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Sunday, 11 November 2018

लाल किताब बृहस्पति + बुध

लाल किताब 

बृहस्पति + बुध 


बुध कायम हो गुरु ख़्वाह (चाहे) उत्तम, भला शनि जब होता हो |
नेक चंद्र, रवि होता जिस दम, लेक असर सब उम्दा हो |

वरना
गुड़ (सूर्य) रहे, न ही मक्खी (शनि), आलखी (बुध फ़कीर) |

गुरु का अगर 1 हिस्सा तो बुध का दो गुना होगा |

खाली बुध होगा | काबिले उपाय, बुध का उपाय होगा |

गुरु-बुध इकट्ठे हो तो पिता (गुरु) के लिए बुध का असर निम्नलिखित होगा :-

नंबर 2 में सोने को राख कर दे |
नंबर 3 में बतौर अक्ल, ज्ञान मगर माली हालत में निर्धन |
नंबर 9 में सोने को कोढ़ (सोना बर्बाद) होगा |
नंबर 11 में आमदन के ताल्लुक में यह ग्रह (बुध) अब उल्लू का पट्ठा मंदा बर्बाद करने वाला होगा |
नंबर 4 में मायूस (शनि)
नंबर 5 में रिजक (सूर्य)

मुश्तरका हालत में दौलत खराब करे गुरु की आधी आयु 8 साल से 25 साल उम्र तक |
मुश्तरका हालत में वाल्देन (माता-पिता) दुखिया 17 साल से 25 साल उम्र तक |
दुश्मन 40 साल |

गुरु के असर में जब बुध का असर दृष्टि से मिल रहा हो तो गुरु का नाश होगा |

जब गुरु टेवे में पहले घरो में यानि 1 से 6 में हो और बुध बाद के घरों में हो तो गुरु का 34 साल तक अच्छा फल और बुध का 35 वे साल से बुरा असर शुरू होगा | लाल किताब में तो नहीं लिखा पर यह असर तभी ले जब दृष्टि सम्बन्ध भी हो |

जब गुरु टेवे में बाद के घरों और बुध पहले घरों में हो तो बुध का 34 साल तक अच्छा असर और 35 वे साल से बुध का निकम्मा असर शुरू होगा | और गुरु का 34 साल तक मंदा असर और 35 वे साल से गुरु का अच्छा फल शुरू होगा |

गुरु और बुध मुश्तरका होने के वक्त गुरु का फल मंदा ही होगा | बल्कि गुरु को बुध अपने दायरे में बाँध लेगा | ऐसी हालत में गुरु का बिगड़ा हुआ असर निम्नलिखित हालत पैदा होने पर ठीक होगा :-

जब भी गुरु, शनि के घरो (10,11) या सूर्य के घर नंबर 5 में आएगा या फिर सूर्य-शनि में से कोई भी गुरु के घरों (2, 5, 9, 12) में आए या फिर शनि नंबर 5 और सूर्य 2,5,9,12 में आ जाए |

ऊपर कही हुई सब हालातों के वक्त अगर सूर्य या चंद्र या शनि में से कोई भी नेक हो तो गुरु का असर नेक होगा | धन-दौलत के लिए कुछ भरोसा और उमींद उम्दा होगी | खाना नंबर 2 / 4 में बुध अकेला या गुरु के साथ होने के वक्त बुध दुश्मनी के बजाए हमेशा नेक असर देगा खासकर माली हालत के लिए |

गुरु कायम और बुध उच्च हो तो राज योग | कागजी कारोबार, छापाखाना नेक फल देंगे | ईमानदारी का धन साथ होगा |

नेक हालत में

दस्ती दिमागी कामो में उम्दा असर मगर धन दौलत के लिए कभी शाह कभी मलंग (तबाह) | अचानक अमीर अचानक फ़कीर | अपनी ही अक्ल से बरौनक हुआ करेगा |

खाना नंबर 1

राजा अमीर या हाकिम होगा |

खाना नंबर 2

ब्रह्मज्ञानी, धन और उपदेश उम्दा होगा |

खाना नंबर 3

शाकिर (कृतज्ञ), इक तरफा तबियत शुक्र मंदा खुद होता हो
माया दौलत और साथ हुकूमत, दिलेर बहादुर दुनिया हो

शाकिर और साबिर (हर परिस्तिथि में दैवीय शक्ति पर निर्भर रहने वाला, सब्र करने वाला, सहनशील), दिलावर बहादुर होगा |

खाना नंबर 4

राजयोग, बुध गुरु से ऊँचा, हर दो मुबारिक होता हो |
काम कायर जब पापी करता, ख़ुदकुशी कर मरता  हो |

उम्र रेखा का उत्तम फल यानि उम्र लम्बी होगी | मंगल का असर अच्छा होगा | राज योग होगा |

खाना नंबर 5

खुशहाल भाग्यवान बशर्ते कि कोई लड़का गुरूवार को पैदा हो चुका हो | मगर लड़की बुधवार की न हो |

खाना नंबर 6

पूजा-पाठी होगा |

खाना नंबर 7

बुध लड़की न इस घर मंदा, लड़के भला न होता हो |
सोना गुरु उस घर से उड़ता, मुतबन्ना (दत्तक) सुखी न रहता हो |

ब्रह्मज्ञानी | लड़की के टेवे के वक्त बुध-गुरु नंबर 7 में मुबारिक होगा |

खाना नंबर 8

जब नंबर 2 खाली हो तो बुध कभी मंदा न होगा |

खाना नंबर 10

नीच कर्म जो गुरु का हरदम, बुध, शनि खुद बनता हो |
मिले-मिलाए हर दो उत्तम, माया, कबीला सुखिया हो |

खुशहाल, भाग्यवान |  अब गुरु की हवा मंदे चककर से दूर होगी | 

खाना नंबर 11

जब नंबर 3 उम्दा हो तो दोनों नंबर 1 में आने पर (11-23-36) उसे मालामाल कर देंगे | दौलतमंद, इल्मो हुनर वाला, शर्मसार (नेक अर्थो में), नेक नाम और सुखिया गृहस्थी होगा |

खाना नंबर 12

खुद अपने लिए नेक नसीबा, लम्बी उम्र, खुश गुजरान, मगर व्यापार (बुध) ताल्लुक से मामूली व्यापारी होगा |

मंदी हालत में

गुरु (बाप, दादा, ससुर) का साँस रुकता या दमे की तकलीफ होगी | टेवे वाले की अपनी कमाई कम होने लगे या बोलने में शर्म आने लगे | माता-पिता का सुख न देख सके या यतीम हो जाए | अपनी किस्मत के बजाए दुसरो की किस्मत देखने लगे | पिता के धन-दौलत पर तबाही | कबीले का भारी बोझ उसके जिम्मे होगा | सोना खत्म होने के अलावा बेइज्जती, तकलीफ और फर्जी उमींदो के भी मंदे नतीजे हो |

खुद अपनी बेफ़कूफी से अपना जमाना खराब किया करेगा | और खराबी वक्त अमूमन जवानी के दिन होंगे |

दोनों को चंद्र देखे तो सफर का बुरा नतीजा होगा |

सब्ज रंग आशिया मंदे | दस्ती हुनर बेमायनी होंगे |

सोने को सब्ज कागज़ में रखना या पीपल का पेड़ लगाना मुबारिक होगा | पीपल की सेवा करना अच्छा होगा | राहु-केतु का उपाय मददगार होगा |

खाना नंबर 1

गरीबी का मारा हुआ बेफकूफ साधू हो |

खाना नंबर 3

शुक्र मंदा होगा |

खाना नंबर 4

कायर, फ़कीर आदमी, पाप कर्म से तबाही और ख़ुदकुशी तक की नौबत होगी |

खाना नंबर 6

ऐय्याश

खाना नंबर 7

लड़के के टेवे के वक्त बुध का असर मंदा होगा | धन दौलत के लिए ऐसा लड़का मनहूस ही होगा | औलाद के सुख से महरूम, दुखिया | मुतबन्ना (दत्तक) रखे तो वह भी बेमायनी | खुद मुफ़लिस (निर्धन) हो या लखपति होता हुआ भी दुसरो की मुसीबत पर मुसीबत देखे | अक्ल साथ न दे | कभी शाह कभी मलंग | कभी खुशहाल कभी तंग | यहाँ तक की रोटी से भी तंग | लड़की के टेवे में ऐसा कुछ न होगा |

खाना नंबर 8

हमेशा बिमारी | चांदी की तार (खांड का बर्तन जब तक मिटटी में न दबाया जाए) नाक में सिर्फ 96 घंटे डालने से मौतों से बचाव होगा | 16 से 19 साल उम्र में किस्मत के मैदान में मंदे तूफ़ान | हर काम में उल्टा चककर और मुक़ददर का मुकाबला करना पड़ेगा | नाक छेदन 100 दिन भी किया जा सकता हो जो अधिक उत्तम होगा |

खाना नंबर 9

औलाद, शादी, गृहस्थ बर्बाद | मनहूस बल्कि कम उम्र हो | मंदा बुध खाना नंबर 9 देखे |

S Kuber RA
Vedic & Lal Kitab Astrologer
Lal Kitab Vastu Consultant