा जो चंद्र को भी मध्यम करेगा | खाना नंबर 5 संतान, खाना नंबर 11 आमदन पर भी राहु का मंदा असर होगा |

4) जन्म कुंडली के खाना नंबर 4 के ग्रह जब नंबर 1 में आए तो राहु का मंदा प्रभाव उन ग्रहों की चीजों, काम या रिश्तेदार, खाना नंबर 9 से सम्बंधित पर होगा | ऐसा प्राणी धर्म के असूल और कारोबार को भट्टी में डाल कर उड़ता हुआ धुआँ बना देगा | क्योंकि धर्म की ढोलक को राहु का हाथी जब अपनी सूंड से बजा रहो हो तो कितने दिन बजेगी | टेवे वाला किसी भी तरह की कैद या बंधन पसंद न करेगा | बालिगों से सम्बंधित झगडे संतान पर बीमारी और बलाएं बद होंगे | मंदी छत, भट्टी, टट्टीखाना, घर की दहलीज के नीचे से गन्दा पानी गुजरना, काला कुत्ता गुम हों, बिल्ली का रोना, काले रिश्तेदार की मौत, नाखून झड़ना, यह सब बाते राहु के मंदे होने की निशानी होंगे | केतु (कुत्ते) या सांसारिक तीन कुत्तो की पालना करना (ससुर के घर जमाई, बहन के घर भाई और नानके घर दोहता) का पूरी नेक नियत से पालना सहायक होगा | पाला हुआ कुत्ता कई बार (11 दफा तक) मर जाता है मगर संतान की आयु बढ़ती रहेगी | खानदान में मुश्तरका रहना, खुद मुख्तियार न होना, ससुराल से ताल्लुक न तोडना, मंगल बद की सलाह से बचना, गुरु को कायम रखना (चोटी रखना, सोना पहनना, माथे पर केसर का तिलक लगाना वगैरा) उत्तम और मुबारिक फल देगा |

4-16-28-40-52-64-76-88-100-114 (किताब में मिसप्रिंट है) 

5) जब खाना नंबर 1 खाली हो तो सेहत और मान मंदा होगा | बड़ो की और से परेशानी मिलेगी |

6) शनि नंबर 5 में हो तो नर संतान न पैदा हो और न ही मरे | औलाद के योग पूरी तरह से मंदे | शनि नंबर 5 का दिया हुआ मंदा प्रभाव होगा |

S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer

Lal Kitab Vastu Consultant