लाल किताब
राहु खाना नंबर 7
चाण्डाल, लक्ष्मी (शुक्र) का धुआँ निकालने वाला
फर्क बीवी, बेटी या हो नजर माता |
बढ़ेगा दिमागी ख्याली ख़ुशी का |
मंदे राहु के समय स्त्री के टेवे में तलाक, मंदी हालत होगी | मर्द के टेवे में स्त्री की आयु बर्बाद, गृहस्थी बर्बाद और कई बार स्त्री के माँ-बाप बर्बाद जब शादी 21 साल से पहले या 21 साल में हो |
तख़्त शुक्र से मिटटी उड़ती, जलती सेहत जर माया हो |
उल्ट अगर नेक हालत हो, अमीर होता सब उत्तम हो |
नेक हालत में
1) स्वयं धनी मगर स्त्री तथा धन का गृहस्थी सुख (शुक्र का प्रभाव) मंदा ही होगा | ससुराल तथा स्त्री चाहे मंदे हो मगर सूर्य कभी मंदा न होगा और राजदरबार ऊँची पदवी पर होगा | क्योंकि नंबर 1 का केतु सूर्य को उच्च करता है | टेवे वाले को किसी के आगे, गरीबी के कारण, हाथ न फैलाना पड़ेगा |
2) बुध और शनि हर तरह से सहायता देंगे और राजदरबार के सभी शक्तिशाली शत्रुओं को मार देंगे |
3) बुध-शुक्र 2-11 (खाना नंबर 7 के मालिक और कारक) में हो तो मच्छ रेखा (माली) धन की हालत का पूरा उत्तम फल होगा |
मंदी हालत में
बुध-शुक्र का तराजू उल्टे, स्त्री मंद परिवारां |
दौलत को वो राखा होवे, खावे दोस्त-यारां |
1) धनी, मगर चाण्डाल राहु जो हर तरफ धुआँ कर दे |
2) औरत के टेवे में 21 साल उम्र से पहले या 21 वे साल में शादी व्यर्थ होगी | यानि या तो वो खुद गुजर जाए या फिर तलाक हो जाए या फिर उसका पति चल बसे या दोनों में से कोई एक या दोनों घर-बार से भागे हुए और हर तरह तरह से अपनी बदचलनी और मंदे जीवन से बदनाम होंगे | यही मंदा प्रभाव पुरुष के टेवे भी होगा | संक्षेप में कहे तो राहु की आधी उम्र 21 से पहले या राहु की उम्र 21 साल में शादी होने पर, चाहे मर्द चाहे स्त्री, घी के परांठे का पेशाब की तरह मंदा गृहस्थ होगा | मर्द ऐसा ऐयाश जनानीबाज कि उस गंदे इश्क में बहन, बहु, बेटी के सम्बन्ध को भी खराब करे | स्त्री का टेवा भी भी ऐसे ही स्वभाव का होगा | घर गृहस्थी जलती होगी | हर तरफ से मंदी हालत की नीँव खुद अपने गंदे फर्जी विचार होंगे | सट्टे का व्यापर का फल मंदा ही होगा | सुख मिलने के बजाय औरत, दौलत भी मंदे होंगे | मित्र उसे खाते जाएंगे | घर में बेबुनियाद झगडे होंगे | औरतो की लानत और मौत-बीमारी पर व्यर्थ लम्बे खर्चे होंगे | तलाक तक की नौबत होगी | गृहस्थी हालत हर और से मंदी होगी | औरत के टेवे में स्त्री की कई बार शादी या फिर स्त्री के माँ-बाप बर्बाद होंगे | अगर टेवे वाले की (चाहे स्त्री, चाहे मर्द) 21 साल से पहले या 21 वे साल में शादी हो जाए तो राहु मंदी हालत से (राहु खाना नंबर 7 में जो बुध-शुक्र का घर है) शुक्र-बुध मसनुई सूर्य, गृहस्थी हालत की तराजू उलटी, या शुक्र-बुध के काम, रिश्तेदार, चीजे और लक्ष्मी का धुआँ तक निकाल देगा और कभी माफ़ न करेगा | मुसीबत का मारा ऐसा व्यक्ति जिस वृक्ष के नीचे बैठे, वही बर्बाद हो | केतु का प्रभाव सबसे मंदा होगा |
3) अगर पेशा, काम, राहु का हो यानि बिजली, जेलखाना, पुलिस आदि तो आयु तक शक्की हो |
4) शादी के वक्त लड़की की तरफ से (राहु नंबर 7 चाहे स्त्री चाहे मर्द के टेवे में हो) खालिस चाँदी की डली ऐन उस वक्त जब लड़की का संकल्प हो उसी दान करने वाले के हाथ से लड़की को दान किया जाए, फिर लड़की का दान किया जाए | चाँदी का दान भी उसी तरह होगा जैसे लड़की दान की जाती है | ऐसा करने से गृहस्थी सुख में मदद होगी | वरना मर्द-स्त्री की जुदाई, तलाक और मंदी बर्बादी का जीवन होगा | यह चाँदी की डली
खुद-ब- खुद न तो गुम होगी न चोरी होगी | ध्यान रहे कि उसे बेच कर न खा जाए | अगर फिर भी कभी गुम वगैरा हो जाए तो एक और कायम कर ले | बदनामी की मंदी उड़ती मिटटी, औरत की मंदी सेहत और धन बर्बाद के समय चाँदी की ईंट सहायक और चौकीदार होगी | शनि का उपाय यानि नारियल पानी में बहाना सहायक होगा | कुत्ते से सम्बन्ध बर्बादी का कारण होगा |
5) राहु जब वर्षफल में नंबर 7 में आए या जन्म कुंडली में हो तो घर में खालिस चाँदी की ईंट रखे | इसके अलावा एक बर्तन में दरिया का पानी डाल कर उसमे चाँदी का टुकड़ा डाल कर टाँका लगवाकर बर्तन का मुँह बंद कर के रखे | जब तक यह बर्तन घर में रहे, राहु से बचाव होता रहेगा | पानी जब सूखता नजर आए तो उसमे और पानी मिला कर फिर से मुँह बंद करके टाँका लगा ले | चाँदी का बर्तन हो तो टाँका भी चाँदी से लगवा ले |
6) अगर शादी ऊपर लिखे सालो में हो ही चुकी हो तो राहु नंबर 7 वाला (चाहे स्त्री, चाहे पुरुष) चाँदी के बर्तन जैसे गिलास, गोल कटोरी आदि में गंगाजल भरकर उसमे चाँदी का एक और खालिस टुकड़ा डाल कर (वजन की शर्त नहीं) धर्म स्थान में दे | और ऐसा ही एक ओर बर्तन औरत अपने पास रखे |
6) बुध / शनि / केतु में से जो भी नंबर 11 में हो तो उस ग्रह से सम्बंधित रिश्तेदार, चीज, काम टेवे वाले को खाएँ या बर्बाद करे |
7) मंगल शनि मुश्तरका या अकेले-अकेले नंबर 5 में हो तो दूसरी नर औलाद 42 साल बाद नसीब होगी |
S Kuber RA
Jyotish Acharaya
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant