Showing posts with label चंद्र और राहु. Show all posts
Showing posts with label चंद्र और राहु. Show all posts

Friday, 30 November 2018

लाल किताब चंद्र और राहु

लाल किताब 

चंद्र और राहु  




निस्फ़ (आधी) उम्र तक दोनों मंदा, बुध भला न मंदिर हो |
ससुराल घराना लाख हो ऊँचा, पाप  खंडहर हो |
इकट्ठे दोनों से धर्मी टेवा, उम्र लम्बी खुद पाता हो |
असर राहु जब मंदा होता, केतु भला न रहता हो
नेक रोशन जब दोनों होते, हाथी माया में नाहता हो |
घर पहले ता 6 वे बैठे, माता सालो उन मरती हो |
समय बच्चे के पैदा होते, प्लेग, गोली चल बसती हो |

मनहूस घोडा, दोनों पाना-अपना फल देंगे | मगर चंद्र का किसी कदर मद्धम यानि अगर माली निर्धन हुआ तो ज़लीलो ख्वार, दरबदर और फरार भी होगा | मगर कैद में न होगा खासकर जब दोनों नंबर 2 में हो | गाय दो रंगा लाल बछड़ा मौत का बहाना होंगे |

भूचाल 45 साल में रुकेगा | या 45 के भाग में यानि 45 दिन, महीने, साल चंद्र और राहु दोनों का फल बर्बाद | राहु एक भयानक हाथी जो दरिया के रास्ते को भी रोक दे और खुद भी बर्बाद हो | चंद्र की आयु 24 दिन माह, साल तक होगा | वरना फिर ऐसा बुरा असर न होगा |

दोनों मुश्तरका किसी भी घर में खासकर नंबर 2 में हो तो ऐसा टेवा धर्मी टेवा होगा | जिसमे पापी ग्रहो का मंदा असर न होगा | बल्कि तमाम उम्र ही धर्मी होंगे | राहु अगर भूचाल है तो उसका भूचाल चंद्र से रुक जाता है यानि चंद्र बैठा होने वाले घर से आगे नहीं जा सकता | दोनों इकट्ठे जिस घर में बैठे हो उस घर की चीजों पर दोनों ही का बुरा असर होगा | खाना नंबर 1 से 6 में बैठे हो तो जिस घर नंबर में बैठे हो उस घर की उम्र में माता के लिए बुरा असर होगा | जैसे नंबर 3 में हो तो तीसरे साल, 15 वे साल, 27 वे साल वगैरा | मगर खुद अपनी उम्र का तकाजा न होगा | माता को गोली वगैरा से मौत का खतरा होगा | 7 से 12 में बैठे हो तो माता पर बुरा असर न होगा | अगर कभी होगा तो माँ-बेटे दोनों पर होगा |

नेक हालत में

टेवे में शनि अगर उम्दा हो तो राहु का असर उम्दा होगा |

खाना नंबर 7

चंद्र-राहु गर 7 वे बैठे, ऊँच शुक्र राशि 11 हो |
मौत मारे घर ससुर का उजड़े, लाख पुत्र ख़्वाह पोता हो |

स्त्री और राजदरबार मंदा न होगा |

खाना नंबर 9

निस्फ़ (आधा) चंद्र ख़्वाह नोवे गिनते, ग्रहण मद्धम ख़्वाह होता हो |
खुश्क कुँए घर जद्दी उसके, पानी दोबारा आता हो |

जद्दी घर-बार में रौनक होगी | खुश्क हो चुके कुओं में पानी खुद-ब-खुद दोबारा आ जाना माना है |

खाना नंबर 11

सोने को आग में जलाकर दूध में बुझा कर उस दूध को इस्तेमाल करने से औलाद पैदाइश में बरकत होगी | (जब बुध नंबर 3, गुरु नंबर 2 में हो)

मंदी हालत में

पानी से नुसान का डर | निस्फ़ उम्र या राहु की कुल उम्र (42) में जिस्म की जिल्द खराब होगी या जिस्म पर स्याह-सफ़ेद दाग और गोश्त के छोटे-छोटे टुकड़े उभरे हुए होंगे | ससुराल भी बर्बाद होगा | दरिया का पानी भी दो टुकड़ो में बंट कर चलेगा यानि चंद्र का असर मद्धम ही होगा | दिल के फर्जी वहम से दीवानगी, अपना ही दिल खराबी का बहाना होवे |

उपाय

औलाद के लिए वही उपाय जो ऊपर लिखा है और चंद्र नंबर 11 में भी लिखा है | राहु का भी वही उपाय जो राहु नंबर 11 में लिखा है | इसके अलावा चंद्र ग्रहण के वक्त चंद्र के दुश्मन ग्रहो की चीजे बहाना मुबारिक होगा | राहु का भूचाल चंद्र से रुक जाता है और राहु का मंदा असर केतु ही हटा सकता है | मंगल, गुरु या चंद्र का उपाय करे | अगर वह भी मंदे हो तो बुध को कायम करे |

खाना नंबर 3

34 साल उम्र तक बुध और केतु का मंदा फल होगा |

खाना नंबर 7

ससुराल घर वीराना ही होगा |

खाना नंबर 9

चंद्र का जाती फल मद्धम बल्कि ग्रहण में आए हुए चंद्र की तरह हल्का ही होगा |

खाना नंबर 12

न सिर्फ चंद्र की जानदार और बेजान चीजों का मंदा हाल होगा बल्कि शुक्र का फल भी भला न होगा | 

S Kuber RA
Jyotish Acharaya 
Vedic & Lal Kitab Astrologer 

Lal Kitab Vastu Consultant