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Saturday, 8 September 2018

लाल किताब बृहस्पति खाना नंबर 12


लाल कताब 

बृहस्पति खाना नंबर 12


बुरे का भला करने वाला, उत्तम ज्ञानी वैरागी

प्रार्थनाए भले की सबकी अगर तु करेगा | 
खजाना न शक्ति का तेरा घटेगा |

नेक हालत में

गुरु पवन माया चाहे सोना ही बख्शे, मगर मर्द त्यागी जो देखे न बरते |

अपने भाग्य का शुभ प्रभाव, सुख से सम्बंधित काम, योग तपस्या, पूजा पाठ से होगा | छोटी आयु में राहू के समय पिता को खर्च की अधिकता की चिंता होगी | माया पर पेशाब करने वाला ग्रहस्थी | उसके घर में गंगा होगी | खाना नंबर 9 का उत्तम प्रभाव | माया लक्ष्मी स्वयं पाँव पकडती होगी चाहे बुध मंदा या केतु बुरा हो मगर माया की कभी कमी न होगी | शुक्र कहीं भी कैसा भी बैठा हो, उत्तम होगा | ऐसे व्यक्ति के आशीर्वाद से लाभ ओर सताने से हानि होगी | संसार के लिए भंडारे खोले तो अपना घर सोने से भर ले | चुप समाधि की आदत से सोने की वर्षा होगी | दयालुता के असूल पर धर्म बड़ा मुबारिक होगा जो रात का आराम भी देगा | नेक काम करने का असूल, राहू के हाथी को गुरु के सोने की जंजीर से बांध लेने का शस्त्र होगा | जिससे रात का आराम ओर धन मिलेगा | कभी निर्धनता का मारा साधू न होगा | 11 साल की आयु से मंत्री की भांति उत्तम होगा | राजदरबार का स्वामी, त्यागी होगा | खुश गुजरान | छुपी हुई शक्ति उत्तम होगी | खर्चा चाहे अधिक हो पर कबीलदारी (घर – परिवार) पर ही लगेगा |        

किसी के घर मेहमान बनकर गया हुआ, धर्म स्थान में पूजा-पाठ करता या आयु के लिखे वर्ष उत्तम होगे (11-19-31-42-53-67-84-89-101-114 साल जब गुरु नंबर 2 में आयगा) | किताब ओर इन्टरनेट वाली किताब में मिस्प्रिंट है | ठीक कर ले | गृहस्थ का सुख मिलेगा मगर शर्त यह है की राहू के काम न करे जैसी कभी झूठी गवाही, धोखा, फरेब न दे ओर बईमानी से परहेज करे | अपनी समाधि ओर परलोक की विचारों की लहर में या साथी गृहस्थिओं के भले की मस्ती ओर धुन में मग्न होआ | इसे कोई सताएगा तो श्राप पाएगा ओर सेवा में आशीष पायेगा | शुक्र अपना प्रभाक कम से कम 25 साल आराम देगा ओर अपने लिए मंत्री समझदार होगा |


1)      शनि साथ – साथी हो या खाना नंबर 9 में हो तो शनि के कारोबार, मोटर लारी, मशीन आदि से उच्च भाग्यवान हो | रात को आराम पाए | राजदारी का स्वामी | कूच की तैयारी की फ़िक्र में शर्त यह है कि शनि मंदा न हो यानि अब शनि को राहू केतु किसी तरह न आ मिलते हो | फैसला सांस (गुरु) पर होगा | यदि दोनों या दायाँ सांस चल रहे हो तो शुभ कार्य ओर देर तक रहने वाले कार्य शुभ फल देगे | बायं सांस में किया काम कोई शुभ फल न देगा |
2)      शनि साथ या साथी 2-11 में हो तो शनि के कार्यों से अच्छा भाग्य मगर फिर भी त्यागी
3)      राहू उच्च नंबर 6 में हो तो गुरु दो जहाँ का स्वामी, रात का आराम देगा परन्तु संतान की लगन, फजूल खर्चा ओर शत्रु से बचाव ओर मृत्यु समय उत्तम हालत होगी |
4)      केतु उच्च का उत्तम हो तो धर्म समाधि का फैसला केतु की हालत पर होगा | बड़ा ही अमीर ओर संतान हर तरफ से सबका सुख हो |  

मंदी हालत में

1)      बुध मंदा तो चाहे अपनी आयु लम्बी परन्तु दुसरो के लिए भारी मनहूस | बदी का काम मौत का कारण बनेगा | लोगो के सामने हाथ फ़ैलाने से राख हो मिलेगी |
2)      2-5-9-12 में पापी बैठे हो सिवाय केतु 9-12 के तो 42 साल की आयु तक फोकी उमींदे विशेषकर बुध, शुक्र हर दो ग्रहों के मंदे प्रभाव होंगे |
3)      2-8-9-10 खाली हो तो राजा होता हुआ भी लाभ न उठाए अपितु फ़क़ीर हो जाए | गुरु सोया हुआ होगा |
4)      राहू नीच 9-12 में तो बुद्धिमान मगर विद्या काम मंदे ओर कार्य लाभ न दे | विचार धर्म विरुद्ध हो | फजूल खर्चा खड़ा रहे | पिता को राहू की आयु तक कष्ट रहे |
5)      गुरु मंदा हो तो स्वयं भाग्यवान पर संतान के विघ्न रहे | चन्द्र धरती जो खेती के प्रयोग में, खुले मैदान वीरान ओर चन्द्र के दुसरे कामो में फोकी उमींदे |
6)      बुध मंदा हो तो केतु 34 साल तक मंदा प्रभाव देगा |

उपाय:
गुरु की मंदी चीजो के काम जैसे हरदम गले में माला, गुरु, साधू को सताना, पीपल कटवाना मंदे भाग की निशानी होगी | गुरु की पीली चीजे पीला केसर का तिलक लगाना या नाक का पानी साफ़ रखना सहायक होगा

S Kuber RA
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant 


लाल किताब बृहस्पति खाना नंबर 11


लाल किताब 

बृहस्पति खाना नंबर 11

शनि का राज्य (ईमान से खाली) के समय सिवाए धर्म बाकी सब कुछ बल्कि कफ़न तक पराया, खजूर के पेड़ की भांति अकेला

कफ़न दुसरो पर जो तु देता रहेगा
बिना कफ़न घर से न बाहर मरेगा

1)      मंगल 3 में हो तो घर की मौतों से दुखिया | बुध नंबर 3 में हो तो अच्छी कमाई करता हुआ भी करजाई होगा |
2)      ऐसे मनुष्य से किसी को लाभ न होगा विशेषकर जब नंबर 3 खाली हो | आमतौर पर अपने लिए नंबर 3 खाली उत्तम होगा | नंबर 3 में मित्र हो तो 23 साल की आयु में मदद देंगे |
3)      जातक अगर अपना जीवन धर्म पालन से बिताए ओर लंगोट का पक्का हो, पराई स्त्रिओ से सम्बन्ध न बनाए तो गुरु 11 गुना नेक फल देगा |
4)      चाल चलन गन्दा हो तो गुरु ऐसा फल देगा जैसे जातक पेशाब से नहाया हो |

नेक हालत में

अपने भाग्य का शुभ प्रभाव, गरीबों पर दया, धर्म पालन उपदेश से होगा | जब तक घर में एक साथ रहकर काम करता जाए तो ख़ुशी से निर्वाह करने वाला परन्तु जब खजूर के पेड़ की भांति अकेला रह जाए तो गुरु मंदा हो जाए | पिता के रहने तक सांप भी सजदा करे | मगर ज्यों ही पिता का साया उठा, मर्द की माया, राजा, साधू, वृक्ष सबका साया उठ जाएगा | संक्षेप में पिता लाखोपति होते हुए भी मरते समय जातक के लिए कुछ भी न छोड़ कर मरे | पिता से कोई धन लाभ न हो | खुद्दारी मगर इर्ष्या से बुरी (शनि से सम्बंधित) | गुजरा हुआ समय याद आना (चन्द्र से सम्बंधित) | धर्म, अदालत, दरबार का मालिक राजा जहाँ शनि भी पहले गुरु की कसम खाकर बैठा है | इसलिए धर्म पालन से धन के भण्डार ओर गुरु का प्रभाव 11 गुना उत्तम होगा | किए हुए वचन, वायदे पुरे करने से उत्तम हालत होगी |
1)      खाना नंबर 3 खाली हो तो गुरु सोया हुआ होगा | फैसला शनि पर मगर टेवे वाले के लिए फिर भी हर समय उत्तम होगा |
2)      खाना नंबर 3 में गुरु के मित्र सूरज, चन्द्र, मंगल हो तो 23 साल ऐश के बाद फिर अंधेरी रात हो जाएगी अतः गुरु को कायम रखना जरूरी होगा |

3)      खाना नंबर 5 में गुरु के मित्र हो तो अपना ही कोई भाई बन्धु मिलने - मिलाने से भाग्य उदय होगा | 12 साल ऐश के होंगे फिर प्रायः मंदा जो जरूरी नहीं कि हो |
4)      सूरज 1-4-5 में हो तो सूरज यानि राजदरबार या आग के काम से कमाया ताम्बा भी उसे सोने का काम दे | गुरु नंबर 10 की तरह अब गुरु नंबर 11 का भी मंदा असर यदि कुछ भी हो तो पिता के बजाए बाबा पर होगा |
5)      राहू नंबर 9 में बैठ जाए तो गुरु चुप होगा मगर गुम न होगा |
6)      बुध उत्तम हो तो जैसे बुध नंबर 6 में हो तो गुरु का मुफ्त माल नदारद मगर खुद पैदा किया हुआ अवश्य होगा ओर ज्यादा धनी होगा |
7)      शनि उत्तम हो तो चाहे पिता की मदद न होगी मगर वह स्वयं सदा प्रसन्नता से गुजर करेगा ओर उत्तम हाल होगा |
8)      शनि साथी हो, बुध नंबर 2 में या शनि 10 में तो शनि ओर गुरु दोनों का फल उत्तम होगा    

मंदी हालत में

अमूमन बुध (बहन – बुआ) का फल मंदा होगा | धर्म विमुख राजा की भांति स्वयं वह किसी को लाभ न दे मगर टेवे वाले की अपनी हालत उत्तम होगी | पिता की मृत्यु के बाद मच्छर से भी न लड़ पाने की शक्ति रहेगी | चाल चलन मंदा हो तो गन्दी नाली में नहाए होगा | इश्क के सम्बन्ध में सुंदर मिटटी तक भी न पाएगा | परिवार चाहे कितना हो, कफ़न पराया ही मिलेगा, विशेषकर मंदे ग्रहों के रिश्तेदार की मौत पर कही बाहर जाकर मरेगा | अतः दूसरों की मौत पर कफ़न दान करना उपाय है |
1)      चन्द्र नंबर 1 में हो या गुरु सोया हो या दृष्टि आदि के सम्बन्ध से मंदा हो रहा हो तो इर्ष्या,  इश्क की अधिकता से तबाही होगी | गन्दी आदते होंगी | उसका सोना मंदी मिटटी की तरह बिक जाएगा | क्योंकि इश्क गुरु की शक्ति को जला देगा |
2)      बुध नंबर 6 में हो ओर चन्द्र नंबर 2 में हो तो बुढ़ापे में मंदा हाल | आयु का 90 वा साल मंदा | आंखे कमजोर ओर शनि का अपना प्रभाव मंदा होगा |
3)      खाना 3 मंदा हो या 3 में मंगल हो तो गुरु की पहली उम्र का फल शक्की होगा | घर की मोतो से दुखिया मगर ससुराल के लिए उत्तम |
4)      बुध 3 में हो तो अच्छी आमदन होते हुए भी करजाई | पिता से दुखी होगा |
5)      शुक्र चाहे कितना भी उच्च हो पर स्त्री दुखिया होगी |
6)      चन्द्र अगर कुंडली में मंदा हो तो मंगल, गुरु, शनि तीनो का फल मंदा होगा |
7)      बुध दबाया या मंदा हो तो धर्म को बेचने वाला चाहे राजा ही क्यों न हो | किसी को जातक से लाभ नहीं मगर अपनी हालत अच्छी हो |
8)      नंबर 3 खाली हो तो गुरु सोया हुआ होगा जिसका फैसला शनि पर होगा | कद लम्बा होगा | मर्द होगा | नर्म दिल धर्मात्मा हो |


S Kuber RA
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant 

लाल किताब बृहस्पति खाना नंबर 10


लाल किताब 

बृहस्पति खाना नंबर 10

पहाड़ी इलाके का गृहस्थी, हर चीज के लिए कलपता दरवेश
लिखा माया दौलत न था विधाता |
बनाएगा क्या तु वह आंसू बहता

1)      नाक साफ़ रखना मदद देगा
2)      शनि नंबर 11, ताम्बा भी सोना विशेषकर जब 2-4-5-6 में सूरज या चन्द्र कायम हो | शनि के काम जब 2-4-5-6 सब खाली तो मंद भाग | नंबर 2 खाली कम धन स्वास्थ्य उत्तम |
3)      शनि नंबर 4-6 में हो तो 18 वर्ष की आयु से पिता का जीवन शक्की हो | चन्द्र नंबर 4 में हो तो माता 16 से 27 वर्ष की आयु में शक्की होगी
4)      गुरु कायम करना, केतु का उपाय चलते पानी में ताम्बे का पैसा बहाना, बहाते रहना सहायक होगा |
5)      जब 4 में शनि, चन्द्र बुध या 5 में सूरज हो तो शुक्र का फल संतान, धन, स्त्री बर्बाद |

नेक हालत

अपने भाग्य का उदय, शारीरिक कार्य (हाथ से करने वाले) से होगा | जिस कदर कर्मी, धर्मी ओर नेकी करने वाला हो उतना ही गरीब, उतना ही दुखिया ओर हर ओर से मायूस फोकी उमींदे | न मिले राम न माया | लालच की मंदी हवा हो तो आराम पाए | परन्तु इश्क बदकारी धोखा ही देगी | धन न होते हुए भी अक्ल का धनी होगा | भाग्य का उच्च या नीच होना और टेवे वाले को माता पिता का सुख शनि की अच्छी या बुरी हालत पर चलेगा |    
जब शनि उत्तम हो, ओर खाना नंबर 2, 6 में सूरज, चन्द्र कायम हो तो गुरु (का मकान* ), सेहन मकान की किसी भी एक तरफ होगा परन्तु बीच में नहीं या धर्म स्थान का साथ नेक शनि का काम देगा |

*लाल किताब में लिखा है हर ग्रह का मकान कैसा होता है | गुरु का मकान – गुरु हवा के रास्तों से संभंधित होगा | मकान का सेहन (आँगन, courtyard) किसी कोने में होगा | चाहे शुरू में, चाहे आखिर में, चाहे दाएं या बाएं मगर बीच में न होगा | मकान का दरवाजा उत्तर – दक्षिण में न होगा | हो सकता है कि पीपल का वृक्ष या कोई धर्म स्थान मंदिर, गुरुद्वारा आदि मकान में या मकान के बिलकुल साथ ही हो | शनि की तबियत यानी चालाकी कामबयाबी का भेद होगी | मामूली मूल्य का लोहा उसके लिए सोने का काम देगा | स्वयं भाग्यवान होगा | शनि के काम उत्तम होंगे | सांसारिक सुख, कार्य, माता पिता का सुख नेक होगा |  
1) मंगल या शुक्र खाना नंबर 4 में हो तो मिटटी भी सोना देगी | अगर इश्क चोरी-छुपे न करे ओर छुपा कर न रखे तो कोई मंदा प्रभाव न होगा | अपनी स्त्रियाँ चाहे 2 या 2 से जयादा ही क्यों न बनाकर रखी गई हो |
2) माता का सुख सागर जैसा शनि वैसा होगा | शनि उत्तम हो तो 33 से 39 साल में भाग्यवान ओर उल्टी हवा के चक्कर में घूमना पड़ेगा |  
3) अगर सूरज नंबर 4 में हो तो गुरु अब नीच का फल न देगा ओर उत्तम हो जाएगा | सोना होगा | जले हुए पत्थर से भी सोना बन जाए |
4) मंगल 4 में हो तो मंगल की चीजे व रिश्तेदार, कार्य, भाई की मदद या उसके शुभ सम्बन्ध रखने से 28 साल की आयु से उत्तम हालत का स्वामी तथा सबके पूजने की जगह होगा |
5) शनि नंबर 2 में हो तो घर घाट में पूरी बरकत | एक्सचेंज है | 
6) सूरज नंबर 3-5 में हो ओर शनि 9 में हो तो सोने चांदी के कार्यों से फायदा मगर शनि के कामो से हानि, आग की मंदी घटनाए हो |
7) सूरज या चन्द्र नंबर 2 में हो तो राजदरबार के कार्यों में घूमना, उनसे मोती पैदा हो ओर नेक हो 
8) सूरज नंबर 4-5 में हो तो टेवे का बुरा असर टेवे वाले के बाप की बजाए बाबा पर मंदा असर होगा |
9) जब बुध उत्तम हो ओर गुरु को बर्बाद न करता हो तो संतान लड़के ही लड़के, ताम्बा सोना हो जाए, खुशहाल होगा, उत्तरदायित्व पूर्ण होगा |   

मंदी हालत में  

1)      ऐसा मनुष्य स्वयं धर्म मर्यादा का स्वामी, मगर निर्धन | ज्यों ज्यों नेकी बढे, निर्धनता बढे | ज़माने के लोग जातक के शुद्ध तेल को पेशाब तक न माने | बचपन ओर बुढ़ापा दोनों मंदे | पिता भी निर्धन होगा | मरते वक्त कोई धन न छोड़ कर मरेगा | यदि कुछ छोड़ कर मरेगा तो उसके परिवार के काम न आएगा | न कभी अच्छी हालत देखने को आएगी | ख्वाब चाहे महलो के पर जागते ही अपनी चारपाई को किसी बीमार पशु के तबेले में ही देखता होगा | आरजू पूरी न होगी | गुरु नंबर 10 में मंदा हो तो गुरु के सोने को कोढ़ होगा, हर तरफ लानत मिले | हर दरवाजे का मंदा मायूस दरवेश (फ़क़ीर, भिखारी) हो |

उपाय:

1)      माथे पर पीले केसर का तिलक लगाना, नाक साफ़ रखना, नाक साफ़ कर के काम शुरू करना सहायक होगा | 
2)      पिता की हालत में सुधार की लिए 40/43 दिन चलते पानी में ताम्बे का सिक्का बहाना सहायक होगा |
3)      जब शनि मंदा हो तो फालतू खर्च बदी का सहायक | जाहिल सांप्रदायिक होगा | हर बात का फैसला उसके उल्ट होगा |
4)      जब शनि 4-10-1 में हो या चन्द्र 4 में हो तो गरीब पर तरस खाकर जब कभी भी अच्छा काम करे, दंड भोगे | अपनी जान पुर दुसरो के जुल्म देखे | यदि किसी को भूल कर भोजन दे तो जहर के इल्जाम में पकड़ा जाए |
5)      केतु जब बर्बाद हो तो सोना राख हो जाए | दिल में भलाई सोचने से सांस में जहर भर जाए | केतु कायम करना या गुरु कायम रखना सहायक होगा |
6)      शनि जब 1-4-10 में हो ओर 2 खाली हो तो सब ओर मंदी हालत | न मान मिले न माल | निर्धनता में कुत्ते की तरह थोड़ी रोटी को भी तरसता रहे |
7)      खाना नंबर 2 खाली हो तो माया कोसो दूर भागे | परन्तु ईश्वर से डरने वाला, स्वास्थ्य अच्छा रहे | माली हालत नाजुक ख़राब हो |
8)      2,4,5,6 सब ही खाली हो तो मंद भाग्य परिवार में अकेला | अपनी मेहनत से काम-काज | अपनी आयु के बराबर (हमउम्र) का कोई भी सहायता न देगा |
9)      सूरज 5 में हो तो स्त्री पर स्त्री मरे या लम्बा साथ न दे, एक बच्चा देकर भाग जाए या जुदा हो जाए |     
10)   बुध नंबर 4,9,10 में हो तो पिता के लिए निर्धनता का अलार्म होगा | टेवे वाले की छोटी आयु में अप्राकृतिक खून के जहर के प्रभाव से मर जाए | धन की हालत जैसे थोथा चना बाजे घना सी होगी यानि खाली घड़ा ओर बाते सोने के घड़ा की | लोग कहे उसके विवाह के लिए लेकिन वो 34 साल आयु अन्दर से खाली ढोल हो जाए | 
उपाय : नाक साफ़ रखना ओर नाक छेदन करना सहायक होगा | 
11)   सूरज 3,5 ओर शनि 9 में हो तो शनि के कार्य या चीजे या सम्बन्धी, शनि के मंदे वाकया आग, जहर, झगडा फसाद आदि के बुरे परिणाम होंगे |
12)   5-4-9 में सूरज, शनि, बुध हो तो स्त्री, लक्ष्मी, संतान, सफ़र सभी मंदे | चोरी हो सकती है |
13)   जब शनि स्वयं गुरु को सहायता दे तो जिसका सम्बन्ध हो उसका भी बेडा गर्क करे | मंदी प्रसिद्धि हो | घर में कुत्ते को रोटी, चींटी को आटा तक न मिले | उसके उल्ट चलने वाला जब भी सामने आए खुद ही फ़ौरन गर्क हो जाए ओर वह (सामने आने वाला) पछताने का भी मौका न पाए |   


S Kuber RA
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant 

लाल किताब बृहस्पति खाना नंबर 9

लाल किताब 

बृहस्पति खाना नंबर 9

सुनहरी खानदान मगर स्वयं धन का त्यागी ओर योगी जिसके धर्म, मर्यादा ओर बुजुर्गी सदा सहायता पर होगी |

नेक हालत में

अपना भाग्य पुरखों की सहायता या धर्म की सहायता से बढेगा | प्राण जाए पर वचन न जाए का कायल होगा | वचन से धर्म पालन ओर अगर धर्म – वचन से धन भी जाए तो भी हारे नहीं | ज्यों ज्यों आयु बढे, ब्रहम ज्ञानी होता जाए | आयु कम से कम 75 साल होगी | जातक के जन्म समय उसके बड़े मालदार होगे ओर जमीन के मालिक होंगे | रुपया गिनने की बजाय तोलते होंगे | चाहे स्वयं त्यागी होगा ओर योगी भी होगा मगर उसका श्राप भी शुभ फल ही देगा | उसका सादा फोका पानी भी गंगा जल की तरह होगा | यहाँ लाल किताब ने गंगा का संधि विच्छेद करा है – गंग का मतलब दरिया ओर आ का मतलब अल-औलाद | धन दौलत की आमदन व बरकत होगी | माता पिता का सुख होगा | घर वाले (बड़े) रास्ता दिखाए | हकीमी जानता होगा | चाल चलन उत्तम होगा | शराब न पीता होगा | सर्राफ जोहरी कमाल का होगा | रूहानी कर्म सदा ऊँचा होगा | धन की हालत 3,5 से पता चलेगी | यदि दोनों खाली तो मेहनत से अमीर हो जायगा परन्तु सख्त प्रयत्न से सफल होगा |    
1)      2,5,9,11 में शत्रु पापी हो कर न हो तो प्रण ओर वचन का पालन करेगा | योग पालन करता हो धर्म का पक्का हो | योग पालन की अच्छी या बुरी हालत खाना नंबर 12 के ग्रहों पर होगी |
2)      बुध नंबर 4,5 में हो तो राजा होते हुए भी योगी होगा |
3)      जब सूरज कायम हो तो कभी धर्महीन न होगा | यदि होगा तो संसार में न रहेगा | दुनिया में सफल हो, स्वास्थ्य मिले, चाहे गुरु मंदा भी हो जाए |
4)      शनि 5 से देखे तो धन के लिए भाग्य शनि की आयु 33 से 39 या इनकी आधी यानि
16 ½ से 19 ½ से गिनी जाएगी | धन बहुत पर औलाद के लिए शनि का मंदा फल होगा |
5)      शुक्र ओर चन्द्र दोनों ही खाना नंबर 3,5 से देखे तो कभी शाह कभी मलंग, कभी फ़क़ीर कभी अमीर ओर कभी गरीबी के समुंद्र की रेत की चमक भी न होगी |
6)      अगर नर ग्रह 3,5 से देखे तो बहुत उम्दा फल | गुरु का प्रभाव तीन गुना हो जाए | जो नर ग्रह 3,5 से देखे तो उनका अपना प्रभाव भी बहुत उम्दा हो जाए | प्रमाण यह होगा की जन्म से पहले इसका परिवार रूपए गिन गिन कर प्रयोग करते थे तो अब तराजू में तोल के प्रयोग करे यानि धन के ढेर लग जाए |    

मंदी हालत में

1)      जब दृष्टि आदि से गुरु की हालत मंदी हो तो निर्धन, नास्तिक, धर्म को छोड़ जाए परन्तु निर्धनता कारण न हो |
2)      जब खाना नंबर 5 में शत्रु बुध, शुक्र, शनि, राहू पापी होकर हो तो हर समय अपने आप खुदगर्ज, खुद्पसंदी का तूफ़ान जोरो पर हो, औलाद मंदी, बेटे से दुखी मर जाता हो | पहली निशानी धर्महीनता हो |
3)      जब खाना नंबर 1 खाली तो सेहत मंदी, दिल की बीमारी हो |
4)      3,5 दोनों हो खाली हो तो अपने भाग्य के लिए दुनिया के विरुद्ध आप ही मेहनत करनी होगी
बुध मंदा हो तो कम आयु, मंद भाग्य बल्कि मंगल बद का बुरा प्रभाव होगा |


S Kuber RA
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant 

लाल किताब बृहस्पति खाना नंबर 8


 लाल किताब 

बृहस्पति खाना नंबर 8


मुसीबत के समय परमात्मा की मदद का मालिक, हर बला से बचने वाला, घर का पुरखा, कब्रिस्तान का साधु जिसका सिर राख से भर चुका होगा |

बड़ो का हो साथ, जब रात करता |
धन सोना माया, आयु सब ही बढता |
बुध, मंगल बद*  पापी मंदा, कब्र वीराने कर देगा
* मंगल बद का मतलब जैसे राहू बद – पूरा काला, काना, संतान रहित व्यक्ति    

नेक हालत में

स्वयं धनवान हो या न हो मगर संसार के सब सुख (बहुत) उसके पास होंगे | दुःख के समय परमात्मा की सहायता मिलेगी | सांच को आंच नहीं वर्ना खुद आग जले की कोल का आदी होगा | अपना भाग्य परमात्मा ओर आत्मिक शक्ति से बनाए | जब तक शरीर पर सोना रहे, दुखी न होगा | स्वास्थ्य मंदा न होगा | संसार में दमकता सोना होगा | किसी का मोहताज न होगा | फ़क़ीर या लंगोट बंद साधु न होगा | बाबा की आयु 80 वर्ष से कम न होगी | परन्तु टेवे वाला और उसका बाबा कभी एक साथ न होंगे | घर के सभी व्यक्तिओं की लम्बी आयु का पटटा लिख देगा | अपने भाग्य को जाने या न जाने मगर छुपे भेद को समय से पहले हो बता देगा | जब तक उपस्थित रहेगा मरने वाले के प्राण नहीं निकलेगे | हो सकता है की उसका बाबा उसके पैदा होने से पहले ही चल पड़े या 8 वर्ष की आयु में ऐसा हो जाए नहीं तो बाबा की आयु 80 वर्ष होगी |    
1)      जब खाना नंबर 2,4 उत्तम हो तो भाग्य को जगाने का स्वामी सिर धड से उतर जाने तक साथ देगा | वीरान जंगल में सब कुछ खोकर ओर यहाँ तक की जिस्म के कपडे तक गवां कर जहाँ भी बैठेगा वहां हरियाली और सोने की खाने, धन को ढूंढ लेगा | स्वास्थ्य, धन, परिवार से कभी दुखी न होगा |
2)      चन्द्र उत्तम हो ओर 2,5,9,12 भी उत्तम हो तो हर ओर सोना ही सोना भरे भण्डार | छुपे भेद बतलाने की हिम्मत, आयु लम्बी होगी |
3)      शुक्र 2,6,8 में हो तो कभी संतान रहित न होगा | पुत्र 6 तक होंगे | अपनी ओर सबकी आयु लम्बी होगी |
4)      जब बुध नंबर 9 में न हो तो खानदान की लम्बी आयु का ठेकेदार, खासकर अपनी और बाप की |
5)      जब मंगल नेक हो या मंगल खाना नंबर 2 से शुभ सम्बन्ध हो तो शिवजी (चन्द्र) अपनी दयालुता से रावण (गुरु) को सोने की लंका तक दान कर देने की शक्ति देगा | मरते को पानी ओर दुखिया के आंसू पोछने वाला धर्मवीर होगा |  

गुरु खाना नंबर 8 मंदी हालत में

1)      शनि या मंगल 4,7 में हो तो कब्र वीराने ओर खजाने राख से भर देगा | ज़माने की हवा को मौत के खूनी तूफानी से गूंजा देगा |
2)      गुरु मंदा या शत्रु ग्रहों से घिरा हो तो मंदा बदनाम आशिक होगा |
3)      मंगल मंदा या बद हो तो आय ठीक होते हुए भी करजाई होगा | स्वास्थ्य, धन हर दो मंदे | उल्लू की तरह जिस जगह बैठे वहां भी सब्ज कदमा (मनहूस) साबित हो ओर स्वयं शमशान की ख़ाक सिर में डाले ओर खून जले साधु की भांति होगा |
4)      2,5,9,12 में शत्रु ग्रह पापी हो कर बैठे हो तो बार बार जन्म लेने का दुःख भोगे ओर आयु कम ही होगी |
5)      बुध मंदा हो तो छोटे दिल का, दरिद्री, बिमारी का भण्डार, बैठे-बिठाए मुसीबत खडी कर ले |
6)      खाना नंबर 12 खाली हो तो खून की कमी, माली ओर शारीरिक परेशानी से भरा होगा |
7)      जब सूरज अच्छी हालात में न हो तो भाग्य की कोई किरण न होगी
8)      जब राहू मंदा हो तो जीवन खानापुरती का नाम हो |
9)      केतु मंदा हो तो निर्धन, कम दिल वाला, दरिद्री |
10)   तर्जनी झुके मध्यमा की ओर यानि शनि प्रबल हो गुरु से तो पक्का इरादा, स्वतंत्र विचार, बढ़ने का विचार, उत्साह भर उमींद, सब बातो से उल्ट प्रभाव हो |

उपाय

मंदे समय गुरु या शुक्र की वस्तुए धर्म स्थान में दान देना लाभदायक होगा |


S Kuber RA
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant