लाल किताब
बृहस्पति, चंद्र और अन्य तीसरा ग्रह
बृहस्पति + चंद्र + शुक्र
किस्मत का अजीब ढंग होगा | कभी शाह कभी मलंग (फ़क़ीर) | कभी खुशहाल कभी तंग | नेक हालत के वक्त किस्मत के मैदान में मिटटी (शुक्र) से दूध (चंद्र) निकलने की तरह तीनो ग्रहो का, सिवाय नंबर 7 के, उत्तम और नेक फल होगा | माता रानी, निहायत धर्मात्मा और सुख नसीब वाली शरीफ खानदान और उम्दा स्वाभाव की मालिक होगी | मगर शादी (शुक्र) के दिन से धन-दौलत आगे बढ़ना बंद हो जाएगा | और सोने-चाँदी में मिटटी मिली हुई नजर आएगी या माया कम ही होती चली जाएगी |
तीनो नंबर 7 में हो तो शमाँ के परवाने (रात के चिराग के इर्द-गिर्द कीड़े) की तरह इश्क की लहर में जल मरने वाला होगा और अगर सूर्य भी मंदा हो जाए तो नाकामयाब आशिक होगा जो बदनाम और तबाह ही होगा |
बहुत बड़ा बृहस्पति जो औलाद से महरूम रखेगा | (जब तीनो नंबर 2 और मंगल नष्ट हो)
बृहस्पति + चंद्र + मंगल
पीपल (बृहस्पति), नीम (मंगल) और बड़ (बृहस्पति+चंद्र) तीनो का मुश्तर्का दरख्त होगा जो हर तरह से तीनो ग्रहों का उत्तम फल दे |
बृहस्पति + चंद्र + बुध
तिजारत (व्यापार) दलाली में बहुत फायदा हो और तीनो ग्रहो का उत्तम फल होगा सिवाय 2,3,4 के | बुध अब मददगार ही होगा | मगर लखपति होते हुए भी मुसीबत पर मुसीबत देखता चला जाए | अक्ल मदद न दे |
बुध पिता पर भारी होगा | मगर धन-दौलत के लिए उम्दा होगा | (तीनो नंबर 2 में हो)
तीनो ही ग्रहो का मंदा और निकम्मा फल होगा | (तीनो नंबर 3 में हो)
बुध माता पर मंदा होगा | मगर धन-दौलत के लिए उम्दा होगा | (तीनो नंबर 4 में हो)
नंबर 2,3,4, के अलावा बृहस्पति बाकी सब घरों में काबिले इलाज होगा |
बृहस्पति + चंद्र + शनि
तीनो ग्रहो का (सिवाय नंबर 2,9 के) उम्दा और बाहम दोस्ताना फल होगा | बृहस्पति और शनि का खासकर उम्दा फल होगा | ऐसा आदमी दुसरो के लिए लोहे को पारस का काम देगा यानि दुसरो को तारता ही जाएगा और एक कारामद (उपयुक्त) दोस्त होगा | माता-पिता सुख-सागर उत्तम और लम्बा अरसा होगा |
अब खाना नंबर 8 ख़्वाह कितना ही मंदा हो, उसका कितना ही बुरा असर दृष्टि की रूह से खाना नंबर 2 में जा रहा हो मगर तीनो नंबर 2 के वक्त चंद्र कभी मंदा न होगा | (तीनो नंबर 2)
चंद्र का मंदा असर शामिल होगा | दरिया में भवँर (पानी का चक्र) का खतरनाक नजारा किस्मत के मैदान में अक्सर दरपेश (उपस्थित, सामने) होगा | (तीनो नंबर 9)
माता, पिता, ताई, चाची, मौसी ख़ुदकुशी से मरे या मारी जाए | (तीनो नंबर 11)
बृहस्पति + चंद्र + राहु
बृहस्पति अब राहु के ताल्लुक से चुप ही होगा मगर गुम न होगा | बृहस्पति और चंद्र में से किसी का भी फल ख़राब न होगा सिवाय खाना नंबर 12 के जहाँ दोनों का फल हल्का मंदा ही रहेगा | बाकी सब घरो में मर्दो और स्त्रियों (चंद्र और शुक्र दोनों से सम्बंधित) का सुख तो जरूर ही हल्का होगा | मगर चंद्र और बृहस्पति दोनों ग्रहो के दूसरे असरो पर कोई ख़राब असर न होगा | जानो पर भी कोई बुरा असर न होगा | सिर्फ बाहमी सुख हल्का (मंदा) गिनते है |
बृहस्पति + चंद्र + केतु
साँस की हवा बर्फानी लेने की वजह से मायूसकुन साबित होगी | प्यास बुझाने के लिए पानी (चंद्र) के बजाए पेशाब (केतु) की बदबू से सफर (केतु) की मंजिल खोटी होगी | तीनो का फल मंदा होगा |
S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant